NDTV Khabar

Kamal nath government News in Hindi


'Kamal nath government' - 46 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • मध्यप्रदेश : मंत्रियों के रिश्तेदार सरकारी कर्मचारियों से कर रहे बदसलूकी, कई मामले सामने आए

    मध्यप्रदेश : मंत्रियों के रिश्तेदार सरकारी कर्मचारियों से कर रहे बदसलूकी, कई मामले सामने आए

    मध्यप्रदेश में सत्ता में आने के महज 11 महीने बाद कमलनाथ सरकार के कैबिनेट मंत्रियों के परिजन और समर्थक सरकारी कर्मचारियों के साथ बदसलूकी करते नज़र आ रहे हैं. पहला मामला राज्य की व्यावसायिक राजधानी इंदौर में हुआ. वहां इंदौर नगर निगम के कर्मचारी डिप्टी कमिश्नर एमएस चौहान के नेतृत्व में स्वास्थ्य मंत्री और स्थानीय विधायक तुलसी सिलावट के जन्मदिन के मौके पर संयोगितागंज क्षेत्र में लगाए गए होर्डिंग्स को हटा रहे थे. जिस वक्त कमलनाथ सरकार के 31 अक्टूबर के फैसले के मुताबिक अनाधिकृत होर्डिंग्स को हटाया जा रहा था कथित तौर पर तुलसी सिलावट के कुछ रिश्तेदार और स्वास्थ्य मंत्री के समर्थकों ने वहां पहुंचकर नगर निगम कर्मचारियों की पिटाई कर दी.

  • प्रहलाद लोधी की सदस्यता निरस्त होने के मामले को लेकर बीजेपी आलाकमान नाराज, राज्यपाल से मिला पार्टी का प्रतिनिधिमंडल

    प्रहलाद लोधी की सदस्यता निरस्त होने के मामले को लेकर बीजेपी आलाकमान नाराज, राज्यपाल से मिला पार्टी का प्रतिनिधिमंडल

    प्रहलाद लोधी की विधायकी ख़त्म होने से सदस्य संख्या 229 हो गई यानी फिलहाल अपने 115 विधायकों के साथ कांग्रेस को पूर्ण बहुमत है, उसे 4 निर्दलीय, 2 बसपा , 1 सपा के विधायक का भी समर्थन है. बीजेपी के अब सदन में 107 विधायक बचे. 

  • एमपी: कमलनाथ सरकार ने पौने दो लाख अध्यापकों को दिया दीपावली का तोहफा

    एमपी: कमलनाथ सरकार ने पौने दो लाख अध्यापकों को दिया दीपावली का तोहफा

    बताया गया है कि, इस नए वेतनमान के चलते सहायक अध्यापकों के वेतन में पांच, अध्यापक के वेतन में छह से सात और वरिष्ठ अध्यापक के वेतन में सात से आठ हजार तक का इजाफा होगा. इससे सरकार पर हर साल लगभग दो हजार करोड़ का अतिरिक्त भार आएगा. सरकार के इस फैसले से राज्य के लगभग एक लाख 84 हजार अध्यापकों को सातवें वेतनमान का लाभ मिलेगा.

  • Honey Trap Case: एसआईटी प्रमुख को हटाने से पहले कमलनाथ ने किसे किया था तलब और किसने कहा सरकार झेल नहीं पाएगी खुलासे

    Honey Trap Case: एसआईटी प्रमुख को हटाने से पहले कमलनाथ ने किसे किया था तलब और किसने कहा सरकार झेल नहीं पाएगी खुलासे

    मध्य प्रदेश में पकड़े गए हाई प्रोफाइल हनी ट्रैप (Honey Trap Case) मामले में 'दाल में कुछ ज्यादा ही काला नजर' आ रहा है. इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) के चीफ को कमलनाथ सरकार ने तीसरी बार बदला है. सबसे पहले मामले की जांच श्रीनिवास वर्मा को सौंपी गई थी लेकिन 24 घंटे के अंदर ही उनसे यह जिम्मेदारी ले ली गई और संजीव शामी को एसआईटी हेड बना दिया गया. लेकिन अब राजेंद्र कुमार को यह जिम्मेदारी दे दी गई. अब इस नए घटनाक्रम के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार अंदर ही इस मामले में पर्दा डालने की कोशिश कर रही है. क्योंकि अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक इस हनी ट्रैप मामले में कांग्रेस-बीजेपी के कई बड़े नेता, अधिकारी भी फंसे हुए हैं और महाराष्ट्र के एक बड़े नेता का भी नाम सामने आ रहा है.

  • Honey Trap Case: कमलनाथ सरकार ने जांच प्रमुख को तीसरी बार क्यों बदला, क्या पर्दा डालने की तैयारी है?

    Honey Trap Case: कमलनाथ सरकार ने जांच प्रमुख को तीसरी बार क्यों बदला, क्या पर्दा डालने की तैयारी है?

