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Misleading news News in Hindi


'Misleading news' - 6 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • इस चुनाव में फ़ेक न्यूज़ का कितना असर रहा...

    इस चुनाव में फ़ेक न्यूज़ का कितना असर रहा...

    वैसे व्हाट्सएप ग्रुप में एग्ज़िट पोल तो कब से चल रहा है. खासकर पत्रकारों के, जो अपने हिसाब से किसी राज्य में चार सीट कम कर देते हैं तो चालीस सीट बढ़ा देते हैं. कई लोग किनारे ले जाकर पूछते हैं कि अकेले में बता दो किसकी सरकार बनेगी, सही बात है कि हमें नहीं मालूम है. इस चुनाव की एक ख़ास बात यह रही कि इंटरव्यू की ख़ासियत समाप्त हो गई. जो नेता अपने इंटरव्यू में जवाब नहीं दे रहे थे, वो दूसरे नेता के इंटरव्यू का मज़ाक उड़ा रहे थे

  • ट्रंप ने दो साल में 8,000 से ज्यादा बार झूठे या गुमराह करने वाले दावे किए, एक दिन में करते हैं 17 झूठे वादे

    ट्रंप ने दो साल में 8,000 से ज्यादा बार झूठे या गुमराह करने वाले दावे किए, एक दिन में करते हैं 17 झूठे वादे

    डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद से 8,158 बार झूठे या गुमराह करने वाले दावे कर चुके हैं. एक मीडिया रिपोर्ट में यह बात कही गई है.

  • Youtube पर देखते हैं ऐसे वीडियो तो आप भी हैं गलतफहमी का शिकार, लोग ऐसे कमा रहे हैं लाखों रुपये

    Youtube पर देखते हैं ऐसे वीडियो तो आप भी हैं गलतफहमी का शिकार, लोग ऐसे कमा रहे हैं लाखों रुपये

    चेहरे की प्लास्टिक सर्जरी की प्रक्रिया के यू-ट्यूब वीडियो के आकलन के लिये किये गए पहले अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया है कि इनमें से अधिकतर भ्रामक विपणन अभियान के तहत गैर-योग्यताप्राप्त चिकित्सा पेशेवरों के द्वारा पोस्ट किये गए हैं.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : पेड न्‍यूज से लेकर फेक न्‍यूज तक

    प्राइम टाइम इंट्रो : पेड न्‍यूज से लेकर फेक न्‍यूज तक

    फेक न्यूज़ का एक और हमसफ़र है पेड न्यूज़. पैसा लेने का तत्व पेड न्यूज़ में भी है और फेक न्यूज़ में भी है. चुनावों में पेड न्यूज़ का क्या आतंक है आप किसी भी दल के उम्मीदवार से पूछ लीजिए. अब पेड न्यूज़ के कई तरीके आ गए हैं.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : फ़ेक न्यूज़ को कैसे पहचानें?

    प्राइम टाइम इंट्रो : फ़ेक न्यूज़ को कैसे पहचानें?

    फेक न्यूज़ की यह तीसरी कड़ी है. बड़ी चुनौती है कि कोई कैसे पता लगाए कि फेक न्यूज़ है या नहीं. राजनीतिक विचारधारा से प्रेरित हो कर कई वेबसाइट मौजूद हैं जो न्यूज़ संगठन के भेष में आपके साथ छल कर रही हैं. भारत में इस तरह की कई वेबसाइट हैं जिनके नाम इस तरह से रखे गए हैं जिन्हें देखकर लगता है कि कोई न्यूज़ संगठन होगा. दिक्कत ये है कि इनकी चोरी पकड़ लेने के बाद भी जो सफाई होती है वो उस झूठ का पीछा नहीं कर पाती है जो बहुत दूर निकल चुकी होती है.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : कैसे बचें झूठी खबरों के जंजाल से?

    प्राइम टाइम इंट्रो : कैसे बचें झूठी खबरों के जंजाल से?

    फेक न्यूज़ हर जगह है. हम पत्रकारों को लेकर भी फेक न्यूज़ गढ़ा गया. मुख्यधारा के चैनल और अखबार फेक न्यूज़ का धड़ल्ले से इस्तमाल कर रहे हैं. फेक न्यूज़ का एक ही मकसद है. आप भीड़ का हिस्सा बनें, दंगाई बनें और घर से बाहर न भी निकलें तो भी खाने की मेज़ पर बैठकर धारणाएं गढ़ते रहें कि देखो जी आज कल उनका दिमाग़ चढ़ गया है, वो ऐसे होते हैं, उन्हें ऐसे होना होगा, सबक तो सिखाना ही होगा.

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