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Growth rate of india


'Growth rate of india' - 21 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • अर्थव्यवस्था को मंदी से बचाने के लिए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के ये 12 फैसले क्या काफी हैं?

    अर्थव्यवस्था को मंदी से बचाने के लिए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के ये 12 फैसले क्या काफी हैं?

    देश की अर्थव्यवस्था को मंदी से बचाने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से कोशिशें जारी हैं. पिछले 2 महीने में वित्तमंत्री की ओर से देश को मंदी की ओर जाने से रोकने के लिए कई ऐलान किए गए हैं. आज हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कारपोरेट टैक्स घटाकर 30 फीसदी से 25.2 फीसदी कर दिया है. उनके इस ऐलान के बाद शेयर बाजार में तगड़ा उछाल आया और सेंसेक्स 1600 अंकों तक पहुंच गया है. गौरतलब है कि इस तिमाही में देश की विकास दर 5 फीसदी पर पहुंच गई है. इसके बाद से मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई. पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने इसे नोटबंदी और जल्दबाजी में लागू किए जीएसटी को वजह बताया. इसके साथ ही उन्होंने मोदी सरकार को कुछ कदम उठाने की सलाह दी. मंदी का सबसे कारण घरेलू बाजार में मांग की कमी है जिसमें ग्रामीण अर्थव्यवस्था सबसे ज्यादा प्रभावित है. इसका सबसे ज्यादा असर ऑटो सेक्टर पर दिखाई दे रहा है. वहीं मैन्यूफैक्चरिंग और कृषि के हालात भी ठीक नहीं है. सरकार इससे निपटने के लिए पिछले दो महीने में कई बड़े ऐलान कर चुकी है और कई फैसले भी वापस भी लिए हैं जो बजट के दौरान किए गए थे. हालांकि उसकी ओर से अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंदी का असर भारत पर बताया जा रहा है. इससे पहले जो ऐलान किए गए थे उसका स्वागत भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) ने भी किया है और उम्मीद जताई कि इससे अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी.

  • भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट 0.35 प्रतिशत घटाई, लगातार चौथी बार घटी रेपो रेट

    भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट 0.35 प्रतिशत घटाई, लगातार चौथी बार घटी रेपो रेट

    इस कटौती के बाद रेपो दर 5.40 प्रतिशत रह गयी है. रिजर्व बैंक की ओर से रेपो रेट में इस कटौती के बाद बैंकों पर कर्ज और सस्ता करने का दबाव बढ़ गया है.

  • अब नए आंकड़े, एनडीए के पहले चार साल में विकास की रफ्तार यूपीए के दौर से ज़्यादा रहने का दावा

    अब नए आंकड़े, एनडीए के पहले चार साल में विकास की रफ्तार यूपीए के दौर से ज़्यादा रहने का दावा

    नोटबंदी के असर को लेकर कृषि मंत्रालय के यू टर्न के बाद भारत सरकार का एक और यू टर्न दिख रहा है. सरकार ने अगस्त में जारी आंकड़ों को ख़ारिज कर दिया और नए आंकड़े देकर बताया कि 2014 से 2018 के बीच एनडीए के पहले चार साल में विकास की रफ़्तार यूपीए के दौर से ज़्यादा रही है.

  • रघुराम राजन बोले- नोटबंदी और GST से भारत की आर्थिक वृद्धि को लगे झटके, मौजूदा ग्रोथ रेट पर्याप्त नहीं

    रघुराम राजन बोले- नोटबंदी और GST से भारत की आर्थिक वृद्धि को लगे झटके, मौजूदा ग्रोथ रेट पर्याप्त नहीं

    उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सात प्रतिशत की मौजूदा वृद्धि दर देश की जरूरतों के हिसाब से पर्याप्त नहीं है.

