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Moon mission


'Moon mission' - 71 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • ‘चंद्रयान-2’ के लैंडर ‘विक्रम’ से संपर्क को लेकर आया ISRO चीफ का बयान, कहा- चंद्रमा पर दिन होने के बाद...

    ‘चंद्रयान-2’ के लैंडर ‘विक्रम’ से संपर्क को लेकर आया ISRO चीफ का बयान, कहा- चंद्रमा पर दिन होने के बाद...

    ‘चंद्रयान-2’ काफी जटिल मिशन था जिसमें चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के अनछुए हिस्से की खोज करने के लिए ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर को एक साथ भेजा गया था. इसरो ने प्रक्षेपण से पहले कहा था कि लैंडर और रोवर का जीवनकाल एक चंद्र दिवस यानी कि धरती के 14 दिनों के बराबर होगा.

  • नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक का दावा, ISRO मून लैंडर समस्या को सही कर लेगा

    नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक का दावा, ISRO मून लैंडर समस्या को सही कर लेगा

    नोबेल पुरस्कार विजेता सर्जे हरोशे ने बुधवार को कहा कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) के वैज्ञानिक निश्चित ही भारत के पहले मून लैंडर की समस्या को दूर करने की कोशिश करेंगे. हरोशे के अनुसार विज्ञान हमें हैरान करता रहता है-कभी इसमें असफलता मिलती है तो कभी सफलता.

  • पूर्व RSS कार्यकर्ता बोले- अमेरिका का चंद्रमा मिशन इसलिए सफल हुआ था, क्योंकि उन्होंने 'एकादशी' को किया था लॉन्च

    पूर्व RSS कार्यकर्ता बोले- अमेरिका का चंद्रमा मिशन इसलिए सफल हुआ था, क्योंकि उन्होंने 'एकादशी' को किया था लॉन्च

    उन्होंने दावा किया कि बार-बार की नाकामियों के बाद एक अमेरिकी वैज्ञानिक ने भारतीय काल गणना अपनाने का सुझाव दिया था. इसका अनुपालन करते हुए अमेरिका अपनी 39 वीं कोशिश में सफल रहा. इससे पहले भिडे ने नासिक में कहा था, ‘उनके बाग का आम खाने पर कई दंपतियों को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई है.'

  • Chandrayaan 2: चांद पर कहां और किस हाल में है 'विक्रम लैंडर', ISRO के अधिकारी ने हटाया पर्दा

    Chandrayaan 2: चांद पर कहां और किस हाल में है 'विक्रम लैंडर', ISRO के अधिकारी ने हटाया पर्दा

    Chandrayaan 2: चंद्रयान-2 (Chandrayaan 2) को लेकर बड़ी खुशखबरी आई है. मून मिशन (Moon Mission) से जुड़े इसरो (ISRO) के एक अधिकारी ने बताया कि विक्रम लैंडर (Vikram Lander) पूर्व निर्धारित जगह के करीब ही पड़ा है और उसको कोई नुकसान नहीं पहुंचा है.

  • क्या सफल होगा चंद्रयान-2 मिशन? चंद्रमा पर विक्रम लैंडर मिलने के बाद ISRO के पास क्या हैं विकल्प, 12 प्वाइंट् में पढ़ें

    क्या सफल होगा चंद्रयान-2 मिशन? चंद्रमा पर विक्रम लैंडर मिलने के बाद ISRO के पास क्या हैं विकल्प, 12 प्वाइंट् में पढ़ें

    भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो द्वारा चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर की ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ का अभियान शनिवार को अपनी तय योजना के मुताबिक पूरा नहीं हो पाया था. लैंडर को शुक्रवार देर रात लगभग एक बजकर 38 मिनट पर चांद की सतह पर उतारने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन चांद पर नीचे की तरफ आते समय 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर जमीनी स्टेशन से इसका संपर्क टूट गया.

