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Chandrayaan 2 launch


'Chandrayaan 2 launch' - 29 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • चंद्रयान-2 मिशन पर नासा ने ISRO से कहा- आपने हमें प्रेरित किया है, मिलकर सौर प्रणाली पर करेंगे खोज

    चंद्रयान-2 मिशन पर नासा ने ISRO  से कहा- आपने हमें प्रेरित किया है, मिलकर सौर प्रणाली पर करेंगे खोज

    पूर्व नासा अंतरिक्ष यात्री जेरी लेनिंगर ने शनिवार को कहा कि चंद्रयान-2 मिशन के तहत विक्रम लैंडर की चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग कराने की भारत की ‘‘साहसिक कोशिश’’ से मिला अनुभव भविष्य के मिशन में सहायक होगा. लिनेंगर ने कहा, ‘हमें इससे हताश नहीं होना चाहिए. भारत कुछ ऐसा करने की कोशिश कर रहा है जो बहुत ही कठिन है. लैंडर से संपर्क टूटने से पहले सब कुछ योजना के तहत था.’

  • मिशन चंद्रयान-2 पर आया अमेरिका का बयान, कहा- यह भारत के लिए बड़ा कदम

    मिशन चंद्रयान-2 पर आया अमेरिका का बयान, कहा- यह भारत के लिए बड़ा कदम

    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के मुताबिक लैंडर ‘विक्रम’ चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की तरफ बढ़ रहा था और उसकी सतह को छूने से महज कुछ सेकंड ही दूर था तभी 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई रह जाने पर उसका जमीन से संपर्क टूट गया. करीब एक दशक पहले इस चंद्रयान-2 मिशन की परिकल्पना की गई थी और 978 करोड़ के इस अभियान के तहत चंद्रमा के अनछुए दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करने वाला भारत पहला देश होता.

  • चंद्रयान-2 पर विदेशी मीडिया ने भी थपथपाई ISRO की पीठ, कुछ इस तरह रहीं प्रतिक्रियाएं

    चंद्रयान-2 पर विदेशी मीडिया ने भी थपथपाई ISRO की पीठ, कुछ इस तरह रहीं प्रतिक्रियाएं

    दुनिया भर की मीडिया ने शनिवार को यह टिप्पणी की. न्यूयॉर्क टाइम्स, द वॉशिंगटन पोस्ट, बीबीसी और द गार्डियन समेत अन्य कई प्रमुख विदेशी मीडिया संगठनों ने भारत के ऐतिहासिक चंद्रमा मिशन ‘चंद्रयान-2’ पर खबरें प्रकाशित और प्रसारित कीं. अमेरिकी पत्रिका ‘वायर्ड’ ने कहा कि चंद्रयान-2 कार्यक्रम भारत का अब तक का ‘सबसे महत्त्वकांक्षी’ अंतरिक्ष मिशन था. 

  • ISRO के वैज्ञानिक ने कहा, चंद्रयान-2 का 95 प्रतिशत सही-सलामत, ऑर्बिटर अभी भी काट रहा है चंद्रमा के चक्कर

    ISRO के वैज्ञानिक ने कहा, चंद्रयान-2 का 95 प्रतिशत सही-सलामत, ऑर्बिटर अभी भी काट रहा है चंद्रमा के चक्कर

    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के एक अधिकारी ने नाम न जाहिर करने के अनुरोध के साथ समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया, "मिशन का सिर्फ पांच प्रतिशत -लैंडर विक्रम और प्रज्ञान रोवर- नुकसान हुआ है, जबकि बाकी 95 प्रतिशत -चंद्रयान-2 ऑर्बिटर- अभी भी चंद्रमा का सफलतापूर्वक चक्कर काट रहा है."

  • Chandrayaan 2: आनंद महिंद्रा ने कहा- हर भारतीय चंद्रयान-2 की धड़कन को महसूस कर सकता है

    Chandrayaan 2: आनंद महिंद्रा ने कहा- हर भारतीय चंद्रयान-2 की धड़कन को महसूस कर सकता है

    chandrayaan: भारत के मून लैंडर विक्रम से उस समय संपर्क टूट गया, जब वह शनिवार तड़के चंद्रमा की सतह की ओर बढ़ रहा था. इसरो के अध्यक्ष के. सिवन ने बताया, 'संपर्क उस समय टूटा, जब विक्रम चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाले स्थान से 2.1 किलोमीटर दूर रह गया था. अभी आंकड़ों का इंतजार किया जा रहा है.' इस खबर से जहां इसरो के वैज्ञानिकों में निराशा देखने को मिली, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो के वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आपने बहुत अच्छा काम किया है.

