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Justice bh loya


'Justice bh loya' - 9 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • महाभियोग पर कपिल सिब्बल का अब इतना बड़ा यू-टर्न क्यों?

    महाभियोग पर कपिल सिब्बल का अब इतना बड़ा यू-टर्न क्यों?

    चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू की ओर से खारिज किये जाने के बाद घमासान जारी है. राज्यसभा सभापति के इस फैसले को एक ओर जहां कांग्रेस असंवैधानिक बता रही है, वहीं बीजेपी इसे नियम के अनुरुप बता रही है. कांग्रेस की ओर से सीजेआई के खिलाफ महाभियोग मामले का नेतृत्व खुद वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल कर रहे हैं. आज जिस महाभियोग प्रस्ताव पर कपिल सिब्बल का स्टैंड दिख रहा है, अभी से कुछ साल पहले जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब उनका स्टैंड इसी मामले को लेकर कुछ और था. आठ साल पहले कपिल सिब्‍बल जब कांग्रेस की सत्‍ता में मंत्री थे, तब जजों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई पर उनका स्टैंड पूरी तरह से अलग था. 

  • एक महाभियोग और इंसाफ़ का सवाल

    एक महाभियोग और इंसाफ़ का सवाल

    मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा पर महाभियोग उचित है या अनुचित- इस प्रश्न पर दुर्भाग्य से हर कोई अपनी राय अपनी राजनीतिक पक्षधरता के हिसाब से तय करता मिलेगा. किसी कांग्रेस समर्थक से पूछिए तो शायद वह कहेगा कि महाभियोग बिल्कुल उचित है, किसी मोदी भक्त से पूछिए तो वह न्यायपालिका को लांछित करने के लिए कांग्रेस की भर्त्सना करेगा.

  • जज लोया की मौत की स्वतंत्र जांच का मामला : महाराष्ट्र सरकार ने SIT जांच का विरोध किया

    जज लोया की मौत की स्वतंत्र जांच का मामला : महाराष्ट्र सरकार ने SIT जांच का विरोध किया

    महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उन चार न्यायाधीशों के बयान ‘असंदिग्ध’ हैं जो विशेष सीबीआई न्यायाधीश बीएच लोया के जीवन के अंतिम दिन उनके साथ थे और जिन्होंने उनकी मौत को ‘स्वाभाविक’ बताया था.

  • जज लोया की मौत मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़ और दुष्यन्त दवे के बीच तीखी बहस

    जज लोया की मौत मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़ और दुष्यन्त दवे के बीच तीखी बहस

    सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को जज लोया मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़ और दुष्यन्त दवे के बीच तीखी बहस हुई. सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़ ने दुष्यन्त दवे के तेज आवाज में बोलने पर नाराजगी जाहिर की और कहा कि जब जज बोल रहे हों तो आप बीच में न बोलें.

  • NEWS FLASH : यूपी हज समिति के कार्यालय के भगवाकरण मामले में समिति के सचिव आरपी सिंह पद से हटाए गए

    NEWS FLASH : यूपी हज समिति के कार्यालय के भगवाकरण मामले में समिति के सचिव आरपी सिंह पद से हटाए गए

    सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़ ट्रायल के जज बीएच लोया की मौत की स्वतंत्र जांच की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई करेगा. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने इस मामले में महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा था.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : न्यायपालिका के भीतर के सुलगते सवाल

    प्राइम टाइम इंट्रो : न्यायपालिका के भीतर के सुलगते सवाल

    चार जज कहें कि हम नहीं चाहते कि कोई ऐसे याद करे कि इन्होंने अपनी आत्मा बेच दी और हम बहस उनके उठाए सवालों पर नहीं कर रहे हैं. माननीय न्यायमूर्तियों के सवालों को किनारे लगाकर टीवी मीडिया और सोशल मीडिया इस पर चर्चा करने लगा कि इनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि क्या है, प्रेस कांफ्रेंस क्यों किया, राष्ट्रपति के पास क्यों नहीं गए, चीफ जस्टिस से बात क्यों नहीं की.

  • जजों के ऐतराज गंभीरता से सुने जाएं, जस्टिस लोया की मौत की कराई जाए जांच : राहुल गांधी

    जजों के ऐतराज गंभीरता से सुने जाएं, जस्टिस लोया की मौत की कराई जाए जांच : राहुल गांधी

    सुप्रीम कोर्ट के विवाद पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट के जजों के ऐतराज को पूरी बेंच सुने. उन्होंने प्रेस से यह भी कहा कि जज बीएच लोया की मौत के केस की पूरी जांच होनी चाहिए.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : क्या जज बीएच लोया की मौत से पर्दा उठ पाएगा?

    प्राइम टाइम इंट्रो : क्या जज बीएच लोया की मौत से पर्दा उठ पाएगा?

    सीबीआई के स्पेशल जज बृजगोपाल हरिमोहन लोया की मौत के बाद की प्रक्रियाओं को लेकर कैरवां पत्रिका में जो सवाल उठे हैं, उसके समानांतर इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट आ गई है. कुछ जगहों पर एक्सप्रेस की रिपोर्ट कैरवां की रिपोर्ट को काटती है तो कुछ जगहों पर एक्सप्रेस की रिपोर्ट को लेकर ही नए संदेह खड़े हो जाते हैं.

  • सीबीआई जज की मौत के सवालों पर चुप्पी जारी - पार्ट 2

    सीबीआई जज की मौत के सवालों पर चुप्पी जारी - पार्ट 2

    बुधवार के प्रेस कांफ्रेंस में कैमरों को देखकर आपको अंदाज़ा हो जाएगा कि आए थे तो थे इतने चैनल फिर भी वो ख़बर कहां गई. एक जज की मौत को लेकर सवाल हों, क्या उसकी भी ख़बर लिखने की हिम्मत नहीं बची है तो एक सवाल आप खुद से पूछिए कि हर महीने केबल और अखबार का बिल क्यों देते हैं. किसी मंदिर में दान क्यों नहीं कर देते हैं इतना पैसा. किसी ग़रीब का भला ही हो जाएगा.