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Manas mishra


'Manas mishra' - 468 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • बेलछी में जिस रास्ते पर चली थीं इंदिरा, क्या सोनभद्र में उसी को चुना है प्रियंका ने

    बेलछी में जिस रास्ते पर चली थीं इंदिरा, क्या सोनभद्र में उसी को चुना है प्रियंका ने

    क्या प्रियंका गांधी ही अब कांग्रेस की खेवनहार बनने जा रही हैं? यह सवाल बीते 24 घंटे में कई बार चर्चा का विषय बन चुका है. राहुल गांधी के भट्टा पारसौल दौरे के बाद पहली बार कांग्रेस या गांधी परिवार का इतना बड़ा नेता संघर्ष करने के बाद जमीन पर उतरा था. लोगों को यह भी समझ में नहीं आ रहा था कि योगी सरकार को यह किसने सलाह दे दी कि प्रियंका को सोनभद्र हत्याकांड में मार गए लोगों के परिजनों से न मिलने दिया.

  • कमलनाथ सरकार ने बंद की 'शिवराज की रसोई', जावेद अब 10 रुपये में कहां खिलाए भूखे परिवार को खाना

    कमलनाथ सरकार ने बंद की 'शिवराज की रसोई', जावेद अब 10 रुपये में कहां खिलाए भूखे परिवार को खाना

    मध्यप्रदेश के कई शहरों में पांच रुपए में गरीबों को भरपेट भोजन कराने वाली दीनदयाल रसोई लगभग 20 दिनों से बंद है. रसोई चलाने वाले संचालकों का कहना है खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से राशन नहीं मिलने की वजह से उन्हें रसोई बंद करना पड़ी. वैसे राज्य की सत्ता पर काबिज होने के बाद कांग्रेस की कमलनाथ सरकार की नजरें शिवराज सरकार की कई महत्वाकांक्षी योजनाओं पर तिरछी ही रही हैं. राजधानी भोपाल के सुल्तानिया अस्पताल के सामने दीनदयाल रसोई हैं, यहां ताला लटका है. नोटिस चस्पा है कि 20 जून से रसोई बंद है. 5 रुपये में पेट भरने की आस लिए रसोई पहुंच रहे कई गरीब-मजदूर यहां से भूखे लौट रहे हैं. जावेद खान का कहना है, 'दस रूपये हमारी जेब में हैं, अपनी घरवाली को खाना खिलाने आया हूं, अब हम कहां जाएं भीख मांगें.  खाना नहीं मिल रहा, छोटे-छोटे बच्चे भूखे मर रहे हैं. खाना नहीं मिल रहा है, बहुत दिनों से बंद है.

  • क्या से क्या हो गए देखते-देखते! जब कुमारस्वामी का शपथग्रहण बना था विपक्षी एकता की मिसाल, PM मोदी को हराने का था सपना

    क्या से क्या हो गए देखते-देखते! जब कुमारस्वामी का शपथग्रहण बना था विपक्षी एकता की मिसाल, PM मोदी को हराने का था सपना

    कर्नाटक के मंत्री एवं निर्दलीय विधायक एच. नागेश ने एचडी कुमारस्वामी की अगुवाई में चल रही गठबंधन सरकार से समर्थन वापस ले लिया है और इसके साथ ही उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. इस नए घटनाक्रम के चलते राज्य सरकार पर संकट और गहरा गया है. उधर कांग्रेस के सांसदों ने संसद में भी इस मुद्दे को जोर शोर से उठाया है. कांग्रेस आरोप लगा रही है कि मोदी सरकार राज्य सरकार को अस्थिर करने की कोशिश रही है और इसके लिए वह राजभवन का इस्तेमाल कर रही है. वहीं डिप्टी सीएम जी परमेश्वरा ने कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो कांग्रेस के सभी मंत्री इस्तीफा दे देंगे और उनकी जगह पर नाराज विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है. फिलहाल देखने वाली बात यह होगी कि राज्यपाल को इस्तीफा सौंप चुके विधायक कितनी सुनते हैं. लेकिन इस नए घटनाक्रम से इतर अगर हम पीछे जाएं तो पता चलेगा कि जबसे राज्य में कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन की सरकार बनी है वह लगातार छिचकोले खा रही है. साल 2018 में हुए चुनाव में बीजेपी राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी और उसको 104 सीटें मिली थीं. लेकिन वह बहुमत से 10 सीटें पीछे रह गई.

