Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com
NDTV Khabar

Nirmohi akhada News in Hindi


'Nirmohi akhada' - 13 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • Ayodhya Case : निर्मोही अखाड़ा भी सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, रिव्यू पिटीशन में केंद्र पर सवाल

    Ayodhya Case : निर्मोही अखाड़ा भी सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, रिव्यू पिटीशन में केंद्र पर सवाल

    राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ निर्मोही अखाड़े ने भी रिव्यू पिटीशन दाखिल कर दी है. अयोध्या मामले में निर्मोही अखाड़ा भी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. अखाड़े ने फैसले के मुताबिक ट्रस्ट में उसका स्थान अब तक केंद्र सरकार द्वारा स्पष्ट न किए जाने का मुद्दा उठाया है.

  • अयोध्या पर फैसला : मुस्लिम पक्ष आखिर कौन सी बात साबित नहीं कर पाया सुप्रीम कोर्ट में

    अयोध्या पर फैसला : मुस्लिम पक्ष आखिर कौन सी बात साबित नहीं कर पाया सुप्रीम कोर्ट में

    सुप्रीम कोर्ट ने सर्वसम्मति के फैसले में अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया और केन्द्र को निर्देश दिया कि मस्जिद निर्माण के लिये सुन्नी वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ का भूखंड आबंटित किया जाए.  प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने इस व्यवस्था के साथ ही राजनीतिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील 134 साल से भी अधिक पुराने इस विवाद का पटाक्षेप कर दिया.

  • Ayodhya Verdict: सुप्रीम कोर्ट ने निर्मोही अखाड़े का दावा खारिज किया, विवादित जमीन पर जताया था मालिकाना हक

    Ayodhya Verdict: सुप्रीम कोर्ट ने निर्मोही अखाड़े का दावा खारिज किया, विवादित जमीन पर जताया था मालिकाना हक

    सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड और निर्मोही अखाड़ा को जमीन देने का इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला गलत था. गौरतलब है कि निर्मोही अखाड़े ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी लिखित दलील में कहा था कि विवादित भूमि का आंतरिक और बाहरी अहाता भगवान राम की जन्मभूमि के रूप में मान्य है. हम रामलला के सेवायत हैं. यह हमारे अधिकार में सदियों से रहा है. ऐसे में हमें ही रामलला के मंदिर के पुनर्निर्माण, रखरखाव और सेवा का अधिकार मिलना चाहिए.

  • Ayodhya Verdict: सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या केस में क्यों खारिज कर दी निर्मोही अखाड़ा दलील

    Ayodhya Verdict: सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या केस में क्यों खारिज कर दी निर्मोही अखाड़ा दलील

    अयोध्या विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने एक पक्ष निर्मोही अखाड़े के जमीन पर मालिकाना हक के दावे को खारिज कर दिया है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मंदिर के लिए बनाए जाने वाले ट्रस्ट में निर्मोही अखाड़े का प्रतिनिधि भी होना चाहिए. अखाड़े की ओर से दलील दी गई कि विवादित भूमि के अंदरुनी और बाहरी अहाता ही भगवान राम की जन्मभूमि के रूप में मान्य है.

  • Ayodhya Case: निर्मोही अखाड़े ने भी सुप्रीम कोर्ट में मोल्डिंग ऑफ रिलीफ के लिए नोट दाखिल किया, कही यह बात...

    Ayodhya Case: निर्मोही अखाड़े ने भी सुप्रीम कोर्ट में मोल्डिंग ऑफ रिलीफ के लिए नोट दाखिल किया, कही यह बात...

    बता दें कि इस पूरे विवाद के बीच रामलला विराजमान की ओर से भी लिखित जवाब दाखिल किया गया है. रामलला ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि सारा क्षेत्र राम मंदिर के लिए उसे दिया जाए. साथ ही निर्मोही अखाड़ा या मुस्लिम पार्टियों को जमीन का कोई हिस्सा नहीं मिलना चाहिए. उधर, राम जन्मभूमि पुनरुद्धार समिति ने भी सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल किया है. समिति ने कहा कि विवादित जमीन पर मंदिर ही बने.

