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'Gdp' - 283 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा- शिक्षा पर GDP का 6 प्रतिशत खर्चने का कानून बने

    दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा- शिक्षा पर GDP का 6 प्रतिशत खर्चने का कानून बने

    दिल्ली के शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को केंद्र सरकार से सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का छह फीसदी शिक्षा पर खर्च करने का कानून बनाने की अपील की. सिसोदिया उपमुख्यमंत्री भी हैं. उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर विमर्श और उसे अंतिम रूप देने के लिए केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा बुलाई गई केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड (सीएबीई) की विशेष बैठक के दौरान यह मांग उठाई.

  • वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की घोषणा से झूमा शेयर बाजार, सेंसेक्‍स ने लगाई 1,921 अंकों की छलांग

    वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की घोषणा से झूमा शेयर बाजार, सेंसेक्‍स ने लगाई 1,921 अंकों की छलांग

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के नए उपायों की घोषणा करने से शुक्रवार को बीएसई के सेंसेक्स ने 1,921 अंक की लंबी छलांग लगाई. बंबई शेयर बाजार (बीएसई) का 30 शेयरों पर वाला सेंसेक्स 1,921.15 अंक यानी 5.32 प्रतिशत की जोरदार बढ़त के साथ 38,014.62 अंक पर बंद हुआ.

  • अर्थव्यवस्था को मंदी से बचाने के लिए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के ये 12 फैसले क्या काफी हैं?

    अर्थव्यवस्था को मंदी से बचाने के लिए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के ये 12 फैसले क्या काफी हैं?

    देश की अर्थव्यवस्था को मंदी से बचाने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से कोशिशें जारी हैं. पिछले 2 महीने में वित्तमंत्री की ओर से देश को मंदी की ओर जाने से रोकने के लिए कई ऐलान किए गए हैं. आज हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कारपोरेट टैक्स घटाकर 30 फीसदी से 25.2 फीसदी कर दिया है. उनके इस ऐलान के बाद शेयर बाजार में तगड़ा उछाल आया और सेंसेक्स 1600 अंकों तक पहुंच गया है. गौरतलब है कि इस तिमाही में देश की विकास दर 5 फीसदी पर पहुंच गई है. इसके बाद से मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई. पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने इसे नोटबंदी और जल्दबाजी में लागू किए जीएसटी को वजह बताया. इसके साथ ही उन्होंने मोदी सरकार को कुछ कदम उठाने की सलाह दी. मंदी का सबसे कारण घरेलू बाजार में मांग की कमी है जिसमें ग्रामीण अर्थव्यवस्था सबसे ज्यादा प्रभावित है. इसका सबसे ज्यादा असर ऑटो सेक्टर पर दिखाई दे रहा है. वहीं मैन्यूफैक्चरिंग और कृषि के हालात भी ठीक नहीं है. सरकार इससे निपटने के लिए पिछले दो महीने में कई बड़े ऐलान कर चुकी है और कई फैसले भी वापस भी लिए हैं जो बजट के दौरान किए गए थे. हालांकि उसकी ओर से अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंदी का असर भारत पर बताया जा रहा है. इससे पहले जो ऐलान किए गए थे उसका स्वागत भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) ने भी किया है और उम्मीद जताई कि इससे अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी.

  • बिहार के डिप्टी CM सुशील कुमार मोदी ने कहा 'देश में मंदी नहीं, बल्कि...' तो RJD ने ऐसे उड़ाया मजाक

    बिहार के डिप्टी CM सुशील कुमार मोदी ने कहा 'देश में मंदी नहीं, बल्कि...' तो RJD ने ऐसे उड़ाया मजाक

    झारखंड की राजधानी रांची में एक समाचार चैनल के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के दौरान सुशील ने कहा कि कोई (आर्थिक) मंदी नहीं है. मीडिया में ऑटोमोबाइल और अन्य क्षेत्रों के बारे में जो रिपोर्ट देखने को मिलती है, वास्तव में यह आद्योगिक घराना लॉबी द्वारा कर की दरों को कम करने के लिए सरकार पर दबाव बनाने की एक चाल है.

