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Kadambini sharma


'Kadambini sharma' - 56 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • काश ये इंसानियत और जगहों पर भी दिखती

    काश ये इंसानियत और जगहों पर भी दिखती

    वो दुनिया के अलग-अलग अलग हिस्सों से आए, कोई इंग्लैंड, कोई अमेरिका, कोई ऑस्ट्रेलिया कोई डेनमार्क, कोई फिलीपींस. मदद की पेशकश हर जगह से. थाइलैंड के चिरांग राई में दो हफ्ते से गुफा में फंसे जूनियर फुटबॉल टीम के 13 सदस्यों के लिए.

  • ज़िम्मेदारी सभी की है, सभी को बनना होगा 'फैक्ट चेकर'

    ज़िम्मेदारी सभी की है, सभी को बनना होगा 'फैक्ट चेकर'

    एक साल के भीतर भारत के नौ राज्यों में व्हॉट्सऐप (WhatsApp) पर बच्चा चोरी की अफवाहों के कारण 27 मासूम लोगों को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला. फेक न्यूज़ का यह सबसे वीभत्स रूप है, लेकिन इसके और भी चेहरे हैं, और हर तरफ नज़र आ रहे हैं. फेक न्यूज़ या फिर झूठी ख़बर कभी जाने-पहचाने चेहरों के ज़रिये आप तक पहुंचती है, कभी सोशल मीडिया पर छिपे हुए लोगों की फैलाई हुई होती हैं. कई बार अपने विचारों के कारण लोग फेक न्यूज़ पर भरोसा करते हैं या फिर जिनके ज़रिये उन तक वह झूठी ख़बर पहुंची है, उन पर भरोसे के कारण ख़बर पर भी भरोसा हो जाता है. लेकिन फेक न्यूज़ का हर अवतार घातक है, किसी न किसी तरह. लोगों को मार डालना एक उदाहरण है. हमने फेक न्यूज़ के कारण दंगे, तनाव भी भड़कते देखे हैं, समुदायों में वैमनस्य पनपना देख रहे हैं. लेकिन तब क्या होता है, जब कोई नेता, वह नेता, जिस पर इस बात की ज़िम्मदारी है कि वह तथ्यों को लेकर झूठ नहीं बोलेगा, लोगों को बहकाएगा नहीं, झूठ बोलता है...? पत्रकार के तौर पर हमारी ज़िम्मेदारी हर ख़बर को देख-परखकर ही उसे दर्शकों या पाठकों तक पहुंचाने की होती है, लेकिन जब फेक न्यूज़ वायरल बुखार की तरह फैल जाए, तब क्या...?

  • एक जैसे है रंगभेद और जातिवाद...

    एक जैसे है रंगभेद और जातिवाद...

    मेरी आंखें बार-बार भर आ रही थीं. उन पुरानी तस्वीरों, अखबार की कतरनों को देख-पढ़ कर सिहर जा रही थी. ये अमेरिकी इतिहास का सबसे डरावना और शर्मनाक पन्ना है. अमेरिका के अलबामा राज्य के मौंटगोमरी शहर में 26 अप्रैल, 2018 को खोला गया लेगेसी म्यूज़ियम ठीक उस जगह पर बना है जहां एक गोदाम में अफ्रीकी-अमेरिकी गुलामों को रखा जाता था.

  • डोकलाम पर शायद आखिरी पन्ना लिखा नहीं गया...

    डोकलाम पर शायद आखिरी पन्ना लिखा नहीं गया...

    डोकलाम में भारतीय और चीनी सेना आमने सामने थी. पीछे से हर कूटनीतिक कोशिश की जा रही थी इस बेहद तनावपूर्ण स्थिति को सुलझाने की. ये स्थिति दो महीनों से भी ज्यादा तक बनी रही. आखिर अचानक 28 अगस्त 2017 को दोनों देशों की सेनाएं पीछे हट गईं. कहा गया कि मामला सुलझा लिया गया है. लेकिन तब से लेकर अब तक बयानों का जो सिलसिला है उससे तो यही लगता है कि स्थिति साफ होने की बजाय उतनी ही धुंधली है जितनी पहले दिन थी.

