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Criminal cases


'Criminal cases' - 47 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • क्रिकेटर मनोज प्रभाकर पर ठगी, जालसाजी और आपराधिक साजिश का केस दर्ज

    क्रिकेटर मनोज प्रभाकर पर ठगी, जालसाजी और आपराधिक साजिश का केस दर्ज

    दिल्ली के मालवीय नगर थाने में क्रिकेटर मनोज प्रभाकर, उनकी पत्नी फरहीन प्रभाकर, बेटे और सहयोगी संजीव गोयल को अलावा दो अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. यह मामला ठगी, जालसाज़ी और आपराधिक साजिश का है. मनोज प्रभाकर सहित अन्य आरोपियों पर लंदन में रहने वाली एक बुज़ुर्ग महिला के फ्लैट पर कब्जा करने और धमकी देने का आरोप है. पीड़ित महिला का नाम संध्या शर्मा पंडित है.

  • सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: आपराधिक मामले की जांच के दौरान पुलिस किसी अचल संपत्ति को जब्त नहीं कर सकती

    सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: आपराधिक मामले की जांच के दौरान पुलिस किसी अचल संपत्ति को जब्त नहीं कर सकती

    बॉम्बे उच्च न्यायालय की फुल बेंच ने बहुमत के फैसले में माना था कि जांच के दौरान पुलिस के पास संपत्ति जब्त करने की कोई शक्ति नहीं है. महाराष्ट्र सरकार ने यह कहते हुए इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी कि सर्वोच्च अदालत के तपस नियोगी में फैसले के अनुसार पुलिस बैंक खातों को फ्रीज कर सकती है. उसी तरह पुलिस अपराध से संबंधित संपत्ति जब्त कर सकती है. लेकिन सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट राज्य की इन दलीलों से सहमत नहीं क्योंकि उसका मानना था कि इससे पुलिस द्वारा अपनी शक्ति का दुरुपयोग हो सकता है.

  • NEWS FLASH: World Cup 2019 AUS vs ENG: सेमीफाइनल में इंग्‍लैंड ने ऑस्‍ट्रेलिया को 8 विकेट से दी मात, फाइनल में न्‍यूजीलैंड से होगा मुकाबला

    NEWS FLASH: World Cup 2019 AUS vs ENG: सेमीफाइनल में इंग्‍लैंड ने ऑस्‍ट्रेलिया को 8 विकेट से दी मात, फाइनल में न्‍यूजीलैंड से होगा मुकाबला

    देश-दुनिया की राजनीति, खेल एवं मनोरंजन जगत से जुड़े समाचार इसी एक पेज पर जानें..

  • एडीआर की रिपोर्ट में खुलासा: 15 फीसदी महिला उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले, 36 प्रतिशत करोड़पति

    एडीआर की रिपोर्ट में खुलासा: 15 फीसदी महिला उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले, 36 प्रतिशत करोड़पति

    रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें कांग्रेस की 54 उम्मीदवारों में से 10 (19 फीसदी), भाजपा की 53 में से 13 (25 फीसदी), बसपा की 24 में से 2 (8 फीसदी), तृणमूल की 23 में से 4 (17 फीसदी) और 222 निर्दलीय महिला उम्मीदवारों में से 21 (10 फीसदी) ने अपने हलफनामे में अपने खिलाफ दर्ज गंभीर आपराधिक मामलों की जानकारी दी है.

  • इस बार चुनाव मैदान में आपराधिक मामलों वाले उम्मीदवार सबसे अधिक

    इस बार चुनाव मैदान में आपराधिक मामलों वाले उम्मीदवार सबसे अधिक

    लोकसभा चुनाव इसी हफ्ते खत्म हो रहा है. इस बार के चुनाव में काफी कुछ नया दिखा. हालांकि सबसे हैरान करने वाली बात रही चुनाव मैदान में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले अपराधियों की मौजूदगी, जो अब तक के सभी चुनावों से सबसे ज़्यादा है.

