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'Manoranjan bharati' - 168 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • बिहार चुनाव : कांग्रेस से नुकसान, क्या कहता है गणित

    बिहार चुनाव : कांग्रेस से नुकसान, क्या कहता है गणित

    बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की सरकार ना बन पाने पर उसका सारा ठीकरा कांग्रेस पर फोड़ा जा रहा है. कांग्रेस को लेकर कहा जा रहा लिखा जा रहा है उसने महागठबंधन को नीचे की ओर खींचा है. इसलिए कांग्रेस के नजरिए से इस विधानसभा चुनाव के नतीजों का विश्लेषण करना जरूरी है.

  • क्या नीतीश अपने तरकश से अंतिम तीर चला चुके हैं?

    क्या नीतीश अपने तरकश से अंतिम तीर चला चुके हैं?

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्णिया के धमदाहा की रैली में अपने उम्मीदवार के लिए वोट मांगते हुए कहा कि आज चुनाव का आखिरी दिन है और परसों चुनाव है और ये मेरा भी अंतिम चुनाव है.. अंत भला तो सब भला..

  • हम साथ-साथ हैं! चिराग पर क्यों चुप हैं प्रधानमंत्री

    हम साथ-साथ हैं! चिराग पर क्यों चुप हैं प्रधानमंत्री

    बिहार के विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री 6 रैलियां कर चुके हैं. पहली रैली से ही जेडीयू नेताओं को उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री चिराग पासवान पर कुछ बोलेंगे, मगर प्रधानमंत्री की 6 रैलियों के बाद भी जेडीयू के नेता ये जानने की कोशिश में लगे हैं कि चिराग पासवान को लेकर प्रधानमंत्री के मन में क्या है.

  • एक जुमला, एक चुनाव

    एक जुमला, एक चुनाव

    बीजेपी बिहार चुनाव के दौरान ये घोषणा कर रही है फिर थोड़े दिनों बाद बंगाल चुनाव को देखते हुए बंगाल में भी यही घोषणा करेगी. जो काम किसी भी सरकार का कर्तव्‍य होना चाहिए उसे बीजेपी अपने घोषणा पत्र में शामिल कर रही है. बीजेपी को पता है नीतीश के साथ वो इस चुनाव को नहीं जीत पाएंगे इसलिए अब जुमलेबाजी पर उतर आए हैं.

  • 15 साल का दर्द... तुम क्या जानो नीतीश बाबू

    15 साल का दर्द... तुम क्या जानो नीतीश बाबू

    बिहार में चुनाव धीरे-धीरे रंग पकड़ता जा रहा है. जैसे-जैसे दिन बीतते जाऐंगे, बिहार की स्थिति और साफ होती जाएगी. जब चुनाव शुरू हुए थे तब लग रहा था कि एनडीए यानि BJP और JDU गठबंधन को आसानी से बहुमत मिल जाएगा, क्योंकि इस गठबंधन ने सोशल इंजीनियरिंग के तहत हम पार्टी के जीतन राम माझी और वीआईपी पार्टी के मुकेश साहनी को भी जोड़ लिया.

  • किसकी लंका जलाता है यह हनुमान या फिर अपनी पूंछ ही जला बैठता है

    किसकी लंका जलाता है यह हनुमान या फिर अपनी पूंछ ही जला बैठता है

    लोक जनशक्ति पार्टी नेता चिराग पासवान ने एनडीटीवी से एक इंटरव्यू में कहा है कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हनुमान हूं अगर मेरा सीना चीर कर देखिएगा तो आपको मोदी जी की तस्वीर मिलेगी. चिराग का कहना है उसे प्रधानमंत्री की तस्वीर पोस्टर में नहीं लगाने दिया गया तो क्या हुआ प्रधानमंत्री उनके दिल में हैं.

  • बीजेपी उतर आई है अपने एजेंडे पर

    बीजेपी उतर आई है अपने एजेंडे पर

    बिहार चुनाव में आखिरकार बीजेपी अपने ऐजेंडे पर आती दिख रही है. हालांकि कई लोगों का यह मानना है कि जेडीयू और बीजेपी गठबंधन को कोई खतरा नहीं है मगर बीजेपी हर चुनाव में हिंदु ध्रुवीकरण की कोशिशों से बाज नहीं आती है.

