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Mp assembly polls 2018


'Mp assembly polls 2018' - 96 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • राजनीति की भट्टी में पिघलाया जा रहा स्टील प्रेम...

    राजनीति की भट्टी में पिघलाया जा रहा स्टील प्रेम...

    पहले देश के तीन राज्य के लोगों ने सत्ता में बैठे राजनीतिक दलों में बदलाव किया. नई पार्टी सत्ता पर आसीन हुई, और गद्दी पर आने के बाद उसने जो दूसरा बड़ा काम किया, वह था - बड़ी संख्या में प्रशासनिक फेरबदल. मीडिया में इसे 'प्रशासनिक सर्जरी' कहा गया. 'सर्जरी' किसी खराबी को दुरुस्त करने के लिए की जाती है. ज़ाहिर है, इससे ऐसा लगता है कि इनके आने से पहले प्रशासन में जो लोग थे, वे सही नहीं थे. अब उन्हें ठिकाने (बेकार के पद) लगाया जा रहा है, जैसा व्यक्तिगत रूप से बातचीत के दौरान एक नेता ने थोड़ा शर्माते हुए कहा था, "पहले उनके लोगों ने मलाई खाई, अब हमारे लोगों की बारी है..."

  • MP कांग्रेस में ऑल इज़ नॉट वेल! विभागों को लेकर कमलनाथ सरकार में जारी है 'सिर फुटौव्वल'

    MP कांग्रेस में ऑल इज़ नॉट वेल! विभागों को लेकर कमलनाथ सरकार में जारी है 'सिर फुटौव्वल'

    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री कमलनाथ के मंत्रिमंडल (Kamal Nath Cabinet) में शामिल न किए जाने के बाद कांग्रेस पार्टी (Congress) में बगावत शुरू हो गई है. मंत्रिमंडल के गठन के बाद नाराज़गी का सिलसिला घटने के बजाए बढ़ने लगा है. कांग्रेस के कई नेताओं के साथ 3 निर्दलीय सपा, बसपा के विधायक भी सरकार से नाराज़ बताए जा रहे हैं. उधर कैबिनेट गठन के दो दिन बाद भी अब तक मंत्रियों के विभागों का बंटवारा नहीं हो सका है. मंत्रियों के विभागों को लेकर कांग्रेस में गुटबाजी की खबरें सामने आने लगी हैं. मुरैना में कांग्रेस विधायक ऐदल सिंह कंसाना (Aidal Singh Kansana) के समर्थक उन्हें शामिल नहीं किए जाने की वजह से पार्टी से नाराज चल रहे हैं. मुरैना में उनके समर्थकों का गुस्सा सड़क और गाड़ियों पर निकला. उनके समर्थन में सुमावली विधानसभा के ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मदन शर्मा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया.

  • मध्यप्रदेश: CM कमलनाथ ने किया कैबिनेट विस्तार, 28 मंत्रियों ने ली शपथ, जातिगत और श्रेत्रीय संतुलन का रखा गया ख्याल

    मध्यप्रदेश: CM कमलनाथ ने किया कैबिनेट विस्तार, 28 मंत्रियों ने ली शपथ, जातिगत और श्रेत्रीय संतुलन का रखा गया ख्याल

    मध्यप्रदेश में कमलनाथ (Kamal Nath) सरकार का आज विस्तार किया गया (Kamal Nath Cabinet Expands). आज 28 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई. 17 दिसंबर को अकेले मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शपथ ली थी. कांग्रेस हाईकमान से चर्चा के बाद मंत्रियों की लिस्ट फ़ाइनल हुई और आज राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उन्हें शपथ दिलाई. मंत्रिमंडल में क्षेत्रीय और जातिगत संतुलन का पूरा ख्याल रखा गया है. साथ ही तीनों बड़े नेता कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है. मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री कमल नाथ के 11, दिग्विजय सिंह के 9, ज्योतिरादित्य सिंधिया के 7 और अरुण यादव के एक मंत्री शामिल किए गए हैं. मंत्रिमंडल में क्षेत्रीय संतुलन बनाने की कोशिश भी कई गई है. 

  • दफ्तर संभालते ही कमलनाथ ने राहुल गांधी के कर्ज माफी के वायदे पर किया दस्तखत, 5 खास बातें... 

    दफ्तर संभालते ही कमलनाथ ने राहुल गांधी के कर्ज माफी के वायदे पर किया दस्तखत, 5 खास बातें... 

