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'Npa' - 72 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • बैंकों को फंसे कर्ज के मामले में 2019-20 तक झेलना पड़ सकता है दबाव

    बैंकों को फंसे कर्ज के मामले में 2019-20 तक झेलना पड़ सकता है दबाव

    बैंक अब गैर-कंपनी वर्ग में संपत्तियों की गुणवत्ता को लेकर दबाव देख रहे हैं. इस लिहाज से बैंकों को कुल मिलाकर फंसे कर्ज के मामले में 2019-20 तक दबाव झेलना पड़ सकता है.

  • प्रधानमंत्री जी, बैंकों के लाखों करोड़ न चुकाने वाली कंपनियां कौन हैं, मालिक कौन हैं?

    प्रधानमंत्री जी, बैंकों के लाखों करोड़ न चुकाने वाली कंपनियां कौन हैं, मालिक कौन हैं?

    क्या प्रधानमंत्री उन कंपनियों के नाम ले सकते हैं जिन्होंने भारत की जनता के जमा पैसे से सस्ती दरों पर लोन लिया और उस लोन का दस लाख करोड़ बैंकों को वापस नहीं किया? क्या वित्त मंत्री उन कंपनियों के नाम ले सकते हैं? क्या अमित शाह नाम ले सकते हैं? क्या कांग्रेस से राहुल गांधी, चिदंबरम नाम ले सकते हैं? जब ये दोनों नेता लोन लेकर भागने वालों के नाम नहीं ले सकते हैं तो फिर ये बहस हो किस चीज़ की रही है?

  • हे राजन! तब तुम्हीं थे न जो राजन का मज़ाक उड़ा रहे थे, राजन को ज़िम्मेदार बता रहे थे?

    हे राजन! तब तुम्हीं थे न जो राजन का मज़ाक उड़ा रहे थे, राजन को ज़िम्मेदार बता रहे थे?

    अप्रैल 2015 में हिन्दुस्तान टाइम्स ने लिखा था कि रघुराम राजन ने नॉन परफॉर्मिंग असेट के कुछ हाई-प्रोफाइल फ्रॉड की सूची प्रधानमंत्री कार्यालय को सौंपी थी. मांग की थी कि जांच हो और कुछ को जेल भेजा जाए. अखबार के अनुसार राजन ने 17,500 करोड़ के फ्रॉड के बारे में सूचना दी थी. इसमें विनसम डायमंड एंड ज्वेलरी, ज़ूम डेवलपर्स, तिवारी ग्रुप, सूर्य विनायक इंडस्ट्री, डेक्कन क्रोनिकल होल्डिंग, फर्स्ट लीजिंग कंपनी ऑफ इंडिया, सूर्या फार्मा. इन कंपनियों के नाम हिन्दुस्तान टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से लिखा था. दो साल बाद विनसम डायमंड के खिलाफ सीबीआई ने मामला दर्ज किया था.

  • बैंकों का एनपीए बढ़ने के लिए कौन है ज़िम्मेदार?

    बैंकों का एनपीए बढ़ने के लिए कौन है ज़िम्मेदार?

    बैंकों ने जितना लोन दिया, उस लोन का जितना हिस्सा बहुत देर तक नहीं लौटता है तो वह नॉन परफार्मिंग असेट हो जाता है. जिसे एनपीए कहते हैं. एनपीए को लेकर यूपीए बनाम एनडीए हो रहा है. लेकिन जिसने इन दोनों सरकारों में लोन लिया या नहीं चुकाया, उसका तो नाम ही कहीं नहीं आ रहा है. 2015 में जब आरटीआई कार्यकर्ता सुभाष अग्रवाल ने भारतीय रिज़र्व बैंक से पूछा था कि लोन नहीं देने वालों के नाम बता दीजिए तो रिजर्व बैंक ने इंकार कर दिया था. जबकि सुप्रीम कोर्ट ने नाम बताने के लिए कहा था. क्या यह अजीब नहीं है कि जिन लोगों ने लोन नहीं चुकाया उनका नाम राजनीतिक दल के नेता नहीं लेते हैं. न प्रधानमंत्री लेते हैं न राहुल गांधी लेते हैं न अमित शाह नाम लेते हैं. क्या यह मैच फिक्सिंग नहीं है. असली खिलाड़ी बहस से गायब है और दोनों तरफ के कोच भिड़े हुए हैं.

  • RBI के पूर्व गवर्नर राजन का खुलासा: PMO को भेजी थी बहुचर्चित बैंकिंग घोटालेबाजों की लिस्ट, मगर...

    RBI के पूर्व गवर्नर राजन का खुलासा: PMO को भेजी थी बहुचर्चित बैंकिंग घोटालेबाजों की लिस्ट, मगर...

    भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा है कि बैंकिंग धोखाधड़ी से जुड़े बहुचर्चित मामलों की सूची प्रधानमंत्री कार्यालय को समन्वित कार्रवाई के लिए सौंपी गई थी. राजन ने संसद की एक समिति को लिखे पत्र में यह बात कही है. आकलन समिति के चेयरमैन मुरली मनोहर जोशी को भेजे पत्र में राजन ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकिंग प्रणाली में धोखाधड़ियों का आकार बढ़ रहा है. हालांकि, यह कुल गैर निष्पादित आस्तयों (एनपीए) की तुलना में अभी काफी छोटा है.

  • यूपीए के समय हुआ कोयला घोटाला ही बैंकों के कर्ज डूबने (NPA) की वजह बना : रघुराम राजन

    यूपीए के समय हुआ कोयला घोटाला ही बैंकों के कर्ज डूबने (NPA) की वजह बना : रघुराम राजन

    बैंकिंग क्षेत्र में डूबे कर्ज (NPA) को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच बयानबाजी चल रही है. इसी बीच रिजर्व बैंक पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा है कि कांग्रेस की अगुवाई में चली यूपीए सरकार के समय हुए कोयला घोटाला राजकाज से जुड़ी विभिन्न समस्याएं ही इसकी बड़ी वजह है.

  • पीएम मोदी ने कहा- यूपीए के समय एक फोन पर कर्ज दिया जाता था, पी. चिदंबरम ने पूछा- 2014 के बाद क्या हुआ

    पीएम मोदी ने कहा- यूपीए के समय एक फोन पर कर्ज दिया जाता था, पी. चिदंबरम ने पूछा- 2014 के बाद क्या हुआ

    यूपीए शासनकाल में दिए गए कर्ज पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने रविवार को पूछा कि एनडीए सरकार को यह बताना चाहिए कि उनके समय में दिए गए कितने कर्ज डूब गए. कांग्रेस नेता ने इस संबंध में कई ट्वीट किए. उन्होंने अपने ट्वीट में कहा, ''मई 2014 के बाद कितना कर्ज दिया गया और उनमें से कितनी राशि डूब (नॉन पर्फोर्मिंग एसेट्स) गई. चिदंबरम ने कहा कि यह सवाल संसद में पूछा गया लेकिन अब तक इस पर कोई जवाब नहीं आया है. 

  • 2014 से पहले जिन 12 बड़े डिफॉल्टरों को दिया गया था लोन उन पर कार्रवाई शुरू : पीएम मोदी

    2014 से पहले जिन 12 बड़े डिफॉल्टरों को दिया गया था लोन उन पर कार्रवाई शुरू : पीएम मोदी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) का उद्घाटन करने के बाद कांग्रेस पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि सरकार बनने के कुछ समय बाद ही अहसास हो गया था कि कांग्रेस देश की अर्थव्यवस्था को एक लैंडमाइन पर बैठाकर गई है.

  • UPA सरकार की देन है NPA की समस्या, बांटे गए थे 'अंधाधुंध कर्ज' : जेटली

    UPA सरकार की देन है NPA की समस्या, बांटे गए थे 'अंधाधुंध कर्ज' : जेटली

    संप्रग सरकार के दौरान आर्थिक वृद्धि दर के आंकड़ों को लेकर सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी दल कांग्रेस में जुबानी जंग के बीच जेटली ने कहा कि उस समय की वृद्धि अंधाधुंध ऋण के बलबूते थी.

  • NPA खातों की जांच करें या कार्रवाई के लिये तैयार रहें, सरकार ने बैंक अधिकारियों को दी चेतावनी

    NPA खातों की जांच करें या कार्रवाई के लिये तैयार रहें, सरकार ने बैंक अधिकारियों को दी चेतावनी

    बैंक प्रमुखों को चेतावनी देते हुये कहा गया है कि इन खातों में यदि बाद में धोखाधड़ी का पता चलता है तो उनके खिलाफ आपराधिक साजिश की कार्रवाई की जा सकती है.

  • SBI के चेयरमैन ने कहा, हमारा एनपीए घट रहा है

    SBI के चेयरमैन ने कहा, हमारा एनपीए घट रहा है

    कुमार ने कहा एमएसएमई कारोबार के लिहाज से यह शहर हमेशा प्रभावशाली रहा है और मुद्रा ऋण और अन्य योजनाओं को एसएमई कारोबारियों के लिए वित्त पोषण की आवश्यकता को पूरा करने के लिहाज से ही उपलब्ध कराया गया है.

  • आईसीआईसीआई बैंक में 31 एनपीए खातों की जांच कर रही है स्वतंत्र आडिट समिति, विधि कंपनी की सेवा ली

    आईसीआईसीआई बैंक में 31 एनपीए खातों की जांच कर रही है स्वतंत्र आडिट समिति, विधि कंपनी की सेवा ली

    आईसीआईसीआई बैंक में 31 गैर निष्पादित आस्तियों (एनपीए) खातों में अनियमितता की जांच कर रही स्वतंत्र आडिट समिति ने विधि कंपनी की नियुक्ति की है. यह विधि कंपनी जांच में आडिट समिति की मदद करेगी. एक अधिकारी ने आज यह जानकारी दी. 

