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Farmers march


'Farmers march' - 28 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • महाराष्ट्र सरकार को मांगें पूरी करने के लिए किसानों ने दो माह का वक्त दिया, आंदोलन खत्म

    महाराष्ट्र सरकार को मांगें पूरी करने के लिए किसानों ने दो माह का वक्त दिया, आंदोलन खत्म

    महाराष्ट्र में जमीन के हक के साथ ही दूसरी मांगों को पूरा करने के लिए लॉन्ग मार्च कर रहे किसानों ने आंदोलन खत्म कर दिया है. यानी अब मुंबई के लिए लॉन्ग मार्च नहीं होगा. सरकार से बातचीत के बाद आंदोलन खत्म करने की घोषणा हुई. मांगें पूरी करने के लिए किसानों ने सरकार को दो महीने का वक्त दिया है.

  • महाराष्ट्र में एक बार फिर लांग मार्च के लिए तैयार हजारों किसान, सरकार नहीं दे रही इजाजत

    महाराष्ट्र में एक बार फिर लांग मार्च के लिए तैयार हजारों किसान, सरकार नहीं दे रही इजाजत

    महाराष्ट्र के किसान एक बार फिर लांग मार्च निकालने को तैयार हैं और उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी जा रही है. अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले यह लांग मार्च नासिक से मुंबई तक होना है. फिलहाल किसान नासिक के मुंबई नाका बस स्टाप पर एकत्रित हैं. आयोजकों का दावा है कि 50 हजार से ज्यादा किसान इस मार्च में हिस्सा ले रहे हैं.

  • देश के अन्नदाता दिल्ली आए, हम रोशनी का इंतजाम भी न कर पाए

    देश के अन्नदाता दिल्ली आए, हम रोशनी का इंतजाम भी न कर पाए

    देश भर के कोने-कोने से जब हजारों किसान दिल्ली के दिल से अपनी व्यथा-कथा कहने आए तो क्या देश की राजधानी किसानों के लिए मामूली रोशनी का इंतजाम नहीं कर पाई. रामलीला मैदान के तकरीबन आधे हिस्से में लगा किसानों का शामियाना रोशनी से उतनी ही दूर था जितनी दूरी अक्सर शहर और गांवों में रहती है. 

  • बेटियों की शादी के लिए क्यों जमीन बेच रहे हैं ओडिशा के किसान ?

    बेटियों की शादी के लिए क्यों जमीन बेच रहे हैं ओडिशा के किसान ?

    ओडिशा के किसान बेटियों की शादी के लिए क्यों बेचने को मजबूर हैं जमीन. एनडीटीवी को सुनाया किसानों ने दुखड़ा.

  • आंदोलनकारी किसानों ने कहा- राहुल गांधी ने वादे किए, समय आने पर हिसाब लेंगे

    आंदोलनकारी किसानों ने कहा- राहुल गांधी ने वादे किए, समय आने पर हिसाब लेंगे

    दिल्ली में किसानों के आंदोलन में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत कई विपक्षी दलों के नेता पहुंचे. इन नेताओं ने किसानों से उनकी समस्याएं सुलझाने के वादे किए. किसानों का कहना है कि सारी सरकारें एक जैसी होती हैं. कांग्रेस ने अपने शासन काल में कुछ नहीं किया. अब वादे किए हैं तो समय आने पर हिसाब लिया जाएगा.

  • किसानों की रैली में विपक्षी एकता का हुआ प्रदर्शन, नेताओं ने मोदी सरकार पर जमकर निकाली भड़ास

    किसानों की रैली में विपक्षी एकता का हुआ प्रदर्शन, नेताओं ने मोदी सरकार पर जमकर निकाली भड़ास

    दिल्ली में किसानों की रैली में विपक्षी एकता का प्रदर्शन हुआ. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल सहित कई नेता किसानों को समर्थन देने पहुंचे.

  • हिमाचल से दूध के दाम का हिसाब आया है, लूट का हिसाब आया है...

    हिमाचल से दूध के दाम का हिसाब आया है, लूट का हिसाब आया है...

    ​मेरे माता-पिता ऊना ज़िले के पनगोडा गांव में रहते हैं. हम 1981 से गायें पाल रहे हैं. 2012 तक राज्य दुग्ध सहकारिता की गाड़ियां आती थीं और छोटे किसानों से दूध ले जाती थीं, जबकि दाम बहुत कम मिलता रहा. 18 रुपये प्रति लीटर. कुछ समय बाद सहकारिता की गाड़ी आनी बंद हो गई. 2016 में Verka ने दूध लेना शुरू कर दिया. आज दाम 23 रुपये प्रति लीटर है. यह दाम शुद्ध दूध का है.