  • Chandrayaan 2: क्या विक्रम लैंडर चंद्रमा पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया? जानिए लैंडिंग के दौरान क्‍या-क्‍या हुआ...

    Chandrayaan 2: क्या विक्रम लैंडर चंद्रमा पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया? जानिए लैंडिंग के दौरान क्‍या-क्‍या हुआ...

    भारत के चंद्र मिशन को शनिवार तड़के उस समय झटका लगा, जब लैंडर विक्रम से चंद्रमा के सतह से महज दो किलोमीटर पहले इसरो का संपर्क टूट गया. इसके साथ ही 978 करोड़ रुपये लागत वाले चंद्रयान-2 मिशन का भविष्य अंधेरे में झूल गया है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष के. सिवन ने संपर्क टूटने की घोषणा करते हुए कहा कि चंद्रमा की सतह से 2.1 किमी पहले तक लैंडर का प्रदर्शन योजना के अनुरूप था. उन्होंने कहा कि उसके बाद उसका संपर्क टूट गया. इसरो ने एक आधिकारिक बयान में कहा, "यह मिशन कंट्रोल सेंटर है. विक्रम लैंडर योजना अनुरूप उतर रहा था और गंतव्य से 2.1 किलोमीटर पहले तक उसका प्रदर्शन सामान्य था. उसके बाद लैंडर का संपर्क जमीन पर स्थित केंद्र से टूट गया. डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है."

  • चंद्रमा का दक्षिणी ध्रुव ही क्यों चुना भारत ने चंद्रयान-2 उतारने के लिए

    चंद्रमा का दक्षिणी ध्रुव ही क्यों चुना भारत ने चंद्रयान-2 उतारने के लिए

    वैज्ञानिक उपकरणों से लैस और देश का गौरव बन चुके लैंडर 'विक्रम' तथा रोवर 'प्रज्ञान' अब चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की ओर बढ़ रहे हैं, जो अब तक कतई अनजान जगह है. चीन का मिशन चंद्रमा की सतह के सबसे उत्तरी छोर की तरफ गया था, और अपोलो मिशन समेत ज़्यादातर अमेरिकी मिशनों में लैंडिंग चंद्रमा के भूमध्य क्षेत्र में की गई. अब भारत चाहता है कि दक्षिणी ध्रुव के निकट चंद्रमा की सतह को परखे.

  • Chandrayaan-2 : किसान के बेटे और सरकारी स्कूल से पढ़े वैज्ञानिक ने दिया मिशन चंद्रयान-2 को अंजाम

    Chandrayaan-2 : किसान के बेटे और सरकारी स्कूल से पढ़े वैज्ञानिक ने दिया मिशन चंद्रयान-2 को अंजाम

    चांद पर पहुंचने के भारत के सपने के पीछे जो ख़ास लोग हैं उनमें प्रमुख हैं डॉ के सिवन जो एक किसान के बेटे और एक कामयाब ऐरोनॉटिकल इंजीनियर हैं. डॉ के सिवन इसरो के चेयरमैन होने के नाते इस अभियान की अगुवाई कर रहे हैं. उन्हें भारत का रॉकेट मैन भी कहा जाता है. अंतरिक्ष में एक साथ 104 सैटलाइट छोड़कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने में उनकी बड़ी भूमिका रही है. मिशन चंद्रयान-2 के हर पल पर नजर रख रहे के सिवन ने एनडीटीवी से कहा, मैं एक ग़रीब घर से आता हूं, मेरा परिवार किसानी करता है. मैं तमिल मीडियम में सरकारी स्कूल से पढ़ा हूं.  