  • 2011 के विश्वकप के फाइनल में आखिर किसकी सलाह पर महेंद्र सिंह धोनी उतरे थे चौथे नंबर पर

    2011 के विश्वकप के फाइनल में आखिर किसकी सलाह पर महेंद्र सिंह धोनी उतरे थे चौथे नंबर पर

    साल 2011 में टीम इंडिया ने जिस खिलाड़ी की अगुवाई में विश्वकप जीता था आज उसका जन्मदिन है....हम बात कर रहे हैं महेंद्र सिंह धोनी की. धोनी माने एक ऐसा खिलाड़ी जिसके बारे में उनके फैन्स कहते हैं कि अगर वह पत्थर पर ही हाथ रख दे तो वह सोना हो जाता है. कैप्टन कूल के नाम से मशहूर धोनी ने जब टीम इंडिया में शामिल होकर अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी तो उनके खेलने का अंदाज बेहद अलग था. वह बहुत ज्यादा आक्रामक बल्लेबाजी करते थे और चौकों-छक्कों की बरसात कर देते थे. धोनी की बल्लेबाजी परंपरागत बल्लेबाजों से एकदम अलग है और वह क्रिकेट की किताब में लिखे शॉट कम अपने ईजाद की हुई तकनीकी का इस्तेमाल करते हैं. श्रीलंका के खिलाफ जब उन्होंने 183 रनों की पारी खेली तो ऐसा लगा कि इस बल्लेबाज के आगे दुनिया की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी भी बेकार है. उन्होंने इस मैच में चमिंडा वास जैसे गेंदबाज की जमकर पिटाई की थी.

  • कांग्रेस कर रही है अध्यक्ष को लेकर माथापच्ची, उधर बीजेपी की नजर अब दक्षिण भारत पर

    कांग्रेस कर रही है अध्यक्ष को लेकर माथापच्ची, उधर बीजेपी की नजर अब दक्षिण भारत पर

    एक ओर कांग्रेस जहां अध्यक्ष पद के लिए चेहरा तलाशने में माथापच्ची कर रही है वहीं ऐसा लग रहा है कि  तरह 2014 में सरकार बनते ही पीएम मोदी और पूरी बीजेपी 2019 की तैयारी में जुट गए थे, ऐसा लग रहा है कि पीएम मोदी और पूरी पार्टी अब 2024 की तैयारी में अभी से जुट गई है. शनिवार को ही पीएम मोदी ने बीजेपी के देशव्यापी सदस्यता अभियान की शुरुआत कर दी है. अभी तक बीजेपी की कमान संभाल रहे गृहमंत्री अमित शाह बीजेपी को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनाने का दावा करते हैं और कहना गलत न होगा कि बीजेपी की इतनी बड़ी जीत में कार्यकर्ताओं की भारी भरकम फौज का भी बड़ा हाथ है.

  • आकाश विजयवर्गीय के खिलाफ कार्रवाई करने में अब बीजेपी कितने घंटे लेगी?

    आकाश विजयवर्गीय के खिलाफ कार्रवाई करने में अब बीजेपी कितने घंटे लेगी?

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयर्गीय द्वारा एक अधिकारी को पीटने से जुड़े घटनाक्रम पर गहरा संज्ञान लेते हुए नसीहत दी है कि ‘बेटा किसी का हो, मनमानी नहीं चलेगी .’’ हालांकि प्रधानमंत्री ने इस संदर्भ में किसी का नाम नहीं लिया. सूत्रों ने बताया कि बीजेपी संसदीय पार्टी की बैठक में प्रधानमंत्री ने मंगलवार को कहा, ‘‘बेटा किसी का हो, ऐसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.’’

  • रायबरेली रेल कोच फैक्टरी सहित रेलवे की कई संपत्तियों के 'निगमीकरण' के खिलाफ सोनिया गांधी ने संसद में उठाई आवाज

    रायबरेली रेल कोच फैक्टरी सहित रेलवे की कई संपत्तियों के 'निगमीकरण' के खिलाफ सोनिया गांधी ने संसद में उठाई आवाज

    यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को सरकार पर रेलवे की ‘‘बहुमूल्य संपत्तियों को निजी क्षेत्र के चंद हाथों को कौड़ियों के दाम पर बेचने’’ का आरोप लगाया और इस बात पर अफसोस जताया कि सरकार ने निगमीकरण के प्रयोग के लिए रायबरेली के माडर्न कोच कारखाने जैसी एक बेहद कामायाब परियोजना को चुना है. उन्होंने निगमीकरण को निजीकरण की शुरुआत करार दिया. सोनिया गांधी ने लोकसभा में शून्यकाल में इस विषय को उठाया और कहा कि सरकार एक योजना के तहत उनके संसदीय क्षेत्र रायबरेली के मॉडर्न कोच कारखाने समेत रेलवे की कुछ उत्पादन इकाइयों का निगमीकरण करने जा रही है जो इन इकाइयों के निजीकरण की शुरुआत है.

