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Indian constitution


'Indian constitution' - 25 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • पूर्व SC जज, शर्मिला टैगोर समेत 8 हस्तियों ने लिखा खुला खत, पूछा- क्या संविधान निरी नियमावली है?

    पूर्व SC जज, शर्मिला टैगोर समेत 8 हस्तियों ने लिखा खुला खत, पूछा- क्या संविधान निरी नियमावली है?

    इस पत्र में भारत के गणतंत्र बनने के 70 साल पूरे होने पर खुशी जताते हुए आत्म विश्लेषण करने को भी कहा गया है. साथ ही सवाल किया गया है कि क्या ‘राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के लिए सर्वोपरि सत्य और अहिंसा की विचारधारा आज भी हमारे सार्वजनिक जीवन का मार्ग प्रशस्त कर रही है.’

  • गुजरात विधानसभा अध्यक्ष बोले, संविधान का मसौदा एक ब्राह्मण ने तैयार किया था

    गुजरात विधानसभा अध्यक्ष बोले, संविधान का मसौदा एक ब्राह्मण ने तैयार किया था

    गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष राजेंद्र तिवारी ने शुक्रवार को दावा किया कि डॉ. बी आर अंबेडकर ने संविधान का मसौदा तैयार करने का श्रेय बी एन राव को दिया था जो एक ब्राह्मण थे.

  • बॉलीवुड डायरेक्टर ने किया ट्वीट, बोले- संविधान के पन्ने पर कालिख पोती जा रही है, हम सब अपाहिजों की तरह...

    बॉलीवुड डायरेक्टर ने किया ट्वीट, बोले- संविधान के पन्ने पर कालिख पोती जा रही है, हम सब अपाहिजों की तरह...

    बॉलीवुड डायरेक्टर अनुभव सिन्हा (Anubhav Sinha) इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव नजर आ रहे हैं. बीते दिन उन्होंने प्याज को लेकर एक ट्वीट किया था, जो सोशल मीडिया पर छाया हुआ था.

  • महाराष्ट्र का सियासी संग्राम बनाम संविधान दिवस का सरकारी विधान

    महाराष्ट्र का सियासी संग्राम बनाम संविधान दिवस का सरकारी विधान

    23 लाख केस ऐसे हैं जो 10 साल से लंबित हैं. ये ठीक है कि लंबित मुकदमों के मामले में भारत ने प्रगति की है मगर 5 साल का औसत बहुत ज़्यादा है. वो भी सिर्फ नीचली अदालत के स्तर पर. पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अनुसार हर साल साढ़े पांच करोड़ भारतीय महंगे इलाज के कारण ग़रीबी में धकेल दिए जाते हैं. नेशनल स्टैस्टिकल ऑफिस का आंकड़ा भी इसकी पुष्टि करता है.

  • जम्मू-कश्मीर में आज पहली बार मनाया जाएगा 'संविधान दिवस'

    जम्मू-कश्मीर में आज पहली बार मनाया जाएगा 'संविधान दिवस'

    जम्मू-कश्मीर के सामान्य प्रशासन विभाग के अतिरिक्त सचिव सुभाष सी छिब्बर ने सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा, ‘‘संविधान निर्माताओं के योगदान के प्रति आभार प्रकट करने और इसमें शामिल उत्कृष्ट मूल्यों और नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाएगा. इस साल संविधान स्वीकार करने की 70वीं सालगिरह है.’ 

  • Constitution Day India: जानिए संविधान दिवस के बारे में सब कुछ

    Constitution Day India: जानिए संविधान दिवस के बारे में सब कुछ

    Constitution Day India: संविधान दिवस हर साल 26 नवंबर को मनाया जाता है. साल 1949 में 26 नवंबर (November 26) के दिन ही भारत के संविधान मसौदे को अपनाया गया था. संविधान सभा (Constituent Assembly) ने 2 साल, 11 महीने और 18 दिन में हमारे संविधान को तैयार किया था. भारत का संविधान (Constitution Of India) 26 जनवरी 1950 से लागू किया गया, इसलिए ही 26 जनवरी को हम गणतंत्र दिवस मनाते हैं.

