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'Farmers' - 898 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • महाराष्ट्र में एक बार फिर लांग मार्च के लिए तैयार हजारों किसान, सरकार नहीं दे रही इजाजत

    महाराष्ट्र में एक बार फिर लांग मार्च के लिए तैयार हजारों किसान, सरकार नहीं दे रही इजाजत

    महाराष्ट्र के किसान एक बार फिर लांग मार्च निकालने को तैयार हैं और उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी जा रही है. अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले यह लांग मार्च नासिक से मुंबई तक होना है. फिलहाल किसान नासिक के मुंबई नाका बस स्टाप पर एकत्रित हैं. आयोजकों का दावा है कि 50 हजार से ज्यादा किसान इस मार्च में हिस्सा ले रहे हैं.

  • मथुरा में पानी की पाइप लाइन को लेकर संघर्ष में किसान की हत्या

    मथुरा में पानी की पाइप लाइन को लेकर संघर्ष में किसान की हत्या

    उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद के एक गांव में रविवार की रात पानी की पाइप लाइन डालने को लेकर एक पक्ष के लोगों ने आम राय होकर दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति पर हमला कर उसकी हत्या कर दी तथा महिला सहित दो लोगों को घायल कर दिया.

  • किसानों के खाते में पैसा भेजने की योजना पर किसान सभा ने उठाए सवाल

    किसानों के खाते में पैसा भेजने की योजना पर किसान सभा ने उठाए सवाल

    अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएमकेएसएन) योजना को लेकर कुछ सवाल उठाए हैं.

  • किसानों के खातों में दो हजार रुपये ट्रांसफर करने की योजना 24 फरवरी को हो सकती है शुरू

    किसानों के खातों में दो हजार रुपये ट्रांसफर करने की योजना 24 फरवरी को हो सकती है शुरू

    बीजेपी के किसान मोर्चा का अधिवेशन 23 और 24 फरवरी को गोरखपुर में होगा. बीजेपी सूत्रों के मुताबिक 24 फरवरी को दो हेक्टेयर से कम खेतिहर किसानों को 2000 रुपये खाते में ट्रांसफर करने की शुरुआत नरेंद्र मोदी कर सकते हैं.

  • मोदी के 'मास्टरस्ट्रोक' vs राहुल की 'रबड़ी' : कांग्रेस के 'तीन सियासी तीर' BJP को सत्ता से कर पाएंगे दूर?

    मोदी के 'मास्टरस्ट्रोक' vs राहुल की 'रबड़ी' : कांग्रेस के 'तीन सियासी तीर' BJP को सत्ता से कर पाएंगे दूर?

    लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Polls 2019) में जीत दर्ज करने के लिए अपने कार्यकाल के आखिरी दिनों में मोदी सरकार (Modi Govt) एक से बढ़कर एक ऐलान कर रही है. वहीं, कांग्रेस (Congress) पार्टी चुनावी अभियानों और प्रेस कॉन्फ्रेंसों के माध्यम से वोटरों को लुभाने के लिए घोषणाओं यानी वादों की फेहरिस्त लंबी कर रही है.

  • किसानों के लिए खुशखबरी: इस स्कीम के तहत इसी महीने से खाते में पैसा भेजना शुरू कर देगी मोदी सरकार

    किसानों के लिए खुशखबरी: इस स्कीम के तहत इसी महीने से खाते में पैसा भेजना शुरू कर देगी मोदी सरकार

    इस योजना के तहत दो हेक्टेयर जोत तक वाले किसानों को सालाना 6,000 रुपये का न्यूनतम समर्थन दिया जाएगा. यह राशि उनके खातों में तीन किस्तों में डाली जाएगी. सरकार ने चालू वित्त वर्ष में 12 करोड़ किसानों को योजना के तहत धन देने के लिए 20,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है.

