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Blog of ravish kumar


'Blog of ravish kumar' - 200 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • कहां हैं नोटबंदी के दूरगामी परिणाम, तीन साल हो गए, आगामी कितने साल में आएगी दूरगामी

    कहां हैं नोटबंदी के दूरगामी परिणाम, तीन साल हो गए, आगामी कितने साल में आएगी दूरगामी

    8 नवंबर को एक और ख़बर आई है. रेटिंग एजेंसी मूडी ने भारत के कर्ज़ चुकाने की क्षमता को निगेटिव कर दिया है. इसका कहना है कि पांच तिमाही से आ रहे अर्थव्यवस्था में ढलान से कर्ज़ बढ़ता ही जाएगा. 2020 में बजट घाटा जीडीपी का 3.7 प्रतिशत हो जाएगा जो 3.3 प्रतिशत रखने के सरकार के लक्ष्य से बहुत ज़्यादा है. भारत की जीडीपी 6 साल में सबसे कम 5 प्रतिशत हो गई है.

  • खूब लड़ा ऑस्ट्रेलिया का मीडिया, खूब झुका भारत का मीडिया

    खूब लड़ा ऑस्ट्रेलिया का मीडिया, खूब झुका भारत का मीडिया

    आप जो अख़बार ख़रीदते हैं, या जो चैनल देखते हैं, क्या वह आज़ाद है? उसके आज़ाद होने का क्या मतलब है? सिर्फ छपना और बोलना आज़ादी नहीं होती. प्रेस की आज़ादी का मतलब है कि संपादक और रिपोर्टर ने किसी सूचना को हासिल करने के लिए मेहनत की हो, उन्हें छापने से पहले सब चेक किया हो और फिर बेखौफ होकर छापा और टीवी पर दिखाया हो. इस आज़ादी को ख़तरा सिर्फ डर से नहीं होता है. जब सरकारें सूचना के तमाम सोर्स पर पहरा बढ़ा देती हैं तब आपके पास सूचनाएं कम पहुंचने लगती हैं. सूचनाओं का कम पहुंचना सिर्फ प्रेस की आज़ादी पर हमला नहीं है, वो आपकी आज़ादी पर हमला है. क्या आप अपनी आज़ादी गंवाने के लिए तैयार हैं?

  • यूपी और एमपी के सिपाहियों में अनैतिकता के जाल से निकलने की छटपटाहट

    यूपी और एमपी के सिपाहियों में अनैतिकता के जाल से निकलने की छटपटाहट

    उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के सिपाही मुझे पत्र लिख रहे हैं. उन पत्रों को पढ़ने से पहले ही सिपाही बंधुओं की ज़िंदगी का अंदाज़ा है. अच्छी बात यह है कि उनके भीतर अपनी ज़िंदगी की हालत को लेकर चेतना जागृत हो रही है. यह सही है कि हमारी पुलिस व्यवस्था अमानवीय है और अपने कुकृत्यों के जरिए लोगों के जीवन में भयावह पीड़ा पैदा करती है. लेकिन यह भी सही है कि इसी पुलिस व्यवस्था में पुलिस के लोग भी अमानवीय जीवन झेल रहे हैं. उनकी अनैतिकता सिर्फ आम लोगों को पीड़ित नहीं कर रही है बल्कि वे खुद अपनी अनैतिकता के शिकार हैं. झूठ, भ्रष्टाचार और लालच ने उनकी ज़िंदगी में कोई सुख-शांति नहीं दी है.

  • कहां गए प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के 5 करोड़ लाभार्थी, आपको तीसरी किश्त मिली क्‍या?

    कहां गए प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के 5 करोड़ लाभार्थी, आपको तीसरी किश्त मिली क्‍या?

    उत्तराखंड के एक किसान का मैसेज आया है. उन्होंने लिखा है कि उन्हें किसान सम्मान योजना की दो किश्तें मिली हैं. एक दिसंबर में और दूसरी जुलाई में. लेकिन तीसरी किश्त के समय एक एसएमएस आता है कि आपका नाम आधार कार्ड से मैच नहीं कर रहा है. इस कारण आपको अयोग्य घोषित कर दिया गया है.