  • इस वित्त वर्ष में 7.5 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की राह पर लौटेगा भारत : अरविंद विरमानी

    इस वित्त वर्ष में 7.5 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की राह पर लौटेगा भारत : अरविंद विरमानी

    देश की आर्थिक वृद्धि दर सुधार की राह पर है. चालू वित्त वर्ष में इसके 7.5 प्रतिशत से अधिक रहने की उम्मीद है. पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद विरमानी ने आज यह बात कही. विरमानी ने कहा कि अमेरिका चीन के बीच शुल्कों को लेकर छिड़े युद्ध से भारत के पास अमेरिका को अपना निर्यात बढ़ाने का मौका है. 

  • रिपोर्ट में खुलासा: पूर्व PM मनमोहन सिंह के कार्यकाल में भारत ने हासिल की थी सर्वाधिक विकास दर

    रिपोर्ट में खुलासा: पूर्व PM मनमोहन सिंह के कार्यकाल में भारत ने हासिल की थी सर्वाधिक विकास दर

    देश की आर्थिक वृद्धि दर का आंकड़ा 2006-07 में 10.08 प्रतिशत रहा जो कि उदारीकरण शुरू होने के बाद का सर्वाधिक वृद्धि आंकड़ा है. यह आंकड़ा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल का है. आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गयी है. आजादी के बाद देखा जाए तो सर्वाधिक 10.2 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर 1988-89 में रही। उस समय प्रधानमंत्री राजीव गांधी थे. 

  • मौजूदा वित्त वर्ष में 7.3 जबकि अगले में 7.6 प्रतिशत रहेगी भारत की आर्थिक विकास दर : एडीबी

    मौजूदा वित्त वर्ष में 7.3 जबकि अगले में 7.6 प्रतिशत रहेगी भारत की आर्थिक विकास दर : एडीबी

    एशियाई विकास बैंक का अनुमान है कि एक अप्रैल से शुरू हुए मौजूदा वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक विकास दर सुधर कर 7.3 प्रतिशत जबकि अगले वित्त वर्ष 2019-20 में 7.6 प्रतिशत रहेगी. बैंक का अनुमान है कि जीएसटी के कारण उत्पादन में वृद्धि और बैंकिंग के क्षेत्र में सुधार के कारण निवेश से आर्थिक विकास दर को गति मिलेगी.

  • एडीबी ने कहा, अगले वित्त वर्ष में 7.6 प्रतिशत रहेगी भारत की आर्थिक विकास दर

    एडीबी ने कहा, अगले वित्त वर्ष में 7.6 प्रतिशत रहेगी भारत की आर्थिक विकास दर

    बैंक का अनुमान है कि जीएसटी के कारण उत्पादन में वृद्धि और बैंकिंग के क्षेत्र में सुधार के कारण निवेश से आर्थिक विकास दर को गति मिलेगी.

  • मूड बदलने में कितना काम आएगी मूडी

    मूड बदलने में कितना काम आएगी मूडी

    दुनिया के तमाम देशों में आर्थिक वृद्धि की संभावना की अटकल लगाना बहुत ही मुश्किल काम है. यही काम रेटिंग एजेंसी मूडी करती है. यह दुनिया की तीन बड़ी एजेंसियों में से एक है और अपने शोध सर्वेक्षण के ज़रिए निवेशकों का मूड बनाने बिगाड़ने का काम करती है. यह एजेंसी 14 साल से भारत की रेटिंग बहुत ही खराब बताती आ रही थी. इस बार उसने सुधरी हालत का अनुमान दिखाया है.

  • भारतीय रिजर्व बैंक की नीतियां वृद्धि के अनुकूल नहीं : फिक्की प्रमुख

    भारतीय रिजर्व बैंक की नीतियां वृद्धि के अनुकूल नहीं : फिक्की प्रमुख

    औद्योगिक मंडल फिक्की के अध्यक्ष पंकज पटेल ने शनिवार को भारतीय रिजर्व बैंक की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि ये ‘उद्योग जगत के अनुकूल’ नहीं हैं और नीतिगत दरों में कटौती नहीं करके रिजर्व बैंक देश की आर्थिक वृद्धि में बाधा उत्पन्न कर रहा है.

