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Economic growth


'Economic growth' - 190 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • हमारे पास आर्थिक वृद्धि दर बढ़ाने के लिए ब्याज दर के अलावा और भी हैं उपाय: शक्तिकांत दास

    हमारे पास आर्थिक वृद्धि दर बढ़ाने के लिए ब्याज दर के अलावा और भी हैं उपाय: शक्तिकांत दास

    रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने लगातार दूसरी मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर स्थिर रखने के बाद गुरुवार को कहा कि आर्थिक वृद्धि दर की गति बढ़ाने के लिये मुख्य ब्याज दर में घट बढ़ करने के अलावा और भी कई अन्य उपाय हैं.

  • RBI ने 2020-21 में आर्थिक वृद्धि दर छह प्रतिशत रहने का जताया अनुमान

    RBI ने  2020-21 में आर्थिक वृद्धि दर छह प्रतिशत रहने का जताया अनुमान

    संसद में 31 जनवरी को पेश आर्थिक समीक्षा में 2020-21 में आर्थिक वृद्धि दर छह से 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है. रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में यहां हुई तीन दिवसीय बैठक के बाद मौद्रिक नीति समिति ने पाया कि अर्थव्यवस्था में नरमी अभी भी बरकरार है और आर्थिक वृद्धि की गति क्षमता से कमजोर बनी हुई है.

  • आर्थिक सर्वे : नए वित्तीय साल में जीडीपी की विकास दर 6 से 6.5 फीसदी रहने की उम्मीद

    आर्थिक सर्वे : नए वित्तीय साल में जीडीपी की विकास दर 6 से 6.5 फीसदी रहने की उम्मीद

    आर्थिक सर्वे 2019-20 नए वित्तीय साल में जीडीपी की विकास दर बढ़कर 6% से 6.5% रहने की उम्मीद जताई गई है. सर्वें में 2019-20 के वित्तीय वर्ष की आख़िरी दो तिमाही में अर्थव्यवस्था के पटरी पर लौटने की उम्मीद जताई गई है. हालांकि 2019-20 में विकास दर घटकर सिर्फ 5% रहने की उम्मीद है.

  • आखिर, असदुद्दीन ओवैसी ने क्यों बोला, 'माशाअल्लाह मोदी है तो हर नामुमकिन-मुमकिन है'

    आखिर, असदुद्दीन ओवैसी ने क्यों बोला, 'माशाअल्लाह मोदी है तो हर नामुमकिन-मुमकिन है'

    आईएमएफ के ताजा अनुमान के अनुसार 2019 में वैश्विक वृद्धि दर 2.9 प्रतिशत रहेगी. जबकि 2020 में इसमें थोड़ा सुधार आयेगा और यह 3.3 प्रतिशत पर पहुंच जायेगी. उसके बाद 2021 में 3.4 प्रतिशत रहेगी. इससे पहले आईएमएफ ने पिछले साल अक्टूबर में वैश्विक वृद्धि का अनुमान जारी किया था.

  • संयुक्त राष्ट्र ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 5.7 प्रतिशत किया

    संयुक्त राष्ट्र ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 5.7 प्रतिशत किया

    संयुक्त राष्ट्र ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में 5.7 प्रतिशत रह सकती है. यह वैश्विक निकाय के पूर्व के अनुमान से कम है.

  • विश्वबैंक ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2019-20 में 5 प्रतिशत रहने का जताया अनुमान

    विश्वबैंक ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2019-20 में 5 प्रतिशत रहने का जताया अनुमान

    विश्वबैंक ने 2019-20 में भारत की आर्थिक वृद्धि की रफ्तार कम होकर पांच प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया है. हालांकि, उसने कहा है कि अगले साल 2020- 21 में आर्थिक वृद्धि दर सुधरकर 5.8 प्रतिशत पर पहुंच सकती है.

  • आठ प्रतिशत GDP वृद्धि के लिए श्रम उत्पादकता बढ़ाने की जरूरत: इंडिया रेटिंग्स

    आठ प्रतिशत GDP वृद्धि के लिए श्रम उत्पादकता बढ़ाने की जरूरत: इंडिया रेटिंग्स

    रेटिंग एजेंसी के मुताबिक , आर्थिक नरमी को देखते हुए निकट भविष्य में इसके हासिल होने की संभावना नहीं है. हालांकि , यह असंभव काम नहीं है. एजेंसी ने कहा," श्रम उत्पादकता में वृद्धि के इस स्तर को पहले हासिल किया जा चुका है . अन्य देशों की तरह भारत की श्रम उत्पादकता वृद्धि में भी 2008 के वित्तीय संकट के बाद खासकर 2010-11 और 2014-15 में दबाव आया है.