  • BSNL-BPCL के कर्मचारी न सरकार का विरोध करें और न मीडिया से अनुरोध, टीवी डिबेट में मस्त रहें

    BSNL-BPCL के कर्मचारी न सरकार का विरोध करें और न मीडिया से अनुरोध, टीवी डिबेट में मस्त रहें

    ख़बरों के ज़रिए पाठक और किसी संस्थान के साथ क्या खेल होता है, इसे समझने के लिए आपको पिछले कुछ महीनों में BSNL और MTNL पर छपी ख़बरों को पढ़ना चाहिए. किस तरह दोनों संस्थानों के कर्मचारी झांसे में आते हैं. कायदे से सरकार सीधे कह सकती थी कि हम इन दो कंपनियों को बंद कर रहे हैं लेकिन चुनाव के कारण प्रस्तावों के ज़रिए सपने दिखाने लगी.

  • हिन्दी प्रदेश के नौजवान अपने पिता से पूछे, हाल में कौन सी किताब पढ़ी है!

    हिन्दी प्रदेश के नौजवान अपने पिता से पूछे, हाल में कौन सी किताब पढ़ी है!

    ज़ाहिर है मीडिया के स्पेस में तरह-तरह के गांधी गढ़े जाएंगे. उनमें गांधी नहीं होंगे. उनके नाम पर बनने वाले कार्यक्रमों के विज्ञापनदाताओं के उत्पाद होंगे. गांधी की आदतों को खोज खोज कर साबुन तेल का विज्ञापन ठेला जाएगा. हम और आप इसे रोक तो सकते नहीं.

  • आर्टिकल 370 पर संसद में निराश किया कांग्रेस ने

    आर्टिकल 370 पर संसद में निराश किया कांग्रेस ने

    जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक लोकसभा में भी पास हो गया. राज्यसभा में सोमवार को पास हो गया था. गृह मंत्रालय का विधेयक था इसलिए दोनों ही दिन अमित शाह के रहे. प्रधानमंत्री दोनों दिन मौजूद रहे मगर वे सुनते ही रहे. खबर है कि वे देश को संबोधित करेंगे. अमित शाह ने पूरी तैयारी के साथ भाषण दिया. दोनों दिनों का भाषण एक जैसा ही था फिर भी विपक्ष उन्हें प्रभावशाली तरीके से घेर नहीं सका. शशि थरूर ने सरदार पटेल को लेकर अपनी बात रखी कि धारा 370 पर नेहरू और पटेल सबके दस्तखत थे. कांग्रेस भीतर से बंटती चली गई है. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ज़रूर संवैधानिक प्रक्रियाओं का सवाल उठाया है लेकिन उन्होंने भी सरकार के विधेयक का समर्थन किया है.

  • कुलभूषण जाधव पर भारत के पक्ष में आया इंटरनेशनल कोर्ट का फ़ैसला

    कुलभूषण जाधव पर भारत के पक्ष में आया इंटरनेशनल कोर्ट का फ़ैसला

    भारत ने कोर्ट से मांग की थी कि पाकिस्तान की मिलिट्री कोर्ट के फैसले को रद्द किया जाए. पाकिस्तान को आदेश दिया जाए कि वह मिलिट्री कोर्ट के फैसले को रद्द करे और जाधव को सुरक्षित भारत भेजे. कोर्ट ने इसे नहीं माना. लेकिन कई बिन्दुओं पर कोर्ट ने पाकिस्तान के रवैयों और दलीलों को ठुकराया है. कोर्ट ने कहा कि पाकिस्तान का यह आरोप कि भारत ने इस मामले को अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में लाकर प्रक्रियाओं का दुरुपयोग किया है.

  • आर्थिक सर्वे और बजट के आंकड़ों में अंतर कैसे?

    आर्थिक सर्वे और बजट के आंकड़ों में अंतर कैसे?