  • लोकसभा चुनाव: पहले फेज में सबसे धनी उम्मीदवार के पास 895 करोड़, 10 कैंडिडेट्स पर हत्या का केस- देखें पूरी लिस्ट

    लोकसभा चुनाव: पहले फेज में सबसे धनी उम्मीदवार के पास 895 करोड़, 10 कैंडिडेट्स पर हत्या का केस- देखें पूरी लिस्ट

    हालांकि एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट के मुताबिक इसकी जानकारी विस्तृत रूप से दी गई है. एडीआर द्वारा मिली जानकारी के अनुसार पहले फेज में सबसे अमीर उम्मीदवार कांग्रेस के केवी रेड्डी हैं, जो...

  • पहले चरण के चुनाव में 17 फीसदी उम्मीदवार दागी, ADR की रिपोर्ट में जानें कांग्रेस और बीजेपी से कितने?

    पहले चरण के चुनाव में 17 फीसदी उम्मीदवार दागी, ADR की रिपोर्ट में जानें कांग्रेस और बीजेपी से कितने?

    Lok Sabha Polls 2019: एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि पहले चरण के चुनाव में 17 फीसदी दागी उम्मीदवार मैदान में हैं.

  • छत्तीसगढ़ में चुने गए 27 फीसदी विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज 

    छत्तीसगढ़ में चुने गए 27 फीसदी विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज 

    उम्मीदवारों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार कांग्रेस के 68 विधायकों में से 19 यानी कुल 28 फीसदी  विधायकों ने अपने खिलाफ अपराध दर्ज होने की जानकारी दी है. वहीं भाजपा के चुने गए 15 विधायकों में तीन यानी कुल 20 फीसदी विधायकों ने अपराध दर्ज होने की जानकारी दी है. जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के पांच विधायकों में से दो विधायकों ने स्वयं के खिलाफआपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी दी है.

  • देवेंद्र फडणवीस की बढ़ी मुश्किलें: सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब, 2014 में चुनावी हलफनामे में छुपाई थी जानकारी

    देवेंद्र फडणवीस की बढ़ी मुश्किलें: सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब, 2014 में चुनावी हलफनामे में छुपाई थी जानकारी

    याचिका में फडणवीस पर साल 2014 के चुनावी हलफनामें में दो आपराधिक केसों की जानकारी छुपाने का आरोप लगा गया है. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को फडणवीस को नोटिस जारी करके, इस याचिका पर जवाब मांगा है. जिन दो केसों की जानकारी छुपाई गई थी, वो दोनों ही नागपुर के हैं. इनमें से एक मानहानि और दूसरा ठगी का केस है. याचिकाकर्ता की ओर से पेश कपिल सिब्बल ने कहा कि इन मामलों में अदालत संज्ञान ले चुकी है. ऐसे में फडनवीस को विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य करार दिया जाना चाहिए.

  • MP-MLAs के खिलाफ लंबित आपराधिक मामले: SC ने कहा- बिहार और केरल हाईकोर्ट हर जिले में बनाए विशेष अदालत, जल्द पूरा करें ट्रायल

    MP-MLAs के खिलाफ लंबित आपराधिक मामले: SC ने कहा- बिहार और केरल हाईकोर्ट हर जिले में बनाए विशेष अदालत, जल्द पूरा करें ट्रायल

    सुप्रीम कोर्ट ने केरल और बिहार हाईकोर्ट से कहा है कि वे अपने क्षेत्र के हर जिले में विशेष सेशन कोर्ट और विशेष मजिस्ट्रेट कोर्ट का गठन करें. इन अदालतों में ये केस दें और अदालतें प्राथमिकता के साथ केसों की सुनवाई करें. कोर्ट पहले पूर्व और मौजूदा सांसद/विधायकों के खिलाफ चल रहे उन 430 आपराधिक मामलों में ट्रायल को जल्द पूरा करें, जिनमें अधिकतम सजा उम्रकैद है. हाईकोर्ट वक्त-वक्त पर इसकी स्टेट्स रिपोर्ट भी सुप्रीम कोर्ट को देंगी. केरल में करीब 312 केस और बिहार मे 304 केस लंबित हैं. हालांकि, यूपी में सबसे ज्यादा 922 केस लंबित हैं. अब सुप्रीम कोर्ट 14 दिसंबर को सुनवाई करेगा.

