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Freedom of press


'Freedom of press' - 16 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • खूब लड़ा ऑस्ट्रेलिया का मीडिया, खूब झुका भारत का मीडिया

    खूब लड़ा ऑस्ट्रेलिया का मीडिया, खूब झुका भारत का मीडिया

    आप जो अख़बार ख़रीदते हैं, या जो चैनल देखते हैं, क्या वह आज़ाद है? उसके आज़ाद होने का क्या मतलब है? सिर्फ छपना और बोलना आज़ादी नहीं होती. प्रेस की आज़ादी का मतलब है कि संपादक और रिपोर्टर ने किसी सूचना को हासिल करने के लिए मेहनत की हो, उन्हें छापने से पहले सब चेक किया हो और फिर बेखौफ होकर छापा और टीवी पर दिखाया हो. इस आज़ादी को ख़तरा सिर्फ डर से नहीं होता है. जब सरकारें सूचना के तमाम सोर्स पर पहरा बढ़ा देती हैं तब आपके पास सूचनाएं कम पहुंचने लगती हैं. सूचनाओं का कम पहुंचना सिर्फ प्रेस की आज़ादी पर हमला नहीं है, वो आपकी आज़ादी पर हमला है. क्या आप अपनी आज़ादी गंवाने के लिए तैयार हैं?

  • अमित शाह ने की 'प्रेस की आजादी' की बात तो इस कॉमेडियन का बीजेपी अध्यक्ष पर यूं आया कमेंट

    अमित शाह ने की 'प्रेस की आजादी' की बात तो इस कॉमेडियन का बीजेपी अध्यक्ष पर यूं आया कमेंट

    बीजेपी (BJP) अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah) ने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया थाः 'आपातकाल के वक्त अखबारों और दूरदर्शन पर ताले लगाने वाली कांग्रेस फिर से आपातकाल के हालत पैदा करना चाहती है...'

  • क्या भारत में पत्रकारों के सवालों पर अंकुश नहीं?

    क्या भारत में पत्रकारों के सवालों पर अंकुश नहीं?

    अमरीका में मध्यावधि चुनाव के नतीजे आए हैं. उन नतीज़ों पर अलग से चर्चा हो सकती है, होनी भी चाहिए लेकिन एक बात की चर्चा हिन्दुस्तान के पत्रकारों के बीच ज़्यादा है. उनके बीच भी है जो भारत की मीडिया को गोदी मीडिया में बदलते हुए देख रहे हैं.

  • प्रेस की आज़ादी पर 300 अमरीकी अख़बारों के संपादकीय

    प्रेस की आज़ादी पर 300 अमरीकी अख़बारों के संपादकीय

    अमरीकी प्रेस के इतिहास में एक शानदार घटना हुई है. 146 पुराने अख़बार बोस्टन ग्लोब के नेतृत्व में 300 से अखबारों ने एक ही दिन अपने अखबार में प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर संपादकीय छापे हैं. आप बोस्टल ग्लोब की साइट पर जाकर प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर लिखे गए 300 संपादकीय का अध्ययन कर सकते हैं.

  • भारत में सरकार द्वारा आलोचक मीडिया संस्थानों को परेशान किया जा रहा : अमेरिकी विदेश विभाग

    भारत में सरकार द्वारा आलोचक मीडिया संस्थानों को परेशान किया जा रहा : अमेरिकी विदेश विभाग

    ट्रंप प्रशासन ने शुक्रवार को दावा किया कि 2017 में भारत में सरकार के आलोचक रहे मीडिया संस्थानों पर कथित तौर पर दबाव बनाया गया या उन्हें परेशान किया गया.

  • शिवानंद तिवारी ने नीतीश कुमार को प्रेस की आजादी की याद दिलाई

    शिवानंद तिवारी ने नीतीश कुमार को प्रेस की आजादी की याद दिलाई

    बिहार में पत्रकारों के लिखने की आज़ादी पर राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने सवाल उठाए हैं . उन्होंने इसके लिए अब अपने राजनीतिक विरोधी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को निशाने पर रखा है.

  • आईएनएस ने राजस्थान सरकार से की विवादित अध्यादेश तुरंत वापस लेने की मांग

    आईएनएस ने राजस्थान सरकार से की विवादित अध्यादेश तुरंत वापस लेने की मांग

    इंडियन न्यूजपेपर सोसाइटी (आईएनएस) ने एक अध्यादेश के जरिए ‘‘प्रेस की आवाज दबाने’’ के राजस्थान सरकार के कदम का कड़ा विरोध करते हुए विधेयक को तत्काल वापस लेने की मांग की.

  • एडिटर्स गिल्ड ने कहा- कन्नड़ पत्रकार की हत्या प्रेस की आजादी पर क्रूर हमला

    एडिटर्स गिल्ड ने कहा- कन्नड़ पत्रकार की हत्या प्रेस की आजादी पर क्रूर हमला

    द एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या की आज ‘‘कड़ी निंदा’’ की और इस घटना की न्यायिक जांच कराने की मांग की.

