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Gdp growth rate


'Gdp growth rate' - 60 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • दिसंबर तिमाही में भारत की GDP वृद्धि दर 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान: नोमुरा

    दिसंबर तिमाही में भारत की GDP वृद्धि दर 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान: नोमुरा

    नोमुरा का मानना है कि वर्ष 2020 की पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर में मामूली सुधार होगा और यह 4.7 प्रतिशत रह सकता है. नोमुरा की मुख्य अर्थशास्त्री (भारत एवं एशिया) सोनल वर्मा ने कहा, ‘‘गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) का संकट लंबा खींच जाने के कारण घरेलू ऋण उपलब्धता की स्थिति गंभीर बनी हुई है.’’

  • भारत की आर्थिक विकास दर रहेगी 5.1 प्रतिशत के करीब, क्रिसिल का अनुमान

    भारत की आर्थिक विकास दर रहेगी 5.1 प्रतिशत के करीब, क्रिसिल का अनुमान

    रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति समिति (MPCC) की मौद्रिक नीति समीक्षा के लिये 3-5 दिसंबर को बैठक होगी. क्रिसिल का यह अनुमान जापान की ब्रोकरेज कंपनी नोमुरा के 4.7 प्रतिशत अनुमान के बाद सबसे कम है. रेटिंग एजेंसी ने जीडीपी वृद्धि का आंकड़ा आने के कुछ दिन बाद ही यह अनुमान जताया है.

  • अर्थव्यवस्था को लेकर यशवंत सिन्हा का हमला- 'सरकार यह कहकर लोगों को मूर्ख बनाने की कोशिश कर रही कि...'

    अर्थव्यवस्था को लेकर यशवंत सिन्हा का हमला- 'सरकार यह कहकर लोगों को मूर्ख बनाने की कोशिश कर रही कि...'

    पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा (Yashwant Sinha) ने आर्थिक मोर्चे पर मोदी सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) 'बहुत गंभीर संकट' में है और मांग लुप्त होती दिख रही है.

  • World Bank के बाद IMF ने भी विकास दर के अनुमान में की कटौती, 6.1 फीसदी रहने का अनुमान

    World Bank के बाद IMF ने भी विकास दर के अनुमान में की कटौती, 6.1 फीसदी रहने का अनुमान

    आर्थिक मोर्चे पर मोदी सरकार को झटका लग सकता है. वर्ल्ड बैंक (World Bank) के बाद अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भी विकास दर अनुमान में कटौती की है. IMF ने भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर का अनुमान 2019 के लिए मंगलवार को घटाकर 6.1 प्रतिशत कर दिया है.

  • TOP 5 NEWS: बवाल के बाद रविशंकर प्रसाद ने वापस लिया अपना बयान, वर्ल्ड बैंक ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाया

    TOP 5 NEWS: बवाल के बाद रविशंकर प्रसाद ने वापस लिया अपना बयान, वर्ल्ड बैंक ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाया

    TOP 5 NEWS विश्वबैंक ने चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाकर रविवार को छह प्रतिशत कर दिया. वित्त वर्ष 2018-19 में वृद्धि दर 6.9 फीसदी रही थी. हालांकि, दक्षिण एशिया आर्थिक फोकस के ताजा संस्करण में विश्वबैंक ने कहा कि मुद्रास्फीति अनुकूल है और यदि मौद्रिक रुख नरम बना रहा तो वृद्धि दर धीरे-धीरे सुधर कर 2021 में 6.9 प्रतिशत और 2022 में 7.2 प्रतिशत हो जाने का अनुमान है.

  • RBI ने Repo Rate में की कटौती, लोन पर ब्याज दर में हो सकती है कमी

    RBI ने Repo Rate में की कटौती, लोन पर ब्याज दर में हो सकती है कमी

    भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति ने Repo Rate को 25 आधार अंक घटा दिया है, और अब यह 5.40 फीसदी से 5.15 फीसदी हो गया है. रेपो रेट वह दर होती है, जिस पर RBI अन्य बैंकों को कम अवधि पर ऋण दिया करता है. इस वर्ष के दौरान लगातार पांचवीं बार रेपो रेट में कटौती की गई है, और इस कैलेंडर वर्ष में अब तक 135 आधार अंक, यानी 1.35 प्रतिशत की कमी की जा चुकी है.

  • अर्थव्यवस्था को मंदी से बचाने के लिए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के ये 12 फैसले क्या काफी हैं?

    अर्थव्यवस्था को मंदी से बचाने के लिए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के ये 12 फैसले क्या काफी हैं?

