NDTV Khabar

Farmers unions


'Farmers unions' - 34 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • बजट 2019: मोदी सरकार के आखिरी बजट को समझें 19 प्वाइंट में, जानें- किसे हुआ फायदा, कौन रहा खाली हाथ?

    बजट 2019: मोदी सरकार के आखिरी बजट को समझें 19 प्वाइंट में, जानें- किसे हुआ फायदा, कौन रहा खाली हाथ?

    केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को संसद में बजट पेश करते हुए किसानों, कामगार तबके और मध्यम वर्ग को ध्यान में रखते हुए कई घोषणाओं का ऐलान किया. इस साल होने वाले लोकसभा चुनाव का असर इस बजट में देखने को मिला है, मोदी सरकार ने उन सभी तबकों को इस बजट के जरिए साधने की कोशिश की है, जो चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं. वित्त मंत्री ने छोटे किसानों को सालाना 6,000 रुपये की न्यूनतम सहायता देने और पांच लाख रुपए तक सालाना आय वालों को कर से मुक्ति दी है. इतना ही नहीं उन्होंने कामगार वर्ग के लोगों के लिए पीएम श्रम योगी मानधन वृहद पेंशन योजना भी शुरू करने का ऐलान किया है, जिसके तहत 60 साल की उम्र के बाद हर महीने तीन हजार रुपये पेंशन मिलेगी.

  • वित्त मंत्री ने बजट में पेश किया विजन-30, जानें- अगले दस साल में कौनसे दस काम करेगी सरकार

    वित्त मंत्री ने बजट में पेश किया विजन-30, जानें- अगले दस साल में कौनसे दस काम करेगी सरकार

    वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को संसद में अंतरिम बजट 2019-20 पेश किया. उन्होंने कहा कि सरकार ने देश के अहम मुद्दों को ध्यान में रखते हुए अगले एक दशक के लिए एक विजन पेश किया है. उन्होंने कहा कि हम एक ऐसे भारत का निर्माण करेंगे, जहां गरीबी, कुपोषण, गंदगी और निरक्षरता बीते समय की बातें होंगी. साथ ही उन्होंने कहा कि भारत एक आधुनिक, प्रौधोगिक से संचालित, उच्च विकास के साथ एक समान और पारदर्शी समाज होगा. परिकल्पना-30 में वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने बताया है कि अगले दस साल में कौनसे दस काम करेगी सरकार...

  • बजट 2019 : जिनकी आय पांच लाख तक, सिर्फ उन्हें होगी 13,000 रुपये के इनकम टैक्स की बचत

    बजट 2019 : जिनकी आय पांच लाख तक, सिर्फ उन्हें होगी 13,000 रुपये के इनकम टैक्स की बचत

    इसके अलावा, पिछले दो सालों की तरह 1 फरवरी को ही पेश किए गए बजट में वित्तमंत्री ने पिछले साल मेडिकल और परिवहन खर्च के नाम पर शुरू की गई मानक कटौती को भी 40,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया है, जो सब पर लागू होगी. इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80सी के तहत निवेश पर मिलने वाली कर छूट की सीमा को नहीं बढ़ाया गया है, और वह अब भी डेढ़ लाख रुपये ही है, सो, अगर कैलकुलेट कर देखें, तो अब ऐसा कोई शख्स, जिसका 80सी में निवेश डेढ़ लाख रुपये है, और जिसने 10,000 रुपये बैंक से ब्याज के रूप में अर्जित किए हैं, उसे 6,60,000 रुपये तक की कुल आय होने पर कोई टैक्स नहीं देना होगा.

