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Budget 2019


'Budget 2019' - 212 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • मंदी के अंदेशे के बीच सरकार ने विदेशी निवेशकों पर बढ़े सरचार्ज को वापस लिया, 10 बड़ी बातें

    मंदी के अंदेशे के बीच सरकार ने विदेशी निवेशकों पर बढ़े सरचार्ज को वापस लिया, 10 बड़ी बातें

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने देश के आर्थिक हालात के बारे में विस्तार से जानकारी तो दी ही, साथ ही कई घोषणाएं भी की. उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था बाकी देशों की अर्थव्यवस्था से बेहतर है. भारत में मंदी जैसी कोई बात नहीं है, लेकिन हम अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई कदम उठा रहे हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि वैश्विक जीडीपी वृद्धि दर संशोधित होकर मौजूदा अनुमान 3.2 प्रतिशत से नीचे जा सकती है. वैश्विक मांग कमजोर रहेगी. अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध तथा मुद्रा अवमूल्यन के चलते वैश्विक व्यापार में काफी उतार-चढ़ाव वाली स्थिति पैदा हुई है. भारत की आर्थिक वृद्धि दर कई देशों की तुलना में ऊंची है. आर्थिक सुधार सरकार के एजेंडा में सबसे ऊपर है, सुधारों की प्रक्रिया जारी है, इसकी रफ्तार थमी नहीं है. उन्होंने कहा कि कारपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) नियमों के उल्लंघन को दिवानी मामले की तरह देखा जाएगा, इसे आपराधिक मामलों की श्रेणी में नहीं रखा जाएगा.

  • राज्यसभा : कांग्रेस ने की बजट 2019 की आलोचना, वित्त मंत्री ने कहा- निवेश को मिलेगी गति

    राज्यसभा : कांग्रेस ने की बजट 2019 की आलोचना, वित्त मंत्री ने कहा- निवेश को मिलेगी गति

    कांग्रेस ने 2019-20 के केंद्रीय बजट की आलोचना करते हुए शुक्रवार को राज्यसभा में कहा कि इसमें देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए कोई ठोस कार्यक्रम या योजना नहीं है.  उच्च सदन में बजट पर चल रही चर्चा को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस की वानसुक सियाम ने कहा कि बजट से बहुत अपेक्षाएं थीं लेकिन इसमें न तो अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए कोई समुचित तथा ठोस कदम उठाए गए हैं और न ही पूर्वोत्तर के विकास पर ध्यान दिया गया है.  उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर दो रुपये का अधिभार लगाना एवं उत्पाद शुल्क में बढ़ोत्तरी ऐसे समय बड़ा झटका है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम स्थिर हैं. 

  • कमलनाथ सरकार के पहले बजट में दिखी 'सॉफ्ट हिंदुत्व' की छाप, जानें क्या कुछ रहा खास

    कमलनाथ सरकार के पहले बजट में दिखी 'सॉफ्ट हिंदुत्व' की छाप, जानें क्या कुछ रहा खास

    इस बजट में सबका ध्यान किसानों के लिये आवंटन पर था, कृषि योजनाओं के लिये 22,736 करोड़ का बजट आवंटित किया गया. सरकार ने कहा कि पहले चरण में 20 लाख किसानों के 7000 करोड़ का कर्ज माफ किया, दूसरे चरण के लिये 8000 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है

  • आम बजट से कहां गायब हो गए 1.7 लाख करोड़ रुपये...?

    आम बजट से कहां गायब हो गए 1.7 लाख करोड़ रुपये...?

    बजट में इस्तेमाल किया गया रिवाइज़्ड एस्टिमेट बताता है कि 2018-19 के दौरान 17.3 लाख करोड़ रुपये का राजस्व आया, जबकि आर्थिक सर्वेक्षण में अपडेट किए जा चुके प्रोविज़नल आंकड़े बताते हैं कि सरकार की आय कहीं कम रही, 15.6 लाख करोड़ रुपये, यानी 1.7 लाख करोड़ रुपये कम. प्रतिशत के लिहाज़ से (GDP के प्रतिशत के रूप में कुल राजस्व) बजट में रिवाइज़्ड एस्टिमेट 9.2 फीसदी बताया गया, जबकि आर्थिक सर्वेक्षण में दिया गया अपडेटेड आंकड़ा इसे एक फीसदी कम, यानी 8.2 प्रतिशत बताता है.

  • आर्थिक सर्वे और बजट के आंकड़ों में अंतर कैसे?

    आर्थिक सर्वे और बजट के आंकड़ों में अंतर कैसे?

    श्रीनिवासन जैन ने एक रिपोर्ट की है. बजट से 1 लाख 70 हज़ार करोड़ का हिसाब ग़ायब है. प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य रथिन रॉय ने आर्थिक सर्वे और बजट का अध्ययन किया. उन्होंने देखा कि आर्थिक सर्वे में सरकार की कमाई कुछ है और बजट में सरकार की कमाई कुछ है. दोनों में अंतर है. बजट में राजस्व वसूली सर्वे से एक प्रतिशत ज्यादा है. यह राशि 1 लाख 70 हज़ार करोड़ की है, क्या इतनी बड़ी राशि की बजट में चूक हो सकती है.

