NDTV Khabar

Farmers protest delhi


'Farmers protest delhi' - 19 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • दिल्ली से नोएडा जोड़ने वाले रास्ते DND पर जाने पर लग सकता है जाम, किसानों का प्रदर्शन जारी

    दिल्ली से नोएडा जोड़ने वाले रास्ते DND पर जाने पर लग सकता है जाम, किसानों का प्रदर्शन जारी

    मोदी सरकार ने बजट में किसानों को सौगातें देखकर रिझाने की कोशिश की लेकिन किसानों का गुस्सा अभी भी शांत नहीं हुआ है. जमीन अधिग्रहण में उचित मुआवजे की मांग को लेकर नाराज किसान दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री आवास को घेरने की चेतावनी दे रहे हैं.

  • किसानों की रैली में विपक्षी एकता का हुआ प्रदर्शन, नेताओं ने मोदी सरकार पर जमकर निकाली भड़ास

    किसानों की रैली में विपक्षी एकता का हुआ प्रदर्शन, नेताओं ने मोदी सरकार पर जमकर निकाली भड़ास

    दिल्ली में किसानों की रैली में विपक्षी एकता का प्रदर्शन हुआ. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल सहित कई नेता किसानों को समर्थन देने पहुंचे.

  • ट्रैफिक अलर्ट: दिल्ली की सड़कों पर उतरे देश के अन्नदाता, इन रास्तों से बचकर रहें दिल्लीवाले

    ट्रैफिक अलर्ट: दिल्ली की सड़कों पर उतरे देश के अन्नदाता, इन रास्तों से बचकर रहें दिल्लीवाले

    बड़ी तादाद में जुटे किसानों के मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने पुख़्ता इंतज़ाम किए हैं. 3500 पुलिस के जवानों की ड्यूटी लगाई गई है... इस बात की आशंका है कि रामलीला मैदान के आसपास के इलाकों में ट्रैफिक पर असर पड़ सकता है.

  • Kisan March LIVE Updates: किसान रैली में पहुंचे राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल, PM मोदी पर बोला हमला

    Kisan March LIVE Updates: किसान रैली में पहुंचे राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल, PM मोदी पर बोला हमला

    Kisan March in Delhi LIVE Updates: मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए एक बार फिर से देशभर के किसान संसद मार्च करेंगे. किसानों की कर्जमाफी और फसलों की लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य दिए जाने समेत कई मांगों को लेकर विभिन्न राज्यों के किसान (Kisan Mukti March) दिल्ली में इकट्ठा हुए हैं.

  • आखिर क्यों दिल्ली की सड़कों पर उतरा देश का अन्नदाता, हजारों किसानों का आज संसद मार्च, 10 बड़ी बातें

    आखिर क्यों दिल्ली की सड़कों पर उतरा देश का अन्नदाता, हजारों किसानों का आज संसद मार्च, 10 बड़ी बातें

    किसानों को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए एक बार फिर से देशभर के किसान देश की राजधानी दिल्ली की सड़कों पर जमा हुए हैं. किसानों की कर्जमाफी और फसलों की लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य दिए जाने समेत कई मांगों को लेकर विभिन्न राज्यों के किसान (Kisan Mukti March) दिल्ली के रामलीला मैदान पहुंच गए हैं. दो दिवसीय किसान मुक्ति मार्च का आज यानी शुक्रवार को दूसरा और आखिरी दिन है और किसान आज अपनी मांगों को लेकर संसद मार्च करेंगे. किसानों ने सरकार और प्रशासन को चेताया है कि अगर उन्हें संसद की ओर जाने से रोका गया तो फिर वे न्यूड प्रदर्शन करेंगे. किसान (Kisan Mukti March) इस बार सिर्फ दो मांगों को लेकर यह आंदोलन कर रहे हैं. उनकी पहली मांग है कि उन्हें कर्ज से पूरी तरह मुक्ति दी जाए और दूसरी अपनी दूसरी मांग में फसलों की लागत का डेढ़ गुना मुआवजा चाहते हैं. ऐतिहासिक रामलीला मैदान पर लाल टोपी पहने और लाल झंडा लिए किसानों ने 'अयोध्या नहीं, कर्ज माफी चाहिए' जैसे नारे लगाते दिखे.