    कमलनाथ (Kamal Nath) मध्यप्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री बन गए हैं. पद और गोपनियता की शपथ (Kamal Nath Oath Ceremony) लेने के तुरंत बाद ही उन्होंने अपने वादे के मुताबिक किसानों के कर्ज़ माफ (Loan Waiver) करने वाली फाइल पर दस्तखत कर दिए. बता दें कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शपथ लेने से पहले ही कहा कि था कि वे 10 दिनों से पहले ही किसानों का कर्ज माफ करेंगे. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दस्तखत के बाद किसानों के दो लाख रुपये तक के ऋण माफ हो गए. मध्यप्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. राजेश राजोरा ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा कर्जमाफी की फाइल पर हस्ताक्षर करने के बाद इस संबंध में आदेश जारी कर दिये गए हैं. उन्होंने कहा, 'सोमवार शाम जारी आदेश में कहा गया है कि मध्यप्रदेश शासन एतद् द्वारा निर्णय लिया जाता है कि मध्यप्रदेश राज्य में स्थित राष्ट्रीयकृत तथा सहकारी बैंकों में अल्पकालीन फसल ऋण के रूप में शासन द्वारा पात्रता अनुसार पात्र पाए गए किसानों के दो लाख रुपये की सीमा तक का 31 मार्च 2018 की स्थिति में बकाया फसल ऋण माफ किया जाता है.'

  • मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही कमलनाथ ने वादे के मुताबिक सबसे पहले किया यह काम...

    मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही कमलनाथ ने वादे के मुताबिक सबसे पहले किया यह काम...

    कमलनाथ (Kamal Nath) मध्यप्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री बन गए हैं. राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कमलनाथ को पद और गोपनियता की शपथ (Kamal Nath Oath Ceremony) दिलाई. शपथ लेने के तुरंत बाद ही अपने वादे के मुताबिक मध्यप्रदेश के नवनियुक्त मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राजधानी भोपाल में किसानों के कर्ज़ माफ (Loan Waiver) करने वाली फाइल पर दस्तखत कर दिए. बता दें कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शपथ लेने से पहले ही कहा कि था कि वे 10 दिनों से पहले ही किसानों का कर्ज माफ करेंगे.

  • कर्नाटक के बाद एक बार फिर दिखेगी विपक्षी एकता, जानें- राजस्थान, MP और छत्तीसगढ़ में शपथ ग्रहण में कौन-कौन होगा शामिल

    कर्नाटक के बाद एक बार फिर दिखेगी विपक्षी एकता, जानें- राजस्थान, MP और छत्तीसगढ़ में शपथ ग्रहण में कौन-कौन होगा शामिल

    कांग्रेस ने शुक्रवार को एलान किया था कि अशोक गहलोत राजस्थान के मुख्यमंत्री और सचिन पायलट बतौर डिप्टी सीएम शपथ लेंगे. दोनों ही सोमवार को जयपुर के अल्बर्ट हॉल परिसर में शपथ लेंगे. मध्य प्रदेश में कमलनाथ बतौर सीएम दोपहर करीब 1.30 बजे लाल परेड ग्राउंड में शपथ ग्रहण करेंगे. इसके अलावा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का एलान रविवार दोपहर किया जाएगा, यहां शपथ ग्रहण समारोह सोमवार शाम करीब 4.30 होगा.

  • मुख्यमंत्री पर मंथन : राजस्थान के मुख्यमंत्री होंगे अशोक गहलोत, सचिन पायलट डिप्टी सीएम, छत्तीसगढ़ पर सस्‍पेंस

    मुख्यमंत्री पर मंथन : राजस्थान के मुख्यमंत्री होंगे अशोक गहलोत, सचिन पायलट डिप्टी सीएम, छत्तीसगढ़ पर सस्‍पेंस

    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में मुख्यमंत्री के नाम पर बना सस्पेंस खत्म हो गया है और लोकसभा चुनाव 2019 से पहले अनुभव को तरजीह देते हुए कांग्रेस ने कमलनाथ के नाम को मुख्यमंत्री पद लिए हरी झंडी दे दी है. हालांकि, राजस्थान (Rajasthan) और छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) पर फैसला अभी भी बाकी है. राजस्थान में मुख्यमंत्री के नाम को लेकर सुबह से शुरू हुआ सियासी ड्रामा देर रात तक चला. मगर तब भी किसी एक नाम पर सहमति नहीं बनी. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राजस्थान और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों पर फैसला शुक्रवार के लिए टाल दिया है क्योंकि वह इस विषय पर पार्टी नेताओं से और चर्चा करना चाहते हैं. सूत्रों के अनुसार गांधी ने छत्तीसगढ़ के नये मुख्यमंत्री पर फैसला करने के लिए गुरुवार को प्रदेश के पार्टी नेताओं से चर्चा की मगर दावेदारों से और चर्चा करने के लिए फैसला शुक्रवार के लिए टाल दिया. कांग्रेस अध्यक्ष ने राजस्थान के मुख्यमंत्री पद के दावेदारों अशोक गहलोत और सचिन पायलट के साथ कई बैठकें कीं, लेकिन उनके बीच कोई सहमति नहीं बन पायी. पायलट ने इस शीर्ष पद के लिए दावा किया. राहुल गांधी के निवास के बाहर पायलट के समर्थकों ने उनके समर्थन में नारे भी लगाए.