    देश की अर्थव्यवस्था को मंदी से बचाने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से कोशिशें जारी हैं. पिछले 2 महीने में वित्तमंत्री की ओर से देश को मंदी की ओर जाने से रोकने के लिए कई ऐलान किए गए हैं. आज हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कारपोरेट टैक्स घटाकर 30 फीसदी से 25.2 फीसदी कर दिया है. उनके इस ऐलान के बाद शेयर बाजार में तगड़ा उछाल आया और सेंसेक्स 1600 अंकों तक पहुंच गया है. गौरतलब है कि इस तिमाही में देश की विकास दर 5 फीसदी पर पहुंच गई है. इसके बाद से मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई. पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने इसे नोटबंदी और जल्दबाजी में लागू किए जीएसटी को वजह बताया. इसके साथ ही उन्होंने मोदी सरकार को कुछ कदम उठाने की सलाह दी. मंदी का सबसे कारण घरेलू बाजार में मांग की कमी है जिसमें ग्रामीण अर्थव्यवस्था सबसे ज्यादा प्रभावित है. इसका सबसे ज्यादा असर ऑटो सेक्टर पर दिखाई दे रहा है. वहीं मैन्यूफैक्चरिंग और कृषि के हालात भी ठीक नहीं है. सरकार इससे निपटने के लिए पिछले दो महीने में कई बड़े ऐलान कर चुकी है और कई फैसले भी वापस भी लिए हैं जो बजट के दौरान किए गए थे. हालांकि उसकी ओर से अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंदी का असर भारत पर बताया जा रहा है. इससे पहले जो ऐलान किए गए थे उसका स्वागत भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) ने भी किया है और उम्मीद जताई कि इससे अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी.

  • फ़र्ज़ी कंपनियों का बहीखाता लेकर जीडीपी बढ़ाने का खेल पकड़ा गया

    फ़र्ज़ी कंपनियों का बहीखाता लेकर जीडीपी बढ़ाने का खेल पकड़ा गया

    जीडीपी का आंकड़ा बढ़ा-चढ़ा कर बताने के लिए फ़र्ज़ी कंपनियों का इस्तमाल किया गया है. नेशनल सैंपल सर्वे (NSSO) ने एक साल लगाकर एक सर्वे किया मगर उसकी रिपोर्ट दबा दी गई. पहली बार सर्विस सेक्टर की कंपनियों का सर्वे हो रहा था. इसके लिए NSSO ने कारपोरेट मंत्रालय से सर्विस सेक्टर की कंपनियों का डेटा लिया. जब उन कंपनियों का पता लगाने गए तो मालूम ही नहीं चल पाया.

  • ऊंची आर्थिक वृद्धि दर के बाद भी रोजगार सृजन में राष्ट्रीय औसत से पीछे रहे 12 बड़े राज्य: रिपोर्ट

    ऊंची आर्थिक वृद्धि दर के बाद भी रोजगार सृजन में राष्ट्रीय औसत से पीछे रहे 12 बड़े राज्य: रिपोर्ट

    एक रिपोर्ट के अनुसार इन राज्यों की जीडीपी में वृद्धि मुख्यत: ऐसे क्षेत्रों में हुई है जिनमें रोजगार के कम अवसर होते हैं. क्रिसिल की यह रिपोर्ट ऐसे समय में आयी है जब सेंटर फोर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी ने सिर्फ 2018 में ही 1.10 करोड़ नौकरियां समाप्त होने की बात कही है.

  • इस साल GDP ग्रोथ रेट 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान, पिछले साल 6.7 फीसदी की थी रफ्तार

    इस साल GDP ग्रोथ रेट 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान, पिछले साल 6.7 फीसदी की थी रफ्तार

    केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) ने सोमवार को यह कहा है. इससे पिछले वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रही थी.

  • अब नए आंकड़े, एनडीए के पहले चार साल में विकास की रफ्तार यूपीए के दौर से ज़्यादा रहने का दावा

    अब नए आंकड़े, एनडीए के पहले चार साल में विकास की रफ्तार यूपीए के दौर से ज़्यादा रहने का दावा

    नोटबंदी के असर को लेकर कृषि मंत्रालय के यू टर्न के बाद भारत सरकार का एक और यू टर्न दिख रहा है. सरकार ने अगस्त में जारी आंकड़ों को ख़ारिज कर दिया और नए आंकड़े देकर बताया कि 2014 से 2018 के बीच एनडीए के पहले चार साल में विकास की रफ़्तार यूपीए के दौर से ज़्यादा रही है.

  • अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर अच्छी खबर, पहली तिमाही में 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ी जीडीपी

    अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर अच्छी खबर, पहली तिमाही में 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ी जीडीपी

    देश की विकास दर में बड़ा उछाल आया है. शुक्रवार को जारी आंकड़े के मुताबिक अप्रैल से जून की पहली तिमाही में 8.2% विकास दर दर्ज की गई है. पिछले साल इस तिमाही में विकास दर 5.6% थी.