  • ट्रैफिक अलर्ट: दिल्ली की सड़कों पर उतरे देश के अन्नदाता, इन रास्तों से बचकर रहें दिल्लीवाले

    ट्रैफिक अलर्ट: दिल्ली की सड़कों पर उतरे देश के अन्नदाता, इन रास्तों से बचकर रहें दिल्लीवाले

    बड़ी तादाद में जुटे किसानों के मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने पुख़्ता इंतज़ाम किए हैं. 3500 पुलिस के जवानों की ड्यूटी लगाई गई है... इस बात की आशंका है कि रामलीला मैदान के आसपास के इलाकों में ट्रैफिक पर असर पड़ सकता है.

  • Kisan March LIVE Updates: किसान रैली में पहुंचे राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल, PM मोदी पर बोला हमला

    Kisan March LIVE Updates: किसान रैली में पहुंचे राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल, PM मोदी पर बोला हमला

    Kisan March in Delhi LIVE Updates: मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए एक बार फिर से देशभर के किसान संसद मार्च करेंगे. किसानों की कर्जमाफी और फसलों की लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य दिए जाने समेत कई मांगों को लेकर विभिन्न राज्यों के किसान (Kisan Mukti March) दिल्ली में इकट्ठा हुए हैं.

  • आखिर क्यों दिल्ली की सड़कों पर उतरा देश का अन्नदाता, हजारों किसानों का आज संसद मार्च, 10 बड़ी बातें

    आखिर क्यों दिल्ली की सड़कों पर उतरा देश का अन्नदाता, हजारों किसानों का आज संसद मार्च, 10 बड़ी बातें

    किसानों को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए एक बार फिर से देशभर के किसान देश की राजधानी दिल्ली की सड़कों पर जमा हुए हैं. किसानों की कर्जमाफी और फसलों की लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य दिए जाने समेत कई मांगों को लेकर विभिन्न राज्यों के किसान (Kisan Mukti March) दिल्ली के रामलीला मैदान पहुंच गए हैं. दो दिवसीय किसान मुक्ति मार्च का आज यानी शुक्रवार को दूसरा और आखिरी दिन है और किसान आज अपनी मांगों को लेकर संसद मार्च करेंगे. किसानों ने सरकार और प्रशासन को चेताया है कि अगर उन्हें संसद की ओर जाने से रोका गया तो फिर वे न्यूड प्रदर्शन करेंगे. किसान (Kisan Mukti March) इस बार सिर्फ दो मांगों को लेकर यह आंदोलन कर रहे हैं. उनकी पहली मांग है कि उन्हें कर्ज से पूरी तरह मुक्ति दी जाए और दूसरी अपनी दूसरी मांग में फसलों की लागत का डेढ़ गुना मुआवजा चाहते हैं. ऐतिहासिक रामलीला मैदान पर लाल टोपी पहने और लाल झंडा लिए किसानों ने 'अयोध्या नहीं, कर्ज माफी चाहिए' जैसे नारे लगाते दिखे.

  • किसान मुक्ति मार्च में महिलाएं भी शामिल, कर्ज माफी की मांग बुलंद की

    किसान मुक्ति मार्च में महिलाएं भी शामिल, कर्ज माफी की मांग बुलंद की

    बढ़ते बैंक कर्ज, फसल की बर्बादी, कर्ज चुकाने के तरीकों का अभाव और आश्रित बड़े परिवारों जैसे कुछ साझे मुद्दों को लेकर गुरुवार को महिला किसान सड़कों पर उतरीं. सत्ता के केंद्र तक अपनी आवाज पहुंचाने की उम्मीद लेकर देश के कोने-कोने से आए हजारों किसानों ने अपनी मांगें मनवाने के लिए दो दिवसीय विरोध प्रदर्शन शुरू किया.

  • दिल्ली में किसानों के आंदोलन को सभी वर्गों के लोगों का समर्थन मिला

    दिल्ली में किसानों के आंदोलन को सभी वर्गों के लोगों का समर्थन मिला

    किसानों को कर्ज मुक्त बनाने और फसल की लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य दिए जाने की मांग को लेकर दो दिवसीय आंदोलन के पहले दिन गुरुवार को किसानों के साथ डाक्टर, वकील, पूर्व सैनिक, पेशेवर और छात्रों सहित समाज के तमाम वर्गों के लोगों के समूह रामलीला मैदान में एकत्र हो गए. देश के विभिन्न भागों से दिल्ली के प्रवेश मार्गों पर एकत्र होकर आंदोलनकारियों का रामलीला मैदान तक पैदल और वाहनों से पहुंचने का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा.

  • बड़े मुद्दों के पीछे-पीछे अपनी तक़लीफों को ढोता हुआ दिल्ली आ गया है किसान...

    बड़े मुद्दों के पीछे-पीछे अपनी तक़लीफों को ढोता हुआ दिल्ली आ गया है किसान...

    देश भर में घूम-घूमकर किसानों को संगठित करने और उन्हें मार्च के लिए तैयार करने में किसान नेताओं का बड़ा रोल होता है. किसानों की नेतागीरी करना ही कौन चाहेगा. मुद्दों की लड़ाई इतनी लंबी हो जाती है कि नेता की ज़िंदगी गुज़र जाती है. किसानों के मुद्दे बदलते भी नहीं. अमूमन एक ही मुद्दे के लिए बार-बार सरकार के सामने खड़ा होना पड़ता है. कुछ समय बाद मीडिया को हर किसान नेता घिसा-पिटा लगने लगता है. उन्हें तवज्जो देना बंद कर देता है. हर चुनाव के साथ किसान नेता पुराना हो जाता है और दो क़दम पीछे की ओर धकेल दिया जाता है. सरकारों ने बड़ी चालाकी से ऐसे कितने ही किसान नेता ख़त्म कर दिए. कमाल यह है कि इसके बाद भी नए किसान नेता खड़े हो गए हैं. 

  • रामलीला मैदान में जुटे देश भर के हजारों किसान, कहा - 'अयोध्या नहीं, कर्ज माफी चाहिए', संसद कूच आज

    रामलीला मैदान में जुटे देश भर के हजारों किसान, कहा - 'अयोध्या नहीं, कर्ज माफी चाहिए', संसद कूच आज

    अपनी मांगों को लेकर विभिन्न राज्यों के किसान (Kisan Mukti March) दिल्ली के रामलीला मैदान पहुंच गए हैं. वह एक बार फिर केंद्र सरकार की घेराबंदी करेंगे. किसान (Kisan Mukti March) इस बार सिर्फ दो मांगों को लेकर यह आंदोलन कर रहे हैं. उनकी पहली मांग है कि उन्हें कर्ज से पूरी तरह मुक्ति दी जाए और दूसरी अपनी दूसरी मांग में फसलों की लागत का डेढ़ गुना मुआवजा चाहते हैं.

  • दिल्ली में जुटे हजारों किसान, आज 26 किलोमीटर पदयात्रा; कल संसद मार्च

    दिल्ली में जुटे हजारों किसान, आज 26 किलोमीटर पदयात्रा; कल संसद मार्च

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक बार फिर हजारों किसान आंदोलन करने जा रहे हैं. यह आंदोलन दो दिन 29 और 30 नवंबर को होगा. सिर्फ दो मांगों को लेकर किए जा रहे इस आंदोलन में देश भर के किसान शामिल हो रहे हैं. किसानों की मांग है कि उन्हें कर्ज से पूरी तरह मुक्ति दी जाए और फसलों की लागत का डेढ़ गुना मुआवजा दिया जाए.

  • किसान मार्च: खत्म हुआ किसान आंदोलन, सरकार ने सभी मांगें पूरी करने का भरोसा दिलाया

    किसान मार्च: खत्म हुआ किसान आंदोलन, सरकार ने सभी मांगें पूरी करने का भरोसा दिलाया

    सरकार द्वारा मांगें मानने का भरोसा दिए जाने के बाद मुंबई में किसानों ने अपना आंदोलन (Maharashtra farmers' protest) वापस ले लिया है. गुरुवार शाम को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानभवन में किसान नेताओं से मुलाकात की और उनकी सभी मांगे मानने का भरोसा दिलाया.

  • एक बार फिर सड़कों पर उतरे अन्नदाता, ठाणे से मुंबई तक मार्च कर रहे 20 हजार किसान

    एक बार फिर सड़कों पर उतरे अन्नदाता, ठाणे से मुंबई तक मार्च कर रहे 20 हजार किसान

    महाराष्ट्र में एक बार फिर से बड़ी संख्या में किसान सड़क पर उतर चुके हैं. महाराष्ट्र के हज़ारों किसान मुंबई कूच के लिए तैयार हैं. मुंबई की ओर लॉन्ग मार्च के लिए किसान ठाणे के आनंद नगर में मंगलवार की रात से ही जमा होने लगे. उत्तरी महाराष्ट्र से हज़ारों किसान ठाणे पहुंचे हैं. ये किसान गुरुवार को मुंबई पहुंचेंगे. ये किसान स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के साथ ही MSP पर कानून लाने जैसी कई मांगे कर रहे हैं. किसान नेताओं का दावा है कि महाराष्ट्र सरकार ने 6 महीने बीत जाने के बाद भी अब तक कोई वादा पूरा नहीं किया है. 

  • दिल्ली में प्रवेश की इजाजत मिलने के बाद किसानों ने कहा- हमारी जीत हुई, आंदोलन समाप्त

    दिल्ली में प्रवेश की इजाजत मिलने के बाद किसानों ने कहा- हमारी जीत हुई, आंदोलन समाप्त

    केंद्र सरकार ने किसानों को बुधवार को तड़के राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रवेश करने की इजाजत दे दी. इससे पुलिस कर्मियों और किसानों के बीच चल रहा गतिरोध समाप्त हो गया. आंदोलनकारियों के दिल्ली के किसान घाट पहुंचने के साथ ही किसानों का आंदोलन खत्म हो गया.

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