  • राहुल गांधी ने बजट को बताया, 'आखिरी जुमला बजट', कहा- डियर NoMo, किसानों को 17 रुपये प्रतिदिन देकर की उनकी बेइज्जती

    राहुल गांधी ने बजट को बताया, 'आखिरी जुमला बजट', कहा- डियर NoMo, किसानों  को 17 रुपये प्रतिदिन देकर की उनकी बेइज्जती

    केंद्रीय वित्त मत्री पीयूष गोयल ने संसद में वित्त वर्ष 2019-2020 का अंतरिम बजट पेश करते हुए कहा कि छोटे और सीमांत किसानों को निश्चित आय सहायता उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की शुरूआत की है. गोयल ने कहा कि इस योजना के तहत दो हेक्टेयर तक की जोत वाले किसान परिवारों को 6,000 रुपये प्रति वर्ष सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. यह राशि 2,000-2,000 की तीन किस्तों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिए सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी. इस कार्यक्रम के लिए केंद्र सरकार धन उपलब्ध कराएगी.

  • बजट में ऐलान: रेहड़ी-पटरी वाले, रिक्शा चालक और कूड़ा बीनने वालों को हर महीने मिलेगी 3000 रुपये पेंशन

    बजट में ऐलान: रेहड़ी-पटरी वाले, रिक्शा चालक और कूड़ा बीनने वालों को हर महीने मिलेगी 3000 रुपये पेंशन

    निर्माण मजदूर, बीड़ी बनाने वाले, हथकरघा कामगार, रेहड़ी-पटरी वाले, रिक्शा चालक, कूड़ा बीनने वाले, खेती कामगार, चमड़ा कामगार और ऐसे ही काम करने वाले अन्य कामगारों को इसका फायदा मिलेगा. करीब 42 करोड़ कामगारों को इससे फायदा होगा. इसका नाम 'प्रधानमंत्री श्रम-योगी मानधन वृहद पेंशन योजना' रखा जाएगा. इस योजना के तहत यह पेंशन 60 साल की उम्र के बाद मिलेगी. इसके लिए कामगारों को 29 साल की उम्र में इस पेंशन योजना से जुड़ने के लिए असंगठित क्षेत्र के कामगार को 100 रुपये मासिक 60 साल की उम्र तक देना होगा. अगर कामगार की उम्र 18 साल है तो उसे हर महीने 55 रुपये देने होंगे. सरकार भी हर महीने उसे पेंशन खाते में इतनी ही रकम जाम कराएगी.

  • बजट के बाद शेयर बाजार में उछाल, 370.21 प्वाइंट्स का देखा गया इजाफा

    बजट के बाद शेयर बाजार में उछाल, 370.21 प्वाइंट्स का देखा गया इजाफा

    वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने वर्ष 2019-20 का अंतरिम बजट भाषण पढ़ना शुरू किया और शेयर बाजारों में आरंभिक कारोबार में बढ़त देखी गई, हालांकि, चालू वित्त वर्ष के लिए राजकोषीय घाटा लक्ष्य के पार निकल गया है, लेकिन इसके बावजूद शुरुआती कारोबार में बाजार लाभ में रहे. बीएसई का 30 शेयरों का सेंसेक्स 157.10 अंक यानी 0.43 प्रतिशत की बढ़त के साथ 36,413.79 अंक पर चल रहा था. वहीं एनएसई निफ्टी 43.25 अंक यानी 0.40 प्रतिशत की तेजी के साथ 10,874.20 अंक पर चल रहा था. बजट भाषण में गोयल ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा जीडीपी के 3.4 प्रतिशत रहेगा. जबकि इसके लिए पूर्वानुमान 3.3 प्रतिशत तय किया गया था. बजट के बाद सेंसेक्स 370.21 प्वाइंट्स की बढ़त के साथ 36,626.90 पर पहुंच गया.