  • CM Of Madhya Pradesh: कांग्रेस ने सस्पेंस किया खत्म, मध्यप्रदेश की कमान कमलनाथ के हाथ

    CM Of Madhya Pradesh: कांग्रेस ने सस्पेंस किया खत्म, मध्यप्रदेश की कमान कमलनाथ के हाथ

    मध्यप्रदेश में कौन बनेगा मुख्यमंत्री (CM Of Madhya Pradesh) इसे लेकर सस्पेंस खत्म हो गया है. कमलनाथ (Kamal Nath) मध्यप्रदेश के अगले मुख्यमंत्री होंगे.  कांग्रेस ने ट्वीट कर कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनने की बधाई दी.

  • राजस्थान, MP में सीएम पर अब भी सस्पेंस, जानिये कौन है सोनिया गांधी की पसंद...

    राजस्थान, MP में सीएम पर अब भी सस्पेंस, जानिये कौन है सोनिया गांधी की पसंद...

    राजस्थान और मध्यप्रदेश में कौन बनेगा मुख्यमंत्री इसे लेकर सस्पेंस अभी बना हुआ है. ज्योतिरादित्य सिंधिया अभी दिल्ली में ही हैं. इस संकट का हल निकालने के लिए बैठकों का दौर अब भी जारी है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने अशोक गहलोत (Ashok gehlot) और सचिन पायलट (Sachin Pilot) के साथ आज बैठक भी की, लेकिन अभी कोई हल नहीं निकल सका है. सचिन पायलट जहां राहुल गांधी की पसंद बताए जा रहे हैं, वहीं सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) चाहती हैं गहलोत मुख्यमंत्री बनें.

  • मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने कमलनाथ को क्यों बनाया मुख्यमंत्री, ये रहे पांच कारण

    मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने कमलनाथ को क्यों बनाया मुख्यमंत्री, ये रहे पांच कारण

    मध्य प्रदेश में कमलनाथ (Kamal Nath) को कांग्रेस ने क्यों बनाया मुख्यमंत्री, जानिए पांच कारण.

  • 'MP, छत्तीसगढ़, राजस्थान में किसे CM होना चाहिए' वाले सवाल पर बोलीं सोनिया गांधी- प्लीज राहुल से पूछिए

    'MP, छत्तीसगढ़, राजस्थान में किसे CM होना चाहिए' वाले सवाल पर बोलीं सोनिया गांधी- प्लीज राहुल से पूछिए

    राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री पद के लिए संभावित उम्मीदवारों में चल रही खींचतान के बीच जब यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी से मुख्यमंत्री के नामों को लेकर पूछा गया कि 'उन्हें क्या लगता है कि मध्य प्रदेश और राजस्थान में किसे मुख्यमंत्री होना चाहिए?', इस पर उन्होंने कहा कि 'कृपया आप राहुल से पूछें'. बता दें कि अभी राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सीएम के नाम को लेकर राहुल गांधी के घर पर मंथन हो रहा है. हालांकि, मध्य प्रदेश में कमलनाथ सीएम की रेस में आगे चल रहे हैं, वहीं राजस्थान में अशोक गहलोत.

  • MP: कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया में कौन मजबूत, धन-दौलत से लेकर शिक्षा और सियासत तक

    MP: कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया में कौन मजबूत, धन-दौलत से लेकर शिक्षा और सियासत तक

    मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री पद की रेस में शामिल कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया में कौन कितना मजबूत- शिक्षा से लेकर सियासत और धन-दौलत के मामले में

  • कमलनाथ होंगे मध्‍यप्रदेश के अगले मुख्‍यमंत्री, छत्तीसगढ़ और राजस्‍थान पर फैसला आज

    कमलनाथ होंगे मध्‍यप्रदेश के अगले मुख्‍यमंत्री, छत्तीसगढ़ और राजस्‍थान पर फैसला आज

    राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री के नाम पर कांग्रेस आधिकारिक तौर पर अभी दुविधा में हैं. राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री के नाम को लेकर पिछले दो दिनों से बने सस्पेंस में अब स्थिति साफ होती हुई दिख रही है. बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश सीएम की रेस में कमलनाथ सबसे आगे चल रहे हैं, इनका नाम जल्द ही घोषित किया जा सकता है.

