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Constitutional bench


'Constitutional bench' - 57 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • भोपाल गैस त्रासदी मामला : केंद्र की क्यूरेटिव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ सुनवाई करेगी

    भोपाल गैस त्रासदी मामला : केंद्र की क्यूरेटिव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ सुनवाई करेगी

    भोपाल गैस त्रासदी मामले में केंद्र की क्यूरेटिव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में पांच जजों की संविधान पीठ सुनवाई करेगी. सुनवाई 28 जनवरी से होगी. दरअसल केंद्र सरकार ने 2011 में सुप्रीम कोर्ट में भोपाल गैस त्रासदी पीड़ितों के लिए अतिरिक्त मुआवजे के लिए क्यूरेटिव याचिका दाखिल की थी. केंद्र ने कहा है कि अमेरिका की यूनियन कार्बाइड कंपनी, जो अब डॉव केमिकल्स के स्वामित्व में है, को 7413 करोड़ रुपये का अतिरिक्त मुआवजा देने के निर्देश दिए जाएं. दिसंबर 2010 में दायर याचिका में शीर्ष अदालत के 14 फरवरी, 1989 के फैसले की फिर से जांच करने की मांग की गई है जिसमें 470 मिलियन अमेरिकी डॉलर (750 करोड़ रुपये) का मुआवजा तय किया गया था.

  • जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 खत्म करने के खिलाफ याचिकाओं को बड़ी बेंच को भेजने के मामले में फैसला सुरक्षित

    जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 खत्म करने के खिलाफ याचिकाओं को बड़ी बेंच को भेजने के मामले में फैसला सुरक्षित

    जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में संसद द्वारा अनुच्छेद 370 (Article 370) के प्रावधानों को खत्म करने को चुनौती देने वाली याचिकाओं को बड़ी बेंच के पास भेजने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि मामले को सात जजों की संविधान पीठ के पास भेजा जाए या नहीं. सुप्रीम कोर्ट में पांच जजों की संविधान पीठ ने गुरुवार को मामले की सुनवाई पूरी कर ली. केंद्र सरकार ने 370 के प्रावधान हटाने को सही ठहराया और मामले को सात जजों की पीठ में भेजे जाने का विरोध किया.

  • Ayodhya Case: जौनपुर के रहने वाले हैं जस्टिस अशोक भूषण, जानिए संविधान पीठ में शामिल जजों के बारे में

    Ayodhya Case: जौनपुर के रहने वाले हैं  जस्टिस अशोक भूषण, जानिए संविधान पीठ में शामिल जजों के बारे में

    अयोध्या में राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद के ज़मीन विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई बुधवार को पूरी हो चुकी है. इस पर 17 नंवबर से पहले फ़ैसला सुनाया जा सकता है क्योंकि इसी तारीख को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई रिटायर हो रहे हैं. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई में 5 जजों की संविधान पीठ इस मामले ने लगातार 40 दिन तक सुनवाई की है. इस बेंच में CJI रंजन गोगाई  के अलावा जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस डीवाय चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस  एसए नज़ीर शामिल हैं. यह संविधान पीठ इलाहाबाद हाइकोर्ट के 2010 में दिए गए उस फ़ैसले को  चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई कर रही थी.

  • CJI गोगोई ने कहा- Ayodhya Case पर सुनवाई जारी, Jammu-Kashmir पर सुनवाई के लिए टाइम नहीं

    CJI गोगोई ने कहा- Ayodhya Case पर सुनवाई जारी, Jammu-Kashmir पर सुनवाई के लिए टाइम नहीं

    सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर से जुड़े सभी मामले संविधान पीठ को भेज दिए हैं. इसके अलावा पूर्व सीएम फारुक अब्दुल्ला को नजरबंद किए जाने के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी करने से इनकार किया कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वाइको की याचिका में PSA को चुनौती नहीं दी गई है. इसलिए आप इसे संबंधित कोर्ट में चुनौती दें. इस याचिका पर पिछली सुनवाई में सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. यह याचिका राज्यसभा सांसद वाइको ने दाखिल की थी.

  • भूमि अधिग्रहण मामलों की जल्द सुनवाई के लिए संविधान पीठ के गठन की मांग

    भूमि अधिग्रहण मामलों की जल्द सुनवाई के लिए संविधान पीठ के गठन की मांग

    देश में भूमि अधिग्रहण में सही मुआवजे के मामले में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से जल्द सुनवाई के लिए संविधान पीठ के गठन की मांग की है. SG तुषार मेहता ने कहा कि कई याचिकाएं लंबित हैं जिन पर सुनवाई होनी है. चीफ जस्टिस ने कहा कि वे इस मामले में देखेंगे.