  • बजट और दृष्टिपत्र का फर्क...?

    बजट और दृष्टिपत्र का फर्क...?

    इस बजट ने वाकई चक्कर में डाल दिया. विश्लेषक तैयार थे कि इस दस्तावेज की बारीकियां समझकर सरल भाषा में सबको बताएंगे, लेकिन बजट का रूप आमदनी खर्चे के लेखे-जोखे की बजाय दृष्टिपत्र जैसा दिखाई दिया. यह दस्तावेज इच्छापूर्ण सोच का लंबा-चौड़ा विवरण बनकर रह गया. बेशक बड़े सपनों  का भी अपना महत्व है. आर्थिक मुश्किल के दौर में 'फील गुड' की भी अहमियत होती है, लेकिन बजट में सपनों या बहुत दूर की दृष्टि का तुक बैठता नहीं है. पारंपरिक अर्थों में यह दस्तावेज देश के लिए एक साल की अवधि में आमदनी और खर्चों का लेखा-जोखा भर होता है. हां, इतनी गुंजाइश हमेशा रही है कि इस दस्तावेज में कोई यह भी बताता चले कि अगले साल फलां काम पर इसलिए ज्यादा खर्च किया जा रहा है, क्योंकि ऐसा करना आने वाले सालों में देश के लिए हितकर होगा.

  • मोदी सरकार की पेंशन योजना पर आप ट्रेड विंग ने उठाए सवाल, कहा- यह हास्यास्पद और समझ से परे है

    मोदी सरकार की पेंशन योजना पर आप ट्रेड विंग ने उठाए सवाल, कहा- यह   हास्यास्पद और समझ से परे है

    आप ट्रेड  विंग के संयोजक बृजेश गोयल ने पत्र में लिखा है कि मोदी सरकार की यह पेन्शन योजना पूरी तरह हास्यास्पद और समझ से परे है जिसको लेकर व्यापारियों में ही भारी असमंजस की स्थिति है इसलिए मोदी सरकार इस योजना की पुनर्समीक्षा करे. 

  • दस साल में बच्चों के बजट पर सबसे कम प्रावधान

    दस साल में बच्चों के बजट पर सबसे कम प्रावधान

    जब हम बच्चों के लिए खास बजट की बात करते हैं तो उसका मतलब क्या है? उसका मतलब दो दर्जन से अधिक विभागों से जुड़ी उन 89 योजनाओं से है जो सीधे तौर पर देश की चालीस प्रतिशत आबादी यानी बच्चों से जाकर जुड़ती है. अच्छी बात है कि इसको अलग करके देखा जाता है यानी कि एक पूरा दस्तावेज ही बच्चों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं पर आधारित होता है. भारी बहुमत लेकर संसद पहुंची बीजेपी सरकार ने 5 जुलाई को जो बजट पेश किया उसमें चालीस प्रतिशत आबादी यानी बच्चों का हिस्सा केवल 3.29 प्रतिशत है. भारत के कुल 27,86,349 करोड़ रुपये के बजट में से 91,644.29 करोड़ रुपये बाल कल्याण के लिए आवंटित किए गए हैं.

  • Parliament Update: ‘आधार और अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक 2019’ को संसद ने दी मंजूरी

    Parliament Update: ‘आधार और अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक 2019’ को संसद ने दी मंजूरी

    बजट पेश होने के बाद स्थगित हुई लोकसभा और राज्यसभा में सोमवार यानि आज से कार्यवाही पुन: शुरू हो रही है.

  • पूर्व PM अटल बिहारी वाजपेयी की इस महत्वाकांक्षी योजना को मोदी सरकार ने बजट में दिये मात्र 1 लाख रुपये

    पूर्व PM अटल बिहारी वाजपेयी की इस महत्वाकांक्षी योजना को मोदी सरकार ने बजट में दिये मात्र 1 लाख रुपये

    मोदी सरकार 2.O का पहला बजट भले ही 27.86 लाख करोड़ रुपये का हो, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की महत्वाकांक्षी ‘नदी जोड़ो’ परियोजना के लिए इसमें मात्र एक लाख रुपये रखे गए हैं. राजग सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में देश की नदियों को आपस में जोड़ने की महत्वकांक्षी योजना को जोर-शोर से आगे बढ़ाया था, लेकिन इस बार के बजट में इसके लिए काफी कम धनराशि रखी गई है.

  • जब वाराणसी में PM मोदी ने सुनाई कविता 'वो जो मुश्किलों का अंबार है', देखें- VIDEO

    जब वाराणसी में PM मोदी ने सुनाई कविता 'वो जो मुश्किलों का अंबार है', देखें- VIDEO

    पीएम ने जो कविता पढ़ी वो कुछ यूं है, 'वो जो सामने मुश्किलों का अंबार है, उसी से तो मेरे हौसलों की मीनार है. चुनौतियों को देखकर घबराना कैसा, इन्हीं में तो छिपी संभावना अपार है.