    मध्य प्रदेश में पकड़े गए हाई प्रोफाइल हनी ट्रैप मामले में 'दाल में कुछ ज्यादा ही काला नजर' आ रहा है. इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी)  के चीफ को कमलनाथ सरकार ने तीसरी बार बदला है. सबसे पहले मामले की जांच श्रीनिवास वर्मा को सौंपी गई थी लेकिन 24 घंटे के अंदर ही उनसे यह जिम्मेदारी ले ली गई और संजीव शामी को एसआईटी हेड बना दिया गया. लेकिन अब राजेंद्र कुमार को यह जिम्मेदारी दे दी गई.

  • Honey Trap Racket कमलनाथ सरकार को अस्थिर करने की बीजेपी की साजिश है, मध्‍यप्रदेश के मंत्री ने लगाया आरोप

    Honey Trap Racket कमलनाथ सरकार को अस्थिर करने की बीजेपी की साजिश है, मध्‍यप्रदेश के मंत्री ने लगाया आरोप

    Madhya Pradesh Honey Trap Case: मध्यप्रदेश में हाल ही में जिस हाई-प्रोफाइल हनी ट्रैपिंग रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है, उसमें पुलिस 200 से ज्यादा नंबरों को खंगाल रही है. यह मामला इसलिये भी गंभीर है क्योंकि सरकार को लगता है कि विपक्ष ने कमलनाथ सरकार को अस्थिर करने के लिए पूरा जाल बिछाया था.

  • कमलनाथ सरकार को समर्थन देने वाले बीजेपी एमएलए के फिर पाला बदलने के आसार

    कमलनाथ सरकार को समर्थन देने वाले बीजेपी एमएलए के फिर पाला बदलने के आसार

    मध्यप्रदेश विधानसभा में एक विधेयक पर मत विभाजन के दौरान कमलनाथ सरकार को समर्थन करने वाले शहडोल जिले के ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक फिर पाला बदलते नज़र आ रहे हैं. उन्होंने कहा मॉब लिंचिंग प्रस्ताव के समर्थन में उन्होंने सरकार के पक्ष में वोट किया था जिसका समर्थन उनकी पार्टी भी कर रही थी. शरद कोल ने कहा कि वे बीजेपी के विधायक हैं और रहेंगे.

  • बीजेपी ने किया था ऐलान, कमलनाथ सरकार बनाने जा रही राम वन पथ गमन

    बीजेपी ने किया था ऐलान, कमलनाथ सरकार बनाने जा रही राम वन पथ गमन

    कांग्रेस ने चुनावों के वक्त राम वन पथ गमन का वायदा किया अब उसे मूर्त रूप देने बजट भी जारी कर दिया गया है. वनवास के दौरान भगवान राम के चरण जिन रास्तों पर पड़े थे, वहां राम वन गमन पथ बनाने का ऐलान 2008 में बीजेपी ने किया था लेकिन उस वक्त ये भाषणों और कागजों में लकीरें खींचने तक सीमित रह गया. अब कमलनाथ सरकार राम वन पथ गमन के लिए बोर्ड गठित करने की भी तैयारी कर रही है.

  • गुजरात की जिद और मध्यप्रदेश में नर्मदा में डूबता जीवन, ग्रामीण जाएं तो जाएं कहां? देखें - VIDEO

    गुजरात की जिद और मध्यप्रदेश में नर्मदा में डूबता जीवन, ग्रामीण जाएं तो जाएं कहां? देखें - VIDEO

    जैसे-जैसे नर्मदा का जलस्तर बढ़ रहा है, सरदार सरोवर भरता जा रहा है. इसके साथ ही मध्यप्रदेश के कई गांव इतिहास का हिस्सा बनते जा रहे हैं. गुजरात इतनी हड़बड़ी में है कि उसने सरदार सरोवर बांध को भरने के समय की शर्तों का भी उल्लंघन कर दिया. इसको लेकर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने केंद्र सरकार को खत लिखा है. मांग की गई है कि इस संबंध में जल्द से जल्द बैठक बुलाई जाए. NDTV के पास नर्मदा में डूबते गांवों के कुछ ऐसे वीडियो हैं जिनमें गांव और उनमें रहने वाले लोगों की पीड़ा खुद बयां हो रही है. नर्मदा की धाराएं गांवों में घुसकर उन्हें लीलने पर आमादा हैं. नदी की धाराओं और ग्रामीणों की आंखों से बहती अश्रु धाराओं में प्रतिस्पर्धा चल रही है. अपनी जमीन, अपने गांव, अपने घर और अपनी स्मृतियों के डूबने की पीड़ा, अपनी जड़ों से जुदा होने की पीड़ा, सरकार के बेसहारा छोड़ देने की पीड़ा इन ग्रामीणों के लिए असहनीय है.