  • मनमोहन सिंह सरकार में ज़्यादा थी विकास दर, मोदी सरकार ने फजीहत के बाद हटाया डाटा

    मनमोहन सिंह सरकार में ज़्यादा थी विकास दर, मोदी सरकार ने फजीहत के बाद हटाया डाटा

    एक आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, मनमोहन सिंह के कार्यकाल के दौरान भारत ने सर्वाधिक विकास दर हासिल की थी, जिसे सरकार की वेबसाइट पर जारी किया गया. मगर अब फजीहत की वजह से केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की वेबसाइट से इसे हटा लिया गया है. देश के सकल आर्थिक उत्पाद (जीडीपी) की पीछे की श्रृंखला के आंकड़ों को लेकर उठे विवाद के बीच केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि ‘ये पक्के अनुमान नहीं है’ तथा आधिकारिक आंकड़े बाद में जारी किए जाएंगे. 

  • रिपोर्ट में खुलासा: पूर्व PM मनमोहन सिंह के कार्यकाल में भारत ने हासिल की थी सर्वाधिक विकास दर

    रिपोर्ट में खुलासा: पूर्व PM मनमोहन सिंह के कार्यकाल में भारत ने हासिल की थी सर्वाधिक विकास दर

    देश की आर्थिक वृद्धि दर का आंकड़ा 2006-07 में 10.08 प्रतिशत रहा जो कि उदारीकरण शुरू होने के बाद का सर्वाधिक वृद्धि आंकड़ा है. यह आंकड़ा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल का है. आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गयी है. आजादी के बाद देखा जाए तो सर्वाधिक 10.2 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर 1988-89 में रही। उस समय प्रधानमंत्री राजीव गांधी थे. 

  • GDP ग्रोथ रेट में चीन से आगे पहुंचा भारत, दिसंबर तिमाही में 7.2% रही वृद्धि दर

    GDP ग्रोथ रेट में चीन से आगे पहुंचा भारत, दिसंबर तिमाही में 7.2% रही वृद्धि दर

    चालू वित्त की तीसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़े आज जारी किए गए. चालू वित्त वर्ष की अक्तूबर-दिसंबर तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रही. बुधवार देर शाम जीडीपी के आंकड़े जारी किए गए. गौरतलब है कि यह आंकड़ा अर्थशास्त्रियों के अनुमानों से भी बेहतर रहा. अर्थशास्त्रियों के ज्यादातर पोल में जीडीपी ग्रोथ के 6.5 फीसदी से बढ़कर 6.9 फीसदी रहने का अनुमान था. इन बेहतर आंकड़ों के बाद भारत इस तिमाही में चीन की वृद्धि दर 6.8 फीसदी को पीछे छोड़कर दुनिया में सबसे तेजी से ग्रोथ करने वाला देश बन गया है.

  • ADB ने भारत की जीडीपी की ग्रोथ रेट के अनुमान को घटाया, अब 6.7 प्रतिशत का अनुमान

    ADB ने भारत की जीडीपी की ग्रोथ रेट के अनुमान को घटाया, अब 6.7 प्रतिशत का अनुमान

    बैंक ने इस वर्ष जीडीपी वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है.

  • आठ बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर अक्टूबर में धीमी पड़कर 4.7 प्रतिशत रही

    आठ बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर अक्टूबर में धीमी पड़कर 4.7 प्रतिशत रही

    आठ बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर अक्तूबर में धीमी होकर 4.7 प्रतिशत रही. मुख्य रूप से सीमेंट, इस्पात और रिफाइरी क्षेत्रों के कमजोर प्रदर्शन से बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर कम हुई है. पिछले साल इसी महीने में बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत थी. बुनियादी उद्योगों में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट तथा बिजली आते हैं. 

  • जीडीपी दर बढ़ी, गुजरात चुनाव से पहले मोदी सरकार को बड़ी राहत मिली

    जीडीपी दर बढ़ी, गुजरात चुनाव से पहले मोदी सरकार को बड़ी राहत मिली

    गुजरात चुनाव से पहले विकास दर में हुई बढ़ोतरी सरकार के लिए बड़ी राहत है. हिंदुस्तान टाइम्स के समिट में आज प्रधानमंत्री ने कहा कि काला धन और भ्रष्टाचार रोकने के लिए उन्होंने जो कदम उठाए हैं. उनकी राजनीतिक कीमत चुकाने को वे तैयार हैं. उन्होंने दावा किया कि अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट रही है. इस साल की दूसरी तिमाही में जीडीपी दर बढ़कर 6.3 फीसदी हो गई.