  • Chandrayaan-2 Updates : पीएम मोदी ने कहा, 'यह छोटी कामयाबी नहीं है, पूरा देश आप पर गर्व करता है'

    Chandrayaan-2 Updates : पीएम मोदी ने कहा, 'यह छोटी कामयाबी नहीं है, पूरा देश आप पर गर्व करता है'

    Chandrayaan 2: भारत के महत्‍वाकांक्षी मून मिशन चंद्रयान 2 के चांद पर उतरने को लेकर सस्‍पेंस बन गया है. फिलहाल इसरो ने बताया कि विक्रम लैंडर से उनका संपर्क टूट गया है. इसरो ने बताया कि चांद से 2.1 किमी दूर तक चंद्रयान-2 से संपर्क था, लेकिन फिलहाल संपर्क टूट गया है. इसरो चीफ के मुताबिक अभी आंकड़ों का इंतजार किया जा रहा है. इसरो प्रमुख के सिवन ने बताया कि लैंडर ‘विक्रम’ को चंद्रमा की सतह पर लाने की प्रक्रिया सामान्य देखी गई, लेकिन बाद में लैंडर का संपर्क जमीनी स्टेशन से टूट गया, डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है.

  • चंद्रयान 2 मिशन का अगला अहम कदम 2 सितंबर को, जब लैंडर ऑरबिटर से अलग होगा : ISRO चीफ

    चंद्रयान 2 मिशन का अगला अहम कदम 2 सितंबर को, जब लैंडर ऑरबिटर से अलग होगा : ISRO चीफ

    अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि इसके बाद लैंडर ‘विक्रम’ दो सितंबर को ऑर्बिटर से अलग हो जाएगा. इसरो ने कहा कि सात सितंबर को चंद्रमा की सतह पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ कराने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले लैंडर संबंधी दो कक्षीय प्रक्रियाओं को अंजाम दिया जाएगा. बेंगलूरु के नजदीक ब्याललू स्थित इंडियन डीप स्पेस नेटवर्क (आईडीएसएन) के एंटीना की मदद से बेंगलूरू स्थित ‘इसरो, टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क’ (आईएसटीआरएसी) के मिशन ऑपरेशन्स कांप्लेक्स (एमओएक्स) से यान की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. इसरो ने कहा कि अगली कक्षीय प्रक्रिया बुधवार को दोपहर साढ़े 12 से डेढ़ बजे के बीच की जाएगी.

  • Chandrayaan 2: अंतरिक्ष में भारत की एक और बड़ी उपलब्धि, चांद की कक्षा में पहुंचा चंद्रयान- 2

    Chandrayaan 2: अंतरिक्ष में भारत की एक और बड़ी उपलब्धि, चांद की कक्षा में पहुंचा चंद्रयान- 2

    यह भारत का अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष अभियान है. गत 22 जुलाई को प्रक्षेपण यान जीएसएलवी मार्क।।।-एम 1 के जरिए प्रक्षेपित किए गए चंद्रयान-2 ने गत 14 अगस्त को पृथ्वी की कक्षा से निकलकर चंद्र पथ पर आगे बढ़ना शुरू किया था. बेंगलुरु के नजदीक ब्याललू स्थित डीप स्पेस नेटवर्क (आईडीएसएन) के एंटीना की मदद से बेंगलुरु स्थित इसरो, टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क (आईएसटीआरएसी) के मिशन ऑपरेशंस कांप्लेक्स (एमओएक्स) से यान की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. इसरो ने 14 अगस्त को कहा था कि चंद्रयान-2 की सभी प्रणालियां सामान्य ढंग से काम कर रही हैं.

  • Chandrayaan-2: इसरो की तारीफ में NASA ने कहा कुछ ऐसा, लोग बोले- "जलन की बू आ रही है"

    Chandrayaan-2: इसरो की तारीफ में NASA ने कहा कुछ ऐसा, लोग बोले-

    चंद्रयान 2 के प्रक्षेपण के साथ अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला चौथा देश बनने जा रहा है. इसरो की इस उपलब्‍धि पर दुनिया भर के लोग शुभकामनाएं दे रहे हैं. इसी कड़ी में अमेरिका की स्‍पेस एजेंसी नासा (NASA) ने भी इसरो को बधाई दी.

  • Chandrayaan 2: इन दो 'रॉकेट वुमन' के बिना अधूरा रहता चंद्रयान-2 का सफर, जानिए कौन हैं वनिता मुथय्या और रितु कारिधल

    Chandrayaan 2: इन दो 'रॉकेट वुमन' के बिना अधूरा रहता चंद्रयान-2 का सफर, जानिए कौन हैं वनिता मुथय्या और रितु कारिधल

    चंद्रयान-2 (Chandrayaan-2) की चर्चा हर तरफ है. इसरो (ISRO) ने 22 जुलाई, 2019 को सफलतापूर्वक चंद्रयान-2 (Chandrayaan-2 Mission) को चांद पर छोड़ा. इसका पूरा क्रेडिट इसरो की टीम में शामिल वनिता मुथय्या (Vanitha Muthayya) और रितु कारिधल (Ritu Karidhal) को जाता है.