  • कुंभकर्ण, घंटे और ढोल-मंजीरों के साथ बीजेपी ने पूरे मध्यप्रदेश में किया विरोध प्रदर्शन, कांग्रेस ने दिया जवाब

    कुंभकर्ण, घंटे और ढोल-मंजीरों के साथ बीजेपी ने पूरे मध्यप्रदेश में किया विरोध प्रदर्शन, कांग्रेस ने दिया जवाब

    मध्यप्रदेश में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार के खिलाफ बीजेपी ने बुधवार को प्रदेश भर में घंटानाद आंदोलन किया. बीजेपी के तमाम बड़े नेताओं के नेतृत्व में नेता और कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालयों पर कलेक्ट्रेट के बाहर घंटे और ढोल-मंजीरों के साथ पहुंचकर प्रदर्शन किया. भोपाल में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, विदिशा में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान,जबलपुर में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, सागर में प्रभात झा तो इंदौर में सांसद नंदकुमार सिंह चौहान समेत तमाम दिग्गज नेता सड़क पर उतरे. सड़क पर ढोल, मंजीरे और तुरही बजाई. वहीं कांग्रेस ने इसका जवाब ढोल बजाओ आंदोलन से दिया, हर जिला मुख्यालाय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि बीजेपी के 15 साल के राज में क्या हालात थे.

  • बीजेपी ने पार्टी के 'नेता पुत्रों' को सड़क के रास्ते सत्ता में पहुंचाने का प्लान बनाया

    बीजेपी ने पार्टी के 'नेता पुत्रों' को सड़क के रास्ते सत्ता में पहुंचाने का प्लान बनाया

    वंशवाद को लेकर अक्सर दूसरे दलों पर हमलावर रहने वाली बीजेपी के नेता अपने पुत्रों को राजनीतिक प्लेटफॉर्म देने में जुट गए हैं. मध्यप्रदेश बीजेपी में नेताओं ने अपने बच्चों को सड़क के रास्ते सत्ता पर बिठाने का प्लान ढूंढा है. प्लान कमलनाथ सरकार के खिलाफ आंदोलन का है. इसकी कमान शिवराज सिंह चौहान से लेकर कई नेता पुत्रों के हाथ में रहेगी... नाम रहेगा भारतीय जनता युवा मोर्चा का. भारतीय जनता युवा मोर्चा के बैनर तले आंदोलन को संभालेंगे कुल 31 युवा नेता जिसमें 10 बड़े नेता पुत्र भी हैं.

  • मध्यप्रदेश के विधायकों को लैपटॉप के बाद क्षेत्र में बंगला, दो सहायक और हाईटेक फोन भी चाहिए!

    मध्यप्रदेश के विधायकों को लैपटॉप के बाद क्षेत्र में बंगला, दो सहायक और हाईटेक फोन भी चाहिए!

    मध्यप्रदेश में खज़ाना भले ही खाली हो लेकिन विधायकों की डिमांड कम नहीं हो रही है. वर्तमान में मिल रहा वेतन भत्ता उन्हें कम लगने लगा है इसलिये अब उन्होंने अपने इलाके में भी बंगले, दफ्तर जैसी सुविधाओं की मांग शुरू कर दी है. मध्यप्रदेश की 14 वीं विधानसभा में विधायकों को 35,000 का लैपटॉप मिलना तय हुआ था, 15 वीं विधानसभा में इसे 50,000 रुपये कर दिया गया. 230 सदस्यों वाली विधानसभा में ऐसे 102 विधायकों को भी लैपटॉप मिलेगा जिन्हें लैपटॉप पहले मिल चुका है. इसके अलावा विधायकों के मकान और गाड़ी के लिए कर्ज़ की सीमा बढ़ गई है.

  • मध्यप्रदेश : सरकार बदलने के साथ सम्मान के हकदार नहीं रहे मीसा बंदी, बीजेपी खफा

    मध्यप्रदेश : सरकार बदलने के साथ सम्मान के हकदार नहीं रहे मीसा बंदी, बीजेपी खफा

    मध्यप्रदेश की कमलनाथ (kamal nath) सरकार ने इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में आपातकाल के दौरान जेल में बंद रहे मीसा बंदियों को आमंत्रित नहीं किया. सरकार का कहना है कि मीसा बंदियों का स्वतंत्रता संग्राम या देश की किसी भी लड़ाई से कोई लेना देना नहीं है, इस बाबत सारे कलेक्टरों को निर्देश भी दिए गए थे. इसे लेकर बीजेपी खासी नाराज़ है.

