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Dharmendra singh


'Dharmendra singh' - 83 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • धर्मेंद्र ने फिर शेयर किया अपने खेत का वीडियो, बोले- अच्छा कर रहा हूं न दोस्तों

    धर्मेंद्र ने फिर शेयर किया अपने खेत का वीडियो, बोले- अच्छा कर रहा हूं न दोस्तों

    धर्मेंद्र  (Dharmendra)  ने फिर से एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वो गाड़ी चलाते हुए अपने खेत की तरफ इशारा कर रहे हैं और कह रहे हैं खेत तैयार हो गया है दोस्तों अच्छा कर रहा हूं ना.

  • हेमा मालिनी की खातिर धर्मेंद्र करने जा रहे हैं ये काम, ड्रीमगर्ल ने खुद किया ऐलान...

    हेमा मालिनी की खातिर धर्मेंद्र करने जा रहे हैं ये काम, ड्रीमगर्ल ने खुद किया ऐलान...

    हेमा मालिनी  (Hema Malini) ने ट्वीट कर लिखा: "आज का दिन मेरे लिए बहुत खास है. धरमजी (Dharmendra) आज मथुरा में रहेंगे और मेरे पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगे. जनता उनकी एक झलक पाने के लिए बेताब हो रही है और वह यह सुनना चाहती है कि वो इस दौरान क्या कहेंगे. चुनाव प्रचार के लिए निकलने से ठीक पहले मथुरा में मेरे घर में ली गई एक तस्वीर."

  • धर्मेंद्र के फॉर्म हाउस में उगे विदेशी फल, बोले- बॉबी ने लगाया था...देखें Video

    धर्मेंद्र के फॉर्म हाउस में उगे विदेशी फल, बोले- बॉबी ने लगाया था...देखें Video

    धर्मेंद्र (Dharmendra) ने इस वीडियो में लोगों को बता रहे हैं कि इस बार उनके खेत में विदेशी फल उगे हैं और इसे बॉबी देओल (Bobby Deol) ने लगाया था. इस विदेशी फल का नाम है एवाकाडो (Avocado) है.

  • सन्नी देओल ने मम्मी प्रकाश कौर के साथ शेयर की तस्वीर, मिनटों में हो गई Viral

    सन्नी देओल ने मम्मी प्रकाश कौर के साथ शेयर की तस्वीर, मिनटों में हो गई Viral

    सन्नी देओल और उनकी मां मां प्रकाश कौर की यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. बहुत कम ही ऐसा मौका आता है जब सन्नी देओल (Sunny Deol)अपनी  प्रकाश कौर (Prakash Kaur) के साथ कोई तस्वीर शेयर करते हैं.

  • हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र को रोमांटिक अंदाज में किया बर्थडे विश, लिखा- मेरी बेटियों के पिता...

    हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र को रोमांटिक अंदाज में किया बर्थडे विश, लिखा- मेरी बेटियों के पिता...

    Dharmendra Birthday: धर्मेंद्र (Dharmendra) का जन्म 8 दिसंबर, 1983 को पंजाब के लुधियाना जिले के नसराली गांव में हुआ था. धर्मेंद्र का असली नाम धरम सिंह देओल है. धर्मेंद्र का बचपन साहनेवाल में गुजरा और उन्होंने लुधियाना के सरकारी स्कूल से पढ़ाई की.

  • NDTV Exclusive: अभिनेता धर्मेंद्र का बॉक्‍सर अमित पांघल को जवाब, 'मैं आपसे मिलने को बेताब'

    NDTV Exclusive: अभिनेता धर्मेंद्र का बॉक्‍सर अमित पांघल को जवाब, 'मैं आपसे मिलने को बेताब'

    NDTV ने बॉलीवुड सुपरस्टार धर्मेंद्र से अमित पर उनकी प्रतिक्रिया जाननी चाही. धर्मेंद्र ज़ाहिर तौर पर बेहद खुश हैं. उन्होंने कहा, "मैं फ़िल्मों में हीरो रहा. लेकिन अमित जैसे खिलाड़ी भारत के असली हीरो हैं." उन्होंने बताया कि उन्‍होंने पहले ही अमित के लिए ट्वीट कर उन्हें बधाई दे दी है.