  • Ayodhya Case : सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की मियाद घटाई, अब सिर्फ चार दिन और होगी बहस

    Ayodhya Case : सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की मियाद घटाई, अब सिर्फ चार दिन और होगी बहस

    सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने शुक्रवार को अयोध्या केस (Ayodhya Case) में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद के मामले की 37 वें दिन की सुनवाई करते हुए कहा कि 17 अक्टूबर तक इस मामले की सुनवाई पूरी होगी. उन्होंने अयोध्या के इस मामले से संबंधित ने सभी पक्षों से कहा कि 17 अक्टूबर तक बहस पूरी करें. पहले सुप्रीम कोर्ट ने इन सभी पक्षों को 18 अक्टूबर तक बहस पूरी करने के लिए कहा था. इस केस में 14 अक्टूबर को मुस्लिम पक्ष की ओर से राजीव धवन बहस जारी रखेंगे. बाकी सब पक्षकार 15-16 को दलीलें देंगे और 17 अक्टूबर को सुनवाई पूरी होगी. यानी अब सिर्फ चार दिन ही सुनवाई होनी है.

  • Ayodhya Case : निर्मोही अखाड़े ने कहा- अब सुनवाई 'टी-20' जैसी हो गई, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई लताड़

    Ayodhya Case : निर्मोही अखाड़े ने कहा- अब सुनवाई 'टी-20' जैसी हो गई, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई लताड़

    अयोध्या केस (Ayodhya Case) में सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद पर गुरुवार को 36वें दिन सुनवाई हुई. कोर्ट में निर्मोही अखाड़े की ओर से सुशील जैन ने कहा कि अब यह सुनवाई 20-20 जैसी हो गई है. इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आपको हमने साढ़े चार दिन दिए. यहां आपको जवाब देना है तो अब आप इसे 20-20 कह रहे हैं? तो क्या आपकी पिछली बहस टेस्ट मैच थी? सुशील जैन ने कहा कि हमारा दावा आंतरिक अहाते को लेकर है, क्योंकि बाहर तो हमारा अधिकार और कब्ज़ा था ही. हमने बाहर के पजेशन के लिए अर्ज़ी नहीं लगाई है क्योंकि वह तो पहले से ही हमारे पास था.

  • Ayodhya Case : मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- हिन्दू सन 1886 में ही मंदिर बनाना चाहते थे

    Ayodhya Case : मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- हिन्दू सन 1886 में ही मंदिर बनाना चाहते थे

    अयोध्या केस (Ayodhya Case) में मंगलवार को 30 वें दिन की सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद पर निरंतर सुनवाई हो रही है. मुस्लिम पक्ष की ओर से उसके वकील जफरयाब जिलानी ने कहा कि हिन्दू 1886 केफैसले में पूजा का अधिकार मिलने के बाद विवादित स्थल पर बने चबूतरे पर ही मंदिर बनाना चाहते थे. पर तब के जिला कोर्ट ने इसकी इजाज़त नहीं दी थी. मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट में स्वीकार किया कि राम चबूतरे पर भगवान राम का जन्म हुआ था. उन्होंने कहा कि बाद में गुंबद वाले स्थान पर भी हिंदू दावा करने लगे. मुस्लिम पक्ष की ओर से राजीव धवन ने आज अपनी दलीलें पूरी कर लीं.

  • Ayodhya Case : ज्यूरिस्टिक पर्सन के सवाल पर वकील ने कहा, 18-20 पीएचडी करनी पड़ेंगी

    Ayodhya Case : ज्यूरिस्टिक पर्सन के सवाल पर वकील ने कहा, 18-20 पीएचडी करनी पड़ेंगी

    अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद मामले (Ayodhya Case) में सोमवार को 29 वें दिन की सुनवाई हुई. कोर्ट (जस्टिस बोबड़े) ने पूछा कि अब तक कितने तरह के ज्यूरिस्टिक पर्सन को मान्यता मिली है. क्या उनकी सूची आप पेश कर सकते हैं? इस पर मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने कहा कि इसके लिए तो मुझे 18-20 पीएचडी करनी पड़ेंगी. उन्होंने कहा कि वैसे धर्मशास्त्र ने दो तरह के लोगों को ज्यूरिस्टिक पर्सन माना है. एक तो वे जिनको मानते हैं, और दूसरे जो खुद को ज्यूरिस्टिक पर्सन बना लेते हैं. कोर्ट तीसरे तरह की चीज़ को ज्यूरिस्टिक पर्सन बनाने पर सवाल कर रहा है, जो न तो खुद से है, न ही लोगों ने बनाया. अब आप इलाहाबाद के किले से चारों ओर के इलाके को ज्यूरिस्टिक पर्सन मान लें, जहां हनुमान और संगम है, तो ये कोई नए तरह के देवता हो जाएंगे.