  • किसान मुक्ति मार्च में महिलाएं भी शामिल, कर्ज माफी की मांग बुलंद की

    किसान मुक्ति मार्च में महिलाएं भी शामिल, कर्ज माफी की मांग बुलंद की

    बढ़ते बैंक कर्ज, फसल की बर्बादी, कर्ज चुकाने के तरीकों का अभाव और आश्रित बड़े परिवारों जैसे कुछ साझे मुद्दों को लेकर गुरुवार को महिला किसान सड़कों पर उतरीं. सत्ता के केंद्र तक अपनी आवाज पहुंचाने की उम्मीद लेकर देश के कोने-कोने से आए हजारों किसानों ने अपनी मांगें मनवाने के लिए दो दिवसीय विरोध प्रदर्शन शुरू किया.

  • बड़े मुद्दों के पीछे-पीछे अपनी तक़लीफों को ढोता हुआ दिल्ली आ गया है किसान...

    बड़े मुद्दों के पीछे-पीछे अपनी तक़लीफों को ढोता हुआ दिल्ली आ गया है किसान...

    देश भर में घूम-घूमकर किसानों को संगठित करने और उन्हें मार्च के लिए तैयार करने में किसान नेताओं का बड़ा रोल होता है. किसानों की नेतागीरी करना ही कौन चाहेगा. मुद्दों की लड़ाई इतनी लंबी हो जाती है कि नेता की ज़िंदगी गुज़र जाती है. किसानों के मुद्दे बदलते भी नहीं. अमूमन एक ही मुद्दे के लिए बार-बार सरकार के सामने खड़ा होना पड़ता है. कुछ समय बाद मीडिया को हर किसान नेता घिसा-पिटा लगने लगता है. उन्हें तवज्जो देना बंद कर देता है. हर चुनाव के साथ किसान नेता पुराना हो जाता है और दो क़दम पीछे की ओर धकेल दिया जाता है. सरकारों ने बड़ी चालाकी से ऐसे कितने ही किसान नेता ख़त्म कर दिए. कमाल यह है कि इसके बाद भी नए किसान नेता खड़े हो गए हैं. 

  • रामलीला मैदान में जुटे देश भर के हजारों किसान, कहा - 'अयोध्या नहीं, कर्ज माफी चाहिए', संसद कूच आज

    रामलीला मैदान में जुटे देश भर के हजारों किसान, कहा - 'अयोध्या नहीं, कर्ज माफी चाहिए', संसद कूच आज

    अपनी मांगों को लेकर विभिन्न राज्यों के किसान (Kisan Mukti March) दिल्ली के रामलीला मैदान पहुंच गए हैं. वह एक बार फिर केंद्र सरकार की घेराबंदी करेंगे. किसान (Kisan Mukti March) इस बार सिर्फ दो मांगों को लेकर यह आंदोलन कर रहे हैं. उनकी पहली मांग है कि उन्हें कर्ज से पूरी तरह मुक्ति दी जाए और दूसरी अपनी दूसरी मांग में फसलों की लागत का डेढ़ गुना मुआवजा चाहते हैं.

  • दिल्ली में जुटे हजारों किसान, आज 26 किलोमीटर पदयात्रा; कल संसद मार्च

    दिल्ली में जुटे हजारों किसान, आज 26 किलोमीटर पदयात्रा; कल संसद मार्च

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक बार फिर हजारों किसान आंदोलन करने जा रहे हैं. यह आंदोलन दो दिन 29 और 30 नवंबर को होगा. सिर्फ दो मांगों को लेकर किए जा रहे इस आंदोलन में देश भर के किसान शामिल हो रहे हैं. किसानों की मांग है कि उन्हें कर्ज से पूरी तरह मुक्ति दी जाए और फसलों की लागत का डेढ़ गुना मुआवजा दिया जाए.

