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  • टैक्स सिस्टम को लेकर मोदी सरकार का बड़ा कदम : 6 प्वाइंट में समझें, क्या है Faceless Tax Scheme

    टैक्स सिस्टम को लेकर मोदी सरकार का बड़ा कदम : 6 प्वाइंट में समझें, क्या है Faceless Tax Scheme

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को देश में टैक्स सुधारों को लेकर कुछ नई घोषणाएं की हैं. उन्होंने देश में पहली बार टैक्सपेयर्स चार्टर जारी किया है. ईमानदार टैक्सपैयर्स यानी करदाताओं के लिए एक नए मंच 'Transparent Taxation- Honoring the Honest' यानी 'पारदर्शी कराधान- ईमानदार का सम्मान' का उद्घाटन किया है.पीएम मोदी ने नया चार्टर जारी करने की घोषणा करते हुए कहा कि भारत इस प्रकार का चार्टर अपनाने वाले दुनिया के कुछ गिने चुने देशों में आ गया है. इसके साथ ही उन्होंने नई फेसलेस असेसमेंट स्कीम की भी घोषणा की है. इस नई योजना के तहत टैक्सपेयर्स को टैक्सेशन के पूरे प्रोसेस में बड़ी राहत दी गई है. इसके तहत नो-ह्यूमन कॉन्टैक्ट को बढ़ावा दिया जा रहा है.

  • राजस्थान कांग्रेस के लिए बड़ा दिन, MLA बैठक के बीच BSP MLAs की याचिका पर कोर्ट में सुनवाई - 10 बड़ी बातें

    राजस्थान कांग्रेस के लिए बड़ा दिन, MLA बैठक के बीच BSP MLAs की याचिका पर कोर्ट में सुनवाई - 10 बड़ी बातें

    राजस्थान कांग्रेस (Rajasthan Congress) के लिए गुरुवार का दिन काफी बड़ा है. महीने भर चली सियासी उठापटक के बाद मामला शांत हो गया है और शुक्रवार को कांग्रेस-बीजेपी दोनों विधायकों की बैठक कर रहे हैं. शुक्रवार से राजस्थान विधानसभा सत्र की शुरुआत हो रही है, ऐसे में अशोक गहलोत को विश्वास मत पेश करना पड़ सकता है. इसके अलावा गहलोत की चिंता में सुप्रीम कोर्ट और राजस्थान हाईकोर्ट में आज होने वाली एक सुनवाई भी शामिल होगी. सुप्रीम कोर्ट और राजस्थान हाईकोर्ट में आज कांग्रेस में बीएसपी विधायकों के विलय पर (BSP MLAs merger in congress) सुनवाई होनी है. इस मामले इस विलय को अवैध घोषित किए जाने की मांग वाली याचिका डाली गई है. अगर आज फैसला आता है और गहलोत को अपने समर्थन के छह विधायकों से हाथ धोना पड़ सकता है.

  • राजस्‍थान: राहुल गांधी की सचिन पायलट से भेंट के बाद बन गई बिगड़ी बात, अब 'ऑल इज वेल!', 10 बातें

    राजस्‍थान: राहुल गांधी की सचिन पायलट से भेंट के बाद बन गई बिगड़ी बात, अब 'ऑल इज वेल!', 10 बातें

    राजस्‍थान में करीब एक माह से चल रहे सियासी संकट का समाधान निकलने से कांग्रेस ने राहत की सांस ली है. पूर्व कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी की बागी तेवर अख्तियार किए हुए सचिन पायलट के साथ चर्चा के बाद पूरी तरह से बिगड़ती लग रही बात बन गई और पूर्व उपमुख्‍यमंत्री की ससम्‍मान 'घरवापसी' का रास्‍ता साफ हुआ. इसके घटनाक्रम के साथ ही अशोक गहलोत की सरकार पर मंडरा संकट टल गया और राजस्‍थान में सियासी उलटफेर की उम्‍मीद लगा रही बीजेपी की उम्‍मीदों पर पानी फिर गया.