  • अयोध्या विवाद: मुस्लिम पक्षकार के वकील ने उठाए जस्टिस ललित पर सवाल, CJI ने कहा- बनेगी नई बेंच, अगली सुनवाई 29 जनवरी को

    अयोध्या विवाद: मुस्लिम पक्षकार के वकील ने उठाए जस्टिस ललित पर सवाल, CJI ने कहा- बनेगी नई बेंच, अगली सुनवाई 29 जनवरी को

    पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ (Constitution Bench) के सदस्य जस्टिस यूयू ललित (Justice UU Lalit) ने गुरुवार को खुद को सुनवाई से अलग कर लिया. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने एक नई पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई के लिए 29 जनवरी की तारीख तय की. पीठ के बैठते ही मुस्लिम पक्ष की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई (CJI Ranjan Gogoi) की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया कि जस्टिस ललित उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की पैरवी करने के लिए 1994 में अदालत में पेश हुए थे.

  • अयोध्या के राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद केस पर सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ आज करेगी सुनवाई

    अयोध्या के राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद केस पर सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ आज करेगी सुनवाई

    अयोध्या में राम मंदिर और बाबरी मस्जिद के विवाद के केस की सुनवाई गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) की नई संविधान पीठ (Constitution Bench) करेगी. अयोध्या मामले (Ayodhya Case) की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ करेगी. सुनवाई करने वाली संविधान पीठ में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ हैं.

  • अयोध्या मामले में पांच जजों की संविधान पीठ 10 जनवरी को करेगी सुनवाई, सर्कुलर जारी

    अयोध्या मामले में पांच जजों की संविधान पीठ 10 जनवरी को करेगी सुनवाई, सर्कुलर जारी

    अयोध्या मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ करेगी. दस जनवरी को मामले की सुनवाई होगी. सुनवाई करने वाली संविधान पीठ में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ हैं.

  • क्या सबरीमाला मंदिर में सभी महिलाओं को मिलेगी एंट्री? सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ का फैसला आज, 10 बातें

    क्या सबरीमाला मंदिर में सभी महिलाओं को मिलेगी एंट्री? सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ का फैसला आज, 10 बातें

    केरल के सबरीमला मंदिर (Sabarimala Temple Case) में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश के मामले में सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ आज यानी शुक्रवार को फैसला सुनाएगी. फिलहाल 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत नहीं है. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट को केरल के सबरीमाला मंदिर में 10-50 साल की उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर रोक को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाना है. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने आठ दिनों तक सुनवाई करने के उपरांत 1 अगस्त को इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

  • जानें कौन हैं सुप्रीम कोर्ट के वे 5 जज, जिन्होंने आधार की संवैधानिकता पर दिया बड़ा फैसला

    जानें कौन हैं सुप्रीम कोर्ट के वे 5 जज, जिन्होंने आधार की संवैधानिकता पर दिया बड़ा फैसला

    आधार मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अपने फैसले में केन्द्र की महत्वाकांक्षी योजना आधार को संवैधानिक रूप से वैध करार दिया. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने अपने फैसले में कहा कि आधार का लक्ष्य कल्याणकारी योजनाओं को समाज के वंचित तबके तक पहुंचाना है और वह ना सिर्फ व्यक्तिगत बल्कि समुदाय के दृष्टिकोण से भी लोगों के सम्मान का ख्याल रखती है. शीर्ष अदालत ने कहा कि आधार जनहित में बड़ा काम कर रहा है और आधार का मतलब है अनोखा और सर्वश्रेष्ठ होने के मुकाबले अनोखा होना बेहतर है. संविधान पीठ ने अपने फैसले में कहा कि आधार को अब बैंक खाते से लिंक करने की जरूरत नहीं होगा. साथ ही कोर्ट ने कहा कि स्कूलों में भी अब आधार की अनिवार्यता नहीं होगी. 

  • आधार अनिवार्य होगा या सरकार के दावे निराधार? आज हो जाएगा फैसला

    आधार अनिवार्य होगा या सरकार के दावे निराधार? आज हो जाएगा फैसला

    क्या आधार अनिवार्य किया जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ये तय करेगा. आधार की अनिवार्यता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ बुधवार को फैसला सुनाएगी.

