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Kamal nath government


'Kamal nath government' - 53 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • कमलनाथ सरकार के खिलाफ कांग्रेस के ही यह विधायक ठोक रहे ताल, आंदोलन की धमकी दी

    कमलनाथ सरकार के खिलाफ कांग्रेस के ही यह विधायक ठोक रहे ताल, आंदोलन की धमकी दी

    मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) का गैजेटेड नोटिफिकेशन जारी होने का कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद (Arif Masood) ने विरोध किया है. आरिफ मसूद ने प्रदेश की कमलनाथ सरकार (Kamal Nath Government) से गैजेटेड नोटिफिकेशन को खारिज करने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि बड़े ही अफसोस की बात है कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होने के बाद भी यह लागू हो गया. अब हम इसका पुरजोर तरीके से विरोध करेंगे.

  • Video : कमलनाथ के मंत्री ने शिकायत लेकर पहुंचे कांग्रेस के ही किसान नेता को दुत्कारा, फिर टांगकर निकाल दिया गया बाहर

    Video : कमलनाथ के मंत्री ने शिकायत लेकर पहुंचे कांग्रेस के ही किसान नेता को दुत्कारा, फिर टांगकर निकाल दिया गया बाहर

    मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार अपनों की ही नाराजगी झेल रही है. ताजा मामला राज्य किसान कांग्रेस के महासचिव शैलेंद्र वर्मा की है. वह हरदा में किसी बात की शिकायत लेकर राज्य सरकार में मंत्री पीसी  शर्मा के पास गए थे. आप वीडियो में देख सकते हैं कि उन्होंने कुछ कागज दिखाए और उसके थोड़ी ही देर बाद मंत्री जी ने तेज से दुत्कार दिया. इस पर शैलेंद्र ने कहा, आप ऐसे नहीं चिल्ला सकते हैं'.

  • CM कमलनाथ को चुनावी घोषणापत्र में किए वादों की याद दिलाने के लिए कांग्रेस विधायक बैठे धरने पर

    CM कमलनाथ को चुनावी घोषणापत्र में किए वादों की याद दिलाने के लिए कांग्रेस विधायक बैठे धरने पर

    मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. पार्टी के विधायक मुन्नालाल गोयल ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाकर विधानसभा के सामने धरने पर बैठ गए हैं. उनका कहना है कि वह सरकार को चुनावी घोषणपत्र में किए गए वादों की याद दिलाना चाहते हैं. उन्होंने कहा, 'मैंने मुख्यमंत्री को भी लिखा था लेकिन कुछ नहीं हुआ. इसलिए हम यहां बैठे हुए हैं'. यह पहला मौका नहीं है कि जब मध्य प्रदेश में कांग्रेस के विधायक और नेता अपनी पार्टी के लिए मुसीबत बन रहे हैं.

  • BSP विधायक के निलंबन के बाद बिगड़ सकता है मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार का गणित ! जानें क्या है इसकी वजह...

    BSP विधायक के निलंबन के बाद बिगड़ सकता है मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार का गणित ! जानें क्या है इसकी वजह...

    खास बात यह है कि मध्य प्रदेश के पथेरिया से बहुजन समाज पार्टी (BSP) की विधायक रमाबाई परिहार (Ramabai Parihar) ने पार्टी लाइन से अलग जाते हुए इस कानून का समर्थन किया था. रमाबाई की पार्टी ने कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है. BSP सुप्रीमो मायावती (Mayawati) ने इस बारे में ट्वीट कर जानकारी दी है.

  • मध्य प्रदेश: सरकार ने दिया फसल बीमा कंपनियों को टोल फ्री नंबर जारी करने के निर्देश

    मध्य प्रदेश: सरकार ने दिया फसल बीमा कंपनियों को टोल फ्री नंबर जारी करने के निर्देश

    मंत्री ने कहा कि सभी फसल बीमा कंपनियां तहसील स्तर नियुक्त कर्मचारियों तथा फसल हानि की सूचना देने वाले किसानों की जानकारी दो दिन में प्रस्तुत करें. किसान को फसल बीमा राशि की अंशदान की रसीद देना भी सुनिश्चित किया जाए. इसके साथ ही फसल हानि पर यथाशीघ्र नियमानुसार क्लेम राशि का भुगतान किया जाना शुरू करें.

