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'Fpi' - 26 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • चार माह की गिरावट के बाद अक्टूबर में पी नोट्स के जरिए निवेश बढ़ा

    चार माह की गिरावट के बाद अक्टूबर में पी नोट्स के जरिए निवेश बढ़ा

    पिछले चार माह के दौरान पी-नोट्स से होने वाली निवेश निवेश में  गिरावट दर्ज की गई थी. पी-नोट्स पंजीकृत विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) द्वारा उन विदेशी निवेशकों को जारी किया जाता है जो भारतीय शेयर बाजार में निवेश करना चाहते हैं.

  • FPI ने नवंबर में भारतीय पूंजी बाजारों में डाले 19,203 करोड़ रुपये

    FPI ने नवंबर में भारतीय पूंजी बाजारों में डाले 19,203 करोड़ रुपये

    विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने नवंबर के पहले 15 दिन में घरेलू पूंजी बाजारों में 19,203 करोड़ रुपये का निवेश किया है.

  • एफपीआई ने भारतीय पूंजी बाजारों में किया 5,072 करोड़ रुपये का निवेश

    एफपीआई ने भारतीय पूंजी बाजारों में किया 5,072 करोड़ रुपये का निवेश

    विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने अक्टूबर महीने में अब तक भारतीय पूंजी बाजार में 5,072 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया है. इससे पहले सितंबर में भी एफपीआई ने 6,557.8 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया था. हालांकि जुलाई और अगस्त में एफपीआई शुद्ध बिकवाल रहे थे. डिपॉजिटरी के हालिया आंकड़ों के अनुसार, एफपीआई ने एक से 18 अक्टूबर के दौरान शेयरों में 4,970 करोड़ रुपये और बांड बाजार में 102 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया. इस तरह घरेलू पूंजी बाजार में एफपीआई का शुद्ध निवेश 5,072 करोड़ रुपये रहा.

  • FPI ने 3 दिनों में शेयर बाजार से करीब 3 हजार करोड़ रुपये निकाले

    FPI ने 3 दिनों में शेयर बाजार से करीब 3 हजार करोड़ रुपये निकाले

    वैश्विक नरमी और व्यापार युद्ध की आशंकाओं के बीच विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने अक्टूबर में शुरूआती तीन कारोबारी दिवसों में शेयर बाजार से करीब 3,000 करोड़ रुपये की निकासी की है. विदेशी निवेशकों ने इससे पहले सितंबर में शेयरों में शुद्ध रूप से करीब 7,850 करोड़ रुपये का निवेश किया था. हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के रेपो दर में कटौती और बाजार नियामक सेबी के कुछ फैसलों से एफपीआई निवेश में तेजी आने की उम्मीद है.

  • मंदी के अंदेशे के बीच सरकार ने विदेशी निवेशकों पर बढ़े सरचार्ज को वापस लिया, 10 बड़ी बातें

    मंदी के अंदेशे के बीच सरकार ने विदेशी निवेशकों पर बढ़े सरचार्ज को वापस लिया, 10 बड़ी बातें

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने देश के आर्थिक हालात के बारे में विस्तार से जानकारी तो दी ही, साथ ही कई घोषणाएं भी की. उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था बाकी देशों की अर्थव्यवस्था से बेहतर है. भारत में मंदी जैसी कोई बात नहीं है, लेकिन हम अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई कदम उठा रहे हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि वैश्विक जीडीपी वृद्धि दर संशोधित होकर मौजूदा अनुमान 3.2 प्रतिशत से नीचे जा सकती है. वैश्विक मांग कमजोर रहेगी. अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध तथा मुद्रा अवमूल्यन के चलते वैश्विक व्यापार में काफी उतार-चढ़ाव वाली स्थिति पैदा हुई है. भारत की आर्थिक वृद्धि दर कई देशों की तुलना में ऊंची है. आर्थिक सुधार सरकार के एजेंडा में सबसे ऊपर है, सुधारों की प्रक्रिया जारी है, इसकी रफ्तार थमी नहीं है. उन्होंने कहा कि कारपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) नियमों के उल्लंघन को दिवानी मामले की तरह देखा जाएगा, इसे आपराधिक मामलों की श्रेणी में नहीं रखा जाएगा.

  • सरकार ने ऊंची कमाई करने वालों पर बढ़ा सरचार्ज वापस लिया, एंजल टैक्स के प्रावधान को भी वापस लेने का निर्णय

    सरकार ने ऊंची कमाई करने वालों पर बढ़ा सरचार्ज वापस लिया, एंजल टैक्स के प्रावधान को भी वापस लेने का निर्णय

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को यह घोषणा की. इस मामले में बजट पूर्व की स्थिति बहाल कर दी गई है. साल 2019-20 के बजट में ऊंची कमाई करने वालों पर ऊंची दर से कर सरचार्ज लगा दिया गया. एफपीआई भी इस बढ़े हुये सरचार्ज के दायरे में आ गये थे.

  • एफपीआई ने अगस्त में पूंजी बाजारों में डाले 7,577 करोड़ रुपये

    एफपीआई ने अगस्त में पूंजी बाजारों में डाले 7,577 करोड़ रुपये

    विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने भारतीय पूंजी बाजारों में अभी तक इस महीने 7,500 करोड़ रुपये से अधिक डाले हैं. कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों तथा कच्चे तेल की कीमतों में सुधार की वजह से एफपीआई का निवेश बढ़ा है. इससे पहले पिछले महीने एफपीआई ने पूंजी बाजारों (शेयर और ऋण) में 2,300 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया था. वहीं इससे पहले अप्रैल-जून के दौरान उन्होंने 61,000 करोड़ रुपये की निकासी की थी. 

