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China economy


'China economy' - 50 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • आर्थिक रुप से फ़ेल सरकार अपनी राजनीतिक सफ़लताओं में मस्त है

    आर्थिक रुप से फ़ेल सरकार अपनी राजनीतिक सफ़लताओं में मस्त है

    जब चीन ने टैक्सटाइल सेक्टर को छोड़ अधिक मूल्य वाले उत्पादों के सेगमेंट में जगह बनाने की नीति अपनाई तब इस ख़ाली जगह को भरने के लिए बांग्लादेश और वियतनाम तेज़ी से आए. अगर आप बिजनेस की ख़बरें पढ़ते होंगे तब ध्यान होगा कि कई साल पहले मोदी सरकार ने टेक्सटाइल सेक्टर के लिए 6000 करोड़ के पैकेज का एलान किया था. आज तक भारत का टेक्सटाइल सेक्टर उबर नहीं सका है. टेक्सटाइल रोज़गार देने वाले सेक्टरों में से एक रहा है. जून 2016 में मोदी कैबिनेट ने पैकेज की घोषणा करते वक्त कहा था कि अगले तीन साल में यानी 2019 तक टेक्सटाइल सेक्टर में 1 करोड़ रोज़गार पैदा किए जाएंगे और 75,000 करोड़ का निवेश होगा. तथ्य आप पता कर लें, आपको निराशा हाथ लगेगी.

  • इस साल दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा भारत : रिपोर्ट

    इस साल दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा भारत : रिपोर्ट

    भारत इस साल ब्रिटेन को पछाड़ते हुए दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा. आईएचएस मार्किट की सोमवार को जारी रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है.

  • सांख्यिकी सचिव ने माना कि जीडीपी में गिरावट चिंताजनक

    सांख्यिकी सचिव ने माना कि जीडीपी में गिरावट चिंताजनक

    प्रधानमंत्री जब अपनी पहली कैबिनेट बैठक कर रहे थे, तभी सांख्यिकी मंत्रालय ने बताया कि विकास दर गिर गई है.आंकड़ों के मुताबिक ये पांच साल की सबसे कम विकास दर है.

  • चीन से पिछड़ा भारत, छिन गया रुतबा; जीडीपी विकास दर पांच साल के सबसे निचले स्तर पर

    चीन से पिछड़ा भारत, छिन गया रुतबा; जीडीपी विकास दर पांच साल के सबसे निचले स्तर पर

    भारत के सकल घरेलू उत्पाद (gross domestic product) यानी कि GDP में जनवरी से मार्च की अवधि में 5.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों से यह जाहिर हुआ है. इसके साथ ही भारत चीन से पिछड़ गया. भारत ने डेढ़ साल में पहली बार दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था का रुतबा खो दिया. जबकि चीन आगे बढ़ गया. चीन की अर्थव्यवस्था ने मार्च तिमाही में 6.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है.

  • 'चीन ने मंदी की चुनौती को देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने के अवसर के रूप में लिया'

    'चीन ने मंदी की चुनौती को देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने के अवसर के रूप में लिया'

    जामिया मिल्लिया इस्लामिया के एमएमएजे एकेडमी ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज़ में यूजीसी चाइना स्टडीज़ प्रोग्राम के तहत ‘‘ चैलेंजेस एंड काउंटर मेज़र्स ऑफ न्यू नार्मल ऑफ द चाइनीज़ इकानोमी ‘‘ विषय पर एक परिचर्चा का आयोजन हुआ. इसमें चीन की जिनान यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जिया हैताओ ने चीन की अर्थव्यवस्था में आए नए आयामों और बदलावों के बारे में विस्तार से बताया.

  • IMF ने मोदी सरकार के GST को सही ठहराया, कहा- विकास दर में चीन को पीछे छोड़ सकता है भारत

    IMF ने मोदी सरकार के GST को सही ठहराया, कहा- विकास दर में चीन को पीछे छोड़ सकता है भारत

    अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष(आईएमएफ) की ताजा रिपोर्ट ने नरेंद्र मोदी सरकार को राहत की सांस दी है. इस अंतरराष्ट्रीय संस्था ने वर्ष 2018 के लिए जहां भारत की विकास दर के 7.3 प्रतिशत तक रहने का अनुमान लगाया है, वहीं केंद्र सरकार के जीएसटी और बैंकरप्सी कोड की सराहना भी की है.