  • मध्य प्रदेश : विधायक के निधन से कांग्रेस की निश्चिंतता में खलल

    मध्य प्रदेश : विधायक के निधन से कांग्रेस की निश्चिंतता में खलल

    बाहरी समर्थन से चल रही कमलनाथ सरकार को झाबुआ के उपचुनाव में मिली जीत ने कुछ निश्चिंत किया था, मगर मुरैना जिले के जौरा से कांग्रेस विधायक बनवारी लाल शर्मा की मौत से इस निश्चिंतता में फिर खलल पड़ गई है.

  • कमलनाथ सरकार की वादाखिलाफी से नाराज 'अतिथि विद्वान' धरने पर बैठे, देखें - VIDEO

    कमलनाथ सरकार की वादाखिलाफी से नाराज 'अतिथि विद्वान' धरने पर बैठे, देखें - VIDEO

    मध्यप्रदेश के सरकारी कॉलेजों में 15-20 सालों से पढ़ा रहे 'अतिथि विद्वान' नियमितीकरण की मांग पर कमलनाथ सरकार की वादाखिलाफी से नाराज होकर भोपाल में धरने पर बैठे हैं. इससे पहले वे मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र छिंदवाड़ा भी पहुंचे थे. पैदल रास्ता तय करते अब वे राजधानी में हैं. वे सरकार को याद दिला रहे हैं कि कांग्रेस ने अपने वचन-पत्र में अतिथि विद्वानों की नौकरी को लेकर वादा किया था.

  • मध्यप्रदेश : मंत्रियों के रिश्तेदार सरकारी कर्मचारियों से कर रहे बदसलूकी, कई मामले सामने आए

    मध्यप्रदेश : मंत्रियों के रिश्तेदार सरकारी कर्मचारियों से कर रहे बदसलूकी, कई मामले सामने आए

    मध्यप्रदेश में सत्ता में आने के महज 11 महीने बाद कमलनाथ सरकार के कैबिनेट मंत्रियों के परिजन और समर्थक सरकारी कर्मचारियों के साथ बदसलूकी करते नज़र आ रहे हैं. पहला मामला राज्य की व्यावसायिक राजधानी इंदौर में हुआ. वहां इंदौर नगर निगम के कर्मचारी डिप्टी कमिश्नर एमएस चौहान के नेतृत्व में स्वास्थ्य मंत्री और स्थानीय विधायक तुलसी सिलावट के जन्मदिन के मौके पर संयोगितागंज क्षेत्र में लगाए गए होर्डिंग्स को हटा रहे थे. जिस वक्त कमलनाथ सरकार के 31 अक्टूबर के फैसले के मुताबिक अनाधिकृत होर्डिंग्स को हटाया जा रहा था कथित तौर पर तुलसी सिलावट के कुछ रिश्तेदार और स्वास्थ्य मंत्री के समर्थकों ने वहां पहुंचकर नगर निगम कर्मचारियों की पिटाई कर दी.

  • प्रहलाद लोधी की सदस्यता निरस्त होने के मामले को लेकर बीजेपी आलाकमान नाराज, राज्यपाल से मिला पार्टी का प्रतिनिधिमंडल

    प्रहलाद लोधी की सदस्यता निरस्त होने के मामले को लेकर बीजेपी आलाकमान नाराज, राज्यपाल से मिला पार्टी का प्रतिनिधिमंडल

    प्रहलाद लोधी की विधायकी ख़त्म होने से सदस्य संख्या 229 हो गई यानी फिलहाल अपने 115 विधायकों के साथ कांग्रेस को पूर्ण बहुमत है, उसे 4 निर्दलीय, 2 बसपा , 1 सपा के विधायक का भी समर्थन है. बीजेपी के अब सदन में 107 विधायक बचे. 

  • एमपी: कमलनाथ सरकार ने पौने दो लाख अध्यापकों को दिया दीपावली का तोहफा

    एमपी: कमलनाथ सरकार ने पौने दो लाख अध्यापकों को दिया दीपावली का तोहफा

    बताया गया है कि, इस नए वेतनमान के चलते सहायक अध्यापकों के वेतन में पांच, अध्यापक के वेतन में छह से सात और वरिष्ठ अध्यापक के वेतन में सात से आठ हजार तक का इजाफा होगा. इससे सरकार पर हर साल लगभग दो हजार करोड़ का अतिरिक्त भार आएगा. सरकार के इस फैसले से राज्य के लगभग एक लाख 84 हजार अध्यापकों को सातवें वेतनमान का लाभ मिलेगा.