    श्रीनिवासन जैन ने एक रिपोर्ट की है. बजट से 1 लाख 70 हज़ार करोड़ का हिसाब ग़ायब है. प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य रथिन रॉय ने आर्थिक सर्वे और बजट का अध्ययन किया. उन्होंने देखा कि आर्थिक सर्वे में सरकार की कमाई कुछ है और बजट में सरकार की कमाई कुछ है. दोनों में अंतर है. बजट में राजस्व वसूली सर्वे से एक प्रतिशत ज्यादा है. यह राशि 1 लाख 70 हज़ार करोड़ की है, क्या इतनी बड़ी राशि की बजट में चूक हो सकती है.

  • बेहतर लाइब्रेरी और शिक्षकों की मांग को लेकर पिथौरागढ़ के छात्रों का अनोखा आंदोलन...

    बेहतर लाइब्रेरी और शिक्षकों की मांग को लेकर पिथौरागढ़ के छात्रों का अनोखा आंदोलन...

    कुछ दिन पहले दिल्ली के नज़फ़गढ़ से एक छात्र ने लिखा था कि उसके गांव में लाइब्रेरी नहीं है. लाइब्रेरी जाने के लिए उसे दिल्ली में ही 40 किलोमीटर का सफ़र करना पड़ता है. शायद वह पहला मौका था या पहला दर्शक था जिसने लाइब्रेरी के लिए हमें पत्र लिखा था. पिछले कुछ दिनों से उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से छात्रों के मैसेज आ रहे थे कि वे लाइब्रेरी और किताबों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. ऐसा कब सुना है आपने कि छात्र अपने कॉलेज की कबाड़ हो चुकी लाइब्रेरी को बेहतर करने के लिए आंदोलन कर रहे हों. ज़ाहिर है इस पर ध्यान जाना ही चाहिए.

  • श्रीनिवास आप कहानी बन कर मुझ तक आए, आपकी कहानी लोगों तक पहुंचा रहा हूं

    श्रीनिवास आप कहानी बन कर मुझ तक आए, आपकी कहानी लोगों तक पहुंचा रहा हूं

    पिता का नाम भारत के पहले कार्डियोलॉजिस्ट का नाम है. डॉ. श्रीनिवास. आज के समस्तीपुर के गढ़सिसाई गांव के रहने वाले थे. 1932 में समस्तीपुर के किंग एडवर्ड इंगलिश हाईस्कूल से आठवीं तक पढ़े. पटना साइंस कालेज आए. प्रिंस ऑफ वेल्स मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल से 1944 में एमबीबीसी की पढ़ाई की. अब यह कॉलेज पीएमसीएच के नाम से जाना जाता है. स्वर्ण पदक हासिल किया. 1948 में एला लैमन काबेट फेलोशिप लेकर हार्वर्ड जाते हैं. वहां से डॉक्टर ऑफ मेडिसिन, डॉक्टर ऑफ साइंस की डिग्री लेते हैं.

  • ईवीएम की सुरक्षा को लेकर इतना हंगामा क्यों?

    ईवीएम की सुरक्षा को लेकर इतना हंगामा क्यों?

    अगर उनके जमा होने का कारण यह है कि ई वी एम मशीन बदली जा सकती है या गड़बड़ी हो सकती है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है. यह चुनाव आयोग की विश्वसनीयता के लिए अच्छा नहीं है. जिस तरह इस चुनाव में उसके फैसलों पर नज़र रखी गई है, हर फैसले को लेकर संदेह किया गया है यह पहले के चुनावों से कहीं ज़्यादा है. 

  • एग्ज़िट पोल्स को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं...

    एग्ज़िट पोल्स को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं...

    एग्ज़िट पोल पर अब ऐसी कोई बात नहीं है जो कही जा सकती है. टीवी में मुश्किल यही है कि जब सारी बात कह जा चुकी हो तो फिर से उसे कैसे कहें. दरअसल यही टीवी है. एग्जिट पोल के बाद सारे चैनलों को 22 तारीख की आधी रात तक वैसे ही ग़ायब हो जाना चाहिए जैसे एग्ज़िट पोल शुरू होते ही नमो टीवी अपने आप ग़ायब हो गया है.