  • चंद्रयान-1 के डायरेक्टर ने बताई वजह, क्यों नहीं हो पा रहा लैंडर से ऑर्बिटर का संपर्क

    चंद्रयान-1 के डायरेक्टर ने बताई वजह, क्यों नहीं हो पा रहा लैंडर से ऑर्बिटर का संपर्क

    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) चंद्रयान-2 के ‘लैंडर’ विक्रम से संपर्क बहाल करने की कोशिश जारी रखे हुए है लेकिन विशेषज्ञों ने कहा है कि समय निकलता जा रहा है और संपर्क बहाल होने की संभावना कम होती जा रही है. इसरो प्रमुख के. सिवन ने शनिवार को कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी 14 दिनों तक लैंडर से संपर्क बहाल करने की कोशिश करेगी. चंद्रयान-2 में लगे कैमरों से चंद्रमा की सतह पर लैंडर विक्रम का रविवार को पता चलने के बाद उन्होंने दोहराया कि ये (संपर्क बहाल करने की) कोशिशें जारी रहेंगी.

  • DRDO के पूर्व वैज्ञानिक ने किया दावा, भारत अगले 10 बरसों में चंद्रमा पर अपना बेस स्थापित करेगा

    DRDO के पूर्व वैज्ञानिक ने किया दावा, भारत अगले 10 बरसों में चंद्रमा पर अपना बेस स्थापित करेगा

    पिल्लई ने कहा कि हीलियम-3 भविष्य की ऊर्जा का नया स्रोत है. हीलियम-3 एक गैर रेडियोसक्रिय पदार्थ है जो यूरेनियम की तुलना में 100 गुना अधिक ऊर्जा पैदा कर सकता है. डीडी न्यूज पर 'वार एंड पीस' कार्यक्रम में पिल्लई ने कहा, 'अंतरिक्ष कार्यक्रम में, हम उन चार देशों में शामिल हैं जिन्होंने प्रौद्योगिकी को लेकर महारत हासिल की है.' 

  • Chandrayaan 2: ISRO ने बताई वजह- क्यों चंद्रयान-2 के लैंडर 'विक्रम' की चंद्रमा पर नहीं हो सकी होगी 'सॉफ्ट लैंडिंग'

    Chandrayaan 2: ISRO ने बताई वजह- क्यों चंद्रयान-2 के लैंडर 'विक्रम' की चंद्रमा पर नहीं हो सकी होगी 'सॉफ्ट लैंडिंग'

    Chandrayaan 2: भारत के मून लैंडर विक्रम (Lander Vikram) का इसरो (ISRO) से उस समय संपर्क टूट गया, जब वह चंद्रमा की सतह से महज 2.1 किलोमीटर की दूरी पर था. चंद्रयान-2 मिशन (Chandrayaan 2) को लेकर इसरो प्रमुख के. सीवन (K Sivan) ने रविवार को एक बेहद अहम जानकारी दी.

  • चंद्रयान 2: ममता बनर्जी की टिप्पणी पर बीजेपी का पलटवार, 'देश को गर्व होने वाली हर चीज में गलती निकालती हैं CM'

    चंद्रयान 2: ममता बनर्जी की टिप्पणी पर बीजेपी का पलटवार, 'देश को गर्व होने वाली हर चीज में गलती निकालती हैं CM'

    शुक्रवार को विधानसभा में ममता बनर्जी ने कहा था कि भाजपा नीत केंद्र सरकार चंद्रयान-2 कार्यक्रम का श्रेय लेने की कोशिश में है. शनिवार को ममता बनर्जी ने इसरो के वैज्ञानिकों को उनके साहस के लिए बधाई दी. 

  • Chandrayaan 2: अब छत्तीसगढ़ CM ने बढ़ाया वैज्ञानिकों का हौसला, कहा- चक्रव्यूह तोड़कर अभिमन्यु बना है ISRO

    Chandrayaan 2: अब छत्तीसगढ़ CM ने बढ़ाया वैज्ञानिकों का हौसला, कहा- चक्रव्यूह तोड़कर अभिमन्यु बना है ISRO

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी महाभारत में चक्रव्यूह भेदने के दौरान अभिमन्यु के कथानक का जिक्र करते हुए इस मिशन के लिए वैज्ञानिकों की मेहनत की तारीफ की है.