  • राजस्थान : खत्म नहीं हुई खटास, सचिन पायलट की 'घर वापसी' के बाद अब अशोक गहलोत खेमा नाराज, 10 बड़ी बातें

    राजस्थान : खत्म नहीं हुई खटास, सचिन पायलट की 'घर वापसी' के बाद अब अशोक गहलोत खेमा नाराज, 10 बड़ी बातें

    कांग्रेस आलाकमान के दखल के बाद राजस्थान का सियासी घमासान (Rajasthan Political Crisis) तो सुलझ गया लेकिन कांग्रेस के विधायकों की नाराजगी अभी बरकरार है. मंगलवार को जैसलमेर में गहलोत समर्थक विधायकों (Gehlot Camp MLA) की मीटिंग में इसका नजारा देखने को मिला. ऐसे में आज का दिन कांग्रेस के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. पायलट और गहलोत खेमे के विधायक आज विधायक दल (CLP) की बैठक में आमने सामने होंगे.ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस बैठक में हंगामा होता है या फिर गिले शिकवे मिटाकर गहलोत और पायलट एक दूसरे को गले लगाते हैं. वहीं इससे पहले कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मंगलवार को कहा था कि उन्होंने पार्टी से किसी पद की मांग नहीं की है लेकिन वह चाहते हैं कि उनके साथ आवाज उठाने वाले विधायकों के खिलाफ कोई द्वेषपूर्ण कार्रवाई नहीं हो. अपने बगावती व्यवहार से राज्य की राजनीति में घमासान मचाने के बीच लगभग एक महीने बाद जयपुर लौटे पायलट ने उम्मीद जताई कि पार्टी आलाकमान द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति जल्द ही अपना काम शुरू करेगी.

  • 'स्वागत है सचिन' : कांग्रेस में 'खुशी की लहर', 8 प्वाइंट में पढ़ें किसने क्या कहा

    'स्वागत है सचिन' : कांग्रेस में 'खुशी की लहर', 8 प्वाइंट में पढ़ें किसने क्या कहा

    राजस्थान में सरकार बचाने की जद्दोजहद से जूझ रही कांग्रेस के लिए सोमवार को राहत भरा दिन लेकर आया. शाम करीब 3 और चार बजे के करीब खबर आई कि सचिन पायलट, कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात करने वाले हैं. हालांकि इस खबर की पुष्टि नहीं हुई थी और पायलट खेमा इस बात से इनकार कर रहा था. लेकिन थोड़ी देर बाद फिर खबर आई है कि सचिन पायलट से राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात कर रहे हैं. इसके बाद फिर खबर आई कि सचिन पायलट को मना लिया गया है. इसके बाद तो मानों कांग्रेस में खुशी की लहर दौड़ पड़ी. वहीं सचिन पायलट ने कहा कि यह एक वैचारिक मुद्दा था. उन्होंने प्रियंका गांधी को उनकी बात सुनने के लिए धन्यवाद भी कहा. पायलट ने आगे, 'मैं शुरू से ही कह रहा हूं कि सभी चीजों का आधार सैद्धांतिक है. मैंने हमेशा यही सोचा कि पार्टी हित में इस मुद्दे को उठाना जरूरी है'. इसके बाद देर रात किए गए एक ट्वीट में सचिन पायलट ने लिखा, 'मैं सोनिया गांधी जी, राहुल गांधी जी, प्रियंका गांधी जी और कांग्रेस नेताओं को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने हमारी समस्याओं को सुना है. मैं अच्छे भारत के लिए सदा काम करता रहूंगा साथ ही मैं अपने विश्वास के साथ दृढ़निश्चय के साथ राजस्थान के लोगों से उनसे किए गए वादों को निभाने और लोकतंत्रिक मूल्यों बचाने के लिए खड़ा हूं' इसके साथ ही सचिन पायलट की कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात के बाद मंगलवार को कांग्रेस के कई नेताओं ने पार्टी में उनकी 'वापसी का स्वागत' किया. इससे पहले कांग्रेस ने बयान जारी कर कहा कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पायलट और अंसतुष्ट विधायकों के मुद्दों पर ध्यान देने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन करने का फैसला किया है.