  • इंजीनियर की मौत पर मद्रास HC की तमिलनाडु सरकार को फटकार, कहा- सोचिए लड़की देश की GDP में क्या योगदान कर सकती थी

    इंजीनियर की मौत पर मद्रास HC की तमिलनाडु सरकार को फटकार, कहा- सोचिए लड़की देश की GDP में क्या योगदान कर सकती थी

    एक दिन पहले महानगर में एक अवैध होर्डिंग 23 वर्षीय महिला इंजीनियर पर गिर गया जिस कारण उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर गिर गई. इस दौरान पानी के टैंकर ने उसे कुचल दिया. अदालत ने पूछा कि क्या सरकार ऐसे अनधिकृत बैनरों के खिलाफ कड़ा रूख अपनाएगी. न्यायमूर्ति एम. सत्यनारायण और न्यायमूर्ति एन. शेशासाय ने आश्चर्य जताया, ‘‘राज्य सरकार को सड़कों को पेंट करने के लिए और कितने लीटर खून की जरूरत है.’’

  • इकॉनमी को लेकर प्रियंका के बाद राहुल गांधी ने साधा मोदी सरकार पर निशाना- इसे ठीक करने के लिए दुष्प्रचार नहीं, ठोस नीति की जरूरत

    इकॉनमी को लेकर प्रियंका के बाद राहुल गांधी ने साधा मोदी सरकार पर निशाना- इसे ठीक करने के लिए दुष्प्रचार नहीं, ठोस नीति की जरूरत

    साथ ही राहुल गांधी ने कहा, ‘पहले स्वीकार करिये कि हमारे सामने समस्या है. यह स्वीकार करना ही अच्छी शुरुआत होगी.’ उन्होंने मनमोहन सिंह के जिस साक्षात्कार का हवाला दिया उसमें पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा है कि नोटबंदी और गलत ढंग से जीएसटी लागू करने के कारण अर्थव्यवस्था की स्थिति खराब हुई है.

  • 'मंदी' से गुजर रहा है आभूषण कारोबार, जा सकती हैं हजारों नौकरियां : जीजेसी

    'मंदी' से गुजर रहा है आभूषण कारोबार, जा सकती हैं हजारों नौकरियां : जीजेसी

    अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण घरेलू परिषद ने इसके साथ ही आयातित सोने पर सीमा शुल्क की दरें कम करने और आभूषणों पर जीएसटी की दर घटाने की मांग की है. आम बजट 2019-20 में आयातित सोने पर सीमा शुल्क 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत किया गया था. वहीं आभूषण पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की दर तीन प्रतिशत तय की गई है. पूर्ववर्ती मूल्य वर्धित कर (वैट) प्रणाली में यह एक प्रतिशत थी.

  • पूर्व PM मनमोहन सिंह के कार्यक्रम में लगे 'मोदी-मोदी' के नारे

    पूर्व PM मनमोहन सिंह के कार्यक्रम में लगे 'मोदी-मोदी' के नारे

    इस कार्यक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उदारीकरण की नीतियों पर खड़े किए गए आर्थिक सुधारों को जारी रखने की जरूरत बताते हुए शनिवार को कहा कि एक सोची समझी रणनीति से ही भारत को पांच हजार अरब डालर की अर्थव्यवस्था बनाया जा सकता है. पूर्व प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि गरीबी, सामाजिक असमानता, सांप्रदायिकता और धार्मिक कट्टरवाद तथा भ्रष्टाचार लोकतंत्र के समक्ष कुछ प्रमुख चुनौतियां हैं.

  • GDP दर में गिरावट को लेकर पी चिदंबरम का मोदी सरकार पर निशाना, 5% का इशारा किया और फिर CBI...

