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'Ndtvonayodhyacase' - 58 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • कर्नाटक के एमएलए रोशन बेग अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में सहयोग देंगे

    कर्नाटक के एमएलए रोशन बेग अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में सहयोग देंगे

    पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में कांग्रेस से निकाले जाने के बाद अयोग्य घोषित किए गए विधायक रोशन बेग ने कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में स्वेच्छा से सहयोग करेंगे. रोशन बेग ने कहा, ‘‘आप लोग (हिंदू) राम मंदिर बनाएं. हम लोग भी सहयोग करेंगे. कृपया हमें भी साथ रखिए. हमें मिलने वाली जमीन पर मस्जिद निर्माण में हम आपका भी सहयोग चाहेंगे.’’

  • Ayodhya Case : प्रहलाद पटेल ने कहा, ASI के काम को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार किया

    Ayodhya Case : प्रहलाद पटेल ने कहा, ASI के काम को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार किया

    केंद्रीय संस्कृति मंत्री प्रहलाद पटेल ने अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया में कहा कि फैसले का देश स्वागत कर रहा है, मैं भी करता हूं.

  • सिर्फ इंटर तक पढ़े और दुनिया भर में बना दिए सौ से अधिक मंदिर, अब अयोध्या में दिखाएंगे अपना हुनर

    सिर्फ इंटर तक पढ़े और दुनिया भर में बना दिए सौ से अधिक मंदिर, अब अयोध्या में दिखाएंगे अपना हुनर

    सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या के राम मंदिर-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद के मामले में अपना फैसला सुना दिया. इस फैसले से विवदित स्थल पर राम मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है. अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार केंद्र सरकार तीन महीने में मंदिर के लिए योजना तैयार करेगी. इसके लिए बोर्ड ऑफ ट्रस्टी का गठन किया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद लोगों में जिज्ञासा है कि आखिर अयोध्या में भव्य राम मंदिर कैसा बनेगा? इसका जवाब जाने माने आर्किटेक्ट चंद्रकांत भाई सोमपुरा (Chandrakant Bhai Sompura) के पास है जिन्होंने अयोध्या के राम मंदिर की डिजाइन तैयार की है.

  • अयोध्या पर फैसले से कोई हारा नहीं, भारत और हमारा संविधान जीता : जैनाचार्य लोकेशजी

    अयोध्या पर फैसले से कोई हारा नहीं, भारत और हमारा संविधान जीता : जैनाचार्य लोकेशजी

    अयोध्या मामले (Ayodhya Case) में राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक और शानदार है. यह बात अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक एवं प्रख्यात जैनाचार्य डॉ लोकेशजी ने आज कही. उन्होंने कहा कि यह भारत, यहां की संस्कृति और संविधान की जीत है.

  • फैसला हमारी उम्मीद के मुताबिक नहीं, लेकिन इसे हार-जीत की दृष्टि से न देखें : मौलाना अरशद मदनी

    फैसला हमारी उम्मीद के मुताबिक नहीं, लेकिन इसे हार-जीत की दृष्टि से न देखें : मौलाना अरशद मदनी

    Ayodhya Verdict : अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद मामले (Ayodhya Case) पर उच्चतम न्यायालय के निर्णय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जमीयत उलेमा ए हिन्द के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि 'यह निर्णय हमारी अपेक्षा के अनुकूल नही हैं परन्तु सुप्रीम कोर्ट सर्वोच्च संस्था है. उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे इस निर्णय को हार-जीत की दृष्टि से न देखें और देश में अमन एवं भाईचारे के वातावरण को बनाए रखें.'

  • अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती नहीं दी जानी चाहिए : शाही इमाम अहमद बुखारी

    अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती नहीं दी जानी चाहिए : शाही इमाम अहमद बुखारी

    Ayodhya Case: अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम अहमद बुखारी ने कहा कि 'मुल्क में शांति रहनी चाहिए. हिन्दू-मुस्लिम बंद होना चाहिए. पीएम के बयान से उम्मीद होनी चाहिए कि मुल्क में साम्प्रदायिक सौहार्द बढ़ेगा. इस फैसले को अब चैलेंज नहीं करना चाहिए. कोर्ट का फैसला माना जाना चाहिए.

  • अयोध्या केस में सुप्रीम कोर्ट का पूरा फैसला

    अयोध्या केस में सुप्रीम कोर्ट का पूरा फैसला

    दशकों पुराने तथा पूरे देश को आंदोलित करते रहे केस में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में विवादित भूमि का कब्ज़ा सरकारी ट्रस्ट को मंदिर बनाने के लिए दे दिया गया है, तथा उत्तर प्रदेश के इसी पवित्र शहर में एक 'प्रमुख' स्थान पर मस्जिद के लिए भी ज़मीन आवंटित की जाएगी. इस केस में वादी भगवान रामचंद्र के बालस्वरूप 'रामलला' को 2.77 एकड़ ज़मीन का मालिकाना हक दिया गया है.