  • बड़ा तोहफा: 5 लाख रुपए तक सालाना आय वालों को नहीं देना होगा कोई टैक्स

    बड़ा तोहफा: 5 लाख रुपए तक सालाना आय वालों को नहीं देना होगा कोई टैक्स

    वित्त मंत्री ने कहा कि अब पांच लाख रुपए तक की आय वालों को किसी तरह का कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा. इसके साथ ही निवेश करने पर 6.5 लाख रुपए तक कोई टैक्स नहीं देना होगा. तीन करोड़ मध्य वर्ग के लोगों को इससे फायदा मिलेगा. बता दें, आयकर छूट की सीमा बढ़ाने की मांग कई बार से की जा रही थी. लेकिन इस साल लोकसभा चुनाव होने की वजह से आयकर सीमा में छूट बढ़ाने की उम्मीद की जा रही थी. इसके अलावा 40 हजार तक के बैंक ब्याज पर टीडीएस नहीं कटेगा. पहले यह सीमा 10 हजार रुपए तक की थी. आयकर छूट की सीमा बढ़ाने के ऐलान के बाद सेंसेक्स में उछाला आया है.

  • कर्मचारियों को तोहफा: बजट में मोदी सरकार ने ग्रेच्युटी की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर की 20 लाख रुपए

    कर्मचारियों को तोहफा: बजट में  मोदी सरकार ने ग्रेच्युटी की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर की 20 लाख रुपए

    Budget 2019: 'ग्रेच्युटी का भुगतान (संशोधन) अधिनियम, 2018' के लागू होने से पहले ग्रेच्युटी के भुगतान की अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये थी. केंद्रीय कर्मचारियों के लिये केंद्रीय कर्मचारी सिविल सेवा (पेंशन) विनियम 1972 के तहत ग्रेच्युटी भुगतान के नियम भी इससे मिलते जुलते हैं. सातवें वेतन आयोग के तहत सीसीएस (पेंशन) विनियम, 1972 के तहत अधिकतम भुगतान सीमा 10 लाख रुपये थी. लेकिन सातवें वेतन आयोग के लागू होने के बाद सरकारी कर्मचारियों के मामले में इसे बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया था.

  • मोदी सरकार का बड़ा ऐलान: किसानों को प्रति वर्ष दिए जाएंगे 6000 रुपये, तीन किस्तों में मिलेंगे पैसे

    मोदी सरकार का बड़ा ऐलान: किसानों को प्रति वर्ष दिए जाएंगे 6000 रुपये, तीन किस्तों में मिलेंगे पैसे

    Budget 2019: वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने साल 2019-20 का अंतरिम बजट पेश करने से पहले अपने बजट भाषण में कहा कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी. बजट पेश करते हुए गोयल ने ऐलान किया कि प्रधानमंत्री किसान योजना में 2 हेक्टेयर तक की जमीन वाले छोटे किसानों को 6,000 रुपये प्रति वर्ष मिलेंगे. तीन किस्तों में पैसे मिलेंगे. पहली किस्त जल्द मिलेगी. यह पैसा 2 हेक्टेयर जमीन वाले किसानों को दिया जाएगा. यह योजना दिसंबर 2018 से ही लागू हो जाएगी. इसका पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाएगी. इससे 12 करोड़ किसानों को फायदा होगा. इसके साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को मंजूरी दे गई. इस वर्ष किसान निधि के लिए 75 हजार करोड़ रुपए दिए गए हैं.

  • ट्रेड यूनियनों की हड़ताल पर ममता बनर्जी सख्त, बोलीं- बहुत हो गया, अब बंगाल में कोई 'बंद' नहीं होगा

    ट्रेड यूनियनों की हड़ताल पर ममता बनर्जी सख्त, बोलीं- बहुत हो गया, अब बंगाल में कोई 'बंद' नहीं होगा

    केंद्र सरकार की ‘जन-विरोधी’ नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए मंगलवार से 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने 48 घंटे के राष्ट्रव्यापी बंद का आह्वान किया है.