    GDP दर में गिरावट को लेकर पी चिदंबरम का मोदी सरकार पर निशाना, 5% का इशारा किया और फिर CBI...

    पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम (P Chidambaram) ने जीडीपी (GDP) में गिरावट के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Modi Govt) पर निशाना साधा.

  • साल भर के भीतर पीयूष गोयल के बयानों में ही लुढ़क गई 5 प्रतिशत GDP

    साल भर के भीतर पीयूष गोयल के बयानों में ही लुढ़क गई 5 प्रतिशत GDP

    उसके बाद इसी साल 5 फरवरी को इकॉनॉमिक टाइम्स से पीयूष गोयल ने कहा था कि वित्त वर्ष 20 में 7.5 प्रतिशत जीडीपी रहने की उम्मीद है. एक साल में पीयूष गोयल ने खुद ही जीडीपी में 2.5 प्रतिशत की कमी कर दी. असली जीडीपी तो और 2.5 प्रतिशत कम हो गई. यानी जितना एक साल पहले कहा उसका आधा हो गया. 2019 की आख़िरी तिमाही में किसी ने 10 प्रतिशत जीडीपी देखी? 2020 की पहली तिमाही में 5 हो गई है.

  • बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर जुलाई में सुस्त पड़कर 2.1 प्रतिशत पर पहुंची

    बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर जुलाई में सुस्त पड़कर 2.1 प्रतिशत पर पहुंची

    आठ बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर जुलाई में घटकर 2.1 प्रतिशत पर आ गई है. सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है. जुलाई, 2018 में बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत रही थी.

  • बीजेपी ने अर्थव्यवस्था पर मनमोहन सिंह के आरोपों को खारिज किया

    बीजेपी ने अर्थव्यवस्था पर मनमोहन सिंह के आरोपों को खारिज किया

    बीजेपी ने देश की आर्थिक हालत बेहद चिंताजनक होने के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए सोमवार को कहा कि सिंह के दस साल के शासनकाल में भ्रष्टाचार, भाई भतीजावाद के कारण अर्थव्यवस्था को गहरा नुकसान पहुंचा है जबकि मोदी सरकार के दौरान अर्थव्यवस्था का आधार मजबूत हुआ और दुनिया में देश की विश्वसनीयता कायम हुई है. बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने संवाददाताओं से कहा कि मनमोहन सिंह पूर्व प्रधानमंत्री है और उम्र में भी काफी बड़े हैं. लेकिन 10 वर्षो के दीर्घ कालखंड में उनके प्रधानमंत्रित्व काल में भारत को जिस प्रकार आगे बढ़ना चाहिए था, वह आगे नहीं बढ़ा. उन्होंने आरोप लगाया कि वह (मनमोहन सिंह) थे तो अर्थशास्त्री, लेकिन जिन लोगों ने पर्दे के पीछे से उन्हें निर्देशित किया, उससे भ्रष्टाचार और भाई भतीजावाद को बढ़ावा मिला और अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा.

  • ग्रामीण क्षेत्रों में मांग घटना चक्रीय नहीं, RBI ने सही आकलन नहीं किया : प्रणव सेन

    ग्रामीण क्षेत्रों में मांग घटना चक्रीय नहीं, RBI ने सही आकलन नहीं किया : प्रणव सेन

    चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के वृद्धि दर के आंकड़े आ चुके हैं। इस दौरान वृद्धि दर पिछले छह साल में सबसे कम पांच प्रतिशत रही है। यदि एक साल पहले के इसी तिमाही के आंकड़े से इसकी तुलना की जाए तो यह तीन प्रतिशत नीचे आ गई है। इससे पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर आठ प्रतिशत थी.