  • Constitution Day: संविधानवाद के मायने

    Constitution Day: संविधानवाद के मायने

    26 नवंबर 1949 को हमारी संविधानसभा ने भारत के संविधान को अंतिम रूप दिया था. इसलिए हम यह दिन संविधान दिवस के रूप में मनाते हैं. तब से लेकर आजतक यह संविधान हमारे देश की राजनीति को तौलने का अतुल्य मापदंड रहा है. 70 सालों बाद भी यह संविधान प्रासंगिक रहेगा, 1949 में इसकी कल्पना कोई अति-आशावादी ही शायद कर पाया होगा. आख़िरकार, अमेरिकी प्रोफेसर गिन्सबर्ग, एल्किन्स और मेल्टन ने विश्वव्यापी संविधानों के सर्वेक्षण में पाया कि एक संविधान की औसतन उम्र केवल 19 साल होती है. constitution day, 26 november, samvidhan divas, संविधान दिवस, संविधान, भारतीय संविधान, samvidhan, 26 november 2019, indian constitution day, constitution day of india, भारत का संविधान, constitution day 2019, constitution day 2019 india

  • केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले बोले- जिन्हें संविधान पसंद नहीं, उन्हें भारत में रहने का अधिकार नहीं

    केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले बोले- जिन्हें संविधान पसंद नहीं, उन्हें भारत में रहने का अधिकार नहीं

    वह रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया की 62वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे. रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया की स्थापना तीन अक्टूबर, 1957 में नागपुर में हुई थी. पार्टी हर साल यह कार्यक्रम आयोजित करती है.

  • पीएम मोदी की अर्थव्यवस्था में सुधार और बेरोजगारी दूर करने की तैयारी, दो कैबिनेट समितियां गठित

    पीएम मोदी की अर्थव्यवस्था में सुधार और बेरोजगारी दूर करने की तैयारी, दो कैबिनेट समितियां गठित

    देश में कमजोर पड़ती अर्थव्यवस्था और बढ़ती बेरोजगारी से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने बड़े स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है. बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी ने दो कैबिनेट समितियों का गठन करने का फैसला किया.

  • शरद यादव बोले- अयोध्या में जिस दिन बाबरी मस्जिद गिराई गई, उस दिन संविधान भी ध्वंस किया गया

    शरद यादव बोले- अयोध्या में जिस दिन बाबरी मस्जिद गिराई गई, उस दिन संविधान भी ध्वंस किया गया

    लोकसभा चुनाव से ठीक पहले जिस तरह से अयोध्या में राम मंदिर का मामला गरमाया जा रहा है, उसे लेकर जदयू के पूर्व नेता और वरिष्ठ समाजवादी नेता शरद यादव ने मोदी सरकार और बीजेपी को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि चुनाव से ठीक पहले मंदिर का मुद्दा उठाने का मकसद है देश को बांटना है. वरिष्ठ समाजवादी नेता शरद यादव ने अयोध्या में विश्व हिंदू परिषद की ‘धर्म संसद’ को लेकर सोमवार को भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि चुनाव से पहले मंदिर का मुद्दा उठाया जाता है ताकि देश को बांटा जा सके. शरद यादव ने कहा कि देश की उम्र बढ़ने के साथ लोकतांत्रिक मर्यादा का क्षरण हो रहा है जो बहुत चिंता की बात है. 

  • Constitution Day 2018: आखिर क्यों 26 नवंबर को मनाया जाता है संविधान दिवस? जानिए 5 बातें

    Constitution Day 2018: आखिर क्यों  26 नवंबर को मनाया जाता है संविधान दिवस? जानिए 5 बातें

    संविधान दिवस (Constitution Day) हर साल 26 नवंबर (November 26) को मनाया जाता है. 1949 में 26 नवंबर यानी आज ही के दिन भारत का संविधान (Constitution Of India) बनकर तैयार हुआ था. डॉ. भीमराव अंबेडकर (B. R. Ambedkar) ने संविधान को दो साल, 11 महीने और 18 दिनों में तैयार कर राष्ट्र को समर्पित किया था. हमारा संविधान विश्‍व का सबसे बड़ा संविधान माना जाता है.

  • संविधान पर पहला सवाल सब्ज़ी वाले ने किया

    संविधान पर पहला सवाल सब्ज़ी वाले ने किया

    जब भी हम सुप्रीम कोर्ट के किसी फ़ैसले की बात करते हैं, बात करने वाले की ज़ुबान पर जज साहिबान की टिप्पणियां और बड़े-बड़े वकीलों की दलीलें होती हैं. पर कई बार हम उस याचिकाकर्ता को भूल जाते हैं जो होता तो बेहद साधारण है मगर अधिकारों के सवाल को लेकर राज्य, जिसे हम बार-बार सरकार कहते हैं उसे बदल देता है.

