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Hyperloop india


'Hyperloop india' - 4 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • बुलेट ट्रेन के बाद अब हाइपरलूप प्रोजेक्ट पर भी उद्धव सरकार हट सकती है पीछे, कहा...

    बुलेट ट्रेन के बाद अब हाइपरलूप प्रोजेक्ट पर भी उद्धव सरकार हट सकती है पीछे, कहा...

    महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार दूसरे देशों में हाइपरलूप तकनीक की व्यावहरिकता देखने के बाद इसको लागू करने पर विचार करेगी.

  • मात्र 55 मिनट में दिल्ली से मुंबई पहुंचा देगी ये ट्रेन, स्पीड हवाईजहाज से भी तेज

    मात्र 55 मिनट में दिल्ली से मुंबई पहुंचा देगी ये ट्रेन, स्पीड हवाईजहाज से भी तेज

    इस ट्रेन का नाम है हाइपरलूप. जी हां, हाइपरलूप ट्रास्पोटेशन टेक्नोलॉजी नाम की कंपनी जल्द ही भारत में ये भविष्य की सवारी लाने वाली है. बता दें, ये ट्रेन जापान में चलने वाली बुलेट ट्रेन से भी ज्यादा तेज होगी.

  • हाईपरलूप प्रोजेक्ट : ....तो दिल्ली से मुंबई तक का सफर होगा सिर्फ 55 मिनट का!

    हाईपरलूप प्रोजेक्ट : ....तो दिल्ली से मुंबई तक का सफर होगा सिर्फ 55 मिनट का!

    अमेरिका के नेवाडा शहर में एक नया प्रयोग चल रहा है, दुनिया में हाई-स्पीड ट्रांसपोर्ट नेटवर्क लाने के लिए. 'हाईपरलूप वन' नाम की कंपनी की देखरेख में एक सुपर सोनिक स्पीड वाले पायलट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है. इसमें ट्यूब्स के जरिए एक हाईपरलूप सिस्टम तैयार हो रहा है. इसकी मदद से दो जगहों के बीच हाईपरलूप की मदद से मुसाफिरों और सामान दोनों को सुरक्षित और काफी कम समय में पहुंचाना संभव होगा.

  • दिल्ली से मुंबई पहुंच जाएंगे सिर्फ 70 मिनट में, 1080 KMPH की रफ्तार होगी

    दिल्ली से मुंबई पहुंच जाएंगे सिर्फ 70 मिनट में, 1080 KMPH की रफ्तार होगी

    दिल्ली और मुंबई के बीच की दूरी केवल 70 मिनट में पूरी की जाएगी तथा चेन्नई और मुंबई की दूरी 60 मिनट में पूरी की जा सकती है. क्या यह संभव है, फिलहाल तो कोरी बयानबाजी लगती है. लेकिन, यह कोई अफवाह नहीं हकीकत बनने जा रही है. दुनिया में इस संबंध में प्रयोग आरंभ हो गए हैं और इसका पहला व्यावसायिक प्रयोग 2020 में होगा. इस काम के लिए हाईपरलूप तकनीक का प्रयोग किया जाएगा. अमेरिका के लॉस एंजिलस की कंपनी हाईपरलूप वन के सीईओ भारत दौरे पर हैं. टेस्ला मोटर्स इलोन मस्क के कंपनी के सीईओ और सह-संस्थापक को 2013 में यह विचार आया था. कंपनी का कहना है कि यह तकनीक वर्तमान हवाई यात्रा किराया से कम में उपलब्ध होगी.

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