  • सिर्फ इतनी सी बात नहीं है 'अनुच्छेद 370', रवीश के प्राइम टाइम में लॉ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर ने समझाया पूरा मामला

    सिर्फ इतनी सी बात नहीं है 'अनुच्छेद 370', रवीश के प्राइम टाइम में लॉ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर ने समझाया पूरा मामला

    जम्मू-कश्मीर पर चर्चा के दौरान लोकसभा में  चर्चा के दौरान  कांग्रेस पर निशाना साधते हुए गृह मंत्री ने कहा कि जम्मू कश्मीर की आवाम और भारत की आवाम के बीच ‘‘एक खाई पैदा की गई क्योंकि पहले से ही भरोसा बनाने की कोशिश ही नहीं की गई .’’ शाह ने कहा, ‘‘जहां तक अनुच्छेद 370 है, ... ये अस्थायी है, स्थायी नहीं. 370 हमारे संविधान का अस्थायी मुद्दा है.’’ उन्होंने कहा कि जो देश को तोड़ना चाहते हैं उनके मन में डर होना चाहिए.

  • जम्मू-कश्मीर पर चर्चा के दौरान जब विपक्ष ने अमित शाह को टोका, नाराज क्यों हो रहे हैं

    जम्मू-कश्मीर पर चर्चा के दौरान जब विपक्ष ने अमित शाह को टोका, नाराज क्यों हो रहे हैं

    जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन की अवधि बढ़ाने के सांविधिक प्रस्ताव पर लोकसभा में हुई चर्चा का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कश्मीर समस्या को लेकर देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के दोषी ठहराया है. उनके बयान पर कांग्रेस की ओर से हंगामा भी हुआ. चर्चा पर जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा 'जम्मू कश्मीर की जनता का कल्याण हमारी ‘‘प्राथमिकता’’ है और उन्हें ज्यादा भी देना पड़ा तो दिया जाएगा क्योंकि उन्होंने बहुत दुख सहा है.’’गृह मंत्री ने कश्मीर की वर्तमान स्थिति को लेकर प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि उन्होंने (पंडित नेहरू) तब के गृह मंत्री एवं उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल को भी इस विषय पर विश्वास में नहीं लिया

  • अमित शाह या स्मृति ईरानी की सीट जीतने का सपना देख रही कांग्रेस अब N=[T/(S+1)]+1 फॉर्मूले में फंसी

    अमित शाह या स्मृति ईरानी की सीट जीतने का सपना देख रही कांग्रेस अब N=[T/(S+1)]+1 फॉर्मूले में फंसी

    अमित शाह और स्मृति ईरानी के लोकसभा चुनाव में जीतने के बाद गुजरात से राज्यसभा की दो सीटें खाली हो गई हैं. कांग्रेस चाहती थी कि दोनों सीटों पर एक साथ चुनाव कराए जाएं. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने पार्टी की मांग को खारिज कर दिया है. अब दोनों सीटों पर भी 5 जुलाई को चुनाव होंगे. अब इसके साथ ही कांग्रेस की इन दो सीटों में से एक सीट जीतने का प्लान भी फेल होता जा नजर आ रहा है. हालांकि न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति बी. आर. गवई की अवकाश पीठ ने गुजरात कांग्रेस को दोनों सीटों पर उपचुनाव संपन्न होने के बाद ‘चुनाव याचिका’ दायर करने की छूट दी है.

  • Exclusive : स्पीड और सुरक्षा के नाम पर रेलवे निजीकरण की ओर, 160 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें

    Exclusive : स्पीड और सुरक्षा के नाम पर रेलवे निजीकरण की ओर, 160 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें

    रेलवे ने 100 दिनों का खाका तैयार कर लिया है. एनडीटीवी को मिले डॉक्यूमेंट बता रहे हैं कि रेलवे निजीकरण की तरफ बढ़ने वाली है. साथ ही सुरक्षा और गति बढ़ाने पर भी ज़ोर रहेगा और टिकट में हो रहे घाटे से उबरने को लेकर सब्सिडी छोड़ने का विकल्प भी यात्रियों को दिया जाएगा. रेलवे ने अगर 100 दिन की अपनी योजना पर ठीक से अमल किया तो तीन महीने बाद दिल्ली और मुंबई के बीच 160 किलोमीटर की स्पीड से भी ट्रेनें चलेंगी.