  • एनपीए बढ़ने के संकेत से बैंकों के शेयर धड़ाम

    एनपीए बढ़ने के संकेत से बैंकों के शेयर धड़ाम

    रिजर्व बैंक द्वारा गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) की स्थिति बिगड़ने के संकेत देने के बाद बुधवार और फिर गुरुवार को भी बैंकों के शेयरों में भारी बिकवाली हुई. बुधवार को ये छह प्रतिशत तक गिर गये थे. रिजर्व बैंक ने जारी वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में कहा कि बैंकों के कुल ऋण में एनपीए की हिस्सेदारी के मार्च 2018 के 11.6 प्रतिशत से बढ़कर 2018-19 के अंत में 12.2 प्रतिशत पर पहुंच जाने का अनुमान है.

  • मार्च, 2019 तक बैंकों का एनपीए 12 फीसदी से ज्यादा हो जाएगा : आरबीआई

    मार्च, 2019 तक बैंकों का एनपीए 12 फीसदी से ज्यादा हो जाएगा : आरबीआई

    भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को कहा कि बैंकिंग प्रणाली में कुल गैर निष्पादित परिसंपत्तियां (जीएनपीए) या बुरे ऋण का अनुपात मौजूद वित्त वर्ष के अंत तक मार्च 2018 के 11.6 प्रतिशत से बढ़कर 12.2 प्रतिशत हो सकता है.

  • एनपीए-धोखाधड़ी मामला: संसदीय समिति के सामने पेश होंगे शीर्ष बैंक अधिकारी

    एनपीए-धोखाधड़ी मामला: संसदीय समिति के सामने पेश होंगे शीर्ष बैंक अधिकारी

    सार्वजनिक एवं निजी बैंकों के शीर्ष अधिकारी बैंकिंग धोखाधड़ी तथा बढ़ती गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) के मामले में एक संसदीय समिति को कल जानकारियां देंगे. वीरप्पा मोइली के नेतृत्व वाली संसद की वित्त मामलों से संबंधित स्थायी समिति (वित्त) ने इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) के अधिकारियों को पेश होने को कहा है. 

  • केवल 12 बड़े मामलों के समाधान से बैंकों को मिलेंगे एक लाख करोड़ रुपये से अधिक

    केवल 12 बड़े मामलों के समाधान से बैंकों को मिलेंगे एक लाख करोड़ रुपये से अधिक

    वित्त मंत्रालय भूषण स्टील मामले के निपटान से उत्साहित है और उसे उम्मीद है कि बैंकों को फंसे कर्ज के सभी 12 बड़े मामलों के समाधान से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक मिलेंगे. ये वे मामले हैं जिन्हें रिजर्व बैंक ने अपनी पहली सूची में ऋण शोधन कार्यवाही के लिये भेजा है. पिछले सप्ताह टाटा समूह ने कर्ज में डूबी भूषण स्टील लि . में 36,000 करोड़ रुपये में 72.65 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया. इससे जहां फंसे कर्ज के मामले में बैंक सुदृढ होंगे वहीं उनका लाभ भी बढ़ेगा. 

  • नये एनपीए नियमों में राहत नहीं, लटक सकता है ढांचागत परियोजनाओं का वित्तपोषण

    नये एनपीए नियमों में राहत नहीं, लटक सकता है ढांचागत परियोजनाओं का वित्तपोषण

    बैंकों की दबाव वाली संपत्ति के मामले में जारी नये नियमों में रिजर्व बैंक की तरफ से फिलहाल कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है. यही वजह है कि बैंक लंबी अवधि के कर्ज, विशेषकर ढांचागत परियोजनाओं के लिये दिये जाने के वाले कर्ज को लेकर काफी सतर्कता बरत रहे हैं और इनका वित्तपोषण लटक सकता है.

  • नये एनपीए नियमों में राहत नहीं, लटक सकता है ढांचागत परियोजनाओं का वित्तपोषण

    नये एनपीए नियमों में राहत नहीं, लटक सकता है ढांचागत परियोजनाओं का वित्तपोषण

    बैंकों की दबाव वाली संपत्ति के मामले में जारी नये नियमों में रिजर्व बैंक की तरफ से फिलहाल कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है. यही वजह है कि बैंक लंबी अवधि के कर्ज, विशेषकर ढांचागत परियोजनाओं के लिये दिये जाने के वाले कर्ज को लेकर काफी सतर्कता बरत रहे हैं और इनका वित्तपोषण लटक सकता है.

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