  • एफपीआई निकासी 10 साल के उच्च स्तर पर

    एफपीआई निकासी 10 साल के उच्च स्तर पर

    विदेशी निवेशकों द्वारा भारतीय पूंजी बाजारों से धन की निकासी का क्रम जारी है. इस साल की पहली छमाही में पूंजी बाजारों से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की निकासी करीब 48,000 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है. यह पिछले 10 साल का उच्च स्तर है. 

  • एफपीआई ने जून में भारतीय बाजारों से 5,500 करोड़ रुपये निकाले

    एफपीआई ने जून में भारतीय बाजारों से 5,500 करोड़ रुपये निकाले

    विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने इस महीने अभी तक भारतीय पूंजी बाजारों से 5,500 करोड़ रुपये की निकासी की है. वैश्विक व्यापार युद्ध को लेकर चिंता तथा अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख के संकेतकों से विदेशी निवेशक निकासी कर रहे हैं. 

  • विदेशी निवेशकों ने मई में अब तक निकाले 2.65 अरब डॉलर

    विदेशी निवेशकों ने मई में अब तक निकाले 2.65 अरब डॉलर

    विदेशी निवेशकों ने इस महीने अब तक पूंजी बाजारों से करीब 18,000 करोड़ रुपये (2.65 अरब डालर) की पूंजी निकासी की है. मुख्य रूप से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम में तेजी तथा अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण यह निकासी की गयी है. विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने अप्रैल में पूंजी बाजार से 15,500 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की.

  • मार्च तिमाही में भारतीय शेयर बाजारों में एफपीआई ने 2.2 अरब डॉलर डाले

    मार्च तिमाही में भारतीय शेयर बाजारों में एफपीआई ने 2.2 अरब डॉलर डाले

    विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने मार्च तिमाही में भारतीय शेयर बाजारों में 2.2 अरब डॉलर का निवेश किया है. कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों की उम्मीद , उत्साहवर्धक आर्थिक आंकड़ों तथा वैश्विक बाजारों में मजबूती के रुख के बीच विदेशी निवेशकों भारतीय शेयर बाजारों में प्रवाह बढ़ा है. 

  • सेबी ने सरकारी, कारपोरेट बांड में एफपीआई निवेश की सीमा बढ़ाई

    सेबी ने सरकारी, कारपोरेट बांड में एफपीआई निवेश की सीमा बढ़ाई

    देश में विदेशी पूंजी के प्रवाह को तेज करने के लिए बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के लिए केंद्र सरकार और कारपोरेट बांडों में निवेश की सीमा बढ़ाने का निर्णय किया है. यह सीमा सेबी दो बार में बढ़ायी जा रही है. 

  • निवेश के लिहाज से भारत अब भी आकर्षक, अप्रैल-जुलाई के बीच 700 नए विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक पंजीकृत

    निवेश के लिहाज से भारत अब भी आकर्षक, अप्रैल-जुलाई के बीच 700 नए विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक पंजीकृत

    भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2017-18 के पहले चार महीने में 700 से ज्यादा नये विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) सेबी के पास पंजीकृत हुये हैं. यह इस ओर इशारा करता है कि भारत अभी भी निवेश के लिहाज से आकर्षक स्थल है.

  • विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने अगस्त में ऋृण बाजारों में 10,000 करोड़ रुपये डाले

    विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने अगस्त में ऋृण बाजारों में 10,000 करोड़ रुपये डाले

    भारतीय ऋृण बाजारों को लेकर विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) का रुख सकारात्मक बना हुआ है.

  • एफपीआई ने जुलाई में भारतीय बाजारों में चार अरब डॉलर का निवेश किया

    एफपीआई ने जुलाई में भारतीय बाजारों में चार अरब डॉलर का निवेश किया

    विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) का भारतीय बाजार को लेकर सकारात्मक रुख कायम है.

  • एफडीआई के चलते एफपीआई में बढ़ा आकर्षण, दो सप्ताह में 11,000 करोड़ का निवेश

    एफडीआई के चलते एफपीआई में बढ़ा आकर्षण, दो सप्ताह में 11,000 करोड़ का निवेश

    बिना किसी अड़चन के जीएसटी के लागू होने तथा भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी से उत्साहित विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने इस महीने के पहले दो सप्ताह में देश के पूंजी बाजार में करीब 11,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है.

  • व्यापार घाटा पिछले 9 महीनों में सुधरा, मार्च के अंत तक 100 से 110 अरब डॉलर रहने का अनुमान

    व्यापार घाटा पिछले 9 महीनों में सुधरा, मार्च के अंत तक 100 से 110 अरब डॉलर रहने का अनुमान

    देश का व्यापार घाटा वित्त वर्ष 2016-17 के पहले नौ महीनों में अपेक्षाकृत कम हुआ है. इससे पहले वित्त वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले इसमें 25 प्रतिशत सुधार देखा गया है. मार्च के अंत तक यह 100 से 110 अरब डॉलर रह सकता है.

  • एक पखवाड़े में विदेशी निवेशकों ने शेयर बाजारों से 3,800 करोड़ रुपये निकाले

    एक पखवाड़े में विदेशी निवेशकों ने शेयर बाजारों से 3,800 करोड़ रुपये निकाले

    विदेशी निवेशकों ने देश के शेयर बाजारों से इस महीने अभी तक 3,800 करोड़ रुपये की निकासी की है. अन्य उभरते बाजारों की तुलना में देश में वृद्धि कम रहने की संभावनाओं के मद्देनजर विदेशी निवेश निकासी कर रहे हैं.