  • 1518 दागी नेताओं के भाग्‍य पर आज आ सकता है सुप्रीम कोर्ट का फैसला, जानें कौन है याचिकाकर्ता

    1518 दागी नेताओं के भाग्‍य पर आज आ सकता है सुप्रीम कोर्ट का फैसला, जानें कौन है याचिकाकर्ता

    क़ानून के मुताबिक आपरराधिक मामलों में दो साल से ज़्यादा की सज़ा होने पर जेल से बाहर आने के बाद 6 साल की अयोग्‌यता का प्रावधान है, जबकि करप्शन और NDPS में सिर्फ़ दोषी करार होना काफ़ी है. 

  • आरोप तय होने पर दागी नेता चुनाव लड़ सकेंगे या नहीं? SC का फैसला आज, केन्‍द्र सरकार कर चुकी है विरोध

    आरोप तय होने पर दागी नेता चुनाव लड़ सकेंगे या नहीं? SC का फैसला आज, केन्‍द्र सरकार कर चुकी है विरोध

    सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान केन्‍द्र सरकार ने कहा था कि कोर्ट कानून नहीं बना सकता और अदालत संसद के अधिकारक्षेत्र में प्रवेश नहीं कर सकता. अभी तक के कानून के मुताबिक, आपराधिक मामलों में दो साल से ज्यादा की सजा होने पर जेल से बाहर आने के बाद 6 साल की अयोग्यता का प्रावधान है जबकि करप्शन, एनडीपीएस में सिर्फ दोषी करार होना काफी है.  

  • गंभीर अपराध के आरोपी चुनाव लड़ सकते हैं? आज आ सकता है सुप्रीम कोर्ट का फैसला

    गंभीर अपराध के आरोपी चुनाव लड़ सकते हैं? आज आ सकता है सुप्रीम कोर्ट का फैसला

    सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों का संविधान पीठ मंगलवार को यह फैसला सुना सकता है कि क्या गंभीर अपराध में अदालत द्वारा आरोप तय करने से किसी व्यक्ति को चुनाव लड़ने से अयोग्य करार दिया जा सकता है?

  • अब SC की संविधान पीठ तय करेगी, क्या दाऊदी बोहरा समुदाय में महिलाओं का खतना संवैधानिक है?

    अब SC की संविधान पीठ तय करेगी, क्या दाऊदी बोहरा समुदाय में महिलाओं का खतना संवैधानिक है?

    अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने कहा कि इस मामले को संविधान पीठ को भेजा जाना चाहिए क्योंकि मामला संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा है. 

  • आठ देशों में समलैंगिक संबंध बनाने वालों के लिए मृत्युदंड का प्रावधान

    आठ देशों में समलैंगिक संबंध बनाने वालों के लिए मृत्युदंड का प्रावधान

    सुप्रीम कोर्ट द्वारा समलैंगिक संबंधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने के साथ ही भारत उन 125 अन्य देशों के साथ जुड़ गया, जहां समलैंगिकता वैध है. हालांकि दुनियाभर में अब भी 72 ऐसे देश और क्षेत्र हैं जहां समलैंगिक संबंध को अपराध समझा जाता है. इनमें 45 वे देश भी हैं जहां महिलाओं का आपस में यौन संबंध बनाना गैर कानूनी है.

  • NEWS FLASH: जम्‍मू कश्‍मीर के डीजीपी को हटाया गया, दिलबाग सिंह होंगे नए डीजीपी

    NEWS FLASH: जम्‍मू कश्‍मीर के डीजीपी को हटाया गया, दिलबाग सिंह होंगे नए डीजीपी

    समलैगिंकता को अपराध करार देने वाली भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 377 की वैधता पर सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया, और समलैगिंकता को अपराध के दायरे से बाहर कर दिया.

  • एक राज्य के SC/ST को दूसरे राज्य की नौकरी में इस जाति का आरक्षण नहीं : संविधान पीठ

    एक राज्य के SC/ST को दूसरे राज्य की नौकरी में इस जाति का आरक्षण नहीं : संविधान पीठ

    सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ का आज एक अहम फैसला आया. इसके मुताबिक दिल्ली में सरकारी नौकरी करने वालों को अनुसूचित जाति से संबंधित आरक्षण केंद्रीय सूची के हिसाब से मिलेगा.

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