  • डॉ. प्रणय रॉय से बोले पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमणियन- 'अर्थव्यवस्था की यह सुस्ती मामूली नहीं'

    डॉ. प्रणय रॉय से बोले पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमणियन- 'अर्थव्यवस्था की यह सुस्ती मामूली नहीं'

    केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमणियन (Arvind Subramanian) ने NDTV के डॉ. प्रणय रॉय से देश की अर्थव्यवस्था में सुस्ती को लेकर खास बातचीत की. बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि ''अर्थव्यवस्था की सुस्ती मामूली' नहीं है.

  • सरकार आर्थिक वृद्धि में तेजी लाने के लिये मांग बढ़ाने पर ध्यान दे रही है: मुख्य आर्थिक सलाहकार

    सरकार आर्थिक वृद्धि में तेजी लाने के लिये मांग बढ़ाने पर ध्यान दे रही है: मुख्य आर्थिक सलाहकार

    मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा कि अर्थव्यवस्था को गति देने के लिये बजट में निर्धारित 3.38 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय में से 66 प्रतिशत का उपयोग किया जा चुका है. रेल और सड़क मंत्रालयों ने 31 दिसंबर तक 2.46 लाख करोड़ रुपये का पूंजी व्यय किया है

  • ADB ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 5.1 प्रतिशत किया

    ADB ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 5.1 प्रतिशत किया

    एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने 2019-20 के लिये भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 6.5 प्रतिशत से घटाकर बुधवार को 5.1 प्रतिशत कर दिया. एडीबी ने सितंबर में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2019-20 के लिये 6.5 प्रतिशत और उसके बाद 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया था.

  • भारत की आर्थिक विकास दर रहेगी 5.1 प्रतिशत के करीब, क्रिसिल का अनुमान

    भारत की आर्थिक विकास दर रहेगी 5.1 प्रतिशत के करीब, क्रिसिल का अनुमान

    रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति समिति (MPCC) की मौद्रिक नीति समीक्षा के लिये 3-5 दिसंबर को बैठक होगी. क्रिसिल का यह अनुमान जापान की ब्रोकरेज कंपनी नोमुरा के 4.7 प्रतिशत अनुमान के बाद सबसे कम है. रेटिंग एजेंसी ने जीडीपी वृद्धि का आंकड़ा आने के कुछ दिन बाद ही यह अनुमान जताया है.

  • आर्थिक वृद्धि दर को रफ्तार देने के लिए RBI छठी बार नीतिगत दर में कर सकता है कटौती

    आर्थिक वृद्धि दर को रफ्तार देने के लिए RBI छठी बार नीतिगत दर में कर सकता है कटौती

    इस समय रेपो दर 5.15 प्रतिशत है. एक बैंकर ने पहचान उजागर नहीं करते हुए बताया कि आरबीआई गवर्नर ने पिछले दिनों कहा था कि जब तक आर्थिक वृद्धि में सुधार नहीं होता तब तक ब्याज दरों में कटौती की जाएगी.

  • बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर जुलाई में सुस्त पड़कर 2.1 प्रतिशत पर पहुंची

    बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर जुलाई में सुस्त पड़कर 2.1 प्रतिशत पर पहुंची

    आठ बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर जुलाई में घटकर 2.1 प्रतिशत पर आ गई है. सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है. जुलाई, 2018 में बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत रही थी.

  • डिजिटल अर्थव्यवस्था का अराजक विस्तार और आर्थिक मंदी

    डिजिटल अर्थव्यवस्था का अराजक विस्तार और आर्थिक मंदी

    कई साल पहले दिल्ली में अनेक शॉपिंग मॉल तो बन गए, पर उनमें दुकानदारों और ग्राहकों की भारी कमी थी. मॉल के बिल्डरों की शक्तिशाली लॉबी ने राजनेताओं और जजों के बच्चों को अपना पार्टनर बना लिया. उसके बाद अदालती फैसले के नाम पर दिल्ली में सीलिंग का सिलसिला शुरू हो गया. तीर निशाने पर लगा और मॉल्स में दुकानदार और ग्राहक दोनों आ गए. अब वक्त बदल गया है. देश के असंगठित क्षेत्र और छोटे उद्योगों के सामने डिजिटल कंपनियों की पावरफुल लॉबी है.