  • देश के इकलौते 'खुशहाल मंत्री' के लिए साल 2018 जाते-जाते लेकर आया बुरी खबर

    देश के इकलौते 'खुशहाल मंत्री' के लिए साल 2018 जाते-जाते लेकर आया बुरी खबर

    शिवराज सिंह चौहान के मध्य प्रदेश का चौथी बार सीएम बनने का सपना कांग्रेस ने तोड़ दिया. करीब 24 घंटे मतगणना प्रक्रिया चलने के बाद बुधवार को कांग्रेस पार्टी राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. हालांकि, वह बहुमत से आंकड़े से दो सीट दूर 114 पर रह गई. इसके बाद बसपा और सपा ने कांग्रेस के समर्थन देने का एलान कर दिया. कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में राज्यपाल से मिलकर दावा भी पेश कर दिया है.

  • MP में कमलनाथ का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय, छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल तो राजस्थान में ये हैं CM की रेस में आगे

    MP में कमलनाथ का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय, छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल तो राजस्थान में ये हैं CM की रेस में आगे

    राजस्थान में स्थिति थोड़ी कठिन दिख रही है, क्योंकि यहां आलाकमान को तजुर्बे और युवा शक्ति में से एक को चुनना होगा. अशोक गहलोत पहले भी राजस्थान के सीएम रह चुके हैं और उन्हें काफी अनुभव है, वहीं सचिन पायलट राजस्थान में युवाओं के चहते हैं. इसके अलावा कांग्रेस नेतृत्व के भी वह पसंदीदा चेहरे हैं. दिल्ली से भेजे गए पार्टी पर्यवेक्षक भी लौट आए हैं. आज नेता कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मिलकर नेताओं के नाम बताएंगे. वहीं राहुल गांधी ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को ऑडियो मैसेज भेजकर सीएम के नाम पर राय मांगी है.

  • मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री पद के लिए 'युवा चेहरे' की तुलना में 'तजुर्बे ' को तरजीह दे सकती है कांग्रेस : सूत्र

    मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री पद के लिए 'युवा चेहरे' की तुलना में 'तजुर्बे ' को तरजीह दे सकती है कांग्रेस : सूत्र

    जानकार इसे एक संकेत के तौर पर भी देख रहे हैं. गौरतलब है कि राहुल गांधी ने तीनों राज्य में किसे मुख्यमंत्री बनाया जाए इसे लेकर अपने कार्यकर्ताओं से उनकी पसंद पूछी है. उन्होंने बुधवार को एक ऑडियो टेप भी जारी किया. इस टेप में वह अपने कार्यकर्ताओं से पूछ रहे हैं कि आखिर उनके हिसाब से तीनों राज्यों में किसे मुख्यमंत्री बनाना चाहिए.

  • मुख्यमंत्री का नाम तय करने के लिए राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं से पूछी उनकी पसंद, जारी किया ऑडियो टेप

    मुख्यमंत्री का नाम तय करने के लिए राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं से पूछी उनकी पसंद, जारी किया ऑडियो टेप

    पार्टी ने मुख्यमंत्री का नाम चुनने की जिम्मेदारी सिर्फ और सिर्फ अपने अध्यक्ष पर छोड़ दिया है. पार्टी (Congress) की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) गुरुवार को मध्यप्रदेश और राजस्थान के नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा कर सकते हैं. वहीं, राहुल गांधी (Rahul Gandhi) इस फैसले तक पहुंचने से पहले पार्टी के कार्यकर्ताओं से उनकी राय जानने में लगे हैं.

  • दिनभर माथापच्ची के बाद भी राजस्थान, MP में मुख्यमंत्री पर नहीं बनी बात, राहुल गांधी करेंगे फैसला

    दिनभर माथापच्ची के बाद भी राजस्थान, MP में मुख्यमंत्री पर नहीं बनी बात, राहुल गांधी करेंगे फैसला

    विधानसभा चुनाव में जीत के बाद अब कांग्रेस के अंदर मुख्यमंत्री पद को लेकर माथापच्ची चल रही है. मंगलवार को आए चुनावी नतीजों के बाद बुधवार के दिन बैठकों का दौर चला. मध्यप्रदेश के भोपाल में और राजस्थान के जयपुर में दिन भर चली मैराथन बैठकों के बाद भी मुख्यमंत्री का फैसला नहीं हो सका. राजस्थान और मध्यप्रदेश दोनों जगहों पर सीएम के दो-दो उम्मीदवार हैं. एक तरफ अशोक गहलोत और सचिन पायलट हैं, तो वहीं दूसरी ओर कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया. विधायक दल की बैठक के बाद जब निष्कर्ष नहीं निकला, तब यह तय हुआ कि पार्टी आलाकमान यानि राहुल गांधी सीएम का अंतिम फैसला करेंगे. इस बीच देर शाम राहुल गांधी ने ऑडियो संदेश जारी कर कार्यकर्ताओं से उनकी राय पूछी. उन्होंने सवा 7 लाख कार्यकर्ताओं को ऑडियो संदेश भेजकर कहा कि उनकी राय गोपनीय रखी जाएगी.

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