  • मिशन चंद्रयान 2 की पूरी कहानी, कहां से शुरू और कहां पर खत्म, पढे़ं पूरी टाइमलाइन

    मिशन चंद्रयान 2 की पूरी कहानी, कहां से शुरू और कहां पर खत्म, पढे़ं पूरी टाइमलाइन

    चंद्रमा की सतह को छूने से चंद मिनट पहले लैंडर ‘विक्रम’ का जमीनी स्टेशन से संपर्क टूटने के बाद इसरो के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर चंद्रमा की कक्षा में सुरक्षित है. अधिकारी ने ‘पीटीआई’ से कहा, ‘‘ऑर्बिटर चंद्रमा की कक्षा में पूरी तरह ठीक एवं सुरक्षित है और सामान्य तरीके से काम कर रहा है.’’ 2379 किलोग्राम ऑर्बिटर के मिशन का जीवन काल एक साल है. उल्लेखनीय है कि 3,840 किलोग्राम वजनी चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को जीएसएलवी एमके-3 एम1 रॉकेट से प्रक्षेपित किया गया था. चंद्रयान-2 ने धरती की कक्षा छोड़कर चंद्रमा की तरफ अपनी यात्रा 14 अगस्त को इसरो द्वारा ‘ट्रांस लूनर इन्सर्शन’ नाम की प्रक्रिया को अंजाम दिये जाने के बाद शुरू की थी. यह प्रक्रिया अंतरिक्ष यान को ‘लूनर ट्रांसफर ट्रेजेक्ट्री’ में पहुंचाने के लिये अपनाई गई. अंतरिक्ष यान 20 अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में पहुंच गया था. चंद्रयान-2 के ‘ऑर्बिटर’ में चंद्रमा की सतह का मानचित्रण करने और पृथ्वी के इकलौते उपग्रह के बाह्य परिमंडल का अध्ययन करने के लिए आठ वैज्ञानिक उपकरण हैं. इसरो ने दो सितंबर को ऑर्बिटर से लैंडर को अलग करने में सफलता पाई थी, लेकिन शनिवार तड़के विक्रम का जमीनी स्टेशन से संपर्क टूट गया था. इसरो ने कहा है कि वह आंकड़ों का विश्लेषण कर रहा है.

  • Chandrayaan 2: ममता बनर्जी ने साधा निशाना, कहा-चन्द्रयान का पूरा श्रेय लेना चाहती है बीजेपी

    Chandrayaan 2: ममता बनर्जी ने साधा निशाना, कहा-चन्द्रयान का पूरा श्रेय लेना चाहती है बीजेपी

    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का अंतरिक्ष यान चन्द्रयान-2 शुक्रवार देर रात डेढ बजे से ढाई बजे के बीच चांद पर उतरेगा. भाजपा की मुखर आलोचक तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने विधानसभा में एनआरसी पर चर्चा के दौरान चन्द्रयान-2 को लेकर भाजपा पर निशाना साधा. बनर्जी राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को बीजेपी का राजनीतिक बदला बताती हैं.

  • Chandrayaan 2: भारत के चंद्रयान-2 के चंद्रमा पर उतरने को लेकर अमेरिकी वैज्ञानिकों में भी उत्साह

    Chandrayaan 2: भारत के चंद्रयान-2 के चंद्रमा पर उतरने को लेकर अमेरिकी वैज्ञानिकों में भी उत्साह

    चंद्रयान-2 (Chandrayaan 2) का मॉड्यूल विक्रम चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग के लिए शनिवार तड़के उतरने की प्रक्रिया शुरू करेगा. विक्रम की सफलता के साथ ही भारत चंद्रमा पर अपने रोवर की सॉफ्ट लैंडिंग कराने वाला चौथा देश बन जाएगा. इससे पहले रूस, अमेरिका और चीन ने ही यह मुकाम हासिल किया है, लेकिन चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर अपना लैंडर उतारने वाले भारत पहला देश होगा.

  • चंद्रयान-2 के लिए आखिरी के 15 मिनट क्यों हैं सबसे मुश्किल? बता रहे हैं- ISRO के चेयरमैन

    चंद्रयान-2 के लिए आखिरी के 15 मिनट क्यों हैं सबसे मुश्किल?  बता रहे हैं- ISRO के चेयरमैन

    इसरो के वैज्ञानिकों के लिए पंद्रह मिनट इस मिशन की सबसे बड़ी चुनौती रहेंगे, क्योंकि विक्रम लैंडर और उसमें रखे गए प्रज्ञान रोवर को बिना किसी नुकसान के चांद की सतह पर उतारना है.