  • क्या मीडिया 5 प्रतिशत जीडीपी की सच्चाई छिपा रहा है?

    क्या मीडिया 5 प्रतिशत जीडीपी की सच्चाई छिपा रहा है?

    सड़क पर बेरोज़गारों की फौज पुकार रही है कि काम नहीं है, दुकानदारों की फौज कह रही है कि मांग रही है और उद्योग जगत की फौज पुकार रही है कि न पूंजी है, न मांग है और न काम है. नेशनल स्टैस्टिकल ऑफिस के आंकड़ों ने बता दिया कि स्थिति बेहद ख़राब है. छह साल में भारत की जीडीपी इतना नीचे नहीं आई थी. तिमाही के हिसाब से 25 तिमाही में यह सबसे ख़राब रिपोर्ट है.

  • आर्थिक मोर्चे पर लगातार लुढ़कती सरकार को क्यों चाहिए कश्मीर कश्मीर

    आर्थिक मोर्चे पर लगातार लुढ़कती सरकार को क्यों चाहिए कश्मीर कश्मीर

    यह ज़रूरत है कि मोदी सरकार राजनीतिक रूप से भयंकर सफल सरकार है इसलिए भी आप इस सरकार को हर वक्त राजनीति करते देखेंगे. यह कहते भी सुनेंगे कि वह राजनीति नहीं करती है. कश्मीर उसके लिए ढाल बन गया है. इस तरह के विश्लेषण लिखते लिखते साढ़े पांच साल गुज़र गए.

  • नरेंद्र मोदी सरकार को RBI से मिलेगा 1.76 लाख करोड़ रुपये का पेआउट : 10 खास बातें

    नरेंद्र मोदी सरकार को RBI से मिलेगा 1.76 लाख करोड़ रुपये का पेआउट : 10 खास बातें

    भारतीय रिज़र्व बैंक, यानी रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने पूर्व अध्यक्ष बिमल जालान की अध्यक्षता वाली एक विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों को मानते हुए सोमवार को अपने सरप्लस तथा रिज़र्व भंडार में से 1.76 लाख करोड़ रुपये केंद्र सरकार को दिए जाने को मंज़ूरी दे दी. इस रिकॉर्ड ट्रांसफर, जिसमें वर्ष 2018-19 के लिए 1.23 लाख करोड़ रुपये का सरप्लस शामिल है, से सरकार की वित्तीय स्थिति ऐसे समय में मज़बूत हो पाएगी, जब वह लगभग पांच साल में सबसे कम आर्थिक वृद्धि का सामना कर रही है और लगभग हर क्षेत्र में लाखों नौकरियां खत्म हो जाने की आशंका सिर पर झूल रही है. इसके अलावा, इस भुगतान की मदद से सरकार वित्तीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 3.3 फीसदी तक सीमित रखने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को भी पूरा कर पाएगी. अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इस भुगतान से सरकार को कर राजस्व में कमी से निपटने में भी मदद मिलेगी, और वह अपने बढ़े खर्चों के लिए भी राशि जुटा पाएगी.

  • मौजूदा आर्थिक मंदी 'अभूतपूर्व स्थिति', 70 साल में कभी ऐसा नहीं हुआ : नीति आयोग उपाध्यक्ष

    मौजूदा आर्थिक मंदी 'अभूतपूर्व स्थिति', 70 साल में कभी ऐसा नहीं हुआ : नीति आयोग उपाध्यक्ष

    देश के शीर्ष अर्थशास्त्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब देश की अर्थव्यवस्था पिछले पांच साल के दौरान वृद्धि की सबसे खराब गति को निहार रही है. राजीव कुमार ने कहा, "सरकार बिल्कुल समझती है कि समस्या वित्तीय क्षेत्र में है... तरलता (लिक्विडिटी) इस वक्त दिवालियापन में तब्दील हो रही है... इसलिए आपको इसे रोकना ही होगा..."

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