  • हताश और निराश पार्टी को छोड़ आखिर कहां हैं आरजेडी नेता तेजस्वी यादव?

    हताश और निराश पार्टी को छोड़ आखिर कहां हैं आरजेडी नेता तेजस्वी यादव?

    बिहार विधान सभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव कहां हैं ये एक रहस्य बनता जा रहा है. इसके साथ ही एक बड़ा सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि क्या तेजस्वी पटना में नहीं रहना चाहते हैं.  राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेताओं जैसे रघुवंश प्रसाद सिंह और शिवानंद तिवारी ने तेजस्वी के पटना से बाहर रहने पर चिंता ज़ाहिर की है आपको बता दें कि तेजस्वी करीब एक महीने से पटना से बाहर हैं. वह इस बीच अपने घर पर इफ़्तार हो या मुज़फ़्फ़रपुर में बच्चों की मौत सबसे खुद को दूर रखा है. आरजेडी सूत्रों की मानें तो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव ने फ़ोन कर उन्हें पटना वापस जाने की सलाह दी है.

  • 'मिश्रा से मुझे मैसेज भिजवाया कि मैं मुसलमानों को टिकट न दूं', मायावती की ऐसी 6 बातें सुनकर अखिलेश यादव क्या सोच रहे होंगे

    'मिश्रा से मुझे मैसेज भिजवाया कि मैं मुसलमानों को टिकट न दूं',  मायावती की ऐसी 6 बातें सुनकर अखिलेश यादव क्या सोच रहे होंगे

    लोकसभा चुनाव से पहले जब सपा और बीएसपी के गठबंधन का ऐलान हो रहा था तो उस दिन मायावती और अखिलेश यादव के हावभाव को देखकर ऐसा लग रहा था कि अब यह दोनों पार्टियां मिलकर लंबे समय तक राजनीति करेंगी. अंकगणित भी उनके पक्ष में था और गोरखपुर-फूलपुर-कैराना के उपचुनाव में मिली जीत से उत्साह चरम पर था. लेकिन लोकसभा चुनाव के दौरान दोनों ही नेता जमीनी हकीकत को भांप नहीं पाए और करारी हार का सामना करना पड़ गया. इस हार के साथ ही गठबंधन भी बिखर गया है. सपा को जहां 5 सीटें मिली हैं वहीं बीएसपी को 10 सीटें. एक तरह से देखा जाए तो बीएसपी को ज्यादा फायदा हुआ है क्योंकि साल 2014 के लोकसभा चुनाव में बीएसपी को एक भी सीट नहीं मिली थी. दूसरी ओर सारे समीकरणों को ध्वस्त करते हुए बीजेपी 62 सीटें कामयाब हो गई. इस हार के साथ ही बीएसपी सुप्रीमो मायावती सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को निशाने पर ले लिया और कहा कि सपा अपने कोर वोट यादवों का भी समर्थन नहीं पा सकी और यही वजह है कि उनकी पत्नी चुनाव हार गईं. इतना ही नहीं मायावती ने उत्तर प्रदेश की 11 सीटों पर होने वाले विधानसभा उप चुनाव में भी अकेले लड़ने का ऐलान कर डाला. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश यादव से उनके रिश्ते पर व्यक्तिगत तौर पर अच्छे हैं. वहीं दूसरी ओर अखिलेश यादव अभी तक पूरी तरह से सधे और रक्षात्मक बयान दे रहे हैं. लेकिन रविवार को हुई बीएसपी की एक अहम बैठक में मायावती ने रही-सही कसर भी पूरी कर डाली और उन्होंने अपने बयान से जाहिर कर दिया कि उनकी नजर में अब अखिलेश यादव की कोई अहमियत नहीं है.

  • क्‍या चुप्‍पी साध कर जानबूझकर नीतीश कुमार को निशाना बनने दे रहे बीजेपी नेता?

    क्‍या चुप्‍पी साध कर जानबूझकर नीतीश कुमार को निशाना बनने दे रहे बीजेपी नेता?

    बिहार में बीजेपी और जेडीयू भले ही साथ में सरकार चला रहे हों लेकिन दोनों के बीच दूरियां कई मौकों पर साफ दिख जाती हैं. चाहे केंद्र सरकार में जेडीयू का कोई मंत्री न होने का मामला हो या फिर तीन तलाक बिल का जेडीयू द्वारा विरोध. राज्‍य के मुजफ्फरपुर में दिमागी बुखार यानी इंसेफलाइटिस से 100 से ज्‍यादा बच्‍चों की मौत के मामले में भी कुछ ऐसा ही दिख रहा है.