  • जानें, जब 'चंद्रयान-2' हो रहा था लॉन्च, तब PM मोदी कहां थे और क्या कर रहे थे?

    जानें, जब 'चंद्रयान-2' हो रहा था लॉन्च, तब PM मोदी कहां थे और क्या कर रहे थे?

    चंद्रयान को सबसे शक्तिशाली रॉकेट जीएसएलवी-मार्क III-एम1 दूसरे लॉन्च पैड से लेकर रवाना हुआ है. जिस वक्त चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण हुआ तब पीएम मोदी कहां और क्या कर रहे थे, इसके बारे में भी लोगों को जानने की काफी उत्सुकुता थी. आपको बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ऑफिस से ही टीवी पर चंद्रयान-2 के लॉन्च की लाइव कवरेज देखी.

  • चंद्रयान-2 के सफल प्रक्षेपण पर पीएम मोदी ने ऑडियो संदेश जारी कर दी बधाई, राष्ट्रपति कोविंद ने भी भेजी शुभकामनाएं

    चंद्रयान-2 के सफल प्रक्षेपण पर पीएम मोदी ने ऑडियो संदेश जारी कर दी बधाई, राष्ट्रपति कोविंद ने भी भेजी शुभकामनाएं

    चंद्रयान-2 के सफल प्रक्षेपण पर देशवासियों में खुशी की लहर है वहीं पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद समेत कई राजनेताओं ने इसरो और उसके वैज्ञानिकों को इस महत्वाकांक्षी मिशन के लिए शुभकामनाएं दी हैं.

  • चांद की ओर चला चंद्रयान-2, 'बाहुबली' रॉकेट लेकर उड़ा, जानें 7 बड़ी बातें

    चांद की ओर चला चंद्रयान-2, 'बाहुबली' रॉकेट लेकर उड़ा, जानें 7 बड़ी बातें

    चंद्रमा के अनछुए पहलुओं का पता लगाने के लिए चंद्रयान-2 सोमवार को यहां स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) से शान के साथ रवाना हो गया. इसे ‘बाहुबली’ नाम के सबसे ताकतवर रॉकेट जीएसएलवी-मार्क ।।। के जरिए अपराह्न दो बजकर 43 मिनट पर प्रक्षेपित किया गया. सोमवार का यह प्रक्षेपण अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की धाक जमाएगा और यह चांद के बारे में दुनिया को नई जानकारी उपलबध कराएगा. गत 15 जुलाई को रॉकेट में तकनीकी खामी का पता चलने के बाद इसका प्रक्षेपण टाल दिया गया था. उस दिन इसका प्रक्षेपण तड़के दो बजकर 51 मिनट पर होना था, लेकिन प्रक्षेपण से 56 मिनट 24 सेकंड पहले रॉकेट में तकनीकी खामी का पता चलने के बाद चंद्रयान-2 की उड़ान टाल दी गई थी. उस दिन राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द भी प्रक्षेपण स्थल पर मौजूद थे.

  • Chandrayaan-2 Launch: चंद्रयान-2 हुआ लांच, सोशल मीडिया पर कुछ यूं आया रिएक्शन

    Chandrayaan-2 Launch: चंद्रयान-2 हुआ लांच, सोशल मीडिया पर कुछ यूं आया रिएक्शन

    Chandrayaan-2 Launch: चांद पर भारत के दूसरे मिशन चंद्रयान-2 (Chandrayaan-2) को आज श्रीहरिकोटा से सबसे शक्तिशाली रॉकेट जीएसएलवी-मार्क III-एम1 (GSLV Mark III-M1) के जरिए लांच किया गया. भारत ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है. 

  • Chandrayaan-2 Launch: चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग मोबाइल पर एक क्लिक में देखें Live

    Chandrayaan-2 Launch: चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग मोबाइल पर एक क्लिक में देखें Live

    चांद पर भारत के दूसरे महत्वाकांक्षी मिशन चंद्रयान-2 को सोमवार को यहां से सबसे शक्तिशाली रॉकेट जीएसएलवी-मार्क III-एम1 के जरिए प्रक्षेपित किया जायेगा.

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