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Chief justice dipak misra


'Chief justice dipak misra' - 22 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • जानें कौन हैं सुप्रीम कोर्ट के वे 5 जज, जिन्होंने आधार की संवैधानिकता पर दिया बड़ा फैसला

    जानें कौन हैं सुप्रीम कोर्ट के वे 5 जज, जिन्होंने आधार की संवैधानिकता पर दिया बड़ा फैसला

    आधार मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अपने फैसले में केन्द्र की महत्वाकांक्षी योजना आधार को संवैधानिक रूप से वैध करार दिया. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने अपने फैसले में कहा कि आधार का लक्ष्य कल्याणकारी योजनाओं को समाज के वंचित तबके तक पहुंचाना है और वह ना सिर्फ व्यक्तिगत बल्कि समुदाय के दृष्टिकोण से भी लोगों के सम्मान का ख्याल रखती है. शीर्ष अदालत ने कहा कि आधार जनहित में बड़ा काम कर रहा है और आधार का मतलब है अनोखा और सर्वश्रेष्ठ होने के मुकाबले अनोखा होना बेहतर है. संविधान पीठ ने अपने फैसले में कहा कि आधार को अब बैंक खाते से लिंक करने की जरूरत नहीं होगा. साथ ही कोर्ट ने कहा कि स्कूलों में भी अब आधार की अनिवार्यता नहीं होगी. 

  • राजनीति का अपराधीकरण पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- संसद को इस कैंसर का उपचार करना चाहिए

    राजनीति का अपराधीकरण पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- संसद को इस कैंसर का उपचार करना चाहिए

    राजनीति में अपराधीकरण को लेकर को लेकर पांच जजों का संविधान पीठ ने कहा कि करप्शन एक नाउन है. चीफ जस्टिस ने कहा कि करप्शन राष्ट्रीय आर्थिक आतंक बन गया है.

  • जब जस्टिस दीपक मिश्रा ने की आधी रात को सुनवाई, ये हैं उनके 5 ऐतिहासिक फैसले

    जब जस्टिस दीपक मिश्रा ने की आधी रात को सुनवाई, ये हैं उनके 5 ऐतिहासिक फैसले

    चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा दो अक्टूबर को रिटायर होने जा रहे हैं. उन्होंने जस्टिस रंजन गोगोई का नाम अगले CJI के लिए केंद्र सरकार को भेजा है. जस्टिस दीपक मिश्रा ने 14 फरवरी 1977 को उड़ीसा हाई कोर्ट में वकालत की प्रैक्टिस शुरू की थी. इसके बाद 1996 में उन्हें उड़ीसा हाई कोर्ट का एडिशनल जज बनाया गया और बाद में उनका ट्रांसफर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट  कर दिया गया. इसके बाद वे दिसंबर 2009 में पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस बने. 24 मई 2010 में दिल्ली हाई कोर्ट में बतौर चीफ जस्टिस उनका ट्रांसफर हुआ और 10 अक्टूबर 2011 को उन्हें सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया. पिछले साल 28 अगस्त को उन्होंने बतौर चीफ जस्टिस कार्यभार ग्रहण किया. सुप्रीम कोर्ट में अपने कार्यकाल के दौरान जस्टिस दीपक मिश्रा ने कई ऐतिहासिक फैसले सुनाये. बहुचर्चित निर्भया कांड में दोषियों की सजा को बरकरार रखने का उनका फैसला लैंडमार्क माना गया. तो वहीं आतंकी याकूब मेमन की फांसी से ऐन पहले आधी रात को सुनवाई की और सजा बरकरार रखी. आइये आपको चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के ऐसे ही पांच ऐतिहासिक फैसलों के बारे में बताते हैं. 

  • स्‍वतंत्रता दिवस समारोह पर CJI दीपक मिश्रा ने कहा, संस्‍थान की अालोचना करना और नष्‍ट करना आसान

    स्‍वतंत्रता दिवस समारोह पर CJI दीपक मिश्रा ने कहा,  संस्‍थान की अालोचना करना और नष्‍ट करना आसान

    सुप्रीम कोर्ट में स्वतंत्रता दिवस समारोह CJI दीपक मिश्रा ने कहा कि किसी भी संस्थान की आलोचना करना या नष्ट करने की कोशिश करना आसान है.

  • न्यायपालिका और सरकार के बीच टकराव में अब आगे क्‍या?

    न्यायपालिका और सरकार के बीच टकराव में अब आगे क्‍या?

