NDTV Khabar

Kamla mill tragedy


'Kamla mill tragedy' - 4 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • न्यायालय ने कमला मिल के मालिक को कहा - जमानत के लिए निचली अदालत जाएं

    न्यायालय ने कमला मिल के मालिक को कहा - जमानत के लिए निचली अदालत जाएं

    मुंबई स्थित कमला मिल अग्निकांड मामले में गिरफ्तार रवि सूरजमल भंडारी को उच्चतम न्यायालय ने जमानत के लिए निचली अदालत जाने को कहा है. न्यायालय के इस निर्देश के बाद कमला मिल के मालिकों में से एक भंडारी ने अग्निकांड के बाद अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताकर उसे चुनौती देने वाली याचिका आज शीर्ष न्यायालय से वापस ले ली. 29 दिसंबर, 2017 को हुए अग्निकांड में 14 लोग मारे गये थे.

  • कमला मिल्स हादसा : आरोपियों को भगाने के आरोप में विशाल कारिया गिरफ्तार

    कमला मिल्स हादसा : आरोपियों को भगाने के आरोप में विशाल कारिया गिरफ्तार

    कमला मिल्स आग हादसे के फरार आरोपियों को पकड़ना मुंबई पुलिस के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है. आरोपियों को भगाने के आरोप में पुलिस संघवी परिवार के 3 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. मुंबई पुलिस सूचना देने वाले को एक लाख रुपये इनाम देने की घोषणा भी कर चुकी है.

  • कमला मिल्स हादसा : 'मोजो बिस्त्रो' रेस्तरां का मालिक और पूर्व पुलिस चीफ का बेटा युग पाठक गिरफ्तार

    कमला मिल्स हादसा :  'मोजो बिस्त्रो' रेस्तरां का मालिक और पूर्व पुलिस चीफ का बेटा युग पाठक गिरफ्तार

    कमला मिल्स कंपाउंड आग हादसे में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. मुंबई पुलिस ने मोजो बिस्त्रो रेस्तरां (पब) के सह-मालिक युग पाठक को गिरफ्तार कर लिया है. पिछले दिनों कमला मिल्स कंपाउंड में 14 लोगों की आग से जलकर मरने के बाद मोजो बिस्त्रो रेस्तरां के खिलाफ केस दर्ज किया गया था. युग पाठक पुणे के पूर्व पुलिस चीफ के के पाठक के बेटे हैं और वह इस बिजनेस में पार्टनर हैं. 

  • मौत की कीमत आप क्या जानो कमिश्नर साहब!

    मौत की कीमत आप क्या जानो कमिश्नर साहब!

    मुंबई के कमला मिल से जो लाशें उठी हैं, उन्हें देख आप सिहर जाएंगे.  हो सकता है मुंबई के बीएमसी कमिश्नर भी सिहर पड़े हों या ये भी हो सकता है कि उनके लिये सिर्फ नंबर मायने रखते हों या फिर ये कि कौन मरा है. अदना हो या आला, नौजवान की अर्थी उठाना शायद दुनिया में दर्द का पहाड़ उठाने जैसा है. मौत कमला मिल में हुई हो या कुर्ला में, दर्द उतना ही था कमिश्नर साब. हमें दोनों हादसों के दर्द का अहसास है, लेकिन शायद आप मीडिया में बड़ी होती हेडलाइन के हिसाब से ड्यूटी बजाते हैं. वरना क्या वजह हुई कि इसी महीने किसी एक फरसाण की दुकान खाक होने पर आपने मुस्तैदी नहीं दिखाई. वहां भी लोग झुलस कर मरे थे.