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Hindu muslim debate


'Hindu muslim debate' - 6 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • जनता के जनता होने की संभावना बची है या समाप्त हो चुकी है...

    जनता के जनता होने की संभावना बची है या समाप्त हो चुकी है...

    जब आंखों पर धर्मांन्धता और धार्मिक गौरव की परतें चढ़ जाती हैं तब चढ़ाने वाले को पता होता है कि अब लोगों को कुछ नहीं दिखेगा. इसीलिए अमित शाह कहते हैं कि बीजेपी पचास साल राज करेगी. कहते हैं कि हम अख़लाक़ के बाद भी जीते. क्या वे किसी की हत्या के लिए किसी भीड़ का धन्यवाद ज्ञापन कर रहे हैं?

  • करते रहें हिन्दू मुस्लिम डिबेट, SAIL, IOC, BSNL में 55000 नौकरियां घटीं

    करते रहें हिन्दू मुस्लिम डिबेट, SAIL, IOC, BSNL में 55000 नौकरियां घटीं

    आज की राजनीति नौजवानों आपको चुपके से एक नारा थमा रही है. तुम हमें वोट दो, हम तुम्हें हिन्दू मुस्लिम डिबेट देंगे. इस डिबेट में तुम्हारे जीवन के दस-बीस साल टीवी के सामने और चाय की दुकानों पर आराम से कट जाएंगे.

  • बलात्कार के लिए फांसी - न्याय नहीं, न्याय का दिखावा

    बलात्कार के लिए फांसी - न्याय नहीं, न्याय का दिखावा

    कठुआ की घटना से द्रवित मेनका गांधी पॉक्सो यानी यौन उत्पीड़न से बच्चों के संरक्षण के क़ानून में अब बलात्कार के लिए फांसी की सज़ा जोड़ना चाहती हैं. इससे पहले बीजेपी शासित तीन राज्यों- राजस्थान, मध्य प्रदेश और हरियाणा में नाबालिग से बलात्कार पर बलात्कार का क़ानून बना चुकी है. बहुत सारे लोगों को लगता है कि बलात्कार के लिए फांसी की सज़ा होगी तो मुजरिम डरेंगे. लेकिन फांसी कैसे होगी?

  • बच्ची से रेप और हत्या का मामला हिंदू-मुस्लिम कैसे हो गया?

    बच्ची से रेप और हत्या का मामला हिंदू-मुस्लिम कैसे हो गया?

    साल 2012 का दिसबंर था. एक अंग्रेज़ी अख़बार में निर्भया के साथ बलात्कार और फिर हत्या की ख़बर विस्तार से छपी थी. उसी शाम या उसके अगले दिन वो ख़बर टीवी पर सवार होती है और देखते देखते दो तीन दिनों के भीतर जैसे जैसे उस कांड की एक एक कहानी लोगों तक पहुंचनी शुरू होती है, लोग घरों से बाहर आने लगते हैं. शुरूआत लेफ्ट से जुड़े महिला संगठनों ने की थी मगर बाद में वो आंदोलन पहले दिल्ली का हुआ है, फिर देश का हो गया.

  • हिन्दुस्तान में हत्यारों की भीड़ रैपिड एक्शन फोर्स की तरह तैयार खड़ी है

    हिन्दुस्तान में हत्यारों की भीड़ रैपिड एक्शन फोर्स की तरह तैयार खड़ी है

    क्या बात है कोई मुझे कठुआ और उन्नाव रेप केस के लिए ललकार नहीं रहा है, जैसे बंगाल और केरल को लेकर ललकारते हैं? सारा तिरंगा जम्मू चला गया है क्या? एक सड़ी हुई राजनीति के बीमार लोगों से पूछता हूं कि वे कब तक यहां और वहां का मैच खेलेंगे.

  • भारतीय अर्थव्यवस्था का तीस साल में सबसे ख़राब प्रदर्शन, हिन्दू मुस्लिम डिबेट प्रोजेक्ट का स्वर्ण युग

    भारतीय अर्थव्यवस्था का तीस साल में सबसे ख़राब प्रदर्शन, हिन्दू मुस्लिम डिबेट प्रोजेक्ट का स्वर्ण युग

    इंडियन एक्सप्रेस में अर्थशास्त्री कौशिक बसु का लेख पढ़िए. बता रहे हैं कि भारत की जीडीपी का तीस साल का औसत निकालने पर 6.6 प्रतिशत आता है. इस वक्त भारत इस औसत से नीचे प्रदर्शन कर रहा है. पहली दो तिमाही में ग्रोथ 5.7 प्रतिशत और 6.3 प्रतिशत रहा है.

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