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Gslv mk iii


'Gslv mk iii' - 11 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • चंद्रयान 2 से क्या मिलेगा भारत को, क्या होंगे तीन सबसे बड़े फायदे...

    चंद्रयान 2 से क्या मिलेगा भारत को, क्या होंगे तीन सबसे बड़े फायदे...

    पृथ्वी के एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह चंद्रमा, यानी चांद पर भारत अपना दूसरा महत्वाकांक्षी मिशन 'चंद्रयान-2' आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में अपने सबसे शक्तिशाली रॉकेट लॉन्चर - GSLV Mk III - के ज़रिये प्रक्षेपित कर दिया गया है. 'चंद्रयान-2' चांद पर पानी की मौजूदगी तलाशने के अलावा भविष्य में यहां मनुष्य के रहने की संभावना भी तलाशेगा.

  • चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग देखने के लिए 7500 ने कराया ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

    चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग देखने के लिए 7500 ने कराया ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

    लॉन्च देखने के लिए विभिन्न स्थानों के लोगों ने पंजीकरण कराया है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, "रॉकेट का प्रक्षेपण देखने के लिए कुल 7,500 लोगों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है."

  • भारत की चांद पर एक और छलांग, ISRO ने लॉन्च किया चंद्रयान-2, 'बाहुबली' रॉकेट लेकर उड़ा

    भारत की चांद पर एक और छलांग, ISRO ने लॉन्च किया चंद्रयान-2, 'बाहुबली' रॉकेट लेकर उड़ा

    चेन्नई से लगभग 100 किलोमीटर दूर सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र में दूसरे लांच पैड से चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण अपराह्न दो बजकर 43 मिनट पर किया जायेगा. इस मिशन की लागत 978 करोड़ रुपये है. एक सप्ताह पहले तकनीकी गड़बड़ी आने के बाद चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण रोक दिया गया था.

  • ISRO आज दोपहर लॉन्च करेगा चंद्रयान-2, मिशन पर खर्च हुआ है 978 करोड़ रुपये, जानें- 8 बड़ी बातें

    ISRO आज दोपहर लॉन्च करेगा चंद्रयान-2, मिशन पर खर्च हुआ है 978 करोड़ रुपये, जानें- 8 बड़ी बातें

    चांद पर भारत के दूसरे महत्वाकांक्षी मिशन चंद्रयान-2 को सोमवार को श्रीहरिकोटा से सबसे शक्तिशाली रॉकेट जीएसएलवी-मार्क III-एम1 के जरिए प्रक्षेपित किया जायेगा. चेन्नई से लगभग 100 किलोमीटर दूर सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र में दूसरे लांच पैड से चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण अपराह्न दो बजकर 43 मिनट पर किया जायेगा. इस मिशन की लागत 978 करोड़ रुपये है. एक सप्ताह पहले तकनीकी गड़बड़ी आने के बाद चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण रोक दिया गया था. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों ने 15 जुलाई को मिशन के प्रक्षेपण से 56 मिनट 24 सेकंड पहले मिशन नियंत्रण कक्ष से घोषणा के बाद रात 1.55 बजे इसे रोक दिया था. कई दिग्गज वैज्ञानिकों ने इस कदम के लिए इसरो की प्रशंसा भी की थी. उनका कहना था कि जल्दबाजी में कदम उठाने से बड़ा हादसा हो सकता था.

  • सबसे शक्तिशाली स्वदेशी रॉकेट 'बाहुबली' की तस्वीरें सामने आईं, ऊंचाई जानकर हो जाएंगे हैरान

    सबसे शक्तिशाली स्वदेशी रॉकेट 'बाहुबली' की तस्वीरें सामने आईं, ऊंचाई जानकर हो जाएंगे हैरान

    भारत की चांद की यात्रा की शुरुआत जल्द ही होने वाली है. इस दिशा में पहले कदम के रूप में रॉकेट बाहुबली की लॉन्चिंग 15 जुलाई को होने वाली है. श्रीहरिकोटा से लॉन्चिंग होगी और इस मौके पर वहां राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी मौजूद रहेंगे.