  • दो कंपनियों में काम करने के बाद 26 साल की उम्र में सांसद बने थे सचिन पायलट

    दो कंपनियों में काम करने के बाद 26 साल की उम्र में सांसद बने थे सचिन पायलट

    राजस्थान में बागी सचिन पायलट ने दिल्ली में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात की है. अचानक हुई इस मुलाकात के कई अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं. क्योंकि जैसलमेर में रविवार को अशोक गहलोत ने विधायकों से कहा था विधानसभा में एकता दिखाने की जरूरत है इस लड़ाई में जीत होगी. कांग्रेस से जुड़े सूत्रों की मानें तो पार्टी एक अंदर एक खेमा सचिन पायलट सहित बागियों की वापसी चाहता है तो दूसरी ओर दूसरा गुट ये नहीं चाहता है. आपको बता दें कि सचिन पायलट और सीएम अशोक गहलोत के बीच रस्साकसी राज्य में सरकार बनने के बाद ही शुरू हो गई थी. उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट अपनी ही सरकार पर निशाना साधते देखे गए. दरअसल उनको पूरी उम्मीद थी कि वह विधानसभा चुनाव के बाद उन्हीं को सीएम बनाया जाएगा. लेकिन पार्टी आलाकमान ने अशोक गहलोत पर ही भरोसा जताया. इसके बाद लोकसभा चुनाव में हुई हार के बाद दोनों के बीच तनाव और बढ़ गया. इसी बीच राज्यसभा चुनाव में विधायकों की खरीद-फरोख्त की बात सामने आई. जिसकी जांच के लिए बनाई गए एसओजी ने सचिन पायलट को समन भेज दिया. पायलट ने इसे अपमान और गहलोत की नीचा दिखाने की साजिश बताकर बगावत का झंडा बुलंद कर दिया. फिलहाल अब राजस्थान में नया घटनाक्रम 14 अगस्त को बुलाए गए विधानसभा सत्र के पहले का है.

  • सुशांत सिंह राजपूत केस : कैसे बढ़ रही हैं रिया चक्रवर्ती की मुसीबतें? जानें 8 अहम प्वाइंट्स

    सुशांत सिंह राजपूत केस : कैसे बढ़ रही हैं रिया चक्रवर्ती की मुसीबतें? जानें 8 अहम प्वाइंट्स

    Sushant Singh Rajput Case : बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) वाले मामले में उनकी दोस्त रिया चक्रवर्ती (Rhea Chakraborty) पर अब मुसीबतें बढ़ती हुई नजर आ रही है. सीबीआई द्वारा गुरुवार को केस दर्ज किए जाने के बाद आज यानी शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय ने पूछताछ के लिए मुंबई दफ्तर बुलाया. उनके साथ उनेके पिता इंद्रजीत चक्रवर्ती और भाई शोविक चक्रवर्ती भी ED दफ़्तर में पहुंचे हैं. बता दें कि ईडी ने मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है.

  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 21वीं सदी के नए भारत की नींव रखेगी, PM मोदी ने कहीं 10 बड़ी बातें

    राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 21वीं सदी के नए भारत की नींव रखेगी, PM मोदी ने कहीं 10 बड़ी बातें

    नई शिक्षा नीति पर आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बीते अनेक वर्षों से हमारे शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव नहीं हुए थे. परिणाम ये हुआ कि हमारे समाज में उत्सुकता और कल्पनाशीलता को बढ़ावा देने के बजाए भेड़ चाल को प्रोत्साहन मिलने लगा था. पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के संदर्भ में आज का ये इवेंट बहुत महत्वपूर्ण है. इस कॉन्क्लेव से भारत के शिक्षा जगत को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तृत जानकारी मिलेगी. नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के संदर्भ में आज का ये कार्यक्रम बहुत महत्वपूर्ण है. इस कार्यक्रम से भारत के शिक्षा जगत को नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के बारे में विस्तृत जानकारी मिलेगी. जितनी जानकारी स्पष्ट होगी, उतनी ही आसानी से इसका क्रियान्वयन भी होगा. राष्ट्रीय शिक्षा नीति आने के बाद देश के किसी भी क्षेत्र से, किसी भी वर्ग से ये बात नहीं उठी कि इसमें किसी तरह का भेदभाव है, या किसी एक ओर झुकी हुई है. पीएम मोदी ने कहा कि नई शिक्षा नीति को अमल में लाने के लिए हम सभी को एकसाथ संकल्पबद्ध होकर काम करना है. हम उस युग की तरफ बढ़ रहे हैं, जहां कोई व्यक्ति जीवन भर किसी एक प्रोफेशन में ही नहीं टिका रहेगा.