  • क्या हम संविधानवाद से समझौता कर रहे हैं?

    क्या हम संविधानवाद से समझौता कर रहे हैं?

    आखिरी बार आपने भारत के संविधान की प्रस्तावना कब पढ़ी थी, सिविल सेवा की परीक्षा देते समय पढ़ी थी या फिर अपनी नागरिकता को समझने के लिए भी पढ़ते रहे हैं.

  • सिर्फ अहमदाबाद ही क्यों?

    सिर्फ अहमदाबाद ही क्यों?

    हम में से जो भी कभी अहमदाबाद नहीं भी गए हैं वो भी थोड़ा थोड़ा उस शहर को जानने लगे हैं. ये कमाल है प्रधानमंत्री मोदी का. असल में विश्व के बड़े नेताओं को प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के अहमदाबाद ले जाने की शुरुआत जब से की है, तब से ये होने लगा है.

  • कादम्बिनी शर्मा का ब्लॉग : क्या चीन और भारत के बीच तनाव कम होगा...

    कादम्बिनी शर्मा का ब्लॉग :  क्या चीन और भारत के बीच तनाव कम होगा...

    डोकलाम इलाके में भारत और चीन की सेना को आमने-सामने खड़े एक महीना होने को आया. दोनों में से कोई भी सेना पीछे हटने की जल्दी में नहीं. जिस इलाके को चीन प्राचीन काल से अपना बताकर सड़क बनाने की बात कर रहा है और भारत को पीछे हटने को कह रहा है, भारत लगातार उसे भूटान का क्षेत्र बताते हुए चीन को पीछे हटने को कह रहा है. भूटान की जमीन पर भारत का यह रुख इसलिए है क्योंकि भूटान से उसका रणनीतिक समझौता है जिसके तहत सैन्य मदद उसे मिलती है.

  • आईएसआईएस के कब्ज़े से निकला मोसुल, भारत में 39 परिवारों की नज़रें दरवाज़ों पर

    आईएसआईएस के कब्ज़े से निकला मोसुल, भारत में 39 परिवारों की नज़रें दरवाज़ों पर

    मोसुल की जीत बड़ी भी है और प्रतीकात्मक तौर पर इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) को धक्का देने वाली भी, क्योंकि मोसुल की सबसे बड़ी मस्जिद में ही अबू बकर अल बगदादी ने ख़िलाफ़त (Caliphate) स्थापित करने का ऐलान किया था.

  • मोदी सरकार के 3 साल - अंतरराष्ट्रीय मंच पर अधिक मुखर हुआ भारत

    मोदी सरकार के 3 साल - अंतरराष्ट्रीय मंच पर अधिक मुखर हुआ भारत

    पड़ोसियों से रिश्ते बेहतर करने पर मोदी सरकार की विदेश नीति का बड़ा जोर रहा है. रिश्ते सुधारने की लाख कोशिशों के बावजूद चीन और पाकिस्तान भारत के लिए बड़ा सिरदर्द बने हुए हैं. लेकिन जहां तक अफगानिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल का सवाल है, हालात अलग हैं.

  • नरेंद्र मोदी सरकार के तीन साल - भारत-पाक संबंधों में बरकरार है तनाव...

    नरेंद्र मोदी सरकार के तीन साल - भारत-पाक संबंधों में बरकरार है तनाव...

    पाकिस्तान से अगर बात भी की जाए, तो किससे - नवाज़ शरीफ से, या पाक सेना से...? पाकिस्तान में भी अगले साल चुनाव होने हैं, तो क्या पाकिस्तान का कोई भी नेता बात करने को तैयार होगा...? और बात करने के लिए भारत सरकार को अपने कड़े रुख से कितना पीछे हटना होगा...?

  • भारत का ICJ जाना- कितना सही कदम?

    भारत का ICJ जाना- कितना सही कदम?

    कोर्ट के चीफ रॉनी अब्राहम ने इस मामले में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को चिट्टी भी लिखी है. इस पूरे मसले में कुछ सवाल उठे हैं. 

