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  • पिछले 45 साल में 2017-18 में सबसे ज्यादा रही बेरोजगारी, रिपोर्ट में हुआ खुलासा

    पिछले 45 साल में 2017-18 में सबसे ज्यादा रही बेरोजगारी, रिपोर्ट में हुआ खुलासा

    राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय की पीएलएफएस की रिपोर्ट के मुताबिक देश में साल 2017-18 में बेरोजगारी दर पिछले 45 साल में सबसे ज्यादा थी. अंग्रेजी अखबार बिजनेस स्टैंडर्ड ने इस रिपोर्ट का खुलासा किया है. दिसंबर महीने में राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग द्वारा मंजूरी मिलने के बाद भी इस रिपोर्ट को जारी नहीं किया गया. इसके बाद आयोग के कार्यकारी चेयरपर्सन सहित दो सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया. सरकार के अंतरिम बजट से कुछ दिन पहले ही यह रिपोर्ट सामने आई है, ऐसे में लोकसभा चुनाव से पहले काफी विवाद हो सकता है. विपक्षी दल रोजगार के आंकड़ों को लेकर लगातार सरकार को निशाना बना रहे हैं.

  • राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग से इस्‍तीफा दे चुके पीसी मोहनन और जेवी मीनाक्षी को सांख्यिकी मंत्रालय ने मीटिंग के लिए बुलाया

    राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग से इस्‍तीफा दे चुके पीसी मोहनन और जेवी मीनाक्षी को सांख्यिकी मंत्रालय ने मीटिंग के लिए बुलाया

    राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग (National Statistical Commission) से इस्तीफा देने के बाद कार्यवाहक चेयरपर्सन पीसी मोहनन (PC Mohanan) और सदस्य जेवी मीनाक्षी (JV Meenakshi) को सांख्यिकी मंत्रालय ने बातचीत के लिए बुलाया है. दोनों ने सरकार के साथ कुछ मुद्दों पर असहमति होने के चलते आयोग से इस्तीफा दे दिया था. दो सदस्यों के छोड़ने के बाद अब आयोग में केवल दो सदस्य- मुख्य सांख्यिकीविद प्रवीण श्रीवास्तव और नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ही बचे हैं. दोनों का कार्यकाल 2020 में खत्म हो रहा था. सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधीन आने वाले आयोग में सात सदस्य होते हैं. वेबसाइट के मुताबिक, तीन पद पहले से ही रिक्त हैं.

  • राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग के चीफ ने NDTV को बताई इस्तीफे की वजह, कहा- हल्के में ले रही थी सरकार, जारी नहीं किए नौकरियों के आंकड़े

    राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग के चीफ ने NDTV को बताई इस्तीफे की वजह, कहा- हल्के में ले रही थी सरकार, जारी नहीं किए नौकरियों के आंकड़े

    आयोग के कार्यकारी चेयरपर्सन मोहनन ने एनडीटीवी से कहा, 'हमें लगा कि आयोग का जो काम है, वह उसका निर्वहन करने में बहुत प्रभावी नहीं रहा. पिछले कुछ समय से हमें महसूस हो रहा था कि हमें किनारे कर दिया गया और हमें गंभीरता से नहीं लिया गया. यह देश के सभी आंकड़ों के लिए एक शीर्ष संस्था है. लेकिन वह अपने उद्देश्य में कामयाब नहीं हो रही थी. ऐसा हमें महसूस हो रहा था.'