  • क्या दिल्ली में फिर होगा किसान आंदोलन? इस तारीख को दिल्ली में जुटेंगे देश भर के किसान

    क्या दिल्ली में फिर होगा किसान आंदोलन? इस तारीख को दिल्ली में जुटेंगे देश भर के किसान

    देश भर के किसान अपनी मांगों को लेकर एक बार फिर दिल्ली का रुख करेंगे. अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति के बैनर तले दिल्ली के रामलीला मैदान में दो दिवसीय किसान महासम्मेलन का आयोजन किया गया है. यह सम्मेलन 29 और 30 नवंबर को होगा. समिति के अध्यक्ष वीएम सिंह ने गुरुवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि तीन दिन के इस आंदोलन के दौरान 28 नवंबर को सभी किसान संगठनों के प्रतिनिधि दिल्ली के सीमीवर्ती शहरों फरीदाबाद, गाजियाबाद और गुरुग्राम में एकत्र होंगे. इसके बाद सभी किसान संगठन दो दिवसीय किसान महासम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पैदल मार्च कर रामलीला मैदान पहुंचेंगे.

  • किसानों की समस्या पर सरकार कितनी गंभीर?

    किसानों की समस्या पर सरकार कितनी गंभीर?

    कायदे से 2 अक्तूबर को ऐसा नहीं होना चाहिए था मगर दिल्ली यूपी बॉर्डर पर किसानों को रोकने गई पुलिस के कारण हम सबको ये देखने को मिला. किसान किसी भी हाल पर राजघाट जाना चाहते थे. 2 अक्तूबर के पूरे दिन दिल्ली की इस सीमा पर टकराव और तनाव में बीता.

  • किसानों के सामने कौन सा मुंह लेकर जाएंगे?

    किसानों के सामने कौन सा मुंह लेकर जाएंगे?

    नाबार्ड के सर्वे में जो सबसे चौंकाने वाली बात है वह यह कि 87 फीसद किसानों की आय 2436 रुपये के आसपास है. हम मान लें कि एक परिवार में न्यूनतम 5 लोग होंगे तो एक सदस्य के हिस्से 500 रुपये से भी कम आएगा. किसान दिल्ली आए थे, अब दिल्ली के 'चश्मे' से इस आंकड़े को देखें. 500 रुपये में आप क्या-क्या कर लेंगे? दो वक्त लंच और डिनर, या सिर्फ लंच या डिनर या एक चाय/कॉफी या शायद इतना टिप ही दे दें.

  • दिल्ली में प्रवेश की इजाजत मिलने के बाद किसानों ने कहा- हमारी जीत हुई, आंदोलन समाप्त

    दिल्ली में प्रवेश की इजाजत मिलने के बाद किसानों ने कहा- हमारी जीत हुई, आंदोलन समाप्त

    केंद्र सरकार ने किसानों को बुधवार को तड़के राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रवेश करने की इजाजत दे दी. इससे पुलिस कर्मियों और किसानों के बीच चल रहा गतिरोध समाप्त हो गया. आंदोलनकारियों के दिल्ली के किसान घाट पहुंचने के साथ ही किसानों का आंदोलन खत्म हो गया.

  • किसानों पर लाठीचार्ज : कांग्रेस बोली- दिल्ली सल्तनत का बादशाह सत्ता के नशे में, पढ़ें विपक्ष के 15 बड़े हमले

    किसानों पर लाठीचार्ज : कांग्रेस बोली- दिल्ली सल्तनत का बादशाह सत्ता के नशे में, पढ़ें विपक्ष के 15 बड़े हमले