  • हमारी सरकार ने अंतरिम बजट में कांग्रेस की तरह 'कर्जमाफी' की ड्रामेबाजी नहीं की: PM मोदी

    हमारी सरकार ने अंतरिम बजट में कांग्रेस की तरह 'कर्जमाफी' की ड्रामेबाजी नहीं की: PM मोदी

    पीएम मोदी ने भाजपा की एक रैली में यहां कहा कि पिछली किसी भी सरकार ने आजादी के बाद किसानों के लिए इतनी बड़ी सहायता योजना नहीं शुरू की.

  • दिल्ली से नोएडा जोड़ने वाले रास्ते DND पर जाने पर लग सकता है जाम, किसानों का प्रदर्शन जारी

    दिल्ली से नोएडा जोड़ने वाले रास्ते DND पर जाने पर लग सकता है जाम, किसानों का प्रदर्शन जारी

    मोदी सरकार ने बजट में किसानों को सौगातें देखकर रिझाने की कोशिश की लेकिन किसानों का गुस्सा अभी भी शांत नहीं हुआ है. जमीन अधिग्रहण में उचित मुआवजे की मांग को लेकर नाराज किसान दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री आवास को घेरने की चेतावनी दे रहे हैं.

  • बजट 2019: जानिए कब से मिलनी शुरू होगी किसानों को छह हजार की आर्थिक सहायता?

    बजट 2019: जानिए कब से मिलनी शुरू होगी किसानों को छह हजार की आर्थिक सहायता?

    दो हेक्टेयर की छोटी जोत वाले व सीमांत किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीए-किसान) योजना के तहत मार्च के शुरू में योजना की पहली किस्त के तौर पर 2,000 रुपये प्रदान किए जाएंगे.

  • बजट 2019: मोदी सरकार के आखिरी बजट को समझें 19 प्वाइंट में, जानें- किसे हुआ फायदा, कौन रहा खाली हाथ?

    बजट 2019: मोदी सरकार के आखिरी बजट को समझें 19 प्वाइंट में, जानें- किसे हुआ फायदा, कौन रहा खाली हाथ?

    केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को संसद में बजट पेश करते हुए किसानों, कामगार तबके और मध्यम वर्ग को ध्यान में रखते हुए कई घोषणाओं का ऐलान किया. इस साल होने वाले लोकसभा चुनाव का असर इस बजट में देखने को मिला है, मोदी सरकार ने उन सभी तबकों को इस बजट के जरिए साधने की कोशिश की है, जो चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं. वित्त मंत्री ने छोटे किसानों को सालाना 6,000 रुपये की न्यूनतम सहायता देने और पांच लाख रुपए तक सालाना आय वालों को कर से मुक्ति दी है. इतना ही नहीं उन्होंने कामगार वर्ग के लोगों के लिए पीएम श्रम योगी मानधन वृहद पेंशन योजना भी शुरू करने का ऐलान किया है, जिसके तहत 60 साल की उम्र के बाद हर महीने तीन हजार रुपये पेंशन मिलेगी.

  • वित्त मंत्री ने बजट में पेश किया विजन-30, जानें- अगले दस साल में कौनसे दस काम करेगी सरकार

    वित्त मंत्री ने बजट में पेश किया विजन-30, जानें- अगले दस साल में कौनसे दस काम करेगी सरकार

    वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को संसद में अंतरिम बजट 2019-20 पेश किया. उन्होंने कहा कि सरकार ने देश के अहम मुद्दों को ध्यान में रखते हुए अगले एक दशक के लिए एक विजन पेश किया है. उन्होंने कहा कि हम एक ऐसे भारत का निर्माण करेंगे, जहां गरीबी, कुपोषण, गंदगी और निरक्षरता बीते समय की बातें होंगी. साथ ही उन्होंने कहा कि भारत एक आधुनिक, प्रौधोगिक से संचालित, उच्च विकास के साथ एक समान और पारदर्शी समाज होगा. परिकल्पना-30 में वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने बताया है कि अगले दस साल में कौनसे दस काम करेगी सरकार...