  • मध्यप्रदेश : हजारों स्कूलों में टीचर नहीं, इन्हें लगा दिया विधायक जी की सेवा में

    मध्यप्रदेश : हजारों स्कूलों में टीचर नहीं, इन्हें लगा दिया विधायक जी की सेवा में

    शिक्षकों की कमी से जूझ रहे मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों के शिक्षक अब विधायक जी की ड्यूटी बजा रहे हैं. शिक्षा का अधिकार कानून के तहत सरकारी टीचरों को गैर-शैक्षणिक कार्यों के लिए नियुक्त किया जाना प्रतिबंधित है, इसके बावजूद कई विधायकों को लिपिकीय कार्यों के लिए शिक्षकों की सेवाओं की सहुलियत दी गई है. बड़वारा कटनी से विधायक विजय राघवेन्द्र सिंह, सरदारपुर धार से विधायक प्रताप ग्रेवाल, दोनों कांग्रेस विधायक हैं. दोनों के पास टाइपिंग जैसे काम के लिए शिक्षकों की नियुक्ति हो गई है. वैसे सरकारी आदेश कहता है कि पढ़ाने-लिखाने के अलावा शिक्षकों से और कोई काम नहीं लिया जा सकता.

  • मध्यप्रदेश में बीजेपी को बागी विधायकों पर कार्रवाई की जल्दी नहीं, बन रही रणनीति

    मध्यप्रदेश में बीजेपी को बागी विधायकों पर कार्रवाई की जल्दी नहीं, बन रही रणनीति

    बीजेपी के दो विधायकों ने मध्यप्रदेश दंड विधि संशोधन विधेयक पर कमलनाथ सरकार के पक्ष में मतदान किया, जिसे लेकर राज्य की सियासत में बवाल मच गया है. मध्यप्रदेश बीजेपी में विधायकों के टूटने के बाद लगातार बैठकों का दौर चल रहा है. लेकिन बीजेपी दोनों विधायकों पर कार्रवाई को लेकर वेट एंड वॉच की मुद्रा में है. पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट लेकर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह दिल्ली पहुंच गए हैं. उधर बीजेपी की तरफ से पलटवार की योजनाएं भी बन रही हैं.

  • कर्नाटक और गोवा के घटनाक्रम से कमलनाथ सरकार सतर्क, 11 दिन में तीसरी बैठक

    कर्नाटक और गोवा के घटनाक्रम से कमलनाथ सरकार सतर्क, 11 दिन में तीसरी बैठक

    कर्नाटक और गोवा में घटे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार सतर्क नजर आ रही है. दरअसल विधानसभा सत्र के दौरान 11 दिनों में यह तीसरा मौका है जब कांग्रेस और सरकार को समर्थन दे रहे विधायक इकट्ठा हो रहे हैं. सात जुलाई, 11 जुलाई के बाद आज 17 जुलाई को एक बार फिर कांग्रेस और सरकार को समर्थन देने वाले विधायकों की बैठक मुख्यमंत्री निवास में बुलाई गई.

  • कांग्रेस ने शिवराज के घर उनकी सरकार के दौर में हुए कुत्तों के ट्रांसफर की लिस्ट भेजी

    कांग्रेस ने शिवराज के घर उनकी सरकार के दौर में हुए कुत्तों के ट्रांसफर की लिस्ट भेजी

    मध्यप्रदेश में पुलिस विभाग में तैनात कुत्तों के तबादले पर सियासत तेज हो गई है. 46 कुत्तों के तबादले पर विपक्ष के हमलों से बौखलाए कांग्रेस सरकार के कैबिनेट मंत्री ने बीजेपी को कुत्ते जैसी मानसिकता वाली पार्टी बता दिया, तो वहीं बीजेपी ने कहा वह जनता के लिए वफादार है. कांग्रेस ने तो शिवराज सरकार के दौरान कुत्तों के ट्रांसफर की पूरी फाइल निकाल ली और उसे उनके पते पर भेज दिया.

  • मध्यप्रदेश : मंत्री ने कहा- बीजेपी कुत्ते जैसी मानसिकता की, जवाब मिला- हां हम कुत्ते हैं!

    मध्यप्रदेश : मंत्री ने कहा- बीजेपी कुत्ते जैसी मानसिकता की, जवाब मिला- हां हम कुत्ते हैं!

    मध्यप्रदेश में राज्य सरकार ने बड़ी संख्या में सशस्त्र पुलिस बल के प्रशिक्षित कुत्तों के उनके हैंडलरों के साथ स्थानांतरण कर दिए हैं. इसको लेकर बीजेपी ने कांग्रेस को निशाना बनाया तो जवाब में प्रदेश के मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने बीजेपी को 'कुत्ते जैसी मानसिकता' वाला दल बताया. इसके जवाब में बीजेपी के एमएलए रामेश्वर शर्मा ने कहा - 'हां हम कुत्ते हैं और राज्य की जनता के वफादार हैं.'

123»

Advertisement

 

Kamal nath government वीडियो

Kamal nath government से जुड़े अन्य वीडियो »