  • बिहार : प्राइवेट अस्पताल में आंख का ऑपरेशन कराने गई महिला को पानी की जगह दे दिया तेजाब, मौत

    बिहार : प्राइवेट अस्पताल में आंख का ऑपरेशन कराने गई महिला को पानी की जगह दे दिया तेजाब, मौत

    मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती एक महिला को अस्पताल के कर्मचारी ने दवा खाने के लिए गलती से पानी की जगह तेजाब दे दिया, जिसके कारण महिला की मौत हो गई. वैशाली जिले के गोरौल पुलिस थाना अंतर्गत एक गांव की रहने वाली श्यामली देवी (60) का बीती शाम मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा पुलिस थाना अंतर्गत इस अस्पताल में आंख का ऑपरेशन हुआ था.

  • कुंवर नारायण : समय होगा, हम अचानक बीत जाएंगे

    कुंवर नारायण : समय होगा, हम अचानक बीत जाएंगे

    कुंवर नारायण को यह पता था- 'घर रहेंगे, हमीं उनमें रह न पाएंगे/ समय होगा,हम अचानक बीत जाएंगे/ अनर्गल जिंदगी ढोते किसी दिन हम/ एक आशय तक पहुंच सहसा बहुत थक जाएंगे..

  • उत्तर प्रदेश पुलिस और देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू

    उत्तर प्रदेश पुलिस और देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू

    देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के व्यक्तित्व में वैचारिक स्पष्टता एक ऐसी चीज थी जो उन्हें अपनी समकालीन राजनैतिक पीढ़ी में प्रबुद्ध रूप से अलग करती थी. उत्तर प्रदेश से उनका लगाव एक सुविदित तथ्य है. उत्तर प्रदेश पुलिस से भी नेहरू जी का गहरा लगाव था.

  • मैं और मेरा प्रिय रंग

    मैं और मेरा प्रिय रंग

    रंगों का प्रबल आकर्षण मनुष्य के लिए कितनी सहज परिघटना है. उसकी सौन्दर्यानुभूति का स्थूल प्रकटन रंगों में उसकी रुचि से अभिन्न है. हर रंग एक मनोदशा है. आशा-निराशा, उल्लास-अवसाद, पराक्रम-पराजय, करुणा-क्रूरता, राग-विराग, सबका एक रंग है. प्रेम में होना दरसअल किसी रंग में होना है. घृणा और युयुत्सा में होना भी किसी रंग में होना है. शायद तभी कलाविदों ने अभिव्यक्ति के अभिनय-रूप को रंगमंच कहा होगा.

  • दुष्यंत कुमार की स्मृति में : साधारण जन-जीवन की असाधारण शायरी

    दुष्यंत कुमार की स्मृति में : साधारण जन-जीवन की असाधारण शायरी

    दुष्यंत की गजलों और कविताओं में भारतीय समाज की अभाव-वेदना और दुर्बल वर्गों की निरुपायता के इतने 'मंजर' भरे पड़े हैं कि लगता है कि खुद दुष्यंत कुमार ने अपने दौर को उन्हीं की नजरों से जिया था. यही कारण है कि सरल हिंदी में कलमबद्ध उनकी गजलें हर उस व्यक्ति और समूह के लिए नारों में तब्दील हो गईं जो परिवर्तनकामी था. अपने परिवेश की बुनियाद को हिलाने की आरजू लिए था.

  • केपीएस गिल को एक आईपीएस अफसर की श्रद्धांजलि...

    केपीएस गिल को एक आईपीएस अफसर की श्रद्धांजलि...

    गिल सर को अक्सर उन घटनाओं के परिप्रेक्ष्य में याद किया जाता है, जिन्होंने एक दौर में पंजाब की धरती को लहूलुहान कर दिया था. यह सही भी है.

  • बाणभट्ट के सरकारी मुलाज़िम.....

    बाणभट्ट के सरकारी मुलाज़िम.....

    बाणभट्ट ने अपने दौर के सरकारी मुलाजिमों पर जो कटाक्ष किया है वह भारतीय साहित्य में ही नहीं, किसी भी युग में उस तीखेपन के साथ अन्यत्र भाषाओं में भी नहीं मिलता.