  • अयोध्या केस पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला : अब क्या विकल्प हैं असंतुष्ट पक्ष के पास

    अयोध्या केस पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला : अब क्या विकल्प हैं असंतुष्ट पक्ष के पास

    सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील ज़फरयाब जिलानी कह भी चुके हैं कि वह फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन इससे संतुष्ट नहीं हैं. उन्होंने कहा है कि फैसले को विस्तार से पढ़ने के बाद अगला कदम निर्धारित किया जाएगा.

  • मीडिया सवालों में उलझाता है, मुस्लिम खुद राम मंदिर बनाने में सहयोग देंगे : इंद्रेश कुमार

    मीडिया सवालों में उलझाता है, मुस्लिम खुद राम मंदिर बनाने में सहयोग देंगे : इंद्रेश कुमार

    अयोध्या (Ayodhya) के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद के मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला 17 नवंबर तक आने की संभावना है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS)के नेता इंद्रेश कुमार (Indresh Kumar) ने आज कहा है कि यह पूरे देश के लिए इम्तिहान की घड़ी है. उन्होंने कहा कि 'ये मीडिया है जो सवालों में उलझाता है. मुस्लिम खुद मंदिर बनाने के लिए सहयोग देने की बात कर रहे हैं.'

  • अयोध्या के चप्पे-चप्पे पर आसमान से निगरानी, यूपी के हर जिले में तगड़ी सुरक्षा

    अयोध्या के चप्पे-चप्पे पर आसमान से निगरानी, यूपी के हर जिले में तगड़ी सुरक्षा

    अयोध्या विवाद के फैसले को लेकर यूपी में जबरदस्त सुरक्षा इंतज़ाम किए जा रहे हैं. अयोध्या के चप्पे-चप्पे पर ड्रोन से नज़र रखी जा रही है और बड़े पैमाने पर फोर्स तैनात की गई है. यूपी के तमाम जिलों में पुलिस को दंगा काबू करने की ट्रेनिंग दी जा रही है. गिरफ्तारी की जरूरत पड़ने पर आठ टेंपरेरी जेलें बना दी गई हैं. साथ ही सद्भाव के लिए हर जिले में सम्मेलन हो रहे हैं.

  • बिहार : अयोध्या मामले पर उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने की संयम रखने की अपील

    बिहार : अयोध्या मामले पर उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने की संयम रखने की अपील

    बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने राज्य की जनता से अपील की है कि अयोध्या के राम जन्मभूमि मामले में सर्वोच्च न्यायालय की संविधान पीठ जो भी निर्णय करे, उसे सबको धैर्य और शांति के साथ स्वीकार करना चाहिए.

  • Ayodhya Case : मौलाना मदनी ने कहा, सबूतों के आधार पर दिया गया फैसला मान्य होगा

    Ayodhya Case :  मौलाना मदनी ने कहा, सबूतों के आधार पर दिया गया फैसला मान्य होगा

    अयोध्या मामले (Ayodhya Case) के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद पर आने वाले फैसले से पहले जमीयत उलेमा हिन्द के अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी ने कहा है कि 'वर्तमान में देश आंतरिक और बाहरी दोनों स्तरों पर चुनौतियों से गुजर रहा है और हालात चिंताजनक हैं. मदनी ने कहा कि मुसलमानों का दृष्टिकोण पूर्णतः ऐतिहासिक तथ्यों, सबूतों और साक्ष्यों के आधार पर है. बाबरी मस्जिद का निर्माण किसी मंदिर को तोड़कर या किसी मंदिर की जगह पर नहीं किया गया था. हमें पूर्ण विश्वास है कि कोर्ट का फैसला आस्था की बुनियाद पर ना होकर कानूनी दायरे में होगा और कोर्ट के फैसले को जमीयत उलेमा-ए-हिंद ससम्मान स्वीकार करेगी.'