  • Ram Mandir Bhumi Pujan: 'राम सबके हैं, राम सबमें हैं' PM मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें

    Ram Mandir Bhumi Pujan: 'राम सबके हैं, राम सबमें हैं' PM मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने अयोध्या (Ayodhya) में बुधवार को राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन (Ram Mandir Bhumipujan) किया और मंदिर की आधारशिला रखी. इसके बाद उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यह मेरा सौभाग्य था कि श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुझे मंदिर निर्माण के भूमि पूजन में आमंत्रित किया. आज पूरा देश राममय और हर मन दीपमय है. सदियों का इंतजार समाप्त हुआ. पीएम मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें जिनमें पीएम ने कई विषयों को उठाया.

  • 1528 से लेकर 5 अगस्त 2020 तक अयोध्या को लेकर क्या-क्या हुआ, पढ़ें पूरी टाइमलाइन

    1528 से लेकर 5 अगस्त 2020 तक अयोध्या को लेकर क्या-क्या हुआ, पढ़ें पूरी टाइमलाइन

    अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए आज भूमिपूजन सहित कई कार्यक्रम हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा तमाम बडे राजनेता और साधु संतों सहित 175 आमंत्रित लोग इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनेंगे. पीएम मोदी सुबह 11:30 बजे से लेकर करीब 3 घंटे तक अयोध्या में रहेंगे. स्थानीय लोगों का कहना है कि जो अयोध्या शहर पता नहीं कितने सालों तक विवाद का केंद्र बना रहा आज उसे पहली बार इतनी खूबसूरती सजाया गया है. अयोध्या सालों तक विवाद का केंद्र रही है. करीब 100 साल से ज्यादा तक कानूनी और राजनीतिक लड़ाई के बाद आखिरकार रामलला के लिए आज राम मंदिर निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा. बीते साल 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट की 5 सदस्यीय संवैधानिक पीठ ने इसका फैसला सुनाया था. सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में कहा था कि सुन्नी वक्फ बोर्ड इस विवादित जमीन पर अपना मालिकान हक साबित नहीं कर पाया है. वहीं पुरातत्व विभाग की ओर से दी गई रिपोर्ट में भी वहां मंदिर होने के प्रमाण पेश किए गए हैं. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने भी यह कहा कि पुरातत्व विभाग ये बात नहीं बता पाया है कि क्या वहां पर किसी मंदिर को गिराकर मस्जिद बनाई गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा मुस्लिम पक्ष को विवादित स्थल से दूर 5 एकड़ जमीन मस्जिद बनाने के लिए देने का भी आदेश दिया.

  • PM नरेंद्र मोदी ने किया भव्य राम जन्मभूमि मंदिर का शिलान्यास - पढ़ें 10 बड़ी बातें

    PM नरेंद्र मोदी ने किया भव्य राम जन्मभूमि मंदिर का शिलान्यास - पढ़ें 10 बड़ी बातें

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने अयोध्या (Ayodhya) में आज राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन (Ram Mandir Bhumi Pujan) किया और मंदिर की आधारशिला रखी. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने पिछले साल दशकों पुराने मुद्दे का समाधान करते हुए अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मार्ग रास्ता साफ किया था. आज मंदिर निर्माण की नींव रखे जाने के साथ ही राम मंदिर के लिए चलाया गया भाजपा का आंदोलन फलीभूत हो गया, जिसने भगवा दल को सत्ता के शिखर तक पहुंचा दिया. भूमि पूजन समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) भी मौजूद थे.