  • चीन ने सौर पैनल पर शुल्क हटाने के यूरोपीय संघ के फैसले को सराहा

    चीन ने सौर पैनल पर शुल्क हटाने के यूरोपीय संघ के फैसले को सराहा

    चीन ने रविवार को सौर पैनल के आयात पर लगे एंटी डंपिंग शुल्क को खत्म करने के यूरोपीय संघ (ईयू) के फैसले का स्वागत किया. समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, व्यापार मंत्री ने रविवार को जारी बयान में कहा कि लगभग पांच साल से लगे आयात शुल्क को हटाने के फैसले से चीन और ईयू के बीच सैर पैनल के व्यापार की बहाली होगी और एक अधिक स्थिर और अनुकूल कारोबारी माहौल की स्थापना होगी.

  • चीनी उत्पादों पर दोबारा आयात शुल्क लगाएगा अमेरिका

    चीनी उत्पादों पर दोबारा आयात शुल्क लगाएगा अमेरिका

    डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन इस सप्ताह 16 अरब डॉलर मूल्य के चीनी सामान पर 25 फीसदी शुल्क लगाने की तैयारी कर रहा है. दोनों देशों के बीच व्यापार युद्ध जारी है.

  • ‘जवाबी’ आयात शुल्क अमेरिका-चीन के व्यापार को तबाह करेगा : चीन

    ‘जवाबी’ आयात शुल्क अमेरिका-चीन के व्यापार को तबाह करेगा : चीन

    अमेरिका के चीन के उत्पादों पर नए शुल्क लगाने की घोषणा के बाद चीन ने कहा कि ‘जवाबी’ कार्रवाई करते हुए लगाया गया आयात शुल्क विश्व की दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार को तबाह कर देगा. अमेरिका ने बुधवार को चीन के 200 अरब डॉलर के उत्पादों पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाने की प्रक्रिया सितंबर तक शुरू करने की घोषणा की. 

  • व्यापार युद्ध : अमेरिका ने चीन से 200 अरब डॉलर की वस्तुओं पर 10% आयात शुल्क और लगाया

    व्यापार युद्ध : अमेरिका ने चीन से 200 अरब डॉलर की वस्तुओं पर 10% आयात शुल्क और लगाया

    विश्व की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध गहराता जा रहा है. अमेरिका ने आज चीन से आयातित 200 अरब डॉलर की वस्तुओं पर अलग से 10% शुल्क लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी. इससे पहले वह चीन से आयातित 34 अरब डॉलर की वस्तुओं पर 25% शुल्क लगा चुका है.

  • अमेरिका प्रतिबंधों के बाद चीन ने कहा, मुंहतोड़ जवाब देंगे

    अमेरिका प्रतिबंधों के बाद चीन ने कहा, मुंहतोड़ जवाब देंगे

    अमेरिका और चीन के बीच शुक्रवार को आधिकारिक रूप से व्यापार युद्ध शुरू हो गया. ट्रंप प्रशासन ने चीन के 34 अरब डॉलर के सामान पर आयात शुल्क लगा दिया है जबकि बीजिंग ने इसका मुंहतोड़ जवाब देने की बात कही है. न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, यह आयात शुल्क रात 12 बजे से प्रभावी हो गया.

  • अरबों डॉलर की चीनी वस्तुओं पर भारी-भरकम अमेरिकी शुल्क आज रात से प्रभावी

    अरबों डॉलर की चीनी वस्तुओं पर भारी-भरकम अमेरिकी शुल्क आज रात से प्रभावी

    दुनिया की शीर्ष दो अर्थव्यवस्थाओं अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध में पहला आक्रामक कदम उठाने वाले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्णय से अरबों अमेरिकी डॉलर से भी ज्यादा की चीनी वस्तुओं पर भारी-भरकम अमेरिकी शुल्क बीती रात से प्रभावी हो गए. चीन ने डॉलर का बदला डॉलर से लेने का इरादा जाहिर करते हुए अमेरिकी निर्यात पर ‘‘तत्काल’’ शुल्क लगा दिए हैं. 

