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'Pdp and bjp alliance' - 10 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • महबूबा मुफ्ती ने कहा- भाजपा के साथ गठबंधन कर 'जहर का प्याला पीया'

    महबूबा मुफ्ती ने कहा- भाजपा के साथ गठबंधन कर 'जहर का प्याला पीया'

    पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने आज कहा कि उन्होंने 2016 में अपने पिता के निधन के बाद भाजपा के साथ गठबंधन मजबूरी में जारी रखकर ‘‘जहर का प्याला पीया’’. महबूबा ने दावा किया कि उन्होंने भाजपा के साथ गठबंधन इसलिए किया था क्योंकि उनकी पार्टी के विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें बताया कि यदि वह भाजपा के साथ सरकार बनाने के सईद के निर्णय के खिलाफ गईं तो वह उनका ‘‘अनादर’’ होगा.

  • जम्मू कश्मीर के राज्यपाल एनएन वोहरा ने बुलाई आज सर्वदलीय बैठक

    जम्मू कश्मीर के राज्यपाल एनएन वोहरा ने बुलाई आज सर्वदलीय बैठक

    जम्मू कश्मीर के राज्यपाल एनएन वोहरा ने राज्य में राज्यपाल शासन लागू होने के मद्देनजर स्थिति पर चर्चा करने के लिए शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है. राज्य में भाजपा-पीडीपी गठबंधन सरकार गिरने के एक दिन बाद जम्मू कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू किया गया था.

  • सियासी संकट के बीच जम्मू-कश्मीर में लगा राज्यपाल शासन, राष्ट्रपति कोविंद ने दी मंजूरी

    सियासी संकट के बीच जम्मू-कश्मीर में लगा राज्यपाल शासन, राष्ट्रपति कोविंद ने दी मंजूरी

    जम्मू-कश्मीर में मंगलवार को आए सियासी संकट के बीच राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तत्काल प्रभाव से जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू करने को मंजूरी दे दी है. वहीं जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल ने सीमा सुरक्षा की समीक्षा को लेकर एक बैठक बुलाई है. बता दें कि मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी ने महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीडीपी से गठबंधन तोड़ सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था, जिसके बाद वहां सियासी संकट के हालात पैदा हो गये थे. हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी ने लगे हाथ राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग कर दी. इसके बाद ये कायास तेज हो गये थे कि जल्द ही राज्य में राज्यपाल का शासन लागू हो जाएगा. बता दें कि जम्मू- कश्मीर में छह साल का कार्यकाल होता है और वहां पर राष्ट्रपति के बदले राज्यपाल शासन लागू होता है.

  • इन 5 वजहों से जम्‍मू-कश्‍मीर में नहीं टिक सका BJP-PDP का गठबंधन

    इन 5 वजहों से जम्‍मू-कश्‍मीर में नहीं टिक सका BJP-PDP का गठबंधन

    जम्मू-कश्मीर में बीजेपी-पीडीपी गठबंधन पर सवाल हमेशा उठते रहे. इसके बावजूद ये गठबंधन तीन साल से ज़्यादा समय तक चल गया. इन दोनों दलों ने कई मुश्किल मुकाम पार किए, लेकिन अब ऐसा क्या हो गया कि बीजेपी ने महबूबा को बताए बिना उससे नाता तोड़ लिया? बीजेपी नेताओं की मौजूदगी में महबूबा मुफ़्ती का शपथ ग्रहण समारोह जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक नया मोड़ था. सरकार में शामिल बीजेपी ने इस गठजोड़ के सहारे अपने राजनीतिक विस्तार का नक्शा वहां तक पहुंचा दिया जहां इसकी कल्पना नहीं थी. लेकिन तीन साल बाद सरकार में शामिल बीजेपी को महबूबा से ढेर सारी शिकायतें रहीं. दरअसल, जम्मू-कश्मीर में अमन को लेकर बीजेपी और पीडीपी की राय शुरू से बंटी रही. वहीं कांग्रेस अब कह रही है कि इस गठबंधन ने राज्य को बर्बाद कर दिया है. लेकिन 2018 में ये रिश्ता तोड़ने के पीछे की राजनीति और भी है. जिस गठबंधन से बीजेपी ने 2014 में अपने दायरे का विस्तार किया, 2018 में वही उसे बोझ लगने लगा.

  • जम्मू कश्मीर में किसकी नीति फ़ेल हुई ? 

    जम्मू कश्मीर में किसकी नीति फ़ेल हुई ? 

    कश्मीर में देशहित में बनाया गया गठबंधन देशहित में तोड़ दिया गया. देशहित वो मैदा है जिससे राजनीति कभी पूड़ी बना लेती है, कभी समोसा बना लेती है. आज इसी देशहित के तहत बीजेपी ने गठबंधन से अलग होने का एलान कर दिया. तीन साल तक बीजेपी और पीडीपी मिलकर सरकार चलाती रही. आज अचानक मीडिया में महबूबा सरकार बोला जाने लगा है मगर क्या हम भूल गए हैं कि उस सरकार में बीजेपी के दस मंत्री थे जिनमें एक उप मुख्यमंत्री भी थे.