  • कोर्ट में मामला भूमि विवाद का, लेकिन मीडिया के लिए आस्था

    कोर्ट में मामला भूमि विवाद का, लेकिन मीडिया के लिए आस्था

    भारत के इतिहास में यह सबसे लंबा, सबसे हिंसक, सबसे विवादास्पद और सबसे राजनीतिक भूमि विवाद है. इस विवाद को राजनीति के मैदान में लड़ा गया. दावों और प्रतिदावों के बीच इससे संबंधित हिंसा में न जाने कहां-कहां लोग मारे गए. हिन्दू भी मारे गए, मुस्लिम भी मारे गए. अंत में लड़ते-झगड़ते सब इस बिन्दु पर पहुंचे कि जो भी अदालत का फैसला होगा, सब मानेंगे. अदालतों का फैसला भी रेगिस्तान की गर्मी और ऊंचे पहाड़ों की थकान से गुज़रते हुए अब अंजाम पर पहुंचता दिख रहा है. 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद ढहा दी गई. उस मामले में कौन-कौन शामिल थे, इस पर पता लगाने के लिए 17 साल तक लिबरहान आयोग की सुनवाई चली. यूपी के ट्रायल कोर्ट में जारी है, मगर अपराधी सजा से दूर हैं. इस सवाल को मौजूदा बहस से गायब कर दिया गया है. मर्यादा पुरुषोत्तम राम के नाम पर जो मर्यादाएं तोड़ी गईं उन पर न प्रायश्चित है और न अदालत का फैसला.

  • Ayodhya Case: अयोध्या केस में कब क्या-क्या हुआ? जानें अब तक की पूरी टाइमलाइन

    Ayodhya Case: अयोध्या केस में कब क्या-क्या हुआ? जानें अब तक की पूरी टाइमलाइन

    सुनवाई के 40वें दिन प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कुछ अन्य अर्जियों पर सुनवाई से इनकार कर दिया और कहा कि अब बहुत हो गया, इस मामले में सुनवाई आज ही पूरी होगी. हम पांच बजे उठ जाएंगे.

  • Ayodhya Case Updates: राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद में नवंबर में आएगा फैसला

    Ayodhya Case Updates: राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद में नवंबर में आएगा फैसला

    अयोध्या मामले (Ayodhya Case) में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ आखिरी सुनवाई बुधवार को शाम चार बजे पूरी कर ली. सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद मामले की सुनवाई पूरी करने के पश्चात अपना फैसला सुरक्षित रख लिया.

  • Ayodhya Case : दोनों पक्षों के वकीलों के बीच तीखी बहस हुई, सुनवाई कल ही खत्म होने की उम्मीद

    Ayodhya Case : दोनों पक्षों के वकीलों के बीच तीखी बहस हुई, सुनवाई कल ही खत्म होने की उम्मीद

    सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद की सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्षकारों ने आरोप लगाया कि इस मामले में हिन्दू पक्ष से नहीं बल्कि सिर्फ हमसे ही सवाल किये जा रहे हैं. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ के समक्ष 38वें दिन की सुनवाई शुरू होने पर मुस्लिम पक्षकारों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन ने यह टिप्पणी की. संविधान पीठ के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर शामिल हैं.

  • Ayodhya Case : सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने कहा 16 अक्टूबर को खत्म हो सकती है सुनवाई

    Ayodhya Case : सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने कहा 16 अक्टूबर को खत्म हो सकती है सुनवाई

    सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने सोमवार को अयोध्या केस (Ayodhya Case) की सुनवाई करते हुए कहा है कि इस केस की सुनवाई बुधवार को भी खत्म हो सकती है. यानी कि 17 अक्टूबर की जगह 16 अक्टूबर को ही अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद मामले की सुनवाई पूरी हो सकती है. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने चार अक्टूबर को अयोध्या केस (Ayodhya Case) में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद के मामले की 37 वें दिन की सुनवाई के दौरान कहा था कि 17 अक्टूबर तक इस मामले की सुनवाई पूरी होगी.

  • Ayodhya Case: मुस्लिम पक्ष का सवाल- कुछ अंश दूसरे धर्म के मिलें तो क्या 450 साल पुरानी मस्जिद अवैध हो जाएगी?

    Ayodhya Case: मुस्लिम पक्ष का सवाल- कुछ अंश दूसरे धर्म के मिलें तो क्या 450 साल पुरानी मस्जिद अवैध हो जाएगी?

    अयोध्या मामले (Ayodhya Case) में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में 38वें दिन की सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्षकारों के वकील राजीव धवन ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले में जस्टिस खान और जस्टिस शर्मा की राय एक-दूसरे से अलग थी. जस्टिस खान ने कहा था कि मस्जिद बनाने के लिए किसी स्ट्रक्चर को ध्वस्त नहीं किया गया था. जबकि जस्टिस शर्मा की राय इससे अलग थी. धवन ने कहा जिलानी ने सही कहा था कि 1885 से पहले के किसी भी दस्तावेज़ को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए. सन 1885 से पहले के जो दस्तावेज़ हिन्दू पक्ष के पास हैं वह सिर्फ विदेशी यात्रियों की किताब, स्कंद पुराण और दूसरी किताबें हैं.