  • दोहरे अंकों में विकास दर के लिए स्टार्टअप्स को मिले बढ़ावा : नीति आयोग

    दोहरे अंकों में विकास दर के लिए स्टार्टअप्स को मिले बढ़ावा : नीति आयोग

    भारत को अगले तीन दशक तक लगातार 9 से 10 फीसदी की दर से विकास करना है तो यहां 'तकनीकी छलांग' लगाने की जरूरत है.

  • सिंगापुर के उप प्रधानमंत्री ने कहा, सामाजिक क्षेत्र में बुरी तरह पिछड़ा है भारत

    सिंगापुर के उप प्रधानमंत्री ने कहा, सामाजिक क्षेत्र में बुरी तरह पिछड़ा है भारत

    दिल्ली के विज्ञान भवन के एक कार्यक्रम में सिंगापुर के उप प्रधानमंत्री ने भारत सरकार को जैसे आईना दिखा दिया. प्रधानमंत्री मोदी सहित सभी बड़े मंत्रियों के बीच उन्होंने कहा कि भारत सामाजिक क्षेत्र में बहुत बुरी तरह पिछड़ा है और अगले 20 साल में भी चीन की बराबरी नहीं कर पाएगा.

  • विकास दर के मामले में चीन से आगे निकल जाएगा भारत : आईएमएफ रिपोर्ट

    विकास दर के मामले में चीन से आगे निकल जाएगा भारत : आईएमएफ रिपोर्ट

    अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की विकास दर इस साल चीन से आगे निकल जाएगी। गुरुवार को जारी की गई इस रिपोर्ट में भारत की विकास दर इस साल 7.5 फीसदी आंकी गई है, जबकि चीन की दर 6.8 फीसदी आंकी गई है।

  • आर्थिक वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रहने का अनुमान: आरबीआई सर्वे

    आर्थिक वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रहने का अनुमान: आरबीआई सर्वे

    भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा प्रायोजित एक सर्वेक्षण में मौजूदा वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है, जबकि पहले यह अनुमान 7.9 प्रतिशत था।

  • पीएम ने उद्योगपतियों से कहा, भारत में लालफीताशाही नहीं, लाल कालीन आपका इंतजार कर रही है

    पीएम ने उद्योगपतियों से कहा, भारत में लालफीताशाही नहीं, लाल कालीन आपका इंतजार कर रही है

    भारत को मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के लिए एक अच्छे स्थान के रूप में पेश करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापानी निवेशकों को आज भारत आने का न्योता दिया। मोदी ने कहा कि भारत में व्यवसाय के लिए कायदे कानून आसान कर लालफीताशाही खत्म कर दी गई है और उसकी जगह निवेशकों के स्वागत में लाल कालीन का दौर आ चुका है।

  • विकास दर रह सकती है पांच फीसदी : प्रधानमंत्री

    विकास दर रह सकती है पांच फीसदी : प्रधानमंत्री

    प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार को कहा कि देश की मौजूदा कारोबारी साल में विकास दर पिछले कारोबारी वर्ष की भांति पांच फीसदी रह सकती है। उन्होंने साथ ही कहा कि देश की वर्तमान और भविष्य की आर्थिक स्थिति पर चिंता करने की जरूरत नहीं है।

  • निर्यात से विकास दर बढ़ने की संभावना जगी

    मौजूदा कारोबारी साल की दूसरी तिमाही में देश का निर्यात दहाई अंकों में बढ़ा, जिससे चालू खाता घाटा में कमी आई और देश के विकास दर में तेजी आने की संभावना जगी।

  • भारत की वृद्धि जून में चीन से तेज रही : एचएसबीसी

    भारत की वृद्धि दर इस बार जून माह में चीन के मुकाबले अधिक रही हालांकि 2008-09 के वैश्विक वित्तीय संकट के बाद से उभरती अर्थव्यवस्थाओं की वृद्धि आलोच्य माह में सबसे कम रही।

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