  • राम मंदिर भूमि पूजन प्रशासन ने जारी किए निर्देश, इन बड़ी बातों का रखा जाएगा विशेष ख्याल

    राम मंदिर भूमि पूजन प्रशासन ने जारी किए निर्देश, इन बड़ी बातों का रखा जाएगा विशेष ख्याल

    अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के पहले बुधवार को हो रहे भूमि पूजन के लिए तैयारियां लगभग पूरी हैं. पूरी व्यवस्था चाक-चौबंद है और आधिकारियों को भी दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं. यहां मंदिर परिसर में तैनात पुलिसकर्मियों को खास निर्देश दिए गए हैं कि वो नेताओं के साथ सेल्फी न लें. वहीं परिसर से बंदरों और गायों को दूर रखने के लिए उन्हें कहीं और फल और चना खिलाने का निर्देश दिया गया है.

  • बिहार सरकार ने की सुशांत सिंह केस की CBI जांच की सिफारिश, पढ़ें- मामले के अब तक के बड़े अपडेट्स

    बिहार सरकार ने की सुशांत सिंह केस की CBI जांच की सिफारिश, पढ़ें- मामले के अब तक के बड़े अपडेट्स

    सुशांत सिंह राजपूत की मौत के सिलसिले में लगातार सीबीआई जांच की मांग उठ रही हैं, अब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सीबीआई जांच के लिए सिफारिश भेजा है. इस मामले में बिहार सरकार पर लगातार दबाव बन रहा है. वहीं सुशांत के परिवार की ओर से भी सीधे मुख्यमंत्री से बात की गई और उनसे मामले में सीबीआई जांच को लेकर अनुरोध किया गया, जिसके बाद मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बोला कि परिवार की सहमति है, ऐसे में वो सीबीआई जांच के लिए अनुशंसा भेज रहे हैं. देखना है कि बिहार सरकार की अनुशंसा के बाद अब क्या मामला सीबीआई के पास जाता है या नहीं.

  • सुशांत सिंह राजपूत के मामले की जांच में क्यों हो रही है खींचतान? अब तक की 10 बड़ी बातें

    सुशांत सिंह राजपूत के मामले की जांच में क्यों हो रही है खींचतान? अब तक की 10 बड़ी बातें

    सुशांत सिंह राजपूत की बहन ने सुशांत सिंह राजपूत की बहन ने पीएम को लिखी अपनी चिट्ठी में लिखा, "मेरा दिल कहता है कि आप हमेशा सच के लिए और सच के साथ खड़े होंगे. हम बहुत साधारण परिवार से आते हैं, मेरा भाई जब बॉलीवुड में गए थे तब उनका कोई गॉडफादर नहीं था और ना अभी तक कोई है. मेरी आपसे प्रार्थना है कि आप इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करें और यह सुनिश्चित करें कि जांच निष्पक्ष हो और सबूतों के साथ कोई छेड़छाड़ ना होने पाए. न्याय की उम्मीद है" प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने शुक्रवार को रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार के खिलाफ बिहार पुलिस की प्राथमिकी के आधार पर धनशोधन (Money Laundering) का एक मामला दर्ज कर लिया है. बिहार पुलिस की इस प्राथमिकी में राजपूत के पिता ने रिया और उनके परिवार के सदस्यों पर अपने बेटे को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है.

  • सुशांत सिंह राजपूत डेथ केस में जांच एजेंसी की 15 करोड़ के संदिग्‍ध ट्रांजेक्‍शन पर नजर, 10 बातें

    सुशांत सिंह राजपूत डेथ केस में जांच एजेंसी की 15 करोड़ के संदिग्‍ध ट्रांजेक्‍शन पर नजर, 10 बातें

    सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बिहार पुलिस को पत्र लिखकर दर्ज हुई एफआईआर की प्रति मांगी है. एक अधिकारी ने बताया कि ऐसे में अब मामला पीएमएलए के तहत दर्ज किया जा सकता है. सुशांत के पिता ने एफआईआर में रिया चक्रवर्ती पर आरोप लगाया है कि उनके बेटे के बैंक खाते से कम से कम 15 करोड़ रुपये अज्ञात खाते में ट्रांसफर किए गए हैं. अब इस लेनेदेन की जांच ईडी कर सकती है. बीते महीने की 14 तारीख को सुशांत सिंह राजपूत अपने आवास पर मृत पाए गए थे.

