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Heavy rainfall in karnataka


'Heavy rainfall in karnataka' - 1 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • कर्नाटक- केरल और तमिलनाडु के कई हिस्सों में भारी बारिश ने बढ़ाई परेशानी, बाढ़ जैसे हालात, पढ़ें 10 बड़ी बातें 

    कर्नाटक- केरल और तमिलनाडु के कई हिस्सों में भारी बारिश ने बढ़ाई परेशानी, बाढ़ जैसे हालात, पढ़ें 10 बड़ी बातें 

    कर्नाटक- केरल और तमिलनाडु के कई इलाकों में भारी बारिश ने एक बार फिर से बाढ़ जैसे हालात बना दिए हैं. भारी बारिश की वजह से कई नदियां उफान पर हैं. सबसे बुरा हाल उत्तरी कर्नाटक और चिकमगलुरु का है. मिली जानकारी के अनुसार बीते कुछ दिनों में उत्तरी कर्नाटक में भारी बारिश ने तबाही मचाई हुई है. इस वजह से कई नदियां, छोटी नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे इस साल अगस्त में आई बाढ़ की यादें ताज़ा हो गई हैं. राज्य के कई प्रभावित जिलों में पानी निचले इलाकों में स्थित घरों और स्कूलों बैंकों समेत सरकारी इमारतों में घुस गया है. बेलगावी दो महीने पहले आई बाढ़ से अब तक उभर भी नहीं पाया था कि एक बार फिर भारी बारिश यहां कहर बनके आई है. मौसम विभाग ने बताया कि बेलगावी में रविवार शाम से सोमवार सुबह तक 58.1 मिमि बारिश दर्ज की गई है. बेलगावी शाहपुर उपनगर में तीन घर ढह गए. वहीं, गांवों को जोड़ने वाली कई सड़कें पानी में डूब गई हैं जिस वजह से यातायात बाधित हो गया है. राष्ट्रीय राजमार्ग चार रविवार रात को बंद दिया गया था. इस वजह से कई गाड़ियां बीच में ही फंस गई हैं. कर्नाटक राष्ट्रीय प्राकृतिक आपदा निगरानी केंद्र के निदेशक जीएस श्रीनिवास रेड्डी ने बताया कि अगले दो-तीन दिनों में कृष्णा और उसकी सहायक नदियों में बारिश का पानी तेजी से बढ़ सकता है. वहीं, केरल के सात जिलों में भारी बारिश की चेतावनी के साथ ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है. दक्षिणी राज्य के अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है. केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार सोमवार को तिरुवनंतपुरम, अलप्पुझा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, इडुक्की, त्रिशूर और पलक्कड़ में में रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि चार जिलों में मंगलवार को जारी किया जाएगा.  मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने लोगों से सतर्क रहने को कहा है. रेड अलर्ट जारी होने के बाद जल्द प्रभावित होने वाले क्षेत्रों से लोगों को निकालकर शिविरों में ले जाया जाता है और लोगों को आपातकालीन किट उपलब्ध कराने समेत कई एहतियाती कदम उठाए जाते हैं.