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'Mayawati' - 688 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • छत्तीसगढ़ में मायावती ने कहा, आरक्षण खत्म करना चाह रही हैं भाजपा और कांग्रेस

    छत्तीसगढ़ में मायावती ने कहा, आरक्षण खत्म करना चाह रही हैं भाजपा और कांग्रेस

    गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के आगामी विधानसभा चुनाव में मायावती की बसपा राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी की जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जेसीसी) से गठबंधन कर चुनावी मैदान में है.

  • सपा मुखिया अखिलेश यादव क्यों कभी नहीं बनना चाहते प्रधानमंत्री, जानिए क्या है वजह

    सपा मुखिया अखिलेश यादव क्यों कभी नहीं बनना चाहते प्रधानमंत्री, जानिए क्या है वजह

    समाजवादी पार्टी(Samajwadi Party) के मुखिया अखिलेश यादव(Akhilesh Yadav) ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नहीं बनना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि वह उत्तर-प्रदेश की बेहतरी के लिए काम करना चाहते हैं. दिल्ली में एक कार्यक्रम में बीजेपी नेता राम माधव, कांग्रेस नेता सचिन पायलट और रालोद नेता जयंत चौधरी की मौजूदगी में उन्होंने यह बात कही.

  • NEWS FLASH: छत्तीसगढ़ : दंतेवाड़ा जिला पंचायत के सदस्य नंदलाल मुड़ामी पर नक्सलियों ने धारदार हथियारों से जानलेवा हमला किया

    NEWS FLASH: छत्तीसगढ़ : दंतेवाड़ा जिला पंचायत के सदस्य नंदलाल मुड़ामी पर नक्सलियों ने धारदार हथियारों से जानलेवा हमला किया

    देश-दुनिया की राजनीति, खेल एवं मनोरंजन जगत से जुड़े समाचार इसी एक पेज पर जानें...

  • NEWS FLASH: कश्मीर के त्राल में सेना के कैम्प पर आतंकी हमला. सूत्रों के मुताबिक हमले में एक जवान शहीद

    NEWS FLASH: कश्मीर के त्राल में सेना के कैम्प पर आतंकी हमला. सूत्रों के मुताबिक हमले में एक जवान शहीद

    देश-दुनिया की राजनीति, खेल एवं मनोरंजन जगत से जुड़े समाचार इसी एक पेज पर जानें...

  • CBI विवाद पर बोलीं मायावती- उठापटक के लिए अफसरों से ज्यादा नरेंद्र मोदी सरकार जिम्मेदार

    CBI विवाद पर बोलीं मायावती- उठापटक के लिए अफसरों से ज्यादा नरेंद्र मोदी सरकार जिम्मेदार

    सीबीआई (CBI) में जारी उठापटक के बीच इस पर सियासत भी शुरू हो गई है. एक तरफ कांग्रेस इस मुद्दे पर भाजपा को घेर रही है तो दूसरी तरफ अब बसपा प्रमुख मायावती भी इस पूरे विवाद में कूद पड़ी हैं. मायावती ने सीबीआई के टॉप अधिकारियों के बीच चल रही 'नूराकुश्ती' के लिये केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि इस संकट के लिये अफसरों से कहीं ज्यादा केन्द्र सरकार ज़िम्मेदार है.

  • शिवपाल यादव ने ली मायावती के पुराने आशियाने में एंट्री, अष्टमी के दिन किया गृह प्रवेश, जानें घर की खासियतें

    शिवपाल यादव ने ली मायावती के पुराने आशियाने में एंट्री, अष्टमी के दिन किया गृह प्रवेश, जानें घर की खासियतें

    समाजवादी सेक्युलर मोर्चा बनाने वाले शिवपाल यादव (Shivpal Singh Yadav) का उस सरकारी बंगले में गृह प्रवेश हो गया, जो कभी बसपा सुप्रमो मायावती का आशियाना हुआ करता था. दरअसल, समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव बुधवार को दुर्गाअष्टमी के दिन पूजा-अर्चना कर अपने नए घर में प्रवेश कर गए.