  • राजस्थान विधानसभा सत्र बुलाने को लेकर गवर्नर-CM के बीच कैसे सुलझा गतिरोध

    राजस्थान विधानसभा सत्र बुलाने को लेकर गवर्नर-CM के बीच कैसे सुलझा गतिरोध

    राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार को आखिरकार राज्यपाल कलराज मिश्र ने 14 अगस्त को विधानसभा सत्र बुलाने की मंजूरी दे दी है. राज्यपाल की ओर से बुधवार की देर शाम गहलोत सरकार को सत्र बुलाने की मंजूरी दे दी गई. सीएम गहलोत सत्र बुलाने की अपनी मांग के साथ पिछले दो हफ्तों के दौरान गवर्नर से चार बार मुलाकात कर चुके थे, वहीं उनकी कैबिनेट की ओर से सत्र को लेकर तीन प्रस्ताव भी भेजे गए, जिन्हें गवर्नर ने वापस लौटा दिया था. आखिरकार बुधवार को सरकार की ओर से भेजे गए चौथे प्रस्ताव पर हामी भरी गई. राज्यपाल ने गहलोत सरकार को सत्र के दौरान कोविड-19 गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करने को लेकर मौखिक निर्देश भी दिए हैं. बता दें कि गवर्नर सदन बुलाने से पहले गहलोत से 21 दिनों का नोटिस देने की मांग कर रहे थे. उनका सवाल था कि 'क्या गहलोत सदन में विश्वास प्रस्ताव लाना चाहते हैं? अगर ऐसा होता है तो तुरंत सत्र बुलाया जा सकता है लेकिन अगर ऐसा नहीं है तो उन्हें 21 दिनों का नोटिस देना होगा.' इसके बाद गहलोत सरकार ने पहले प्रस्ताव से 21 दिन गिनकर 14 अगस्त से सत्र बुलाने का प्रस्ताव भेजा, जिसे स्वीकार कर लिया.

  • राजस्थान : गवर्नर-CM खींचतान खत्म, 3 बार फाइल लौटाने के बाद दी विधानसभा सत्र बुलाने की मंजूरी

    राजस्थान :  गवर्नर-CM खींचतान खत्म, 3 बार फाइल लौटाने के बाद दी विधानसभा सत्र बुलाने की मंजूरी

    आखिरकार राजस्थान के गवर्नर कलराज मिश्र ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की विधानसभा सत्र बुलाने की मांग मान ली है. बुधवार की देर शाम गवर्नर ने गहलोत को 14 अगस्त से विधानसभा का सत्र बुलाने की इजाज़त दे दी है. हालांकि, राजभवन से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि राज्यपाल कलराज मिश्र ने राजस्थान विधानसभा के सत्र के दौरान कोविड-19 से बचाव के लिए आवश्यक प्रबंध किए जाने के निर्देश मौखिक रूप से दिए हैं. बता दें कि अशोक गहलोत लगभग पिछले दो हफ्तों से विधानसभा सत्र बुलाने की मांग कर रहे थे, लेकिन गवर्नर बार-बार उन्हें लौटा दे रहे थे.

  • पांचवी कक्षा तक मातृ भाषा में होगी पढ़ाई: नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के 10 प्रमुख पॉइंट

    पांचवी कक्षा तक मातृ भाषा में होगी पढ़ाई:  नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के 10 प्रमुख पॉइंट

    केंद्र सरकार ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy) को मंजूरी दे दी है. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javadekar) ने कहा कि कैबिनेट बैठक में आज नई शिक्षा नीति को मंजूरी दी गई है. उन्होंने बताया कि 34 साल से शिक्षा नीति में परिवर्तन नहीं हुआ था, इसलिए ये बेहद महत्वपूर्ण है. नई शिक्षा नीति में स्कूल एजुकेशन से लेकर हायर एजुकेशन तक कई बड़े बदलाव किए गए हैं. अब पांचवी कक्षा तक की शिक्षा मातृ भाषा में होगी. हायर एजुकेशन के लिए सिंगल रेगुलेटर रहेगा (लॉ और मेडिकल एजुकेशन को छोड़कर). उच्च शिक्षा में 2035 तक 50 फीसदी GER पहुंचने का लक्ष्य है.

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