  • बजट 2019 : जिनकी आय पांच लाख तक, सिर्फ उन्हें होगी 13,000 रुपये के इनकम टैक्स की बचत

    बजट 2019 : जिनकी आय पांच लाख तक, सिर्फ उन्हें होगी 13,000 रुपये के इनकम टैक्स की बचत

    इसके अलावा, पिछले दो सालों की तरह 1 फरवरी को ही पेश किए गए बजट में वित्तमंत्री ने पिछले साल मेडिकल और परिवहन खर्च के नाम पर शुरू की गई मानक कटौती को भी 40,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया है, जो सब पर लागू होगी. इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80सी के तहत निवेश पर मिलने वाली कर छूट की सीमा को नहीं बढ़ाया गया है, और वह अब भी डेढ़ लाख रुपये ही है, सो, अगर कैलकुलेट कर देखें, तो अब ऐसा कोई शख्स, जिसका 80सी में निवेश डेढ़ लाख रुपये है, और जिसने 10,000 रुपये बैंक से ब्याज के रूप में अर्जित किए हैं, उसे 6,60,000 रुपये तक की कुल आय होने पर कोई टैक्स नहीं देना होगा.

  • 5 रुपये में भरपेट खाना मिलने का दावा करने वाली कांग्रेस से BJP आज एक कदम आगे निकली

    5 रुपये में भरपेट खाना मिलने का दावा करने वाली कांग्रेस से BJP आज एक कदम आगे निकली

    कांग्रेस जहां अपने कार्यकाल में गरीबों को 5 रुपये और 12 रुपये में भरपेट खाना मिलने का दावा करती थी तो बीजेपी ने आज एक कदम आगे बढ़ते हुए 17 रुपये हर रोज के हिसाब से किसानों को मदद करने का ऐलान कर डाला है. आपको याद होगा जब साल 2013 में जब डॉ. मनमोहन सिंह की अगुवाई में यूपीए सरकार लोकसभा चुनाव की तैयारी कर रही थी तो उस समय कांग्रेस के कुछ नेताओं के बयान पार्टी की जमकर फजीहत करा रहे थे.

  • राहुल गांधी ने बजट को बताया, 'आखिरी जुमला बजट', कहा- डियर NoMo, किसानों को 17 रुपये प्रतिदिन देकर की उनकी बेइज्जती

    राहुल गांधी ने बजट को बताया, 'आखिरी जुमला बजट', कहा- डियर NoMo, किसानों  को 17 रुपये प्रतिदिन देकर की उनकी बेइज्जती

    केंद्रीय वित्त मत्री पीयूष गोयल ने संसद में वित्त वर्ष 2019-2020 का अंतरिम बजट पेश करते हुए कहा कि छोटे और सीमांत किसानों को निश्चित आय सहायता उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की शुरूआत की है. गोयल ने कहा कि इस योजना के तहत दो हेक्टेयर तक की जोत वाले किसान परिवारों को 6,000 रुपये प्रति वर्ष सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. यह राशि 2,000-2,000 की तीन किस्तों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिए सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी. इस कार्यक्रम के लिए केंद्र सरकार धन उपलब्ध कराएगी.

  • बजट में ऐलान: रेहड़ी-पटरी वाले, रिक्शा चालक और कूड़ा बीनने वालों को हर महीने मिलेगी 3000 रुपये पेंशन

    बजट में ऐलान: रेहड़ी-पटरी वाले, रिक्शा चालक और कूड़ा बीनने वालों को हर महीने मिलेगी 3000 रुपये पेंशन

    निर्माण मजदूर, बीड़ी बनाने वाले, हथकरघा कामगार, रेहड़ी-पटरी वाले, रिक्शा चालक, कूड़ा बीनने वाले, खेती कामगार, चमड़ा कामगार और ऐसे ही काम करने वाले अन्य कामगारों को इसका फायदा मिलेगा. करीब 42 करोड़ कामगारों को इससे फायदा होगा. इसका नाम 'प्रधानमंत्री श्रम-योगी मानधन वृहद पेंशन योजना' रखा जाएगा. इस योजना के तहत यह पेंशन 60 साल की उम्र के बाद मिलेगी. इसके लिए कामगारों को 29 साल की उम्र में इस पेंशन योजना से जुड़ने के लिए असंगठित क्षेत्र के कामगार को 100 रुपये मासिक 60 साल की उम्र तक देना होगा. अगर कामगार की उम्र 18 साल है तो उसे हर महीने 55 रुपये देने होंगे. सरकार भी हर महीने उसे पेंशन खाते में इतनी ही रकम जाम कराएगी.