  • टॉप 5 खबरें : गठबंधन के बाद मंच पर साथ दिखे मायावती और जोगी, शिवपाल को मिल सकती है Z सिक्योरिटी

    टॉप 5 खबरें : गठबंधन के बाद मंच पर साथ दिखे मायावती और जोगी, शिवपाल को मिल सकती है Z सिक्योरिटी

    शिवपाल यादव और योगी सरकार के बीच नजदीकियां लगातार बढ़ रही हैं. सरकार के सूत्रों की मानें तो जल्द ही शिवपाल को भी पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बराबर जेड श्रेणी की सुरक्षा दी जा सकती है.

  • छत्तीसगढ़ में गठबंधन के बाद मंच पर मायावती-जोगी दिखे साथ, BSP सुप्रीमो बोलीं- जो सम्मान कांग्रेस ने नहीं दिया, हम देंगे

    छत्तीसगढ़ में गठबंधन के बाद मंच पर मायावती-जोगी दिखे साथ, BSP सुप्रीमो बोलीं- जो सम्मान कांग्रेस ने नहीं दिया, हम देंगे

    आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए वोट को अपने पक्ष में स्विंग कराने के लिए बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती जुट गई हैं. लोकसभा चुनाव 2019 के सेमीफाइनल के तौर पर देखे जाने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में से एक छत्तीसगढ़ में सत्ता में आने के लिए अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के साथ गठबंधन का ऐलान करने के बाद मायावती पूरजोर कोशिश में जुट गई हैं. शनिवार को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा कि इस विधानसभा चुनाव में गठबंधन की पूरी कोशिश होनी चाहिए कि हमारे यहां ज्यादा से ज्यादा उम्मीदवार जीत कर आएं और सरकार बन सके. 

  • आखिर क्यों शिवपाल पर मेहरबान है योगी सरकार, सरकारी बंगले के बाद अब जल्द मिल सकती है Z सिक्योरिटी

    आखिर क्यों शिवपाल पर मेहरबान है योगी सरकार, सरकारी बंगले के बाद अब जल्द मिल सकती है Z सिक्योरिटी

    जब से अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी से अलग हुए शिवपाल यादव को बसपा प्रमुख मायावती वाला सरकारी बंगला मिला है, तब से उत्तर प्रदेश की सियासत में कई तरह के कायासा लगाए जा रहे हैं. उत्तर प्रदेश के पूर्व लोकनिर्माण मंत्री एवं समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के संस्थापक शिवपाल यादव और योगी सरकार के बीच नजदीकियां लगातार बढ़ रही हैं. सेक्युलर मोर्चा के सूत्रों के मुताबिक, सरकार से करीबी की वजह से ही उन्हें मायावती का बंगला आवंटित कर दिया गया. इस बीच सरकार के सूत्रों की माने तो जल्द ही शिवपाल को भी पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बराबर जेड श्रेणी की सुरक्षा दी जा सकती है. 

  • टॉप 5 खबरें : राहुल के आरोप पर मोदी सरकार का पलटवार, शिवपाल को मिला मायावती का बंगला

    टॉप 5 खबरें :  राहुल के आरोप पर मोदी सरकार का पलटवार, शिवपाल को मिला मायावती का बंगला

    शिवपाल यादव को योगी सरकार ने वही बंगला आबंटित किया है, जो पहले पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के पास था. बात करें इस बंगले की खासियत की तो इसमें 12 बेडरूम, 12 ड्रेसिंग रूम, 2 बड़े हॉल, 4 बड़े बरामदे,  2 किचन, और स्टाफ क्वर्टर हैं.

  • यूपी की योगी सरकार का फैसला: बसपा प्रमुख मायावती का बंगला सपा छोड़ चुके शिवपाल यादव को दिया

    यूपी की योगी सरकार का फैसला: बसपा प्रमुख मायावती का बंगला सपा छोड़ चुके शिवपाल यादव को दिया

    उत्‍तर प्रदेश की योगी आदित्‍यनाथ की सरकार ने बसपा सुप्रीमो मायावती का खाली बंगला समाजवादी पार्टी छोड़ चुके शिवपाल यादव को दिया है. 

