NDTV Khabar

Meghalaya rescue operations


'Meghalaya rescue operations' - 7 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • मेघालय की अवैध कोयला खदान में दिखा एक और शव, बाहर निकालने की कोशिश तेज

    मेघालय की अवैध कोयला खदान में दिखा एक और शव, बाहर निकालने की कोशिश तेज

    मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले की एक खदान में 13 दिसंबर से फंसे हुए खनिकों में से एक और शव का पता नौसेना के गोताखोरों ने लगाया है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. जिला उपायुक्त एफ एम डोप्थ ने बताया, भारतीय नौसेना ने हमें जानकारी दी है कि तड़के तीन बजे एक और शव का पता चला है और यह मुख्य शाफ्ट से 280 फुट दूर है''

  • मेघालय के खदान से मिला मजदूर का पहला शव और 'स्वच्छ कुंभ' के दावों की खुली पोल, पढ़ें 5 बड़ी खबरें 

    मेघालय के खदान से मिला मजदूर का पहला शव और 'स्वच्छ कुंभ' के दावों की खुली पोल, पढ़ें 5 बड़ी खबरें 

    स्वच्छ कुंभ का दावा करते हुए प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार और केंद्र सरकार ने यहां 1,20,000 शौचालय बनाने की बात का व्यापक रूप से प्रचार किया था, लेकिन आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धार्मिक समागम के पहले ही दिन हजारों शौचालय बेकार पड़े मिले और कई श्रद्धालु खुले शौच करते दिखाई दिए.  

  • जिंदा या मृत, उन्हें बाहर निकालें: सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार- मेघालय में मजदूरों का क्या हुआ, हम बचाव कार्य से संतुष्ट नहीं

    जिंदा या मृत, उन्हें बाहर निकालें: सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार- मेघालय में मजदूरों का क्या हुआ, हम बचाव कार्य से संतुष्ट नहीं

    जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की बेंच ने कहा कि अगर सरकार कदम उठा रही है तो खदान के मजदूरों का क्या हुआ? बेंच ने कहा, 'मजदूरों को खदान में फंसे हुए कितने दिन हो गए? क्या इस मामले में केंद्र, राज्य और एजेंसियों के बीज समन्वय नहीं है? क्या कोर्ट सेना को कदम उठाने के लिए आग्रह नहीं कर सकता? हम अभी तक उठाए गए कदमों से संतुष्ट नहीं हैं. मजदूरों को बाहर निकालने के लिए तुरंत कदम उठाने की जरूरत है. अगर ये भी माना जा रहा है कि वो जिंदा हैं या नहीं तो भी उन्हें बाहर निकाला जाना चाहिए.' साथ ही जस्टिस सीकरी ने कहा कि हम प्रार्थना करते हैं कि वे सब जिंदा हैं.

  • 370 फुट गहरी खदान में फंसे हैं 15 मजदूर, नौसेना, NDRF,गोताखोर उन तक पहुंचने में विफल

    370 फुट गहरी खदान में फंसे हैं 15 मजदूर, नौसेना, NDRF,गोताखोर उन तक पहुंचने में विफल

    मेघालय की 370 फुट गहरी खदान में फंसे 15 मजदूरों को बचाने के लिए रविवार को शुरू हुए अभियान से कोई खास नतीजा नहीं निकल सका.

  • मेघालय: मजदूरों को बचाने आए गोताखोर भी नहीं उतर पा रहे हैं खदान में, जानें 10 बड़ी बातें

    मेघालय: मजदूरों को बचाने आए गोताखोर भी नहीं उतर पा रहे हैं खदान में, जानें 10 बड़ी बातें

    एनडीआरएफ के कर्मी हादसे के एक दिन बाद 14 दिसंबर से खदान में बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं. पहाड़ी के शीर्ष पर स्थित इस खदान में 13 दिसंबर को पानी भर गया था जब पास की लितेन नदी का पानी इसमें घुस गया था जिससे 15 खनिक अंदर ही फंसे रह गए. राहत और बचाव कार्य में कई संस्थाओं ने आगे हाथ बढ़ाया लेकिन समय बीतने के साथ श्रामिकों को बचाने की चुनौती बढ़ती जा रही है.

  • मेघालय में फंसे श्रामिकों को निकालने का ऑपरेशन जारी, NDRF को मिले 3 हेलमेट,मजदूरों के कोई सुराग नहीं

    मेघालय में फंसे श्रामिकों को निकालने का ऑपरेशन जारी, NDRF को मिले 3 हेलमेट,मजदूरों के कोई सुराग नहीं

    एनडीआरएफ की टीम को खनिकों के 3 हेलमेट मिले हैं. इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि फिलहाल 3 हेलमेट मिले हैं बचाव अभियान जारी है. उन्होंने बरामद हुए हेलमेट की तस्वीरें भी जारी की हैं.

  • Meghalaya Rescue Operation: खदान में फंसे हैं 15 मजदूर, एयरफोर्स की मदद से बचाव कार्य तेज, 10 बातें

    Meghalaya Rescue Operation: खदान में फंसे हैं 15 मजदूर, एयरफोर्स की मदद से बचाव कार्य तेज, 10 बातें

    मेघालय में एक कोयले की खदान से पानी भरने से उसमें पिछले दो सप्ताह से फंसे 15 लोगों को निकालने की कोशिशें जारी हैं. कोयला खदान में फंसे लोगों को बचाने के लिए अब एयरफोर्स भी आगे आ गया है. इतना ही नहीं, इस बचाव कार्य में मदद करने के लिए निजी पंप निर्माता कंपनी मौके पर पहुंच गए हैं. भारतीय वायु सेना और कोल इंडिया के बचावकर्मी ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में स्थित इस खदान में अब उपकरणों के साथ बचाव कार्य में जुट गए हैं. मेघालय की खदान में पिछले 15 दिनों से फंसे हुए खनिकों को बचाने के कार्य में पंप उत्पादन करने वाली दिग्गज भारतीय कंपनी किर्लोस्कर ब्रदर्स लिमिटेड ने मदद की पेशकश की है. कंपनी ने खदान से पानी निकालने में जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने को कहा है. इससे पहले किर्लोस्कर ब्रदर्स लिमिटेड की दो टीम मदद के लिए बृस्पतिवार को यहां पहुंची.