  • ISRO का अब तक का सबसे वजनी GSAT-11 सैटेलाइट लॉन्च, फ्रेंच गुआना से सफल प्रक्षेपण

    ISRO का अब तक का सबसे वजनी GSAT-11 सैटेलाइट लॉन्च, फ्रेंच गुआना से सफल प्रक्षेपण

    भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो द्वारा बनाए ‘सबसे अधिक वजनी’ उपग्रह जीसैट-11 का पांच दिसंबर यानी बुधवार को को फ्रेंच गुआना के एरियानेस्पेस के एरियाने-5 रॉकेट से सफल प्रक्षेपण किया गया. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बताया कि करीब 5,854 किलोग्राम वजन का जीसैट-11 देशभर में ब्रॉडबैंड सेवाएं उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगा. बताया जा रहा है कि यह सैटेलाइट GSAT-11 इसरो का बनाया अब तक का ‘सबसे अधिक वजन’ वाला उपग्रह है.

  • इसरो के बाहुबली रॉकेट 'जीएसएलवी एमके-3' ने भेजी अद्भुत सेल्फी

    इसरो के बाहुबली रॉकेट 'जीएसएलवी एमके-3' ने भेजी अद्भुत सेल्फी

    भारत के अब तक के सबसे वजनी अंतरिक्ष यान जीएसएलवी एमके-3 का सोमवार को सफल प्रक्षेपण किया गया. 640 टन वजनी इस यान का वजन 200 बड़े हाथियों जितना है.

  • GSLV-Mk III रॉकेट अंतरिक्ष के लिए रवाना, साथ में है GSAT-19 संचार उपग्रह

    GSLV-Mk III रॉकेट अंतरिक्ष के लिए रवाना, साथ में है GSAT-19 संचार उपग्रह

    भारत ने सोमवार को अपने सबसे वजनी जीएसएलवी मार्क-3 रॉकेट को श्रीहरिकोटा से अंतरिक्ष के लिए छोड़ा। जीएसएलवी मार्क-3 अपने साथ 3,136 किलोग्राम वजनी संचार उपग्रह लेकर गया है, जिसे वह कक्षा में स्थापित करेगा।

  • सबसे भारी रॉकेट GSLV MK 3D के प्रक्षेपण की उलटी गिनती चल रही सामान्य : इसरो

    सबसे भारी रॉकेट GSLV MK 3D के प्रक्षेपण की उलटी गिनती चल रही सामान्य : इसरो

    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो ISRO) सोमवार की शाम सबसे भारी रॉकेट जीएसएलवी-एमके 3 डी1 के प्रक्षेपण के लिए पूरी तरह तैयार है और इस प्रक्रिया की उलटी गिनती 'सामान्य तौर पर चल रही' है. श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपित होने वाला यह रॉकेट अपने साथ 3,136 किलोग्राम वजन का संचार उपग्रह जीसैट-19 लेकर जाएगा.

  • ISRO आज लॉन्च करेगा सबसे भारी रॉकेट GSLV MK 3D1

    ISRO आज लॉन्च करेगा सबसे भारी रॉकेट GSLV MK 3D1

    भारत के सबसे भारी रॉकेट जीएसएलवी एमके थ्री का श्रीहरिकोटा के अंतरिक्ष केन्द्र से प्रक्षेपण के लिए 25 घंटे से अधिक की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। ISRO का यह रॉकेट संचार उपग्रह जीसैट-19 को लेकर जाएगा। जीएसएलवी एमके थ्री-डी 1 रॉकेट को सोमवार शाम 5 बजकर 28 मिनट पर यहां से तकरीबन 120 किलोमीटर दूर सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लांच पैड से उड़ान भरना है।

  • इसरो का सबसे वजनी रॉकेट जीएसएलवी मार्क-3 अपने पहले लॉन्च के लिए तैयार...

    इसरो का सबसे वजनी रॉकेट जीएसएलवी मार्क-3 अपने पहले लॉन्च के लिए तैयार...

    इस रॉकेट का उल्लेखनीय पहलू यह है कि इसका मुख्य और बड़ा क्रायोजेनिक इंजन चेन्नई में अंतरिक्ष वैज्ञानिकों द्वारा विकसित किया गया है और यह पहली बार रॉकेट को शक्ति देगा.