  • कर्नाटक के कांग्रेस-जेडीएस सरकार से BSP बाहर, मंत्री एन महेश ने दिया इस्तीफा

    कर्नाटक के कांग्रेस-जेडीएस सरकार से BSP बाहर, मंत्री एन महेश ने दिया इस्तीफा

    कर्नाटक की जनता दल (एस)-कांग्रेस गठबंधन सरकार में बसपा के एकमात्र मंत्री एन महेश ने गुरुवार को इस्तीफा दे दिया. इस्तीफे के पीछे उन्होंने निजी कारणों का हवाला दिया. हालांकि उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन को उनका समर्थन जारी रहेगा. बता दें कि एन महेश का इस्तीफा ऐसे समय हुआ है जब बसपा सुप्रीमो मायावती मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ चुनाव में कांग्रेस से गठबंधन न करके अपने उम्मीदवार अलग से उतारने का ऐलान कर चुकी हैं. एन महेश ने स्वीकार किया कि इस्तीफे से पहले उन्होंने पार्टी प्रमुख मायावती से कोई बात नहीं की है. अभी तक इस बारे में न तो मायावती की तरफ से और नहीं उनकी पार्टी की तरफ से कोई बयान आया है. 

  • खतरे में महागठबंधन! सीटों के लिए भीख नहीं मांगेगी BSP, अकेले लड़ सकते हैं चुनाव: मायावती

    खतरे में महागठबंधन! सीटों के लिए भीख नहीं मांगेगी BSP, अकेले लड़ सकते हैं चुनाव: मायावती

    बसपा अध्यक्ष मायावती ने दलित, अल्पसंख्यक और सवर्ण समाज के गरीबों के सम्मान से समझौता नहीं करने की दलील देते हुए  कहा है कि उनकी पार्टी ने चुनावी गठबंधन के लिए 'सम्मानजनक सीटें' मिलने की एकमात्र शर्त रखी थी. इसका स्पष्ट आशय यह है कि गठबंधन में बसपा सीटों के लिए 'भीख' नहीं मांगेगी और अपने बलबूते पर ही चुनाव लड़ती रहेगी. मायावती ने मंगलवार को बसपा के संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए दलित, अल्पसंख्यक और सवर्ण समाज के गरीबों की बदहाली के लिए भाजपा और कांग्रेस को बराबर का जिम्मेदार ठहराया.

  • मायावती को प्रधानमंत्री बनाने के लिए यह काम करेंगे INLD अध्यक्ष ओम प्रकाश चौटाला

    मायावती को प्रधानमंत्री बनाने के लिए यह काम करेंगे INLD अध्यक्ष ओम प्रकाश चौटाला

    इनेलो (इंडियन नेशनल लोकदल) अध्यक्ष ओम प्रकाश चौटाला ने रविवार को कहा कि बसपा सुप्रीमो मायावती को 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद अगला प्रधानमंत्री बनाने के लिए उनकी पार्टी विपक्षी दलों को एकसाथ लाने की दिशा में काम कर रही है. पैरोल पर दो सप्ताह के लिए जेल से बाहर आए हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने पिता और इनलो के वरिष्ठ नेता देवी लाल की 105वीं जयंती पर आयोजित रैली के दौरान यह बात कही. चौटाला शिक्षक भर्ती घोटाले मामले में 10 साल की कैद काट रहे हैं.

  • पूर्व पीएम देवगौड़ा ने कहा- मायावती के फैसले से विपक्षी एकता पर कोई असर नहीं, सभी की अपनी प्राथमिकताएं

    पूर्व पीएम देवगौड़ा ने कहा- मायावती के फैसले से विपक्षी एकता पर कोई असर नहीं, सभी की अपनी प्राथमिकताएं

    पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल (सेक्युलर) प्रमुख एच. डी. देवेगौड़ा ने कहा कि आगामी चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करने संबंधी बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती के फैसले को विपक्षी एकता के बिखराव के रूप में नहीं देखना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगले साल होने वाले आम चुनावों से पहले भाजपा के खिलाफ महागठबंधन बनाने के लिए अभी और वक्त है.

