NDTV Khabar

Ncrb data


'Ncrb data' - 4 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • इस वजह से लोग करते हैं भारत में सुसाइड, NCRB डाटा से हुआ खुलासा

    इस वजह से लोग करते हैं भारत में सुसाइड, NCRB डाटा से हुआ खुलासा

    भारतीयों के आत्महत्या करने की सबसे बड़ी वजहों में शादी से इतर पारिवारिक समस्याएं और बीमारी हैं. यहां शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों से यह बात सामने आयी है. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक 2015 के मुकाबले 2016 में राष्ट्रीय स्तर पर खुदकुशी की दर में कमी आई है. वर्ष 2015 में प्रति एक लाख आबादी पर आत्महत्या की दर 10.6 थी जो 2016 में घटकर 10.3 प्रति एक लाख आबादी पर आ गई है. हालांकि, राष्ट्रीय दर 10.3 के मुकाबले 2016 में शहरों में खुदकुशी की दर 13.0 दर्ज की गई.

  • देश भर में अपहरण की घटनाएं बढ़ी, हत्या के मामलों में आई गिरावट: NCRB

    देश भर में अपहरण की घटनाएं बढ़ी, हत्या के मामलों में आई गिरावट: NCRB

    रिपोर्ट में कहा गया कि हत्या के अधिकतर मामले में ‘विवाद’ (7898) एक बड़ा कारण था. इसके बाद ‘निजी रंजिश’ या ‘दुश्मनी’ (4660) और ‘फायदे’ (2103) के लिए भी हत्याएं हुईं. वर्ष 2017 में अपहरण के मामलों में नौ प्रतिशत की बढोतरी दर्ज की गई. उससे पिछले साल 88008 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि 2017 में अपहरण के 95893 मामले दर्ज किए गए थे. 

  • देश में अपहरण की वारदातें बढ़ीं, हत्या के मामलों में कमी आई, एनसीआरबी ने जारी किए आंकड़े

    देश में अपहरण की वारदातें बढ़ीं, हत्या के मामलों में कमी आई, एनसीआरबी ने जारी किए आंकड़े

    राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के नए आंकड़े के मुताबिक 2017 में देश भर में संज्ञेय अपराध के 50 लाख से ज्यादा मामले दर्ज किए गए. इस तरह 2016 में 48 लाख दर्ज प्राथमिकी की तुलना में 2017 में 3.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई. करीब एक साल की देरी के बाद 2017 के लिए वार्षिक अपराध का आंकड़ा जारी किया गया है.

  • आधार की बायोमेट्रिक जानकारी का इस्तेमाल आपराधिक जांच में नहीं किया जा सकता: UIDAI

    आधार की बायोमेट्रिक जानकारी का इस्तेमाल आपराधिक जांच में नहीं किया जा सकता: UIDAI

    भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने शुक्रवार को कहा कि आधार अधिनियम के तहत आधार की बायोमेट्रिक जानकारी (डेटा) का इस्तेमाल आपराधिक जांच में नहीं किया जा सकता है. प्राधिकरण का यह बयान ऐसे समय आया है जब एक दिन पहले राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) ने अपराध पकड़ने के लिए पुलिस को आधार की सूचनाओं की सीमित उपलब्धता की बातें की थी.