  • प्रेस क्‍लब में दिग्‍गज पत्रकारों ने की मीडिया पर हमले और 'असहमति' पर चर्चा

    प्रेस क्‍लब में दिग्‍गज पत्रकारों ने की मीडिया पर हमले और 'असहमति' पर चर्चा

    मीडिया पर हुए हालिया हमलों, चाहे वो कर्नाटक में विधानसभा के आदेश पर दो पत्रकारों को एक साल के लिए जेल की सजा सुनाया जाना हो या फिर दिल्‍ली के सोनिया विहार इलाके में 'द कारवां मैगजीन' के रिपोर्टर की भीड़ द्वारा पिटाई का मामला हो, इन तमाम मुद्दों पर चर्चा करने के लिए शनिवार को दिल्‍ली के प्रेस क्‍लब ऑफ इंडिया में पत्रकारिता जगत के दिग्‍गज इकट्ठा हुए.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : भारतीय प्रेस जोखिम उठा रहा है या सत्ता के सामने सिर झुका रहा है?

    प्राइम टाइम इंट्रो : भारतीय प्रेस जोखिम उठा रहा है या सत्ता के सामने सिर झुका रहा है?

    कहीं से भी मीडिया को लेकर अच्छी ख़बर नहीं है. ऐसा क्यों हो रहा है, क्या जनता को स्वतंत्र मीडिया नहीं चाहिए, क्या स्वतंत्र मीडिया की चाह सिर्फ कुछ लोगों तक ही सीमित है. मीडिया का कारोबार काफी तेज़ी से बढ़ रहा है. दुनिया में भी और भारत में भी. लेकिन क्या आपके जीने की परिस्थितियां पहले से बेहतर हुई हैं, क्या आपको लगता है कि राजनीति में जवाबदेही आ गई है, या सबकुछ धारणा ही है, जैसा चल रहा था वैसा ही चल रहा है. लोगों का भरोसा इसी मीडिया पर क्यों है जिसकी स्वतंत्रता, निष्पक्षता को लेकर दुनिया भर में सवाल उठ रहे हैं.

  • प्रेस पर 'बाहरी नियंत्रण' समाज के लिए अच्छा नहीं : प्रेस दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

    प्रेस पर 'बाहरी नियंत्रण' समाज के लिए अच्छा नहीं : प्रेस दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

    पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि महात्मा गांधी कहते थे, "महात्मा गांधी ने कहा था कि अनियंत्रित लेखन से बहुत बड़ी समस्याएं पैदा हो सकती हैं, लेकिन उन्होंने यह भी कहा था कि बाहरी दखलअंदाज़ी से पहाड़ टूट पड़ेगा... सो, बाहर से मीडिया को नियंत्रित करने के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता..."

  • संपादकों और पत्रकारों ने एक सुर में कहा, 'NDTV इंडिया पर से बैन हटाया जाए'

    संपादकों और पत्रकारों ने एक सुर में कहा, 'NDTV इंडिया पर से बैन हटाया जाए'

    वरिष्‍ठ पत्रकारों और समाचार संस्‍थानों ने NDTV India पर सरकार की ओर से लगाए गए एक दिन के बैन की कड़े शब्‍दों में निंदा करते हुए इसकी तुलना इमरजेंसी की स्थिति से की है

  • प्रेस की आजादी : अरुण जेटली ने कहा, प्रतिबंध और धमकी के दिन लद गए

    प्रेस की आजादी : अरुण जेटली ने कहा, प्रतिबंध और धमकी के दिन लद गए

    आतंकवाद से जुड़ी घटनाओं के मीडिया कवरेज के लिए जल्द ही नियम बनाए जाने के संकेत देते हुए केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि इस मुद्दे पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है।

  • काटजू को पद की गरिमा का ख्याल रखना चाहिए : नीतीश

    काटजू को पद की गरिमा का ख्याल रखना चाहिए : नीतीश

    काटजू द्वारा बिहार के नीतीश की धनानंद और नंदवंश से तुलना किए जाने पर कहा ‘मुझे बहुत तकलीफ हुई है, इतिहास पढ़ने वालों को मालूम है कि धनानंद क्यों कहा गया किसी को’।उन्होंने कहा ‘हमारी धनानंद या नंदवंश से तुलना किस बात की, हम तो चांदी का चम्मच मुख में लेकर पैदा नहीं हुए’।

  • भारत में प्रेस की आजादी का स्तर गिरा, 140वें स्थान पर

    भारत में प्रेस की आजादी का स्तर गिरा, 140वें स्थान पर

    वर्ल्ड फ्रीडम इंडेक्स में भारत का स्तर 179 देशों की सूची में और गिर गया है। इस सूचकांक में भारत वर्ष 2002 के मुकाबले नौ स्थान नीचे गिरकर 140वें नंबर पर पहुंच गया और चिंतकों का कहना है कि यह ‘‘विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र’’ के हिसाब से शोचनीय हालत है।

  • बिहार में मीडिया आजाद नहीं : जस्टिस काटजू

    बिहार में मीडिया आजाद नहीं : जस्टिस काटजू

    प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने कहा है कि बिहार में भले ही कानून-व्यवस्था की हालत सुधर गई हो, लेकिन मीडिया पर सरकार का काफी दबाव है।

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