  • देश आर्थिक मंदी की ओर, सरकार राजनीतिक बदले का एजेंडा छोड़े और अर्थव्यवस्था संभाले : मनमोहन सिंह

    देश आर्थिक मंदी की ओर, सरकार राजनीतिक बदले का एजेंडा छोड़े और अर्थव्यवस्था संभाले : मनमोहन सिंह

    पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन  सिंह ने देश की गिरती अर्थव्यवस्था पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि पिछली तिमाही में जीडीपी का 5 फीसदी पर आना दिखाता है कि अर्थव्यवस्था एक गहरी मंदी की ओर जा रही है. उन्होंने कहा कि भारत के पास तेजी से विकास दर की संभावना है लेकिन मोदी सरकार के कुप्रंधन की वजह से मंदी आई है. उन्होंने कहा कि यह परेशान करने वाला है कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ग्रोथ रेट 0.6 फीसदी पर लड़खड़ा रही है. इससे साफ जाहिर होता है कि हमारी अर्थव्यवस्था अभी तक नोटबंदी और हड़बड़ी में लागू किए गए जीएसटी से उबर नहीं पाई है. 

  • कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह बोले, अर्थव्यवस्था गिर रही है और पीएम मोदी फिट इंडिया...

    कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह बोले, अर्थव्यवस्था गिर रही है और पीएम मोदी फिट इंडिया...

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शनिवार को कहा कि देश की अर्थव्यवस्था खराब हो रही है और सरकार भी कह रही है कि जीडीपी गिर रही है लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी फिट इंडिया की चिंता कर रहे हैं.

  • डिजिटल अर्थव्यवस्था का अराजक विस्तार और आर्थिक मंदी

    डिजिटल अर्थव्यवस्था का अराजक विस्तार और आर्थिक मंदी

    कई साल पहले दिल्ली में अनेक शॉपिंग मॉल तो बन गए, पर उनमें दुकानदारों और ग्राहकों की भारी कमी थी. मॉल के बिल्डरों की शक्तिशाली लॉबी ने राजनेताओं और जजों के बच्चों को अपना पार्टनर बना लिया. उसके बाद अदालती फैसले के नाम पर दिल्ली में सीलिंग का सिलसिला शुरू हो गया. तीर निशाने पर लगा और मॉल्स में दुकानदार और ग्राहक दोनों आ गए. अब वक्त बदल गया है. देश के असंगठित क्षेत्र और छोटे उद्योगों के सामने डिजिटल कंपनियों की पावरफुल लॉबी है.

  • स्वरा भास्कर ने किया इस्तीफे का ऐलान, लिखा- यह रायता मेरे बस का नहीं है...

    स्वरा भास्कर ने किया इस्तीफे का ऐलान, लिखा- यह रायता मेरे बस का नहीं है...

    स्वरा भास्कर (Swara Bhasker) ने अपनी दमदार एक्टिंग से फिल्म इंडस्ट्री में खूब पहचान बनाई है. फिल्मों के अलावा स्वरा भास्कर (Swara Bhasker) अपने ट्वीट्स के लिए भी खूब जानी जाती हैं. लेकिन हाल ही में उन्होंने अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया है. इस बात की जानकारी उन्होंने खुद ट्वीट करके दी है.

  • क्या मीडिया 5 प्रतिशत जीडीपी की सच्चाई छिपा रहा है?

    क्या मीडिया 5 प्रतिशत जीडीपी की सच्चाई छिपा रहा है?

    सड़क पर बेरोज़गारों की फौज पुकार रही है कि काम नहीं है, दुकानदारों की फौज कह रही है कि मांग रही है और उद्योग जगत की फौज पुकार रही है कि न पूंजी है, न मांग है और न काम है. नेशनल स्टैस्टिकल ऑफिस के आंकड़ों ने बता दिया कि स्थिति बेहद ख़राब है. छह साल में भारत की जीडीपी इतना नीचे नहीं आई थी. तिमाही के हिसाब से 25 तिमाही में यह सबसे ख़राब रिपोर्ट है.

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