  • मिशन चंद्रयान-2 पर पूरी दुनिया की नजर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किए ये 5 ट्वीट

    मिशन चंद्रयान-2 पर पूरी दुनिया की नजर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किए ये 5 ट्वीट

    पीएम मोदी ने चंद्रयान-2 से जुड़े कई ट्वीट किए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर लिखा, ''130 करोड़ भारतीय जिस पल का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, वह समय आ गया. अब से कुछ घंटों में

  • Chandrayaan 2 : क्‍या है 'विक्रम' लैंडर? चंद्रमा की सतह पर ये कैसे उतरेगा?

    Chandrayaan 2 : क्‍या है 'विक्रम' लैंडर? चंद्रमा की सतह पर ये कैसे उतरेगा?

    अंतरिक्ष एजेंसी इसरो ने 'विक्रम' लैंडर की विस्‍तृत जानकारी एक वीडियो के रूप में अपने ट्विटर पेज पर शेयर किया है. उस वीडियो में बताया गया है कि चांद की सतह पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग' सुनिश्चित करने के लिए मशीन में तीन कैमरे-लैंडर पोजीशन डिटेक्शन कैमरा, लैंडर होरिजोंटल विलोसिटी कैमरा और लैंडर हजार्डस डिटेक्शन एंड अवोयडेंस कैमरा लगे हैं. इसके साथ दो के.ए. बैंड-अल्टीमीटर-1 और अल्टीमीटर-2 हैं. वीडियो में बताया गया है कि लैंडर के चांद की सतह को छूने के साथ ही इसरो चेस्ट, रंभा और इल्सा नाम के तीन उपकरणों की तैनाती करेगा.

  • Chandrayaan-2 : किसान के बेटे और सरकारी स्कूल से पढ़े वैज्ञानिक ने दिया मिशन चंद्रयान-2 को अंजाम

    Chandrayaan-2 : किसान के बेटे और सरकारी स्कूल से पढ़े वैज्ञानिक ने दिया मिशन चंद्रयान-2 को अंजाम

    चांद पर पहुंचने के भारत के सपने के पीछे जो ख़ास लोग हैं उनमें प्रमुख हैं डॉ के सिवन जो एक किसान के बेटे और एक कामयाब ऐरोनॉटिकल इंजीनियर हैं. डॉ के सिवन इसरो के चेयरमैन होने के नाते इस अभियान की अगुवाई कर रहे हैं. उन्हें भारत का रॉकेट मैन भी कहा जाता है. अंतरिक्ष में एक साथ 104 सैटलाइट छोड़कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने में उनकी बड़ी भूमिका रही है. मिशन चंद्रयान-2 के हर पल पर नजर रख रहे के सिवन ने एनडीटीवी से कहा, मैं एक ग़रीब घर से आता हूं, मेरा परिवार किसानी करता है. मैं तमिल मीडियम में सरकारी स्कूल से पढ़ा हूं.  

  • Chandrayaan 2 landing: लैंडर को निचली कक्षा में सफलतापूर्वक उतारा गया, चंद्रमा पर उतरने के करीब पहुंचा मिशन 

    Chandrayaan 2 landing: लैंडर को निचली कक्षा में सफलतापूर्वक उतारा गया, चंद्रमा पर उतरने के करीब पहुंचा मिशन 

    इसरो ने कहा कि लैंडर पर लगी प्रणोदक प्रणाली को पहली बार इसे नीचे की कक्षा में लाने के लिये सक्रिय किया गया. इससे पहले इसने स्वतंत्र रूप से चंद्रमा की कक्षा में परिक्रमा शुरू कर दी थी. जीएसएलवी मैक-थ्री एम1 द्वारा 22 जुलाई को पृथ्वी की कक्षा में प्रक्षेपित 3,840 किलोग्राम के चंद्रयान-दो अंतरिक्ष यान के मुख्य ऑर्बिटर द्वारा चंद्रमा की यात्रा के सभी अभियानों को अंजाम दिया गया है.