  • आपराधिक मामलों में स्पीडी ट्रायल: केंद्र को सुप्रीम कोर्ट की फटकार- आप अपना काम नहीं करते, अदालत की आलोचना करते हैं

    आपराधिक मामलों में स्पीडी ट्रायल: केंद्र को सुप्रीम कोर्ट की फटकार- आप अपना काम नहीं करते, अदालत की आलोचना करते हैं

    आपराधिक मामलों में स्पीडी ट्रायल के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाई है और कहा है कि आप अपने लोगों से कहें, अदालत की आलोचना बंद करें क्योंकि सरकार खुद ही अपना काम नहीं कर रही है.

  • बच्चियों का रेप करके उनकी हत्या करने वाला आदतन अपराधी युवक गिरफ्तार

    बच्चियों का रेप करके उनकी हत्या करने वाला आदतन अपराधी युवक गिरफ्तार

    गुरुग्राम पुलिस ने एक पीडोफाइल (बाल यौन शोषण करने वाला) को गिरफ्तार किया है, जो पहले मासूम बच्चियों को अगवा करता था और फिर दुष्कर्म के बाद उनकी हत्या कर देता था. आरोपी ने अब तक ऐसी नौ वारदातें की हैं. हाल ही में गुरुग्राम में एक तीन साल की बच्ची की हत्या और दुष्कर्म के मामले में उसे गिरफ्तार किया गया. इसके बाद उसने ऐसे ही आठ और वारदातें करने की बात कबूली.

  • NEWS FLASH : शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुंबई में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, '25 नवंबर को अयोध्‍या जाउंगा'

    NEWS FLASH : शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुंबई में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, '25 नवंबर को अयोध्‍या जाउंगा'

    पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ एमजे अकबर के आपराधिक मानहानि मामले पर दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई होगी. रमानी ने अकबर पर यौन दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं. एमजे अकबर ने बुधवार को विदेश राज्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया.अकबर के वकील संदीप कपूर के अनुसार अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल इस निजी आपराधिक मानहानि मामले की सुनवाई करेंगे. श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे गुरुवार को तीन दिवसीय दौरे पर भारत आएंगे. विक्रमसिंघे शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कई मुद्दों पर बातचीत करेंगे.

  • MP/MLA का आपराधिक मामला: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा- 11 स्पेशल फास्ट ट्रैक काफी नहीं

    MP/MLA का आपराधिक मामला: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा- 11 स्पेशल फास्ट ट्रैक काफी नहीं

    MP/MLA के आपराधिक मामलों के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट का मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि 11 स्पेशल फास्ट ट्रैक काफी नहीं हैं. कोर्ट ने केंद्र को कहा कि वो तमाम राज्य सरकारों को और फंड मुहैया कराए ताकि अन्य राज्यों में भी फास्ट ट्रैक कोर्ट की संख्या और बढाई जा सके. सुप्रीम कोर्ट ने वकील विजय हंसारिया को केस में एमिक्स क्यूरी नियुक्त किया. वो तमाम राज्यों द्वारा दाखिल हलफनामों से एक चार्ज बनाकर कोर्ट को देंगे. इसमें राज्यों में लंबित मामलों और निपटाए गए मामलों की जानकारी होगी. 