  • सीतारमण का नया भजन, ट्रिलियन ट्रिलियन ठन ठन

    सीतारमण का नया भजन, ट्रिलियन ट्रिलियन ठन ठन

    5 से तुकंबदी बिठानी थी. इसलिए वाक्य से 70 हटा दिया गया. 2014-19 के बीच चला कि 70 साल में कुछ नहीं हुआ. 2019 में बजट में कहा गया कि 55 साल में जो नहीं हुआ वो 5 साल में हो गया. 2 साल बाद जब मोदी सरकार के सात साल हो जाएंगे तो 70 साल बनाम 7 साल का जुमला फिट बैठेगा.

  • बजट दस्तावेजों को सूटकेस की जगह बस्ते में रखने पर PM मोदी ने क्या कहा?

    बजट दस्तावेजों को सूटकेस की जगह बस्ते में रखने पर PM मोदी ने क्या कहा?

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार पुरानी परंपरा को बदलते हुए बजट दस्तावेज को ब्रीफकेस में रखने के बजाए एक लाल रंग के कपड़े में रखा है जिस पर 'अशोक चिन्ह' बना हुआ था. अब वित्त मंत्री ने खुलासा किया कि लाल रंग के बस्ते को उनकी मामी ने उन्हें बनाकर दिया था. 

  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया आखिर क्यों ब्रीफकेस की जगह बस्ते में ले गईं बजट से जुड़े दस्तावेज

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया आखिर क्यों ब्रीफकेस की जगह बस्ते में ले गईं बजट से जुड़े दस्तावेज

    संवाददाताओं के सवालों के जवाब में कहा, ‘सूटकेस, ब्रीफकेस मुझे पसंद नहीं आता. यह अंग्रेजों के जमाने से चला आ रहा है. हमें यह पसंद नहीं. फिर मेरी मामी ने मुझे लाल कपड़े का बस्ता बनाकर दिया. उन्होंने पूजा अर्चना करने के बाद मुझे यह लाल बस्ता दिया. यह घर का थैला नहीं लगे इसलिये सरकारी पहचान देने के लिये उस पर अशोक स्तंभ का चिन्ह लगाया गया.

  • देश पांच ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी कैसे पा सकता है हमने इसकी दिशा दिखाई है: वाराणसी में बोले PM मोदी

    देश पांच ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी कैसे पा सकता है हमने इसकी दिशा दिखाई है: वाराणसी में बोले PM मोदी

    इस मौके पर उन्होंने कहा कि पांच ट्रिलियन इकॉनमी को देश कैसे पा सकता है, इसकी दिशा हमने तय कर दी है. पीएम मोदी ने कहा, "हमारी सरकार का कल बजट जारी किया गया. बजट के बाद सभी को हमारी मंशा स्पष्ट हो गई होगी. हमारा देश तो पहले भी चला और आगे भी बढ़ा, लेकिन अब न्यू इंडिया दौड़ने को बेताब है. इसी को लेकर हमारी तैयारी है. पांच ट्रिलियन इकॉनमी को देश कैसे पा सकता है इसकी दिशा हमने दिखाई है."

  • कुमार विश्वास ने कविता सुनाकर बताया कैसा होना चाहिए बजट, राम राज्य के टैक्स सिस्टम का दिया हवाला- देखें Video

    कुमार विश्वास ने कविता सुनाकर बताया कैसा होना चाहिए बजट, राम राज्य के टैक्स सिस्टम का दिया हवाला- देखें Video

    इस वीडियो में  डॉ. कुमार विश्वास (Kumar Vishvas) रामराज्य के बजट और टैक्स सिस्टम के बारे में अपने दोस्तों के साथ बातें करते नजर आ रहे हैं. डॉ. कुमार विश्वास (Kumar Vishvas) ने इस वीडियो को अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है.

  • 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी को कठिन लक्ष्य बताने वालों को पीएम मोदी ने बताया 'पेशेवर निराशावादी'

    5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी को कठिन लक्ष्य बताने वालों को पीएम मोदी ने बताया 'पेशेवर निराशावादी'

    PM Modi Varanasi Visit: पीएम मोदी ने इस मौके पर कहा कि जनता की ताकत असंभव को संभव बना सकती है. एक समय था जब देश अनाज के संकट से जूझ रहा था. विदेशों से अनाज मंगवाना पड़ता था. उसी दौर में शास्त्री जी ने जय जवान-जय किसान का आह्वान किया और देश के किसानों ने अनाज के भंडार भर दिए

  • बजट पेश होने के एक दिन बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी, जानें कितना बढ़ गया भाव

    बजट पेश होने के एक दिन बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी, जानें कितना बढ़ गया भाव

    इस बढ़ोतरी के साथ दिल्ली में पेट्रोल की कीमतें अब 72.96 रुपये प्रति लीटर हो गई हैं. वहीं, दिल्ली में डीजल की कीमतों में भी 2.36 रुपये का इजाफा देखने को मिला. अब डीजल की कीमतें 66.69 रुपये प्रति लीटर हो गई हैं.

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