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Nidhi Kulpati News in Hindi


'Nidhi kulpati' - 63 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • ISIS का बढ़ता जाल दुनिया भर के लिए 'सबसे बड़ी चुनौती'...

    ISIS का बढ़ता जाल दुनिया भर के लिए 'सबसे बड़ी चुनौती'...

    आतंक से फ्रांस एक बार फिर दहला है। पिछले आठ महीनों में दूसरा बड़ा हमला, जहां नीस शहर में नेशनल डे समारोह के दौरान एक ट्रक ने भीड़ में शामिल 84 लोगों को रौंद डाला।

  • अमरनाथ यात्रा : घाटी का सौंदर्य, अलगाव की राजनीति और अनसुलझे सवाल..

    अमरनाथ यात्रा : घाटी का सौंदर्य, अलगाव की राजनीति और अनसुलझे सवाल..

    सवाल अब यह है कि कश्‍मीर में हालात क्‍यों ऐसे होने दिए गए.....पहले क़दम क्‍यों नहीं उठाए गए.....कश्मीर मैं अक्सर जाती रही हूं....हाल में विधानसभा चुनावों के दौरान पूरी आज़ादी से घूमी...अलगाववादी नेताओं समेत मीर वाइज़ उमर फ़ारूख से इंटरव्‍यू किया.....

  • सपा में चाचा-भतीजे के बीच घमासान

    सपा में चाचा-भतीजे के बीच घमासान

    सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव अपने उत्तराधिकारी बेटे अखिलेश यादव और सबसे छोटे चेहेते भाई शिवपाल के बीच जारी खींचतान को संभालने में लगे हुए हैं। लेकिन इस बार मुख्यमंत्री बेटा खासा नाराज हो गया है। उन्होंने मुलायम के करीबी मंत्री बलराम यादव को मंत्रिमंडल से हटा दिया।

  • दिल्‍ली की सियासत का बड़ा मुद्दा बना टैंकर घोटाला

    दिल्‍ली की सियासत का बड़ा मुद्दा बना टैंकर घोटाला

    दिल्ली का टैंकर घोटाला दिल्ली की सियासत में बड़ा मुद्दा बन गया है। इस मामले में एफआईआर दाखिल हो गई है जिसपर मुख्यमंत्री केजरीवाल इतने भड़के कि प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर डाली।

  • एनडीएमसी के वकील की हत्या पर गरमाई सियासत

    एनडीएमसी के वकील की हत्या पर गरमाई सियासत

    धरना-प्रदर्शन-अनशन राजनीतिक औजार होते हैं और इसका भरपूर प्रयोग होते आज दिल्ली में देखा गया। बीजेपी के सासंद महेश गिरि दिल्ली के मुख्यमंत्री निवास के सामने अपने दल-बल पूरे इन्तजाम के साथ डटे हुए हैं।

  • कैराना : सांप्रदायिक माहौल के नाम पर राजनीतिक फायदा उठाने की चाहत

    कैराना : सांप्रदायिक माहौल के नाम पर राजनीतिक फायदा उठाने की चाहत

    कैराना को लगातार सुलगाया जा रहा है। शुक्रवार को बीजेपी के सरधना से विधायक संगीत सोम ने कैराना में हिन्‍दुओं के कथित पलायन को लेकर पैदल निर्भय यात्रा निकालने की कोशिश की। इकठ्ठा की गई इस भीड़ को संगीत सोम सरधना से कैराना तक ले जाना चाह रहे थे। लेकिन 2 किमी बाद ही इसे रोक लिया गया।

  • ट्रिपल तलाक के मसले पर तेज होती आवाजें

    ट्रिपल तलाक के मसले पर तेज होती आवाजें

    नरेंद्र मोदी सरकार में अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री नजमा हेपतुल्ला ने ट्रिपल तलाक के मसले पर अपना आपा खो दिया। मुस्लिम समाज में महिलाओं के एक तबके में कदम उठ रहे हैं जो इस रूढ़‍िवादी रवायत को बदलना चाहते हैं।

  • मथुरा में हुई हिंसा के लिए कौन जिम्मेदार?

    मथुरा में हुई हिंसा के लिए कौन जिम्मेदार?

    मथुरा की हिंसा के लिए कौन जिम्मेदार है। यह सवाल शायद मन को कुरेदता रहेगा। अवैध कब्जाने वाले इस कदर हिंसक हो गए कि एसपी सिटी को सीधे माथे पर गोली मार दी। मुकुल द्विवेदी के साथ एसओ संतोष यादव भी मारे गए। दो पुलिस वालों समेत 24 लोगों की जान चली गई।

  • रामविलास पासवान से निधि कुलपति की बातचीत : खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता का सवाल

    रामविलास पासवान से निधि कुलपति की बातचीत : खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता का सवाल

    नरेंद्र मोदी सरकार को दो साल हो रहे हैं। सरकार कह रही है उसने अपने चुनावी वादे पूरे किए हैं, उसका दावा है कि वह वादे निभा रही है। खाद्य आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान से निधि कुलपति ने एनडीटीवी के स्टूडियो में बातचीत की। इस चर्चा के प्रमुख अंश प्रस्तुत हैं-

  • उत्तराखंड में हरीश रावत की जगह नया सीएम? अटकलों का बाजार गर्म

    उत्तराखंड में हरीश रावत की जगह नया सीएम? अटकलों का बाजार गर्म

    उत्तराखंड की जंग पर अभी विराम नहीं लगा है। मंगलवार को उत्तराखंड विधानसभा में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में फ्लोर टेस्ट हो गया। बाहर आए विधायकों की मानें तो कांग्रेस की जीत निश्चित है।

  • किस राजनीतिक दल ने समझा डॉ. भीमराव अम्बेडकर को?