  • बिहार में नीतीश सरकार ने दी आरजेडी नेता तेजस्वी यादव को बड़ी राहत, कयासबाजी शुरू

    बिहार में नीतीश सरकार ने दी आरजेडी नेता तेजस्वी यादव को बड़ी राहत, कयासबाजी शुरू

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भले ही आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव के बयानों से खुश न रहते हों लेकिन उन्होंने तेजस्वी को बड़ी राहत दी है. बिहार सरकार ने कहा है कि तेजस्वी यादव जब उप मुख्यमंत्री थे तो उनके बंगले में खर्च नियमानुसार ही किया गया है. सरकार की ओर से जारी इस बयान को एक तरह से क्लीनचिट के तौर पर देखा जा रहा है.  भवन निर्माण विभाग के प्रधान सचिव चंचल कुमार जो मुख्य मंत्री के भी प्रधान सचिव ने एक संवादाता सम्मेलन में कहा,  'पांच देश रत्न मार्ग जो उपमुख्य मंत्री के लिए चिन्हित हैं उस पर जब तक तेजस्वी यादव रहे उस समय नियम के अनुसार राशि ख़र्च हुई.

  • ब्लॉग : बड़ा दिल दिखाना होगा कांग्रेस को, राहुल बने रहें चेहरा, योगेंद्र यादव को बना दें पार्टी अध्यक्ष!

    ब्लॉग : बड़ा दिल दिखाना होगा कांग्रेस को, राहुल बने रहें चेहरा, योगेंद्र यादव को बना दें पार्टी अध्यक्ष!

    कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपना पद छोड़ना चाहते हैं जबकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उन्हें समझाने में लगे हैं कि वह इस ज़िम्मेदारी को न छोड़ें. लेकिन यह भी सच है कि अगर राहुल गांधी पद नहीं छोड़ते हैं, तो कांग्रेस का उबर पाना मुश्किल होगा, क्योंकि ऐसा लगता है कि राहुल की अगुवाई में कांग्रेस अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर चुकी है. गुजरात विधानसभा चुनाव के समय जब राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया था और तब BJP को पार्टी ने कड़ी टक्कर दी थी.

  • लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस के सामने एक और संकट

    लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस के सामने एक और संकट

    लोकसभा चुनाव में करारी हार झेलने वाली कांग्रेस के मात्र 52 सांसद ही संसद पहुंचेंगे और उसको नेता विपक्ष का भी दर्जा नहीं मिलेगा. राहुल गांधी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने पर अड़े हुए हैं और अगर वह नहीं मानते हैं तो पार्टी की कमान कौन संभलेगा यह सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है. इसी बीच मध्य प्रदेश और कर्नाटक की राज्य सरकारों पर संकट मंडराया हुआ है. कर्नाटक कांग्रेस के नेता केएन रजन्ना का कहना है कि पीएम मोदी के शपथ लेते ही राज्य सरकार गिर जाएगी. वहीं मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार को समर्थन  दे रहीं बीएसपी की विधायक का आरोप है कि बीजेपी उन्हें 50 करोड़ रुपये का ऑफर दे रही है. पार्टी अभी इन संकटों से जूझ रही है कि उसके आगे हरियाण, महाराष्ट्र और झारखंड के विधानसभा चुनाव भी खड़े हैं.

  • समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ आखिर वही हुआ जिसका मार्च में लगाया गया था अंदाजा

    समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ आखिर वही हुआ जिसका मार्च में लगाया गया था अंदाजा

    लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में सपा और बीएसपी के बीच सीटों का जिस तरह से बंटवारा  हुआ था उसे देखकर ऐसा लग गया था अखिलेश यादव मायावती की चतुराई समझ नहीं पाए हैं. एनडीटीवी ने 4 मार्च 2019 को ही सीटों का विश्लेषण कर अंदाजा लगाया गया था कि सपा की क्या हालत हो सकती है. रिपोर्ट में कहा गया था कि बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने सीटों के बंटवारे में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से बाजी मार ली है. शायद इस हालात को सपा के सबसे वरिष्ठ नेता मुलायम सिंह यादव भांप गए थे. यही वजह है कि उन्होंने टिकटों के गलत बंटवारे की बात कही थी. दरअसल सपा के खाते में कई सीटें ऐसी आई थीं जहां पर उसका प्रदर्शन पहले बहुत ही खराब था और सीट बंटवारे में मायावती ने वो सारी सीटें ले लीं, जहां जातीय गणित के लिहाज से जीत का भरोसा था.