  • इस्तीफे के बाद बोलीं महबूबा मुफ्ती, BJP के साथ गठबंधन पावर के लिए नहीं था

    इस्तीफे के बाद बोलीं महबूबा मुफ्ती, BJP के साथ गठबंधन पावर के लिए नहीं था

    महबूबा मुफ्ती ने जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद प्रेस कांफ्रेंस की. उन्होंने कहा कि मैंने अपना इस्तीफा राज्यपाल को भेज दिया है. हमने एक बड़े वीजन के तहत गठबंधन किया था. मुफ्ती साहब ने बीजेपी के साथ बड़े मकसद से हाथ मिलाया था. मुफ्ती साहब ने सोचा था कि पीएम को एक बहुत बड़ा जनादेश मिला है और वह जम्मू कश्मीर के हालात के लिए कुछ काम करेंगे. हमें कई महीने लगे आपस में तालमेल बिठाने में. हमने सोचा था कि गठबंधन अच्छा चलेगा. उन्होंने कहा कि हम चाहते थे कि संवद हो. रमजान के दौरान संघर्ष विराम से लोग काफी खुश थे. पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने कहा कि हम कश्मीर में संवाद और सुलह - समझौता के लिए प्रयासरत रहेंगे.

  • सरकार बनाने के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस किसी के साथ नहीं जाएगी : उमर अब्दुल्ला

    सरकार बनाने के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस किसी के साथ नहीं जाएगी : उमर अब्दुल्ला

    ज्म्मू कश्मीर में पीडीपी बीजेपी गठबंधन टूटने के बाद राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अबदुल्ला ने श्रीनगर में राज्यपाल एनएन वोहरा से मुलाकात की. इसके बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता ने पत्रकारों से कहा कि जम्मू एवं कश्मीर में सरकार बनाने के लिए हमारी पार्टी किसी के साथ नहीं जाएगी. उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि यहां राष्ट्रपति शासन ही लगे.

  • शिव सेना बोली- राष्‍ट्र विरोधी था पीडीपी से गठबंधन, कांग्रेस ने गठबंधन पर लगाया राज्‍य को बर्बाद करने का आरोप

    शिव सेना बोली- राष्‍ट्र विरोधी था पीडीपी से गठबंधन, कांग्रेस ने गठबंधन पर लगाया राज्‍य को बर्बाद करने का आरोप

    बीजेपी महासचिव और जम्‍मू-कश्‍मीर के प्रभारी राम माधव पीडीपी के साथ गठबंधन तोड़ने की घोषणा की. उन्‍होंने कहा कि गठबंधन सरकार चलाना अब मुश्‍किल हो गया था. ऐसे में साथ बने रहने का कोई मतलब नहीं था. राम माधन ने कहा कि गठबंधन तोड़ने की घोषणा करने से पहले इस विषय में सुरक्षा एजेंसियों, प्रधानमंत्री, पार्टी अध्‍यक्ष अमित शाह और जम्‍मू-कश्‍मीर सरकार में शामिल अपने मंत्रियों से सलाह लिया गया. देश की एकता,  अखंडता, सुरक्षा को देखते हुए बीजेपी पीडीपी गठबंधन से बाहर आ गई. उन्‍होंने कहा कि जम्‍मू-कश्‍मीर सरकार से समर्थन वापसी की चिट्ठी राज्‍य के गवर्नर को सौंप दी गई है.

  • जम्मू-कश्मीर में महबूबा मुफ्ती सरकार से अलग हुई बीजेपी, बताए ये 5 कारण 

    जम्मू-कश्मीर में महबूबा मुफ्ती सरकार से अलग हुई बीजेपी, बताए ये 5 कारण 

    भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जम्मू-कश्मीर में पीडीपी के साथ गठबंधन तोड़ दिया है और महबूबा मुफ्ती की सरकार से अलग हो गई है. दोनों दलों में पिछले कुछ दिनों से टकराव की स्थिति बनी हुई थी और केंद्र सरकार द्वारा दो दिन पहले घाटी में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन फिर से शुरू करने की घोषणा के बाद यह टकराव बढ़ता दिखाई दे रहा था. पीडीपी सीजफायर के पक्ष में थी और सरकार द्वारा इसे आगे न बढ़ाने पर अपनी नाराजगी भी जताई थी. इसी बीच आज बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने महबूबा मुफ्ती सरकार में शामिल बीजेपी कोटे के सभी मंत्रियों और राज्य के सभी बड़े नेताओं को दिल्ली में आपात बैठक के लिये बुलाया था. बैठक के बाद पार्टी ने महबूबा मुफ्ती सरकार से अलग होने की घोषणा कर दी. पार्टी ने इसके लिए खुद महबूबा मुफ्ती को भी जिम्मेदार ठहराया है. प्रेस कांफ्रेंस में भाजपा नेता और जम्मू-कश्मीर के प्रभारी राम माधव ने कहा कि हमारा मकसद राज्य का विकास करना था. केंद्र सरकार ने इसमें हरसंभव मदद भी की, लेकिन महबूबा मुफ्ती राज्य में हालात को संभालने में नाकाम साबित हुईं. 

  • महबूबा की पार्टी का सख्‍त रुख, गठबंधन जारी रखने के लिए बीजेपी के सामने 'शर्तें' रखीं

    महबूबा की पार्टी का सख्‍त रुख, गठबंधन जारी रखने के लिए बीजेपी के सामने 'शर्तें' रखीं

    महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीडीपी के प्रवक्‍ता नईम अख्‍तर ने राज्‍य में गठबंधन को लेकर बीजेपी को कड़ा संदेश दे दिया है। अख्‍तर ने दोटूक लहजे में कहा है कि जम्‍मू-कश्‍मीर में गठबंधन जारी रखने को लेकर उनकी पार्टी पिछले साल तय किए गए एजेंडे पर पुख्‍ता कार्यवाही चाहती है।

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