  • डोनाल्ड ट्रंप का चीन पर लगाए गए शुल्कों से पीछे हटने से इनकार

    डोनाल्ड ट्रंप का चीन पर लगाए गए शुल्कों से पीछे हटने से इनकार

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर लगाए गए आयात शुल्कों से पीछे हटने से इनकार किया है. इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि यदि दोनों देशों के बीच इस बारे में कोई उचित समझौता नहीं होता है तो चीन पर शुल्क बढ़ाकर उसके 500 अरब डॉलर मूल्य के उत्पादों पर किया जा सकता है. 

  • अमेरिकी निर्यात पर जवाबी शुल्क बिना किसी औचित्य के लगाया गया: अमेरिका

    अमेरिकी निर्यात पर जवाबी शुल्क बिना किसी औचित्य के लगाया गया: अमेरिका

    व्यापार मोर्चे पर अमेरिका और अन्य प्रमुख देशों के बीच खींचतान जारी है. ट्रंप प्रशासन ने कहा कि यूरोपीय संघ, चीन, भारत, तुर्की और अन्य देशों द्वारा अमेरिकी निर्यात पर जवाबी शुल्क अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत "पूरी तरह से औचित्य के बिना अर्थात् बिना किसी वाजिब कारण के" लगाया गया है.

  • भारत, एशिया-प्रशांत देशों से सोयाबीन, अन्य उत्पादों पर आयात शुल्क घटाएगा चीन

    भारत, एशिया-प्रशांत देशों से सोयाबीन, अन्य उत्पादों पर आयात शुल्क घटाएगा चीन

    चीन ने भारत और एशिया-प्रशांत के कुछ चुनिंदा देशों से आयातित सामान पर शुल्क दरें घटाने का फैसला किया है. चीन के केंद्रीय मत्रिमंडल ने आज इसकी घोषणा करते हुए कहा कि यह कटौती एक जुलाई से प्रभावी होगी. चीन के सरकारी मीडिया ने केंद्रीय मंत्रिमंडल ‘स्टेट काउंसिल’ द्वारा किए गए निर्णय के हवाले से कहा कि भारत, दक्षिण कोरिया, बांग्लादेश, लाओस और श्रीलंका से आयात किए जाने वाले सोयाबीन पर शुल्क को मौजूदा तीन प्रतिशत से घटाकर शून्य प्रतिशत किया जाएगा.

  • व्यापार युद्ध : ट्रंप की चीन के 200 अरब डॉलर के सामान पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की योजना

    व्यापार युद्ध : ट्रंप की चीन के 200 अरब डॉलर के सामान पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की योजना

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के साथ व्यापार युद्ध को और तेज कर दिया है. ट्रंप ने चीन के 200 अरब डॉलर के सामान पर 10 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क लगाने की योजना का खुलासा किया है. वहीं चीन ने अमेरिका की इस योजना को ‘ब्लैकमेल’ करार देते हुए कहा है कि वह भी इसके जवाब में कदम उठाने को तैयार है. 

  • डोनाल्ड ट्रंप के इस फैसले से चीन की इकॉनमी में ‘भूचाल’ की संभावना, चीन ने भी दी चेतावनी

    डोनाल्ड ट्रंप के इस फैसले से चीन की इकॉनमी में ‘भूचाल’ की संभावना, चीन ने भी दी चेतावनी

    ट्रंप ने 50 अरब डॉलर के सामान पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा करते हुए कहा कि व्यापार में " अत्यधिक अनुचित " स्थिति को " अब और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता."

  • चीन का रक्षा खर्च भारत से 3.6 गुना अधिक, दुनियाभर में सेना पर खर्च बढ़ा

    चीन का रक्षा खर्च भारत से 3.6 गुना अधिक, दुनियाभर में सेना पर खर्च बढ़ा

    वैश्विक स्तर पर रक्षा खर्च 2017 में बढ़कर 1,739 अरब डॉलर पर पहुंच गया है. भारत और चीन दुनिया में सैन्य खर्च वाले पांच अग्रणी देशों में शामिल हैं और वैश्विक स्तर पर रक्षा खर्च का 60 प्रतिशत इन पांच देशों द्वारा ही किया जा रहा है.  स्वीडन की हथियारों की निगरानी करने वाली स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टिट्यूट (एसआईपीआरआई) की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. एसआईपीआरआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले दो दशक से सैन्य खर्च लगातार बढ़ रहा है.