  • कश्‍मीर पर तुर्की के राष्‍ट्रपति के बयान पर अचरज करना बेकार

    कश्‍मीर पर तुर्की के राष्‍ट्रपति के बयान पर अचरज करना बेकार

    तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन दो दिन के भारत दौरे पर हैं. लेकिन भारत पहुंचने के पहले उन्होंने एक भारतीय टीवी चैनल को इंटरव्यू में ये कहकर सनसनी फैला दी कि कश्मीर मसले को हमेशा के लिए सुलझाने के लिए कई पक्षीय बातचीत होनी चाहिए. भारत हमेशा कहता आया है कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय समस्या है और बातचीत भी सिर्फ दो पक्षों के बीच ही होगी.

  • इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे अबु धाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन ज़ायेद

    इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे अबु धाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन ज़ायेद

    अबु धाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन ज़ायेद अल नाहयान इस बार गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि हैं. उनका भारत आना कई मायनों में अहम माना जा रहा है क्योंकि कई बड़े समझौतों पर दस्तखत होने की भी उम्मीद है. इनमें से अहम है 75 बिलियन डॅालर का एनआईआईएफ (नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड).

  • चीन दूसरे देशों की चिंताओं पर ध्यान नहीं देता : विदेश सचिव एस जयशंकर

    चीन दूसरे देशों की चिंताओं पर ध्यान नहीं देता : विदेश सचिव एस जयशंकर

    रायसीना डायलॉग में बोलते हुए विदेश सचिव एस जयशंकर ने कहा है कि अपनी संप्रभुता के मामले में चीन बहुत संवेदनशील रहता है, लेकिन दूसरे देशों की चिंताओं पर ध्यान नहीं देता.

  • परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में भारत के प्रवेश को लेकर न्यूज़ीलैंड ने नहीं दिया कोई आश्वासन

    परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में भारत के प्रवेश को लेकर न्यूज़ीलैंड ने नहीं दिया कोई आश्वासन

    न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री जॉन की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई, लेकिन परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (Nuclear Suppliers Group) में भारत के प्रवेश को लेकर न्यूज़ीलैंड ने कोई आश्वासन नहीं दिया.

  • BRICS: नेपाल और चीन की बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी ने भी की शिरकत

    BRICS: नेपाल और चीन की बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी ने भी की शिरकत

    'ब्रिक्स समिट' के दौरान एक दिलचस्प बैठक की जानकारी आ रही है. नेपाल मीडिया ने रिपोर्ट किया है कि नेपाली प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी भी वहां पहुंचे और दोनों से कुछ देर तक बातचीत की.

  • गोवा में ब्रिक्स सम्मेलन : सुरक्षा इतंजाम पुख्ता, सभी बीच किले में तब्दील, यातायात पर प्रतिबंध

    गोवा में ब्रिक्स सम्मेलन :  सुरक्षा इतंजाम पुख्ता, सभी बीच किले में तब्दील, यातायात पर प्रतिबंध

    ब्रिक्स समिट के मद्देनज़र गोवा में सुरक्षा के पुख़्ता इंतज़ाम किए गए हैं. गोवा के बीचों को क़िले में तब्दील कर दिया गया है. सम्मेलन स्थल के रास्तों और हरेक महत्वपूर्ण एनएच पर पुलिसबलों की भारी तैनाती की गई है.

  • पाकिस्‍तान में नवंबर में होने वाले सार्क सम्‍मेलन में हिस्‍सा नहीं लेंगे पीएम नरेंद्र मोदी

    पाकिस्‍तान में नवंबर में होने वाले सार्क सम्‍मेलन में हिस्‍सा नहीं लेंगे पीएम नरेंद्र मोदी

    उरी हमले के बाद भारत ने अब तक का सबसे सख़्त संदेश पाकिस्तान को दिया है. भारत ने कहा है कि वो 9-10 नवंबर को इस्लामाबाद में होने वाले सार्क सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेगा. इसका सीधा मतलब, सार्क के नियमों के मुताबिक ये है कि सार्क सम्मेलन नहीं होगा.

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