  • Honey Trap Case: एसआईटी प्रमुख को हटाने से पहले कमलनाथ ने किसे किया था तलब और किसने कहा सरकार झेल नहीं पाएगी खुलासे

    Honey Trap Case: एसआईटी प्रमुख को हटाने से पहले कमलनाथ ने किसे किया था तलब और किसने कहा सरकार झेल नहीं पाएगी खुलासे

    मध्य प्रदेश में पकड़े गए हाई प्रोफाइल हनी ट्रैप (Honey Trap Case) मामले में 'दाल में कुछ ज्यादा ही काला नजर' आ रहा है. इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) के चीफ को कमलनाथ सरकार ने तीसरी बार बदला है. सबसे पहले मामले की जांच श्रीनिवास वर्मा को सौंपी गई थी लेकिन 24 घंटे के अंदर ही उनसे यह जिम्मेदारी ले ली गई और संजीव शामी को एसआईटी हेड बना दिया गया. लेकिन अब राजेंद्र कुमार को यह जिम्मेदारी दे दी गई. अब इस नए घटनाक्रम के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार अंदर ही इस मामले में पर्दा डालने की कोशिश कर रही है. क्योंकि अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक इस हनी ट्रैप मामले में कांग्रेस-बीजेपी के कई बड़े नेता, अधिकारी भी फंसे हुए हैं और महाराष्ट्र के एक बड़े नेता का भी नाम सामने आ रहा है.

  • Honey Trap Case: कमलनाथ सरकार ने जांच प्रमुख को तीसरी बार क्यों बदला, क्या पर्दा डालने की तैयारी है?

    Honey Trap Case: कमलनाथ सरकार ने जांच प्रमुख को तीसरी बार क्यों बदला, क्या पर्दा डालने की तैयारी है?

    मध्य प्रदेश में पकड़े गए हाई प्रोफाइल हनी ट्रैप मामले में 'दाल में कुछ ज्यादा ही काला नजर' आ रहा है. इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी)  के चीफ को कमलनाथ सरकार ने तीसरी बार बदला है. सबसे पहले मामले की जांच श्रीनिवास वर्मा को सौंपी गई थी लेकिन 24 घंटे के अंदर ही उनसे यह जिम्मेदारी ले ली गई और संजीव शामी को एसआईटी हेड बना दिया गया. लेकिन अब राजेंद्र कुमार को यह जिम्मेदारी दे दी गई.

  • Honey Trap Racket कमलनाथ सरकार को अस्थिर करने की बीजेपी की साजिश है, मध्‍यप्रदेश के मंत्री ने लगाया आरोप

    Honey Trap Racket कमलनाथ सरकार को अस्थिर करने की बीजेपी की साजिश है, मध्‍यप्रदेश के मंत्री ने लगाया आरोप

    Madhya Pradesh Honey Trap Case: मध्यप्रदेश में हाल ही में जिस हाई-प्रोफाइल हनी ट्रैपिंग रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है, उसमें पुलिस 200 से ज्यादा नंबरों को खंगाल रही है. यह मामला इसलिये भी गंभीर है क्योंकि सरकार को लगता है कि विपक्ष ने कमलनाथ सरकार को अस्थिर करने के लिए पूरा जाल बिछाया था.

  • कमलनाथ सरकार को समर्थन देने वाले बीजेपी एमएलए के फिर पाला बदलने के आसार

    कमलनाथ सरकार को समर्थन देने वाले बीजेपी एमएलए के फिर पाला बदलने के आसार

    मध्यप्रदेश विधानसभा में एक विधेयक पर मत विभाजन के दौरान कमलनाथ सरकार को समर्थन करने वाले शहडोल जिले के ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक फिर पाला बदलते नज़र आ रहे हैं. उन्होंने कहा मॉब लिंचिंग प्रस्ताव के समर्थन में उन्होंने सरकार के पक्ष में वोट किया था जिसका समर्थन उनकी पार्टी भी कर रही थी. शरद कोल ने कहा कि वे बीजेपी के विधायक हैं और रहेंगे.

  • बीजेपी ने किया था ऐलान, कमलनाथ सरकार बनाने जा रही राम वन पथ गमन

    बीजेपी ने किया था ऐलान, कमलनाथ सरकार बनाने जा रही राम वन पथ गमन

    कांग्रेस ने चुनावों के वक्त राम वन पथ गमन का वायदा किया अब उसे मूर्त रूप देने बजट भी जारी कर दिया गया है. वनवास के दौरान भगवान राम के चरण जिन रास्तों पर पड़े थे, वहां राम वन गमन पथ बनाने का ऐलान 2008 में बीजेपी ने किया था लेकिन उस वक्त ये भाषणों और कागजों में लकीरें खींचने तक सीमित रह गया. अब कमलनाथ सरकार राम वन पथ गमन के लिए बोर्ड गठित करने की भी तैयारी कर रही है.