    किस राजनीतिक दल ने समझा डॉ. भीमराव अम्बेडकर को?

    उनकी 125वीं जयन्ती के मौके को देशभर में धूम धाम से मनाया जा रहा है। शायद पहली बार है कि उनकी जयन्ती पर लगभग हर राष्ट्रीय स्तर की पार्टी उनको नमन कर रही है। केन्द्र की सत्ताधरी बीजेपी हो या विपक्ष में बैठी कांग्रेस या फिर दिल्ली की आम आदमी पार्टी, सब अपने स्तर पर भीमराव अम्बेडकर का गुणगान कर रहे हैं।

  • 12 राज्यों में भीषण सूखा : सोचें और सहेजें पानी को!

    12 राज्यों में भीषण सूखा : सोचें और सहेजें पानी को!

    आजाद भारत के इतिहास में सबसे खराब सूखा है इस बार। जब दक्षिण एशिया में बांधों के विशेषज्ञ हिमांशु ठक्‍कर ने कहा तो इस बार पानी की किल्लत की भयावह स्‍थि‍ति कुछ समझ में आयी। सुप्रीम कोर्ट भी सूखे को लेकर चिंतित है। उसने लगातार केंद्र के ढीले रवैये को लेकर सवाल उठाए।

  • नेताओं के अच्छे दिन आ गए!

    नेताओं के अच्छे दिन आ गए!

    जन के नहीं, लेकिन जन-प्रतिनिधियों के अच्छे दिन आ गए हैं। मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना... यहां विधायकों और मंत्रियों की तनख्वाह दोगुनी-चौगुनी हो रही है। महंगाई के इस दौर में इन्हें तो भरपूर राहत मिल रही है।

  • उत्तराखंड : क्या बहुत देर से जागे हरीश रावत और कांग्रेस आला कमान?

    उत्तराखंड : क्या बहुत देर से जागे हरीश रावत और कांग्रेस आला कमान?

    नैनीताल हाई कोर्ट अपना रुख मंगलवार को साफ करेगा उत्तराखंड की खण्डित राजनीति पर। राष्ट्रपति शासन के बावजूद हरीश रावत हार मानने वाले नहीं दिखते। क्या हरीश रावत और कांग्रेस आला कमान बहुत देर से जागे हैं?

  • अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस : 105 साल बाद भी संघर्ष जारी

    अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस : 105 साल बाद भी संघर्ष जारी

    तो एक बार फिर से अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस मनाया जा रहा है। वो दिन जब दुनिया की आधी आबादी, हमारे देश की आधी आबादी, उसको मिल रहे मान-सम्मान, अधिकार, सहूलियतों को टटोलती, उनको आंकती है। 1911 से 8 मार्च महिला दिवस के तौर पर मनाया जा रहा है और आज 105 साल बाद भी कोशिशें और सघर्ष जारी है।

  • मोदी सरकार पर राहुल गांधी का 'फेयर एंड लवली' का वार

    मोदी सरकार पर राहुल गांधी का 'फेयर एंड लवली' का वार

    'फेयर एंड लवली' स्कीम से चोर काले धन को सफेद कर सकते हैं। संसद में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का ये वार मोदी सरकार को काफी समय तक खटकता रहेगा। सूट बूट की सरकार के तमगे की तरह मोदी सरकार की ये पहचान न बन जाये जिससे पीछा छुड़ाने के लिए सरकार को बजट में धोती कुर्ते वाले किसान याद आते रहे।

  • जेएनयू की जंग पार्ट-2 : मामले में बेहतर तरीके से निपट सकती थी सरकार

    जेएनयू की जंग पार्ट-2 : मामले में बेहतर तरीके से निपट सकती थी सरकार

    जेएनयू की जंग का असर आज पटियाला हाउस कोर्ट में देखने को मिला। जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार के मामले में सुनवाई के दौरान छात्रों, शिक्षकों और पत्रकारों के साथ मार-पीट हुई, उनको धमकाया गया, उनको देश विरोधी बताया गया।

  • निधि का नोट : जेएनयू में बवाल ने खड़े किए कई संगीन सवाल

    निधि का नोट : जेएनयू में बवाल ने खड़े किए कई संगीन सवाल

    जेएनयू में बवाल ने हम सब के सामने कई संगीन सवाल खड़े कर दिये हैं। क्या इस विश्वविद्यालय में देश विरोधी नारों की आजादी होनी चाहिए? क्या देश की अखंडता के खिलाफ नारे लगाने वालों के पीछे कोई बाहरी ताकत है?

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