  • अकीरा कुरोसावा की फिल्‍म 'इकीरू' जो सिखाती है नौकरशाह होने का मतलब

    अकीरा कुरोसावा की फिल्‍म 'इकीरू' जो सिखाती है नौकरशाह होने का मतलब

    'इकीरू' सिनेमा मात्र नहीं है. लगा कि कोई पाठशाला है जहां बैठकर बहुत कुछ पाया जा सकता है. सिनेमा के फॉर्मेट में इस पाठशाला को अकीरा कुरोसावा ने 1952 में बनाया था. जापान के इस महान फिल्मकार ने पर्दे पर जिस संवेदनशील कथ्य को गढ़ा है, वह जापानी समाज और सत्ता तंत्र के शीर्ष पे बैठे हुए एक बड़े ओहदे के नौकरशाह के जीवन-उद्देश्य के पुनराविष्कार की करुण-कथा है.

  • चुनौती देती है 'आरा की अनारकली' - लहंगा भी मेरा, देह भी, 'बिलौज' भी मेरा, हाथ रखने देने का हक भी...

    चुनौती देती है 'आरा की अनारकली' - लहंगा भी मेरा, देह भी, 'बिलौज' भी मेरा, हाथ रखने देने का हक भी...

    'आरा की अनारकली' तो क्या, आरी है, जिसकी अपनी भाषा है, परिवेश है, जीविका है, रंगीला नौटंकी कंपनी है. पूरा साज़-बाज है. गाती है, बजाती है, गालियां खाती है, और गरियाती भी है. अपनी मर्ज़ी की अनारकली है... 'आरा की अनारकली' सत्ताओं के आसपास घूमती है, लेकिन अनारकली ही बने रहना चाहती है. अपनी मर्ज़ी से... अपनी देह के साथ...

  • प्रधानमंत्री की 'गरीबी' टिप्पणी को लेकर ओडिशा विधानसभा में हंगामा

    प्रधानमंत्री की 'गरीबी' टिप्पणी को लेकर ओडिशा विधानसभा में हंगामा

    शनिवार को ओडिशा विधानसभा में प्रधानमंत्री की 'गरीबी' टिप्पणी को लेकर हंगामा हुआ और स्पीकर को पूरे दिन के लिए विधानसभा को स्थगित करना पड़ा. दरअसल बात यह है कि शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओडिशा को गरीब राज्य बताया था. उत्तर प्रदेश में एक रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था, 'अभी ओडिशा में चुनाव हुआ, वहां गरीबी इतनी है कि अगर हिंदुस्तान के सबसे गरीब ज़िले खोजने हैं तो वे ओडिशा में मिलते हैं, भुखमरी की चर्चा होती है तो लोग ओडिशा का उदाहरण देते हैं.

  • वैलेंटाइन-डे से घबराया हुआ मेरा समाज और भारतीय सौंदर्य बोध...

    वैलेंटाइन-डे से घबराया हुआ मेरा समाज और भारतीय सौंदर्य बोध...

    आज वैलेंटाइन डे है. इसके पक्ष या विपक्ष में लिखने का मेरा कोई उद्देश्य नहीं है. न इसके औचित्य और अनौचित्य पर कोई निर्णायक टिप्पणी करने की मंशा है. इतिहास का छोटा मोटा विद्यार्थी रहे होने की वज़ह से मन को रोकना मुश्किल होता है. मैं बिना किसी पर कोई निर्णय दिए चुपचाप अपने इसी समाज को टटोलना चाहता हूं. वैलेंटाइन डे से घबराया हुआ मेरा यह समाज ऐसे उत्सवों के प्रति क्या सदा से अनुदार रहा है? क्या यह इतना 'बंद' समाज रहा है जहां कभी भी युवा-युवतियों को खुलकर मिलने जुलने और प्रेम अभिव्यक्ति करने के मौके नहीं उपलब्ध थे...

  • वसंत आता नहीं, ले आया जाता है...जो चाहे- जब चाहे अपने पर ले आ सकता है…

    वसंत आता नहीं, ले आया जाता है...जो चाहे- जब चाहे अपने पर ले आ सकता है…

    जैसे कालिदास के युग की वासंतिक हवा आम के बौर हिला धमाचौकड़ी मचाती थी. नटखट और शैतान बच्चे की तरह. ठीक उसी तरह वह आज के कवि के यहां भी आम और महुआ के पेड़ों पर चढ़कर थपाथप मचाती है - कितना अदभुत साम्य है...!