    न्यायपालिका और सरकार के बीच टकराव कोई नई बात नहीं है. लेकिन इस बार यह टकराव नए अंदाज़ में सामने आया है. यह टकराव ऐसे समय हो रहा है जब न्यायपालिका गंभीर आंतरिक संकट से जूझ रही है.

  • महाभियोग पर कपिल सिब्बल का अब इतना बड़ा यू-टर्न क्यों?

    महाभियोग पर कपिल सिब्बल का अब इतना बड़ा यू-टर्न क्यों?

    चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू की ओर से खारिज किये जाने के बाद घमासान जारी है. राज्यसभा सभापति के इस फैसले को एक ओर जहां कांग्रेस असंवैधानिक बता रही है, वहीं बीजेपी इसे नियम के अनुरुप बता रही है. कांग्रेस की ओर से सीजेआई के खिलाफ महाभियोग मामले का नेतृत्व खुद वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल कर रहे हैं. आज जिस महाभियोग प्रस्ताव पर कपिल सिब्बल का स्टैंड दिख रहा है, अभी से कुछ साल पहले जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब उनका स्टैंड इसी मामले को लेकर कुछ और था. आठ साल पहले कपिल सिब्‍बल जब कांग्रेस की सत्‍ता में मंत्री थे, तब जजों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई पर उनका स्टैंड पूरी तरह से अलग था. 

  • चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग निरस्त - अभियोगों पर फैसला बाकी

    चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग निरस्त - अभियोगों पर फैसला बाकी

    चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ विपक्ष द्वारा पेश किये गये महाभियोग प्रस्ताव (Impeachment Motion) को राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने खारिज कर दिया.

  • CJI के खिलाफ महाभियोग : उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू बीच में ही यात्रा खत्म कर दिल्ली लौटे, कानूनविदों से विचार-विमर्श

    CJI के खिलाफ महाभियोग : उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू बीच में ही यात्रा खत्म कर दिल्ली लौटे, कानूनविदों से विचार-विमर्श

    उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग संबंधी कांग्रेस तथा अन्य दलों की ओर से दिए गए नोटिस पर संविधानविदों और कानूनी विशेषज्ञों से विचार-विमर्श किया. राज्यसभा सचिवालय के सूत्रों के अनुसार नायडू ने याचिका को स्वीकारने और ठुकराने को लेकर संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप, पूर्व विधि सचिव पीके मल्होत्रा सहित अन्य विशेषज्ञों से कानूनी राय ली. समझा जाता है कि नायडू जल्द ही विपक्षी दलों के इस नोटिस पर कोई फैसला करेंगे. उपराष्ट्रपति ने इसके लिए अपनी हैदराबाद की यात्रा बीच में ही समाप्त कर दी.

  • CJI के खिलाफ 'दुर्व्यवहार' के वो 5 मामले, जिनके आधार पर कांग्रेस ने महाभियोग प्रस्ताव पेश किया

    CJI के खिलाफ 'दुर्व्यवहार' के वो 5 मामले, जिनके आधार पर कांग्रेस ने महाभियोग प्रस्ताव पेश किया

    कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी पार्टियों ने शुक्रवार को उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू को भारत के चीफ जस्सिट दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव सौंपा. कांग्रेस ने चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोगा नोटिस लाने के के पांच आधार बताए हैं.  उन्होंने बताया है कि विपक्षी पार्टियों ने 'दुर्व्यवहार करने के पांच आधार' पर महाभियोग पेश किया है. 

  • एक महाभियोग और इंसाफ़ का सवाल

    एक महाभियोग और इंसाफ़ का सवाल

    मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा पर महाभियोग उचित है या अनुचित- इस प्रश्न पर दुर्भाग्य से हर कोई अपनी राय अपनी राजनीतिक पक्षधरता के हिसाब से तय करता मिलेगा. किसी कांग्रेस समर्थक से पूछिए तो शायद वह कहेगा कि महाभियोग बिल्कुल उचित है, किसी मोदी भक्त से पूछिए तो वह न्यायपालिका को लांछित करने के लिए कांग्रेस की भर्त्सना करेगा.

  • CJI दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग लाने की तैयारी

    CJI दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग लाने की तैयारी

    राकंपा के एक अन्य सांसद डीपी त्रिपाठी ने दावा किया कि उन्होंने भी कांग्रेस के इस हस्ताक्षर अभियान के तहत हस्ताक्षर किया है. उन्होंने कहा कि यह केवल भ्रष्टाचार नहीं है, आरोप‘बेहद गंभीर हैं’. पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट के चार न्यायाधीशों ने जो पत्र लिखा था उससे यह साफ है कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता को खतरा है.

