NDTV Khabar

Book review


'Book review' - 53 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • पुस्तक समीक्षा : RSS के बारे में उठे सवालों के जवाब देती है 'द RSS रोडमैप्स फॉर द ट्वेंटी फर्स्ट सेंचुरी'

    पुस्तक समीक्षा : RSS के बारे में उठे सवालों के जवाब देती है 'द RSS रोडमैप्स फॉर द ट्वेंटी फर्स्ट सेंचुरी'

    यह पहली बार है, जब RSS के एक वरिष्ठ प्रचारक ने एक पुस्तक के माध्यम से संघ के अंदरूनी क्रियाकलाप, उसकी विचारधारा, भारत के प्रति उसकी दृष्टि तथा विभिन्न विषयों पर सोच को सामने रखने का प्रयास किया है. लंबे समय से संघ के छात्र संगठन ABVP में संगठन महासचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे सुनील आम्बेकर की पुस्तक – 'द RSS रोडमैप्स फॉर द ट्वेंटी फर्स्ट सेंचुरी' - उन तमाम विषयों पर संघ की राय स्पष्ट करने का प्रयास करती है, जिन्हें लेकर RSS को कठघरे में खड़ा किया जाता रहा है.

  • Book Review: प्रेमियों के संघर्ष की कहानी है 'रायबरेली रोमांस'

    Book Review: प्रेमियों के संघर्ष की कहानी है 'रायबरेली रोमांस'

    यंग रीडर्स प्रेम कहानियां पढ़ना काफी पसंद करते हैं. लव स्टोरी पढ़ने में दिलचस्पी रखने वाले पाठकों के लिए मार्केट में एक ऐसी प्रेम कहानी पर आधारित किताब आई है जिसमें रोमांस, दोस्ती, फैमिली ड्रामा और बहुत कुछ है. लेखक सरस आजाद की नई किताब 'रायबरेली रोमांस' में आपको एक दिलचस्प प्रेम कहानी पढ़ने को मिलेगी. उनकी यह किताब एक दलित लड़के और क्षत्रिय लड़की की प्रेम कहानी है. जाति व्यवस्था  से आगे निकलर प्रेम करने वाले रघु और सोनम की कहानी आज के युवाओं को बहुत कुछ सिखाती है.

  • Book Review: 'येरूशलम से कश्मीर तक', ऐतिहासिक तथ्यों के साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण का तारतम्य है यह किताब

    Book Review: 'येरूशलम से कश्मीर तक', ऐतिहासिक तथ्यों के साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण का तारतम्य है यह किताब

    Book Review: ईसा मसीह की भारत यात्रा को पुष्ट करने के लिए योजेफ़ बानाश ने और भी ढेरों प्रतीकों का सहारा लिया है. कथ्य में उन्हें इस तरह पिरोया गया है कि वह सच प्रतीत होते हैं. मसलन किताब के अनुसार ईसा मसीह की गंभीर रोगियों को ठीक कर देने की 'ईश्वरीय' अनुकंपा प्राचीन तक्षशिला विश्वविद्यालय में उपलब्ध चिकित्सा शास्त्र की अनगिनत किताबों की देन थी.

  • Book Review: 'बेरंग' जिंदगी के 'रंग' हज़ार, कुछ ऐसी ही है गोर्की-एल्विन की कविता-संग्रह

    Book Review: 'बेरंग' जिंदगी के 'रंग' हज़ार, कुछ ऐसी ही है गोर्की-एल्विन की कविता-संग्रह

    उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के रहने वाले दो युवा, जिनकी उम्र भले ही ज्यादा नहीं हो लेकिन उन्होंने जीवन के छोटे-बड़े कठिनाइयों से गुजरकर अपने अनुभवों को कविता के माध्यम से पिरोया है. गोर्की सिन्हा और एल्विन दिल्लु ने संयुक्त रूप से कविता संग्रह रची है, जिसका नाम 'रंग बेरंग' है.

  • Book Review: खाने से जुड़ी वो 50 आदतें जो आपकी दादी-नानी अपनाती आई हैं, अब जानिए इसके पीछे की सांइस

    Book Review: खाने से जुड़ी वो 50 आदतें जो आपकी दादी-नानी अपनाती आई हैं, अब जानिए इसके पीछे की सांइस

    ये 50 वही ट्रेडिशनल आदतें हैं जिन्हें आपके घर में दादी या नानी फॉलो करती आ रही हैं, और आपको भी फॉलो करने को कहा होगा. लेकिन मॉर्डन जनरेशन बिना वजह या सच जाने किसी भी आदत को नहीं अपनाती. 

  • पुस्तक समीक्षाः दलित विमर्श को आगे बढ़ाता संवाद है 'ओमप्रकाश वाल्मीकि का अंतिम संवाद'

    पुस्तक समीक्षाः दलित विमर्श को आगे बढ़ाता संवाद है 'ओमप्रकाश वाल्मीकि का अंतिम संवाद'

    पुस्तक समीक्षाः किताब में समाज, जाति और धर्म से जुड़े अनेक प्रासंगिक सवाल हैं जिनका वाल्मीकि ने तार्किक एवं बेबाक जवाब दिया है. दसअसल, यह किताब मात्र संवाद भर नहीं, साहित्य में दलित विमर्श और समाज में दलितोत्थान के प्रयासों का एक पारदर्शी चेहरा है, जिसमें उनकी कमियां एवं अच्छाइयां सब स्पष्ट हो गई हैं.

  • Book Review: बिहार की राजधानी पटना के मज़ेदार किस्से और कहानी, जो हर किसी को नहीं मालूम...मिलेंगे यहां

    Book Review: बिहार की राजधानी पटना के मज़ेदार किस्से और कहानी, जो हर किसी को नहीं मालूम...मिलेंगे यहां

    पटना, बिहार की राजधानी को अभी तक आपने धूल-मिट्टी और पॉल्यूशन का चश्मा लगाकर देखा होगा. यहां की तंग गलियों और भीड़-भाड़ को देख आपने दूर से ही पटना की छवि उन शहरों की तरह बना ली होगी, जो शहरीकरण और विकास के बीच का सफर तय कर रही है. लेकिन किताब पटना खोया हुआ शहर आपको अलग ही पटना के दर्शन कराएगी.

  • Book Review: समकालीन कथा परिदृश्‍य में 'लमही'

    Book Review: समकालीन कथा परिदृश्‍य में 'लमही'

    लमही इससे पहले भी अन्‍य कतिपय विशेषांकों के अलावा समकालीन उपन्‍यास-परिदृश्‍य पर औपन्‍यासिक शीर्षक से दो विशेषांक प्रकाशित कर चुकी है.

  • अख़्तरी: बेगम अख़्तर के मुरीदों के लिए अनिवार्य किताब

    अख़्तरी: बेगम अख़्तर के मुरीदों के लिए अनिवार्य किताब

    Book Review: अख़्तरी ग़ज़ल गायिकी की पहचान बेगम अख़्तर पर केन्द्रित किताब है. इससे पहले हिन्दी में बेगम अख़्तर पर बुरी किताबें भी न के बराबर थीं अच्छी किताब तो एक भी नहीं थी.

  • Bharat Box office Collection: एडवांस बुकिंग में दिखा भारत का जलवा, पहले दिन बाहुबली और एंडगेम का टूटेगा रिकॉर्ड ?

    Bharat Box office Collection: एडवांस बुकिंग में दिखा भारत का जलवा, पहले दिन बाहुबली और एंडगेम का टूटेगा रिकॉर्ड ?

    Bharat Box office Collection: सलमान खान (Salman Khan) की 'भारत' (Bharat) ईद के दिन यानी की बुधवार को रिलीज हो रही है. बॉक्स ऑफिस पर इसका असर देखने को मिलेगा क्योंकि ज्यादातर जगहों पर बुधवार और गुरुवार को छुट्टी का दिन रहेगा. वहीं शुक्रवार के बाद शनिवार और रविवार को फिर से छुट्टी मिल जाने से, फिल्म म को कमाई करने का अच्छा अवसर मिल जाएगा.

  • नेहरू के होने का मतलब

    नेहरू के होने का मतलब

    तथाकथित राष्ट्रवादियों ने नेहरू और गांधी को लगभग खलनायकों में बदलने की कोशिश की है. इनके ख़िलाफ़ दुष्प्रचार की जैसे कोई सीमा ही नहीं रही.

  • Book Review: एक आईएएस अधिकारी के 38 साल के अनुभवों का दस्तावेज है अनिल स्वरूप की 'नॉट जस्ट ए सिविल सर्वेंट'

    Book Review: एक आईएएस अधिकारी के 38 साल के अनुभवों का दस्तावेज है अनिल स्वरूप की 'नॉट जस्ट ए सिविल सर्वेंट'

    पूर्व आईएएस अनिल स्वरूप (Anil Swarup) ने अपनी किताब  'नॉट जस्ट ए सिविल सर्वेंट' (Not Just A Civil Servant Book) में 38 साल लंबी प्रशासनिक सेवा के दौरान हुए अनुभवों को व्यक्त किया है. सत्ता और तंत्र को बेहद करीब से देखने वाले अनिल स्वरूप ने इस किताब में अपने अनुभव को शेयर करने के साथ ही कई खुलासे भी किए हैं. इस किताब के तीसरे अध्याय में उन्होंने लिखा है- ''वह अयोध्या में मंदिर चाहते थे और शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण आम सहमति की दिशा में काम कर रहे थे. वह पूरी तरह से आक्रामक तेवर के खिलाफ थे जो धार्मिक संगठनों की पहचान थी. उस समय भारत में मोबाइल फोन नहीं हुआ करते थे. दूरदर्शन के अलावा कोई दूसरा न्यूज चैनल नहीं था. टेलीप्रिंटर और लैंडलाइन फोन ही कम्युनिकेशन का साधन थे. लाइव टेलीकास्ट का साधन होने के कारण जमीनी हकीकत का अंदाजा लगाना मुश्किल था. कल्याण सिंह को अयोध्या से रुक-रुक कर जानकारियां मिल रही थी.

  • सफल होने और सफल बने रहने का मंत्र बताती है 'बोल बच्चन', पढ़ें सक्सेस और बॉलीवुड का मज़ेदार तड़का

    सफल होने और सफल बने रहने का मंत्र बताती है 'बोल बच्चन', पढ़ें सक्सेस और बॉलीवुड का मज़ेदार तड़का

    लाइफ में सफल होने का मंत्र आपको हर कोई बताएगा, लेकिन मज़ेदार तरीके से सक्सेस को समझना हो तो राइटर रूपेश दूबे की किताब 'बोल बच्चन' को पढ़िए. ये किताब आपको सफलता के ऐसे 18 सूत्र बताएगी, जो आपने सुने तो कई बार होंगे लेकिन समझ अब आएंगे.

  • पुस्तक समीक्षा : हवा के ताजे झोंके की तरह है 'भीगी रेत'

    पुस्तक समीक्षा : हवा के ताजे झोंके की तरह है 'भीगी रेत'

    देश के मौजूदा सियासी माहौल में ये पंक्तियां कितनी मौजू हैं. लेखक और समाजसेवी रवि शर्मा का हालिया काव्य संग्रह 'भीगी रेत' ताजा हवा के झोंके की तरह है.

  • Book Review: नायक से ज्यादा ‘खलनायक’ की अहमियत, बॉलीवुड के 101 विलेन की असली कहानी

    Book Review: नायक से ज्यादा ‘खलनायक’ की अहमियत, बॉलीवुड के 101 विलेन की असली कहानी

    यह खलनायक की अपनी दमदार भूमिका का कमाल था, जिसका श्रेय कम ही मिल पाता था. क्योंकि फिल्में अक्सर हीरो-हीरोइन की मानी जाती थी और अवार्ड शो में बेस्ट एक्टर, एक्ट्रेस व फिल्म को ही पुरस्कार मिलता था. लंबे समय से फिल्मों में खलनायक की अहमियत को दर्जा नहीं मिला. हालांकि बाद में बदलते समय के साथ कई परिवर्तन देखने को मिले और आज हीरो ही विलेन की भूमिका निभाते हुए नज़र आने लगे हैं.

  • समाज की कड़वी सच्चाई से रूबरू कराती 'अधूरी दास्तां'

    समाज की कड़वी सच्चाई से रूबरू कराती 'अधूरी दास्तां'

    'अधूरी दास्तां' एक प्रेम कहानी है, जिसे विवेक और साक्षी के बीच बुना गया है. एक ही दफ्तर में काम करने वाले विवेक और साक्षी को प्यार हो जाता है. दोनों तमाम ख़्वाब बुनते हैं, लेकिन उनके ख़्वाब को समाज की नजर लग जाती है.

  • शादी के बाद पैदा हुए परस्पर विश्वास और प्रेम की कहानी का लेखा जोखा है ‘सिडक्शन बाय ट्रूथ’

    शादी के बाद पैदा हुए परस्पर विश्वास और प्रेम की कहानी का लेखा जोखा है ‘सिडक्शन बाय ट्रूथ’

    कहानी के अनुसार शिव एक जाना-माना बुद्धिजीवी होता है. शिव को इस बात का पता है कि इंसान को अपनी इच्छा को पूरा करने के लिए शादी ही पर्याप्त नहीं है. यही वजह है कि वह मन की जगह तर्क का सहारा लेता है. वह अपनी शादीशुदा जिंदगी के दौरान खुद को व्यभिचार के रास्ते की तरफ अग्रसर करता है. इस दौरान वह दो उद्देश्य तय करता है एक तो यह कि वह शादी के पीछे के मकदस को समझेगा और दूसरा यह कि अपनी इच्छाओं को दोबारा तलाशेगा. ठीक उसी तरह जिस तरह उसकी पत्नी ने किया था. इन दोनों ही उद्देश्य को पूरा करने के लिए उसने यह फैसला किया था कि वह अब से सिर्फ शादी-शुदा महिलाओं के साथ ही संबंध बनाएगा.

  • Lakshminama Book Review: धर्म, व्यापार और राजनीति का अर्थशास्त्र

    Lakshminama Book Review: धर्म, व्यापार और राजनीति का अर्थशास्त्र

    ये बयान तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर पुस्तक लक्ष्मीनामा में तमाम कहानियों के साथ पेश किया गया है जो किताब के दो पेज पढ़ने वाले को आगे के पृष्ठ पढ़ने के लिए खुद मजबूर करता है. सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि इन तीनों विषयों पर अलग-अलग किताबें तो अनेक लिखी गई हैं लेकिन तीनों के अंतर्संबंधों को उजागर करती हुई शायद हिंदी की यह पहली पुस्तक है.