  • रामविलास पासवान का अपने 'चिराग' से बिहार को रोशन करने का सपना

    रामविलास पासवान का अपने 'चिराग' से बिहार को रोशन करने का सपना

    बिहार चुनाव (Bihar Elections) के बारे में अभी तक यह कहा जा रहा था कि यहां तीन बड़े दल हैं जिसमें से दो एक साथ हो गए तो चुनाव वही जीतेंगे. जैसे कि जेडीयू (JDU) और बीजेपी (BJP), या कहें पिछली बार जेडीयू और आरजेडी (RJD). मगर बिहार में जिस तरह के चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने अपने तेवर दिखाए हैं उससे बिहार का चुनाव दिलचस्प हो गया है. एक तो चिराग पासवान ने नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के अस्तित्व को ही नकारते हुए जेडीयू के खिलाफ चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है. चिराग की इस घोषणा के पीछे बीजेपी की भी रणनीति दिखाई दे रही है.

  • हाथरस.. कब होगी डीएम और एसपी पर कारवाई?

    हाथरस.. कब होगी डीएम और एसपी पर कारवाई?

    हाथरस में जो कुछ हुआ उससे पूरा देश सन्न है और सदमे में है. लोगों में इस वारदात को ले कर गुस्सा है. उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी ए के जैन ने कहा कि उत्तर प्रदेश एक क्राईम स्टेट बन चुका है. पुलिस की तरफ से कहा गया है कि सभी आरोपी हिरासत में हैं.

  • बिहार में हर गठबंधन के पीछे भाजपा

    बिहार में हर गठबंधन के पीछे भाजपा

    बिहार चुनाव के लिए राजनीति का शतरंज बिछ चुका है और सभी दलों ने अपना दांव खेलना शुरू कर दिया है. वैसे देखा जाए तो दो ही प्रमुख गठबंधन नजर आ रहे हैं एक बीजेपी-जदयू का एनडीए, जिसमें बीजेपी के साथ पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी है तो जेडीयू के साथ मांझी की हम पार्टी.

  • बिहार चुनाव : दोनों गठबंधन में फंसा है पेंच

    बिहार चुनाव : दोनों गठबंधन में फंसा है पेंच

    बिहार में अगले कुछ दिनों में पहले फेज के लिए नामांकन की प्रकिया शुरू हो जाएगी, लेकिन बिहार में राजनैतिक परिदृश्य अभी तक साफ नहीं हुआ है. एनडीए और महागठबंधन में अभी तक सहयोगी दलों को लेकर संशय बना हुआ है. एनडीए में चिराग पासवान ने पेच फंसाया हुआ है तो महागठबंधन में कांग्रेस और वाम दलों ने. दोनों गठबंधन में सभी दल ज्यादा सीटों की मांग कर रहे हैं.

  • कोरोना में बिहार चुनाव से किसको फायदा ?

    कोरोना में बिहार चुनाव से किसको फायदा ?

    Bihar Assembly Elections: बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है. 28 अक्टूबर,3 और 7 नवंबर को वोट डाले जाएंगे और 10 नवंबर को वोटों की गिनती होगी. चुनाव आयोग ने इस बार कोरोना को देखते हुए बड़ी संख्या में मास्क,सेनेटाइजर और दस्तानों की व्यवस्था की है. मगर सवाल अभी भी वही बना हुआ है कि इस वक्त चुनाव कराने की क्या जरूरत थी. कोरोना के इस काल में दुनिया के करीब 60 देशों ने अपने चुनाव टाल दिए हैं तो बिहार में चुनाव के लिए इतनी हड़बड़ी क्यों की गई? आखिर इससे किसको फायदा हो रहा है ? कौन है वो जो इस चुनाव के लिए जोर लगा रहा है ? ये बात यहां इसलिए महत्वपूर्ण है कि चुनाव आयोग से चुनाव टालने का अनुरोध विपक्षी दल जैसे आरजेडी और कांग्रेस ने तो किया ही था एनडीए में शामिल रामविलास पासवान की लोक जन शक्ति पार्टी ने भी किया था.

  • पिक्चर अभी बाकी है, कांग्रेस में जंग जारी है...

    पिक्चर अभी बाकी है, कांग्रेस में जंग जारी है...