  • बजट के बाद शेयर बाजार में उछाल, 370.21 प्वाइंट्स का देखा गया इजाफा

    बजट के बाद शेयर बाजार में उछाल, 370.21 प्वाइंट्स का देखा गया इजाफा

    वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने वर्ष 2019-20 का अंतरिम बजट भाषण पढ़ना शुरू किया और शेयर बाजारों में आरंभिक कारोबार में बढ़त देखी गई, हालांकि, चालू वित्त वर्ष के लिए राजकोषीय घाटा लक्ष्य के पार निकल गया है, लेकिन इसके बावजूद शुरुआती कारोबार में बाजार लाभ में रहे. बीएसई का 30 शेयरों का सेंसेक्स 157.10 अंक यानी 0.43 प्रतिशत की बढ़त के साथ 36,413.79 अंक पर चल रहा था. वहीं एनएसई निफ्टी 43.25 अंक यानी 0.40 प्रतिशत की तेजी के साथ 10,874.20 अंक पर चल रहा था. बजट भाषण में गोयल ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा जीडीपी के 3.4 प्रतिशत रहेगा. जबकि इसके लिए पूर्वानुमान 3.3 प्रतिशत तय किया गया था. बजट के बाद सेंसेक्स 370.21 प्वाइंट्स की बढ़त के साथ 36,626.90 पर पहुंच गया.

  • बड़ा तोहफा: 5 लाख रुपए तक सालाना आय वालों को नहीं देना होगा कोई टैक्स

    बड़ा तोहफा: 5 लाख रुपए तक सालाना आय वालों को नहीं देना होगा कोई टैक्स

    वित्त मंत्री ने कहा कि अब पांच लाख रुपए तक की आय वालों को किसी तरह का कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा. इसके साथ ही निवेश करने पर 6.5 लाख रुपए तक कोई टैक्स नहीं देना होगा. तीन करोड़ मध्य वर्ग के लोगों को इससे फायदा मिलेगा. बता दें, आयकर छूट की सीमा बढ़ाने की मांग कई बार से की जा रही थी. लेकिन इस साल लोकसभा चुनाव होने की वजह से आयकर सीमा में छूट बढ़ाने की उम्मीद की जा रही थी. इसके अलावा 40 हजार तक के बैंक ब्याज पर टीडीएस नहीं कटेगा. पहले यह सीमा 10 हजार रुपए तक की थी. आयकर छूट की सीमा बढ़ाने के ऐलान के बाद सेंसेक्स में उछाला आया है.

  • कर्मचारियों को तोहफा: बजट में मोदी सरकार ने ग्रेच्युटी की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर की 20 लाख रुपए

    कर्मचारियों को तोहफा: बजट में  मोदी सरकार ने ग्रेच्युटी की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर की 20 लाख रुपए

    Budget 2019: 'ग्रेच्युटी का भुगतान (संशोधन) अधिनियम, 2018' के लागू होने से पहले ग्रेच्युटी के भुगतान की अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये थी. केंद्रीय कर्मचारियों के लिये केंद्रीय कर्मचारी सिविल सेवा (पेंशन) विनियम 1972 के तहत ग्रेच्युटी भुगतान के नियम भी इससे मिलते जुलते हैं. सातवें वेतन आयोग के तहत सीसीएस (पेंशन) विनियम, 1972 के तहत अधिकतम भुगतान सीमा 10 लाख रुपये थी. लेकिन सातवें वेतन आयोग के लागू होने के बाद सरकारी कर्मचारियों के मामले में इसे बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया था.

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