  • हाथ में नहीं हाथी...

    हाथ में नहीं हाथी...

    मध्य प्रदेश में मायावती ने 22 सीटों पर अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी साथ ही छत्तीसगढ़ में मायावती ने अजित जोगी से हाथ मिलाया है. इस पर कई लोगों को काफी आश्चर्य हुआ कि ऐसा कैसे हो गया और लोगों ने कहना शुरू कर दिया कि विपक्ष का महागठबंधन टूट गया, यह गठबंधन नहीं लठबंधन है.

  • लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को 'ट्रिपल' झटका, इन तीन राज्यों में 'हाथी' को 'हाथ' की जरूरत नहीं

    लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को 'ट्रिपल' झटका, इन तीन राज्यों में 'हाथी' को 'हाथ' की जरूरत नहीं

    आगामी चार राज्यों में बीजेपी को धूल चटाने और जीत का सपना संजो रही कांग्रेस को उस वक्त करारा झटका लगा, जब बसपा प्रमुख मायावती ने सख्त तेवर के साथ ऐलान किया कि उनकी पार्टी राजस्थान और मध्य प्रदेश में कांग्रेस के साथ चुनाव नहीं लड़ेगी. राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कम से कम जीत की उम्मीद लगाई बैठी कांग्रेस के लिए यह कहीं से भी अच्छी खबर नहीं है. कांग्रेस अब तक यह मानकर चल रही थी कि मायावती के साथ इन तीन राज्यों में जीत का स्वाद चख लेगी, मगर अब मायावती के इस ऐलान के बाद कांग्रेस के लिए 'बहुत ही कठिन है डगर पनघट की' वाली स्थिति बन गई है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए लोकसभा चुनाव से पहले इन राज्यों को जीतना सबसे बड़ी चुनौती है. हालांकि, बसपा के साथ आने पर कुछ फायदा की तस्वीर स्पष्ट होने लगी थी, मगर मायावती ने कांग्रेस के सारे अरमानों पर पानी फेर दिया है. 

  • लोकसभा चुनाव 2019: कहीं फूट न जाए 'विपक्षी एकता' का गुब्बारा, ऐसे कैसे बीजेपी को हरा पाएगी कांग्रेस

    लोकसभा चुनाव 2019: कहीं फूट न जाए 'विपक्षी एकता' का गुब्बारा, ऐसे कैसे बीजेपी को हरा पाएगी कांग्रेस

    लोकसभा चुनाव 2019 में भारतीय जनता पार्टी की नेतृत्व वाली एनडीए को सत्ता से उखाड़ फेंकने की कवायद में जुटी कांग्रेस को उस वक्त एक और बड़ा झटका लगा, जब इस साल के अंत में होने वाले मध्य प्रदेश और राजस्थान के विधानसभा चुनावों में बसपा ने कांग्रेस से अलग होकर चुनाव लड़ने का फैसला लिया. 2019 लोकसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय स्तर पर महागठबंधन को मजबूत करने में जुटी कांग्रेस के लिए यह किसी बड़े झटके से कम नहीं है, क्योंकि बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने न सिर्फ मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस से अलग होकर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है, बल्कि कांग्रेस पर सीधा हमला भी बोला है. दरअसल, बुधवार को मायावती के कांग्रेस को लेकर जो तल्ख तेवर दिखे, उससे राजनीतिक पंडित यह अनुमान लगा रहे हैं कि तीन राज्यों में कांग्रेस की उम्मीदें तो ढेर हो ही गईं, बल्कि लोकसभा चुनाव 2019 में भी गठबंधन की स्थिति बनती नहीं दिख रही है. 

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