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Modi cabinet approves amendment in triple talaq amendments bill


'Modi cabinet approves amendment in triple talaq amendments bill' - 3 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • मोदी सरकार के प्रयासों के बाद भी अगले सत्र तक टला ट्रिपल तलाक बिल, अब सरकार लाएगी अध्यादेश

    मोदी सरकार के प्रयासों के बाद भी अगले सत्र तक टला ट्रिपल तलाक बिल, अब सरकार लाएगी अध्यादेश

    मोदी कैबिनेट की मंज़ूरी के बाद तीन तलाक बिल को तीन संशोधनों के साथ आज राज्यसभा में पेश किया जाना था. मगर अब सूत्रों के हवाले से खबर है कि तीन तलाक बिल अब टल गया है. यानी अब शरद सत्र में ही तीन तलाक बिल लाया जाएगा. बताया जा रहा है कि सरकार तीन तलाक पर अध्यादेश लाएगी. दरअसल, मोदी कैबिनेट ने जो तीन तलाक संशोधन बिल को मंजूरी दी है, उसके मुताबिक ये तय किया गया है कि संशोधित बिल में दोषी को ज़मानत देने का अधिकार मेजिस्ट्रेट के पास होगा और कोर्ट की इजाज़त से समझौते का प्रावधान भी होगा. बता दें कि संसद का मॉनसून सत्र आज यानी शुक्रवार को ख़त्म हो रहा है.

  • आज राज्यसभा में पेश होगा ट्रिपल तलाक बिल, पास न होने पर यह है BJP का प्लान-B, 10 बातें

    आज राज्यसभा में पेश होगा ट्रिपल तलाक बिल, पास न होने पर यह है BJP का प्लान-B, 10 बातें

    मोदी कैबिनेट ने ट्रिपल तलाक बिल (triple talaq bill) में संशोधन को मंजूरी दे दी है और आज मोदी सरकार ट्रिपल तलाक संशोधन बिल संसद के मॉनसून सत्र के आखिरी दिन राज्यसभा में पेश करेगी. अगर विधेयक ऊपरी सदन में पारित हो जाता है तो इसे संशोधन पर मंजूरी के लिए वापस लोकसभा में पेश करना होगा. सूत्रों की मानें तो ट्रिपल तलाक संशोधन बिल को आज राज्यसभा की कार्यवाही में टॉप एजेंडे के तौर पर शामिल कर लिया गया है. मोदी कैबिनेट की इस ट्रिपल तलाक संशोधन बिल में जमानत जैसे कुछ संरक्षणात्मक प्रावधानों को मंजूरी दी गई है. यानी अब ये तय किया गया है कि संशोधित बिल में दोषी को ज़मानत देने का अधिकार मेजिस्ट्रेट के पास होगा.

  • ट्रिपल तलाक संशोधन बिल को मोदी कैबिनेट ने दी मंज़ूरी, अब मजिस्ट्रेट दे सकेंगे जमानत

    ट्रिपल तलाक संशोधन बिल को मोदी कैबिनेट ने दी मंज़ूरी, अब मजिस्ट्रेट दे सकेंगे जमानत

    मोदी सरकार ने ट्रिपल तलाक विधेय से संबंधित संशोधन बिल को मंजूरी दे दी है. कैबिनेट सूत्रों ने NDTV को बताया कि ट्रिपल तलाक से जुड़े संशोधन बिल को कैबिनेट ने मंज़ूरी दे दी है. इस अपराध को संशोधन के बाद भी जमानती नहीं बनाया गया है. यानी अभी भी यह गैर जमानती अपराध ही है. मगर अब मजिस्ट्रेट को यह अधिकार दिया गया है कि वह आरोपी को ज़मानत दे सकता है. इसके अलावा, पत्नी तथा उसके रक्तसंबंधियों को FIR दर्ज कराने का हक होगा.

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