    कांग्रेस का लेटर बम मामला अभी तक खत्म नहीं हुआ है. हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में कहा था अब इस मामले पर कोई बात नहीं करेगा और पार्टी को इससे निकल कर आगे बढना चाहिए. मगर कांग्रेस में अभी भी सब ठीक-ठाक नहीं है. यह तो उसी दिन पता चल गया था जब कांग्रेस कार्य समिति की औपचारिक बैठक के बाद गुलाम नबी आजाद के घर पर उन नेताओं की बैठक हुई जिन्होने चिट्ठी पर दस्तखत किए थे और अब गुलाम नबी ये कह रहे हैं कि कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव होना चाहिए और साथ में कांग्रेस कार्य समिति का भी चुनाव हो. यही नहीं ब्लॉक लेवल से उपर तक नियुक्ति चुनाव के बाद ही हो. आजाद ने यह भी कहा कि हमारी मंशा कांग्रेस को मजबूत करने और उसको सक्रिय करने की है.

  • पायलट नहीं बन पाए 'को-पायलट'

    पायलट नहीं बन पाए 'को-पायलट'

    राजस्थान में 33 दिनों से चल रहे संकट में अचानक एक नया मोड़ आया है. बताया जा रहा है सचिन पायलट और राहुल गांधी की मुलाकात हुई है जिसमें प्रियंका गांधी भी मौजूद थीं. अब जो खबरें सचिन पायलट कैंप से आ रही हैं उनकी मानें तो राहुल गांधी ने पायलट को भरोसा दिलाया है उनकी सम्मानजनक घर वापसी होगी.

  • महामहिम के महा कारनामे..

    महामहिम के महा कारनामे..

    अभी तक यह आरोप कांग्रेस द्वारा नियुक्त किए गए राज्यपालों पर लगते रहे हैं मगर हाल के वर्षों में एनडीए शासन द्वारा राज्यपालों ने सभी को पीछे छोड दिया है. बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड का उदाहरण तो दे ही चुका हूं. राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्रभी इसका सबसे ताजा उदाहरण है, जहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत विधानसभा का सत्र बुलाना चाहते हैं मगर राज्यपाल महोदय को यह नागवार गुजर रहा है.

  • राजस्थान में टॉम और जेरी में रेस जारी है...

    राजस्थान में टॉम और जेरी में रेस जारी है...

    राजस्थान में सचिन पायलट मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पीछे लगे हुए हैं तो सचि पायलट के पीछे राजस्थान की की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी एसओजी लगी हुई है. दूसरी ओर केन्द्र सरकार ने अशोक गहलोत के करीबियों के पीछे ईडी या प्रवर्तन निदेशालय और इनकम टैक्स को लगाया हुआ है.

  • दुश्मन का दुश्मन दोस्त, राजस्थान में राम राम सा...

    दुश्मन का दुश्मन दोस्त, राजस्थान में राम राम सा...

    राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच सत्ता का संघर्ष कई स्तरों पर चल रहा है. एक लड़ाई जयपुर में लड़ी जा रही है जहां जयपुर से तीस किलोमीटर दूर एक रिसॉर्ट में कांग्रेस के विधायक जमे हुए हैं तो दूसरी तरफ गुड़गांव के एक रिसॉर्ट में सचिन के सर्मथक विधायक डटे हुए हैं. वहीं एक लड़ाई अदालत में भी लड़ी जा रही है जहां भारत के सबसे नामी गिरामी वकील जैसे हरीश साल्वे, मुकुल रोहतगी और अभिषेक मनु सिंघवी एक-दूसरे से भिड़ रहे हैं. मगर इस सबके बीच राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया नदारद हैं..वे अपने गृह क्षेत्र झालावाड़ में हैं और जयपुर तक आने को राजी नहीं हैं.

  • बीजेपी की झोली में पायलट, तेल देखिए और तेल की धार देखिए...

    बीजेपी की झोली में पायलट, तेल देखिए और तेल की धार देखिए...

    राजस्थान के इस सत्ता संघर्ष में भले ही सचिन पायलट यह कहते रहें कि वे बीजेपी के साथ नहीं जाएंगे और कांग्रेस में हैं और रहेंगे... कांग्रेस आलाकमान ने भी उनका विश्वास किया और कहा कि सचिन के लिए दरवाजे खुले हैं, हमें युवा नेताओं की जरूरत है और वे राजस्थान जाएं... मगर सचिन के इस बयान में कि वे बीजेपी के साथ हैं, कोई सच्चाई नहीं नहीं दिख रही है. पहली बात सचिन ने अपने विधायकों को हरियाणा के पांच सितारा होटल में रख रखा है जिसके बाहर हरियाणा के बड़ी रैंक के अधिकारी अपने दल बल, यानी हरियाणा पुलिस के साथ पहरा दे रहे हैं. किसी को वहां जाने की अनुमति नहीं है. मीडिया को तो मीलों दूर रखा है.

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