  • क्या दिल्ली में फिर होगा किसान आंदोलन? इस तारीख को दिल्ली में जुटेंगे देश भर के किसान

    क्या दिल्ली में फिर होगा किसान आंदोलन? इस तारीख को दिल्ली में जुटेंगे देश भर के किसान

    देश भर के किसान अपनी मांगों को लेकर एक बार फिर दिल्ली का रुख करेंगे. अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति के बैनर तले दिल्ली के रामलीला मैदान में दो दिवसीय किसान महासम्मेलन का आयोजन किया गया है. यह सम्मेलन 29 और 30 नवंबर को होगा. समिति के अध्यक्ष वीएम सिंह ने गुरुवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि तीन दिन के इस आंदोलन के दौरान 28 नवंबर को सभी किसान संगठनों के प्रतिनिधि दिल्ली के सीमीवर्ती शहरों फरीदाबाद, गाजियाबाद और गुरुग्राम में एकत्र होंगे. इसके बाद सभी किसान संगठन दो दिवसीय किसान महासम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पैदल मार्च कर रामलीला मैदान पहुंचेंगे.

  • किसानों की समस्या पर सरकार कितनी गंभीर?

    किसानों की समस्या पर सरकार कितनी गंभीर?

    कायदे से 2 अक्तूबर को ऐसा नहीं होना चाहिए था मगर दिल्ली यूपी बॉर्डर पर किसानों को रोकने गई पुलिस के कारण हम सबको ये देखने को मिला. किसान किसी भी हाल पर राजघाट जाना चाहते थे. 2 अक्तूबर के पूरे दिन दिल्ली की इस सीमा पर टकराव और तनाव में बीता.

  • दिल्ली में प्रवेश की इजाजत मिलने के बाद किसानों ने कहा- हमारी जीत हुई, आंदोलन समाप्त

    दिल्ली में प्रवेश की इजाजत मिलने के बाद किसानों ने कहा- हमारी जीत हुई, आंदोलन समाप्त

    केंद्र सरकार ने किसानों को बुधवार को तड़के राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रवेश करने की इजाजत दे दी. इससे पुलिस कर्मियों और किसानों के बीच चल रहा गतिरोध समाप्त हो गया. आंदोलनकारियों के दिल्ली के किसान घाट पहुंचने के साथ ही किसानों का आंदोलन खत्म हो गया.

  • किसान आंदोलन के चलते बुधवार को गाजियाबाद के सभी स्कूल, कॉलेज बंद रहेंगे

    किसान आंदोलन के चलते बुधवार को गाजियाबाद के सभी स्कूल, कॉलेज बंद रहेंगे

    किसान आंदोलन (Farmers Agitation) के मद्देनजर गाजियाबाद के सभी स्कूल और कॉलेज बुधवार को बंद रहेंगे. हजारों की संख्या में किसानों को राजधानी दिल्ली में घुसने नहीं दिया गया. इसके बाद किसानों ने रात में गाजीपुर मंडी इलाके में ही धरना दे दिया. इसे देखते हुए ही गाजियाबाद प्रशासन ने स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखने का आदेश जारी किया. इससे पहले उत्तर प्रदेश और दिल्ली की सीमा पर हजारों किसानों के आंदोलन ने मंगलवार को उस समय हिंसक रूप धारण कर लिया, जब उन्होंने बेरीकेडिंग तोड़ने और अपने ट्रैक्टरों से राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने की कोशिश की. इसके बाद उन्हें खदेड़ने के लिए पुलिस को पानी की बौछारों और आंसू गैस के गोलों का उपयोग करना पड़ा.