  • आपका नागरिक बनना ही संविधान का सम्मान है...

    आपका नागरिक बनना ही संविधान का सम्मान है...

    26 जनवरी की शुभकामनाएं. गणतंत्र आबाद रहे. गण भी आबाद रहे, सिर्फ तंत्र ही तंत्र न रहे. यह आज़ादी इसलिए भी है कि हमारे पास एक ख़ूबसूरत संविधान है. इस किताब के ज़रिए हमने एक झटके में सैकड़ों साल से परंपरा के नाम पर मौजूद बहुत से कबाड़ से अलग कर लिया था. हम बराबरी, समानता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के सपनों की राह पर चल निकले हैं. बहुत कुछ हासिल नहीं हो सका है मगर इतना भी कम हासिल नहीं है कि हम जश्न न मना सकें.

  • नरेंद्र मोदी सरकार के तीन साल : कानून बेहाल, अनेक सवाल...

    नरेंद्र मोदी सरकार के तीन साल : कानून बेहाल, अनेक सवाल...

    अमेरिकी सीनेट तथा ब्रिटिश हाउस ऑफ लॉर्ड्स के अनेक बोझिल नियम भारत में संसद की कार्रवाई को नीरस बना रहे हैं, जिससे संसदीय व्यवस्था के विफल होने का खतरा बढ़ रहा है.

  • क्या जम्मू कश्मीर के न्यायाधीश संविधान को लागू करने की शपथ लेते हैं?: दिल्ली हाई कोर्ट ने पूछा

    क्या जम्मू कश्मीर के न्यायाधीश संविधान को लागू करने की शपथ लेते हैं?: दिल्ली हाई कोर्ट ने पूछा

    दिल्ली हाई कोर्ट के सामने आज सवाल आया कि क्या संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत राष्ट्रपति आदेश के बिना जम्मू-कश्मीर में किसी संवैधानिक संशोधन का लागू नहीं होना न्यायाधीशों के लिए वहां भारतीय संविधान के क्रियान्वयन को अनिवार्य नहीं बनाता? हालांकि मामले के गुणदोष में जाए बिना ही हाई कोर्ट ने कहा कि वह केन्द्र और राज्य से इस बारे में जवाब चाहता है कि जम्मू-कश्मीर के हाई कोर्ट के न्यायाधीश संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ लेते हैं या नहीं.

  • ट्रिपल तलाक असंवैधानिक, पर्सनल लॉ संविधान से ऊपर नहीं हो सकते : इलाहाबाद हाईकोर्ट

    ट्रिपल तलाक असंवैधानिक, पर्सनल लॉ संविधान से ऊपर नहीं हो सकते : इलाहाबाद हाईकोर्ट

    इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक बेहद अहम फैसले में गुरुवार को ट्रिपल तलाक या मुस्लिम पुरुषों द्वारा सिर्फ तीन बार 'तलाक' कहकर पत्नी को तलाक दे दिए जाने को असंवैधानिक बताया है, और कहा है कि इससे महिला अधिकारों का हनन होता है. हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि कोई भी पर्सनल लॉ बोर्ड देश के संविधान से ऊपर नहीं हो सकता.

  • #मैंऔरमेरीहिन्दी : इस तरह हिन्दी, भारत की राष्ट्रीय भाषा बनते बनते रह गई...

    #मैंऔरमेरीहिन्दी : इस तरह हिन्दी, भारत की राष्ट्रीय भाषा बनते बनते रह गई...

    1946 से लेकर 1949 तक जब भारतीय संविधान का मसौदा तैयार किया जा रहा था, उस दौरान भारत और भारत से जुड़े तमाम मुद्दों को लेकर संविधान सभा में लंबी लंबी बहस और चर्चा होती थी. लेकिन इसमें सबसे विवादित विषय रहा भाषा.

  • राजनीतिक दांव-पेंच की वजह से कराह रहा है भारत का संविधान

    राजनीतिक दांव-पेंच की वजह से कराह रहा है भारत का संविधान

    जनाब असदुद्दीन ओवैसी तो कानून के जानकार हैं। उन्हें इतना तो मालूम होगा ही कि संविधान 'मानवीय गरिमा की रक्षा' तथा दूसरों के धर्म एवं संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना रखने की बात भी कहता है, लेकिन मुश्किल यह है कि संविधान की यह भावना राजनीति की बिसात से मेल नहीं खाती।

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