  • गुजरात की जिद और मध्यप्रदेश में नर्मदा में डूबता जीवन, ग्रामीण जाएं तो जाएं कहां? देखें - VIDEO

    गुजरात की जिद और मध्यप्रदेश में नर्मदा में डूबता जीवन, ग्रामीण जाएं तो जाएं कहां? देखें - VIDEO

    जैसे-जैसे नर्मदा का जलस्तर बढ़ रहा है, सरदार सरोवर भरता जा रहा है. इसके साथ ही मध्यप्रदेश के कई गांव इतिहास का हिस्सा बनते जा रहे हैं. गुजरात इतनी हड़बड़ी में है कि उसने सरदार सरोवर बांध को भरने के समय की शर्तों का भी उल्लंघन कर दिया. इसको लेकर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने केंद्र सरकार को खत लिखा है. मांग की गई है कि इस संबंध में जल्द से जल्द बैठक बुलाई जाए. NDTV के पास नर्मदा में डूबते गांवों के कुछ ऐसे वीडियो हैं जिनमें गांव और उनमें रहने वाले लोगों की पीड़ा खुद बयां हो रही है. नर्मदा की धाराएं गांवों में घुसकर उन्हें लीलने पर आमादा हैं. नदी की धाराओं और ग्रामीणों की आंखों से बहती अश्रु धाराओं में प्रतिस्पर्धा चल रही है. अपनी जमीन, अपने गांव, अपने घर और अपनी स्मृतियों के डूबने की पीड़ा, अपनी जड़ों से जुदा होने की पीड़ा, सरकार के बेसहारा छोड़ देने की पीड़ा इन ग्रामीणों के लिए असहनीय है.

  • कुंभकर्ण, घंटे और ढोल-मंजीरों के साथ बीजेपी ने पूरे मध्यप्रदेश में किया विरोध प्रदर्शन, कांग्रेस ने दिया जवाब

    कुंभकर्ण, घंटे और ढोल-मंजीरों के साथ बीजेपी ने पूरे मध्यप्रदेश में किया विरोध प्रदर्शन, कांग्रेस ने दिया जवाब

    मध्यप्रदेश में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार के खिलाफ बीजेपी ने बुधवार को प्रदेश भर में घंटानाद आंदोलन किया. बीजेपी के तमाम बड़े नेताओं के नेतृत्व में नेता और कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालयों पर कलेक्ट्रेट के बाहर घंटे और ढोल-मंजीरों के साथ पहुंचकर प्रदर्शन किया. भोपाल में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, विदिशा में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान,जबलपुर में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, सागर में प्रभात झा तो इंदौर में सांसद नंदकुमार सिंह चौहान समेत तमाम दिग्गज नेता सड़क पर उतरे. सड़क पर ढोल, मंजीरे और तुरही बजाई. वहीं कांग्रेस ने इसका जवाब ढोल बजाओ आंदोलन से दिया, हर जिला मुख्यालाय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि बीजेपी के 15 साल के राज में क्या हालात थे.

  • बीजेपी ने पार्टी के 'नेता पुत्रों' को सड़क के रास्ते सत्ता में पहुंचाने का प्लान बनाया

    बीजेपी ने पार्टी के 'नेता पुत्रों' को सड़क के रास्ते सत्ता में पहुंचाने का प्लान बनाया

    वंशवाद को लेकर अक्सर दूसरे दलों पर हमलावर रहने वाली बीजेपी के नेता अपने पुत्रों को राजनीतिक प्लेटफॉर्म देने में जुट गए हैं. मध्यप्रदेश बीजेपी में नेताओं ने अपने बच्चों को सड़क के रास्ते सत्ता पर बिठाने का प्लान ढूंढा है. प्लान कमलनाथ सरकार के खिलाफ आंदोलन का है. इसकी कमान शिवराज सिंह चौहान से लेकर कई नेता पुत्रों के हाथ में रहेगी... नाम रहेगा भारतीय जनता युवा मोर्चा का. भारतीय जनता युवा मोर्चा के बैनर तले आंदोलन को संभालेंगे कुल 31 युवा नेता जिसमें 10 बड़े नेता पुत्र भी हैं.

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