  • CJI रंजन गोगोई को उम्‍मीद- 17 नवंबर तक तय हो जाएगा अयोध्‍या में राम मंदिर बनेगा या नहीं

    CJI रंजन गोगोई को उम्‍मीद- 17 नवंबर तक तय हो जाएगा अयोध्‍या में राम मंदिर बनेगा या नहीं

    इस केस की सुनवाई 18 अक्टूबर तक पूरी होने की उम्मीद भी जताई. 27 सितंबर तक मुस्लिम पक्षकार अपनी बहस पूरी कर लेंगे. मुस्लिम पक्षकारों की तरफ से राजीव धवन ने कहा, ''अगले हफ़्ते तक हम अपनी बहस पूरी कर लेंगे.''

  • Ayodhya Case : मुस्लिम पक्ष ने कहा- ईश्वर निराकार हो सकता है लेकिन देवता का एक रूप होना चाहिए

    Ayodhya Case : मुस्लिम पक्ष ने कहा- ईश्वर निराकार हो सकता है लेकिन देवता का एक रूप होना चाहिए

    अयोध्या मामले में 24 वें दिन की सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष की तरफ से वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने बहस की शुरुआत की. राजीव धवन ने संविधान पीठ के समक्ष फिर एक मुद्दा उठाया. राजीव धवन ने कहा कि सोशल मीडिया में एक व्यक्ति ये कह रहे हैं कि उन्होंने एक पत्र लिखा है CJI को, जिसमें उन्हींने कहा है कि कोर्ट को ये मामला नही सुनना चहिए. CJI ने कहा कि हमें इस मामले में कोई जानकारी नहीं. इसके बाद मुख्य मामले की सुनवाई शुरू हुई.

  • Ayodhya Case : मुस्लिम पक्ष ने कहा- चीन मानसरोवर जाने से रोक दे तो क्या पूजा का अधिकार होगा?

    Ayodhya Case : मुस्लिम पक्ष ने कहा- चीन मानसरोवर जाने से रोक दे तो क्या पूजा का अधिकार होगा?

    अयोध्या राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद (Ayodhya Case) मामले में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ में शुक्रवार को 23वें दिन की सुनवाई हुई. कोर्ट में मुस्लिम पक्षकारों ने कहा कि जन्मस्थान के लिए अदालत में याचिका दाखिल नहीं हो सकती. जन्मस्थान कोई कानूनी व्यक्ति नहीं है. नदियों, पहाड़ों, कुओं के लिए प्रार्थना की जाती है और यह एक वैदिक अभ्यास है. अगर कल को चीन मानसरोवर में जाने से मना कर देता है तो क्या कोई पूजा के अधिकार का दावा कर सकता है? मुस्लिम पक्ष की तरफ से सबसे पहले वरिष्ठ वकील जफरयाब जिलानी ने बहस की शुरुआत की. जिलानी ने कहा कि 1885 में निर्मोही अखाड़े ने जब कोर्ट में याचिका दायर की थी तो उन्होंने अपनी याचिका में विवादित जमीन की पश्चिमी सीमा पर मस्जिद होने की बात कही थी. यह हिस्सा अब विवादित जमीन के भीतरी आंगन के नाम से जाना जाता है.

  • Ayodhya Case : मुस्लिम पक्ष ने कहा-यूपी के मंत्री कह रहे अयोध्या हिंदुओं की, सुप्रीम कोर्ट भी उनका; CJI ने की निंदा

    Ayodhya Case : मुस्लिम पक्ष ने कहा-यूपी के मंत्री कह रहे अयोध्या हिंदुओं की, सुप्रीम कोर्ट भी उनका; CJI ने की निंदा

    अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद के मामले (Ayodhya Case) में 22 वें दिन मुस्लिम पक्ष की तरफ से वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने पक्ष रखा. राजीव धवन ने मुख्य मामले की सुनवाई से पहले अपनी कानूनी टीम के क्लर्क को धमकी दिए जाने की जानकारी कोर्ट को दी और कहा कि ऐसे गैर-अनुकूल माहौल में बहस करना मुश्किल हो गया है. राजीव धवन ने कोर्ट को बताया कि यूपी में एक मंत्री ने कहा है कि अयोध्या हिंदुओं की है, मंदिर उनका है और सुप्रीम कोर्ट भी उनका है. उन्होंने कहा कि 'मैं अवमानना के बाद अवमानना दायर नहीं कर सकता.' उन्होंने पहले ही 88 साल के व्यक्ति के खिलाफ अवमानना दायर की है.

Advertisement

 

Nirmohi akhada वीडियो

Nirmohi akhada से जुड़े अन्य वीडियो »