  • जज लोया की मौत की स्वतंत्र जांच का मामला : महाराष्ट्र सरकार ने SIT जांच का विरोध किया

    जज लोया की मौत की स्वतंत्र जांच का मामला : महाराष्ट्र सरकार ने SIT जांच का विरोध किया

    महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उन चार न्यायाधीशों के बयान ‘असंदिग्ध’ हैं जो विशेष सीबीआई न्यायाधीश बीएच लोया के जीवन के अंतिम दिन उनके साथ थे और जिन्होंने उनकी मौत को ‘स्वाभाविक’ बताया था.

  • जजों की नाराजगी के बाद चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट के जजों का नया रोस्टर जारी किया

    जजों की नाराजगी के बाद चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट के जजों का नया रोस्टर जारी किया

    अब चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा नई जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करेंगे. चीफ जस्टिस ने सुप्रीम कोर्ट में जजों के लिए नया रोस्टर सार्वजनिक कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट में यह नया रोस्टर 5 फरवरी यानी सोमवार से लागू होगा. बता दें कि यह रोस्टर सिर्फ अब से नये मामलों पर लागू होगा. यह रोस्टर मामलों की श्रेणी के हिसाब से बनाया गया है.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : न्यायपालिका के भीतर के सुलगते सवाल

    प्राइम टाइम इंट्रो : न्यायपालिका के भीतर के सुलगते सवाल

    चार जज कहें कि हम नहीं चाहते कि कोई ऐसे याद करे कि इन्होंने अपनी आत्मा बेच दी और हम बहस उनके उठाए सवालों पर नहीं कर रहे हैं. माननीय न्यायमूर्तियों के सवालों को किनारे लगाकर टीवी मीडिया और सोशल मीडिया इस पर चर्चा करने लगा कि इनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि क्या है, प्रेस कांफ्रेंस क्यों किया, राष्ट्रपति के पास क्यों नहीं गए, चीफ जस्टिस से बात क्यों नहीं की.

  • CJI ने BCI को दिया आश्वासन, सुप्रीम कोर्ट का संकट जल्द सुलझा लिया जाएगा

    CJI ने BCI को दिया आश्वासन, सुप्रीम कोर्ट का संकट जल्द सुलझा लिया जाएगा

    सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने रविवार को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के एक प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ न्यायाधीशों द्वारा सार्वजनिक तौर पर उनके खिलाफ की गई टिप्पणी से उपजे संकट को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा.

  • सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने चीफ जस्टिस को सौंपा प्रस्ताव, आज हो सकती है पूर्ण पीठ की बैठक

    सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने चीफ जस्टिस को सौंपा प्रस्ताव, आज हो सकती है पूर्ण पीठ की बैठक

    सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) के अध्यक्ष विकास सिंह रविवार को चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा से मिले. सिंह ने शीर्ष न्यायपालिका में संकट को लेकर एक प्रस्ताव सौंपा. सूत्रों के मुताबिक सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की पूर्ण पीठ की बैठक होने की पूरी संभावना है जिसमें मौजूदा संकट पर चर्चा हो सकती है.

  • 4 जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर अटॉर्नी जनरल ने कहा- जो कुछ हुआ उसे टाला जा सकता था

    4 जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर अटॉर्नी जनरल ने कहा- जो कुछ हुआ उसे टाला जा सकता था

    सुप्रीम कोर्ट  के चार वरिष्ठतम न्यायाधीशों की ओर से प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के रोस्टर तैयार करने और मामलों के आबंटन के तौर-तरीकों पर ऐतराज जताने के लिए की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस पर अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल 'अभूतपूर्व' करार दिया है.

  • मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा पर सवाल उठाने वाले ये 4 जज कई अहम फैसलों में रहे हैं शामिल

    मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा पर सवाल उठाने वाले ये 4 जज कई अहम फैसलों में रहे हैं शामिल

    शुक्रवार को एक अनोखे घटनाक्रम में  सुप्रीम कोर्ट  के चार जजों ने प्रेस कांन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट में सब कुछ ठीक नहीं है. उन्होंने यह भी अगाह किया कि अगर जल्द ही इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा.