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Farmers march to mumbai


'Farmers march to mumbai' - 3 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • महाराष्ट्र में एक बार फिर लांग मार्च के लिए तैयार हजारों किसान, सरकार नहीं दे रही इजाजत

    महाराष्ट्र में एक बार फिर लांग मार्च के लिए तैयार हजारों किसान, सरकार नहीं दे रही इजाजत

    महाराष्ट्र के किसान एक बार फिर लांग मार्च निकालने को तैयार हैं और उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी जा रही है. अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले यह लांग मार्च नासिक से मुंबई तक होना है. फिलहाल किसान नासिक के मुंबई नाका बस स्टाप पर एकत्रित हैं. आयोजकों का दावा है कि 50 हजार से ज्यादा किसान इस मार्च में हिस्सा ले रहे हैं.

  • मुंबई में 50 हजार किसानों का सैलाब, सीएम फडणवीस ने बातचीत के लिए बनाई 6 मंत्रियों की कमेटी

    मुंबई में 50 हजार किसानों का सैलाब, सीएम फडणवीस ने बातचीत के लिए बनाई 6 मंत्रियों की कमेटी

    किसानों का रुख़ देखते हुए महाराष्ट्र सरकार भी ऐक्शन में आ गई है. किसानों की मांगों पर विचार के लिए फडणवीस सरकार ने एक कमेटी बनाई है, जिसमें छह मंत्री शामिल हैं. कमेटी में चंद्रकांत पाटिल, पांडुरंग फुडकर, गिरीश महाजन, विष्णु सवारा, सुभाष देशमुख और एकनाथ शिंदे शामिल हैं.

  • मुंबई के आजाद मैदान पहुंचा 50 हजार किसानों का महामोर्चा, सरकार नहीं मानी तो होगा विधानसभा का घेराव, 10 बड़ी बातें

    मुंबई के आजाद मैदान पहुंचा 50 हजार किसानों का महामोर्चा, सरकार नहीं मानी तो होगा विधानसभा का घेराव, 10 बड़ी बातें

    किसानों का मोर्चा आजाद मैदान पहुंच चुका है. इस महामोर्चा में 50 हजार किसान शामिल हैं. इन किसानों ने आज महाराष्ट्र विधानसभा का ऐलान किया है. इसके साथ ही महाराष्ट्र की राजनीति में भी हलचल मच गई है. मोर्चे के मुंबई पहुंचते ही कई राजनीतिक पार्टियों ने इस पदयात्रा का समर्थन भी किया. सत्ता में बैठी शिवसेना की ओर से आदित्य ठाकरे और एकनाथ शिंदे ने किसानों को संबोधित किया. आपको बता दें कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के किसान मोर्चे अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) की अगुवाई में यह विरोध मार्च मंगलवार को नासिक से मुंबई के लिए रवाना हुआ था. हाथों में लाल झंडा थामे ये किसान ऑल इंडिया किसान सभा समेत तमाम संगठनों से जुड़े हैं. इस मार्च में किसानों के साथ खेतिहर मज़दूर और कई आदिवासी शामिल हैं. इनकी प्रमुख मांगों में कर्ज़माफी ले लेकर न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने और स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट को लागू करना शामिल है. किसानों का कहना है कि फडणवीस सरकार ने पिछले साल किया 34000 करोड़ का कर्ज़ माफी का वादा अब तक पूरा नहीं किया है.