  • लोकतंत्र के 'मंदिर' में बैठे हैं 30 फीसदी दागी सांसद, सबसे ज्यादा BJP नेताओं के दामन हैं दागदार

    लोकतंत्र के 'मंदिर' में बैठे हैं 30 फीसदी दागी सांसद, सबसे ज्यादा BJP नेताओं के दामन हैं दागदार

    देश की सियासत में राजनेताओं और अपराध का 'चोली-दामन' का साथ रहा है. देश में ऐसी कोई भी राजनीतिक पार्टियां नहीं, जो पूरी तरह से अपराध मुक्त छवि की हो. यानी उनके किसी भी एक नेता पर अपराध के मामले दर्ज नहीं हों. यही वजह है कि राजनीति में अपराधीकरण के मामले पर अपने फैसले में भले ही सुप्रीम कोर्ट ने दागी सांसदों, विधायकों को अयोग्य ठहराने से इनकार कर दिया, मगर कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि अब संसद के भीतर कानून बनाना इसकी जरूरत है. दरअसल, राजनीति में अपराधीकरण को लेकर सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ ने मंगलवार को अयोग्य ठहराने से इनकार कर दिया. इस मामले पर फैसला देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वक्त आ गया है कि संसद ये कानून लाए ताकि अपराधी राजनीति से दूर रहें. राष्ट्र तत्परता से संसद द्वारा कानून का इंतजार कर रहा है. कोई ने कहा है कि सिर्फ़ आरोप तय होने से किसी को अयोग्य करार नहीं दिया जा सकता है और बिना सज़ा के चुनाव लड़ने पर रोक नहीं लगाई जा सकती है. साथ ही कोर्ट ने सभी राजनीतिक दलों को चुनाव लड़ रहे उनके जिन उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, उनकी जानकारी वेबसाइटों और इलेक्ट्रॉनिक व प्रिंट, दोनों मीडिया में सार्वजनिक करने के निर्देश दिए. 

  • बिहार में सांसद-विधायकों के खिलाफ सबसे ज्यादा आपराधिक मामले, केंद्र ने SC को दी जानकारी

    बिहार में सांसद-विधायकों के खिलाफ सबसे ज्यादा आपराधिक मामले, केंद्र ने SC को दी जानकारी

    MP और MLA के खिलाफ फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यूपी और तमिलनाडु समेत जिन राज्यों ने स्पेशल कोर्ट गठन और केसों को लेकर जानकारी नही दी है उन राज्यों के मुख्य सचिव और हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार हलफ़नामा दायर कर जानकारी दें. हलफनामे में केंद्र ने कोर्ट को बताया कि अभी तक दिल्ली समेत 11 राज्यों से मिले आंकडों के मुताबिक फिलहाल MP-MLA के खिलाफ 1233 केस इन 12 स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रांसफर किए गए हैं.

  • केंद्र को SC की फटकार: हमने MP-MLA के आपराधिक रिकॉर्डों का ब्योरा मांगा, आपने कागज का टुकड़ा थमा दिया

    केंद्र को SC की फटकार: हमने MP-MLA के आपराधिक रिकॉर्डों का ब्योरा मांगा, आपने कागज का टुकड़ा थमा दिया

    सासंदों और विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के मामले में केंद्र सरकार के हलफनामे पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है. मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि आप नवंबर के आदेश को पढ़िये हमने आपसे क्या मांगा था? 1 नवंबर 2017 से अभी तक वो जानकारी नहीं आई जो हमनें मांगी थी. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को कहा कि जो हमें दिया गया है वो कागज का एक टुकड़ा है. 

  • सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित आपराधिक मुकदमों का एक साल के भीतर हो निपटारा: सुप्रीम कोर्ट

    सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित आपराधिक मुकदमों का एक साल के भीतर हो निपटारा: सुप्रीम कोर्ट

    दागी सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित आपराधिक मुकदमों को जल्द निपटाने के लिए विशेष अदालतों के गठन की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि ये अंत नहीं शुरुआत है. जब कोर्ट शुरु होंगी और ऐसे मामलों के आंकडे आएंगे तब कोर्ट जरूरत के हिसाब से आदेश जारी करेगी. इससे पहले केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा है कि दागी सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित आपराधिक मुकदमों को जल्द निपटने के लिए विशेष अदालतों का गठन किया जाएगा.

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