  • फ़र्ज़ी कंपनियों का बहीखाता लेकर जीडीपी बढ़ाने का खेल पकड़ा गया

    फ़र्ज़ी कंपनियों का बहीखाता लेकर जीडीपी बढ़ाने का खेल पकड़ा गया

    जीडीपी का आंकड़ा बढ़ा-चढ़ा कर बताने के लिए फ़र्ज़ी कंपनियों का इस्तमाल किया गया है. नेशनल सैंपल सर्वे (NSSO) ने एक साल लगाकर एक सर्वे किया मगर उसकी रिपोर्ट दबा दी गई. पहली बार सर्विस सेक्टर की कंपनियों का सर्वे हो रहा था. इसके लिए NSSO ने कारपोरेट मंत्रालय से सर्विस सेक्टर की कंपनियों का डेटा लिया. जब उन कंपनियों का पता लगाने गए तो मालूम ही नहीं चल पाया.

  • मसूद अज़हर से सियासी लाभ के लिए भारत ने चीन और पाक की शर्तें क्यों मानी

    मसूद अज़हर से सियासी लाभ के लिए भारत ने चीन और पाक की शर्तें क्यों मानी

    इस बीच आपरेशन बालाकोट होता है. पाकिस्तान भी जवाबी कार्रवाई करता है. विंग कमांडर अभिनंदन को वापस कर दिया जाता है. दोनों देशों के बीच तनाव कम हो जाता है. तनाव कम करने की पाकिस्तान की पहली शर्त पूरी हो जाती है. अब बाकी शर्तों पर बात होनी थी.

  • रवीश कुमार का ब्लॉग : क्या बोलने की आजादी सीमित हो गई है?

    रवीश कुमार का ब्लॉग :  क्या बोलने की आजादी सीमित हो गई है?

    एक समय राजीव गांधी भी अमिताभ बच्चन के साथ अपनी दोस्ती को राजनीति में खूब जमाते थे. वही अमिताभ बच्चन राजनीति में न जाने कितनों के दोस्त हुए. अब प्रधानमंत्री मोदी एक से अधिक कालकारों के साथ नज़र आते हैं.

  • प्रधानमंत्री के खिलाफ शिकायतों पर कार्रवाई में चुनाव आयोग की देरी क्यों?

    प्रधानमंत्री के खिलाफ शिकायतों पर कार्रवाई में चुनाव आयोग की देरी क्यों?

    शांतिपूर्ण मतदान के बीच अशांतिपूर्ण मतदान आज भी मौजूद हैं. चार चरण के मतदान इस तरह बीत गए. तीन चरण के अभी बाकी हैं. चुनाव आयोग एक तरफ गिरिराज सिंह से लेकर मेनका गांधी के बयानों को लेकर चेतावनी तो जारी कर रहा है मगर प्रधानमंत्री के 9 अप्रैल के बयान पर उसकी कार्रवाई का कुछ पता नहीं चल रहा है. 20 दिन हो गए. पुलवामा और ऑपरेशन बालाकोट के नाम पर पहली बार वोट डालने जा रहे वोटरों से अपील करने वाले बयान को लेकर अब विपक्ष भी पूछने लगा है कि कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है.

  • क्या प्रधानमंत्री मोदी के लिए चुनाव आयोग में कोई शाखा खुली है?

    क्या प्रधानमंत्री मोदी के लिए चुनाव आयोग में कोई शाखा खुली है?

    आप सभी 18 अप्रैल के चुनाव आयोग की प्रेस कांफ्रेंस का वीडियो देखिए. यह वीडियो आयोग के पतन का दस्तावेज़ (document of decline) है. जिस वक्त आयोग का सूरज डूबता नज़र आ रहा था उसी वक्त एक आयुक्त के हाथ की उंगलियों में पन्ना और माणिक की अंगूठियां चमक रही थीं.