  • मोदी सरकार ने जय जवान, जय किसान को 'मर जवान, मर किसान' में बदल डाला: लालू यादव

    मोदी सरकार ने जय जवान, जय किसान को 'मर जवान, मर किसान' में बदल डाला: लालू यादव

    विपक्षी दलों ने राष्ट्रीय राजधानी की तरफ मार्च कर रहे हजारों किसानों के खिलाफ मोदी सरकार पर मंगलवार को 'बर्बर पुलिस कार्रवाई' करने का आरोप लगाया. एक तरफ कांग्रेस ने कटाक्ष किया कि 'दिल्ली सल्तनत का बादशाह सत्ता के नशे में है.' तो वहीं दूसरी तरफ राजद सुप्रीमो लालू यादव ने कहा कि जय जवान, जय किसान का नारा देने वाले पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर अच्छे दिनों की छलावा करने वाली सरकार ने उस नारे को 'मर जवान, मर किसान' में तब्दील कर दिया. वहीं, लालू यादव के बेटे तेजस्वी  ने कहा कि पूंजीपतियों के दलालों, अन्नदाताओं की मांगे पूरी करो या सिंहासन ख़ाली करो. बसपा प्रमुख मायावती ने भी किसानों पर लाठीचार्ज के मुद्दे पर मोदी सरकार पर हमला बोला. बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि यह भाजपा सरकार की निरंकुशता की पराकाष्ठा है, जिसका खामियाजा भुगतने के लिए उसे तैयार रहना चाहिए.

  • मायावती ने किसानों के ऊपर लाठीचार्ज को लेकर BJP सरकार पर साधा निशाना, कही यह बात...

    मायावती ने किसानों के ऊपर लाठीचार्ज को लेकर BJP सरकार पर साधा निशाना, कही यह बात...

    बसपा सुप्रीमो मायावती ने दिल्ली में किसानों पर पुलिस लाठीचार्ज की निंदा करते हुए कहा कि यह भाजपा सरकार की निरंकुशता की पराकाष्ठा है, जिसका खामियाजा भुगतने के लिए उसे तैयार रहना चाहिए. मायावती ने कहा कि किसानों की आय दोगुना कर उनके अच्छे दिन लाने का वादा करने वाली भाजपा सरकार निहत्थे किसानों पर पुलिस से लाठियां चलवा रही हैं और उनपर आंसू गैस के गोले दगवा कर पुलिसिया जुल्म कर रही है.

  • Kisan Kranti Yatra LIVE : किसानों ने नहीं माना सरकार का आश्वासन - किसान घाट पहुंचे, गाजियाबाद में आज बंद रहेंगे सभी स्कूल और कॉलेज

    Kisan Kranti Yatra LIVE : किसानों ने नहीं माना सरकार का आश्वासन - किसान घाट पहुंचे, गाजियाबाद में आज बंद रहेंगे सभी स्कूल और कॉलेज

    भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों की इस यात्रा को देखते हुए दिल्ली की सभी सीमाओं को सील कर दिया गया है. जगह-जगह नाकेबंदी की गई है. कई इलाक़ों में धारा 144 लगा दी गई है. दिल्ली ट्रैफ़िक पुलिस ने एडवाइज़री भी जारी की है, जिसमें कई इलाक़ों में जाने से बचने की सलाह दी गई है.

  • मोदी सरकार के खिलाफ देश भर के किसान-मजदूरों का ने रामलीला मैदान से संसद तक किया पैदल मार्च

    मोदी सरकार के खिलाफ देश भर के किसान-मजदूरों का ने रामलीला मैदान से संसद तक किया पैदल मार्च

    आज देश की राजधानी दिल्ली में वाम दलों के समर्थन में आज यानी बुधवार को किसान और मजदूर सगंठन मोदी सरकार के खिलाफ हल्ला बोल रहे हैं. वाम दलों के समर्थन वाले किसान एवं मजदूर संगठनों की ओर से बुधवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली का आयोजन किया गया है. ऐसा पहली बार हो रहा है जब किसान एवं मजदूर किसी एक रैली में एकजुट होकर हिस्सा ले रहे हैं. आज सुबह से ही दिल्ली की सड़कों पर किसानों और मजदूरों की रैली का प्रभाव दिखना शुरू हो गया है. दरअसल, किसानों और मजदूरों की मांग है कि महंगाई पर लगाम लगाई जाए. काम के सही दाम मिले. साथ ही मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी भत्ता तय किया जाए. किसानों के लिए स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों को लागू किया जाए और गरीब खेतीहर मजदूर और किसानों के कर्ज माफ हो आदि.