    विपक्षी दलों ने राष्ट्रीय राजधानी की तरफ मार्च कर रहे हजारों किसानों के खिलाफ मोदी सरकार पर मंगलवार को ‘‘बर्बर पुलिस कार्रवाई’’ करने का आरोप लगाया और कांग्रेस ने कटाक्ष किया कि ‘‘दिल्ली सल्तनत का बादशाह सत्ता के नशे में है.’’ विपक्ष ने केंद्र सरकार पर ‘किसान विरोधी’ होने का आरोप लगाते हुए मांग की कि किसानों को शांतिपूर्वक अपनी शिकायतों को रखने के लिए दिल्ली में प्रवेश की इजाजत दी जाए. वहीं सरकार किसानों को अपना प्रदर्शन खत्म करने के लिये मनाने के तरीके तलाशने में जुटी दिखी. गौरतलब है कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने किसान नेताओं से बात की है और उसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री भी राजनाथ सिंह का संदेश लेकर किसानों के पास गए. भारतीय किसान यूनियन की ओर से कहा गया है कि  सरकार का किसानों के बड़े मुद्दे पर रुख साफ नहीं है और उसकी ओर से आश्वासन पर भी विश्वास नहीं है इसलिए प्रदर्शन जारी रहेगा. 

  • मोदी सरकार के खिलाफ देश भर के किसान-मजदूरों का ने रामलीला मैदान से संसद तक किया पैदल मार्च

    मोदी सरकार के खिलाफ देश भर के किसान-मजदूरों का ने रामलीला मैदान से संसद तक किया पैदल मार्च

    आज देश की राजधानी दिल्ली में वाम दलों के समर्थन में आज यानी बुधवार को किसान और मजदूर सगंठन मोदी सरकार के खिलाफ हल्ला बोल रहे हैं. वाम दलों के समर्थन वाले किसान एवं मजदूर संगठनों की ओर से बुधवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली का आयोजन किया गया है. ऐसा पहली बार हो रहा है जब किसान एवं मजदूर किसी एक रैली में एकजुट होकर हिस्सा ले रहे हैं. आज सुबह से ही दिल्ली की सड़कों पर किसानों और मजदूरों की रैली का प्रभाव दिखना शुरू हो गया है. दरअसल, किसानों और मजदूरों की मांग है कि महंगाई पर लगाम लगाई जाए. काम के सही दाम मिले. साथ ही मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी भत्ता तय किया जाए. किसानों के लिए स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों को लागू किया जाए और गरीब खेतीहर मजदूर और किसानों के कर्ज माफ हो आदि. 

  • कर्ज माफी और न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य की मांग को लेकर रामलीला मैदान से किसानों का मार्च शुरू

    कर्ज माफी और न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य की मांग को लेकर रामलीला मैदान से किसानों का मार्च शुरू

    देश भर के किसान दिल्ली सोमवार से अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति (एआईकेएससीसी) के बैनर तले दो दिनों के प्रदर्शन में भाग लेंगे. वे अपने उत्पाद के लिए बेहतर कीमतों और कर्ज से पूरी आजादी की मांग करेंगे. समिति के मुताबिक प्रदर्शन में करीब 180 किसान संगठनों के सदस्यों के भाग लेने की उम्मीद है.

  • NEWS FLASH : पुणे : सुरंग बनाते वक्‍त हादसा, 8 मजदूरों की मौत

    NEWS FLASH : पुणे : सुरंग बनाते वक्‍त हादसा, 8 मजदूरों की मौत

    दिल्ली में आज देश भर से आए हजारों किसान अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति (एआईकेएससीसी) के बैनर तले प्रदर्शन करेंगे.

  • सरकार ने नहीं निभाया वादा, खुदकुशी करने वाले किसान 'गजेंद्र सिंह' का परिवार निराश

    सरकार ने नहीं निभाया वादा, खुदकुशी करने वाले किसान 'गजेंद्र सिंह' का परिवार निराश

    दिल्ली में आम आदमी पार्टी की एक किसान रैली के दौरान राजस्थान के किसान गजेंद्र सिंह ने पेड़ पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी. यह घटना 22 अप्रैल, 2015 की है.