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Prashant kanojia


'Prashant kanojia' - 6 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • फेसबुक पर कुछ भी पोस्ट करने से आखिर क्यों डरने लगा है यह 16 साल का लड़का?

    फेसबुक पर कुछ भी पोस्ट करने से आखिर क्यों डरने लगा है यह 16 साल का लड़का?

    लड़के का यह पोस्ट उस दौरान काफी वायरल हुआ औऱ बाद में पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. इस मामले की जांच के बाद पुलिस ने पहले लड़के को पकड़ा और उसे 39 दिनों तक हिरासत में रखा गया. इस घटना का लड़के के परिवार और खुद उसपर ऐसा प्रभाव पड़ा कि उसने औरउसके परिवार ने यह तय किया कि वह पत्रकार प्रशांत कनौजिया की गिरफ्तारी को लेकर फेसबुक पर कुछ भी नहीं लिखेंगे. 

  • 'अधिकारों के साथ मोल-भाव नहीं हो सकता', पढ़ें प्रशांत कनौजिया केस पर सुप्रीम कोर्ट में किसने क्‍या कहा

    'अधिकारों के साथ मोल-भाव नहीं हो सकता', पढ़ें प्रशांत कनौजिया केस पर सुप्रीम कोर्ट में किसने क्‍या कहा

    किसी की गिरफ्तारी अपने आप में असाधारण कदम होता है. यह कोई हत्या का मामला नहीं था और प्रशांत कनौजिया को तुरंत रिहा किया जाना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि हम जिस देश में है उसका संविधान दुनिया का सबसे अच्छा संविधान है. आप किसी को 11 दिन तक कैसे हिरासत में रख सकते हैं.  रिहाई के आदेश के बाद प्रशांत कनौजिया के वकील ने मीडिया से बात की. प्रशांत कनौजिया के वकील ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी को बिल्‍कुल गलत ठहराया है.

  • सीएम योगी पर कथित टिप्पणी का मामला : सुप्रीम कोर्ट का आदेश- प्रशांत कनौजिया को रिहा करे यूपी सरकार

    सीएम योगी पर कथित टिप्पणी का मामला : सुप्रीम कोर्ट का आदेश- प्रशांत कनौजिया को रिहा करे यूपी सरकार

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर स्वतंत्र पत्रकार प्रशांत कनौजिया की गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि यूपी सरकार प्रशांत कनौजिया को रिहा करे. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यूपी सरकार से पूछा- ट्वीट क्या है, इससे मतलब नहीं है. किस प्रावधान में गिरफ्तारी हुई है. सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा, हमने रिकॉर्ड देखा है, एक नागरिक के स्वतंत्रता के अधिकार में दखल दिया गया है. राय भिन्न हो सकती है.

  • सीएम योगी के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी के मामले में गिरफ्तार पत्रकार की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई गुहार

    सीएम योगी के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी के मामले में गिरफ्तार पत्रकार की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई गुहार

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर स्वतंत्र पत्रकार प्रशांत कनौजिया की गिरफ्तारी को उनकी पत्नी जगीशा अरोड़ा ने चुनौती दी है. इस मामले में मंगलवार को सुनवाई होगी. प्रशांत की पत्नी जगीशा कनौजिया ने सुप्रीम कोर्ट में 'हैबियस कॉरपस' याचिका दाखिल की है. याचिका में कहा गया है कि प्रशांत की गिरफ्तारी गैरकानूनी है और यूपी पुलिस ने इस संबंध में ना तो FIR के बारे में जानकारी दी है ना ही गिरफ्तारी के लिए कोई गाइडलाइन का पालन किया है. उन्हें दिल्ली में ट्रांजिट रिमांड के लिए किसी मजिस्ट्रेट के पास भी पेश नहीं किया गया. आपको बता दें कि शनिवार सुबह दिल्ली में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा मंडावली स्थित उनके घर से हिरासत में लिया गया था. 

  • पत्रकार प्रशांत कनौजिया की पत्नी का दावा, सादे कपड़ों में आए 2 लोग उन्हें ले गए

    पत्रकार प्रशांत कनौजिया की पत्नी का दावा, सादे कपड़ों में आए 2 लोग उन्हें ले गए

    यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर गिरफ्तार किये गए पत्रकार प्रशांत कनौजिया (Prashant Kanojia) की पत्नी जगीशा अरोड़ा ने एनडीटीवी को बताया, 'शनिवार की सुबह एक दोस्त के फोन से नींद खुली. उसने बताया कि कुछ लोग प्रशांत (Prashant Kanojia) को उनके नाम से ढूंढ रहे हैं. इसके बाद दोपहर में दो लोग सादे कपड़ों में पहुंचे और प्रशांत को पूछताछ के लिए ले गए'. जगीशा ने कहा कि, 'सबकुछ 5 मिनट के अंदर हुआ...मुझे भी कुछ समझ में नहीं आया. प्रशांत सीढ़ियों से नीचे गए और वापस लौटे तो कहा कि उन्हें चेंज करके जाना होगा. दो लोग लेने आए हैं'.

  • सीएम योगी पर 'विवादित' ट्वीट और टीवी डिबेट के मामले में पत्रकार और न्यूज चैनल के संपादक गिरफ्तार, 8 बड़ी बातें

    सीएम योगी पर 'विवादित' ट्वीट और टीवी डिबेट के मामले में पत्रकार और न्यूज चैनल के संपादक गिरफ्तार, 8 बड़ी बातें

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर विवादित ट्वीट करने के आरोप में यूपी ने एक पत्रकार को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार पत्रकार का नाम प्रशांत कनौजिया है. उत्तर प्रदेश पुलिस ने उसे दिल्ली से गिरफ्तार किया. पुलिस ने प्रशांत पर सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने तथा अफवाह फैलाने के आरोप लगाए और आईपीसी 500, 505 और आईटीएक्ट की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया. पुलिस का दावा है कि आरोपी ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है. दरअसल एक महिला ने योगी आदित्यनाथ को लेकर एक विवादित दावा किया था जिसका वीडियो प्रशांत ने ट्वीट कर टिप्पणी की थी. हालांकि कुछ लोग इस पर भी सवाल उठा रहे हैं कि इतनी सख्त कार्रवाई की ज़रूरत नहीं थी.  इसके बाद 6 जून को नोएडा के एक न्यूज़ चैनल ने मुख्यमंत्री योगी पर आरोप लगाने वाली महिला और उसके आरोपों पर चर्चा की. इस चर्चा के बाद आरोप लगाने वाली महिला ने न्यूज़ चैनल से बाहर आकर बयान भी दिया. जिसके आधार पर प्रशांत कनौजिया नाम के पत्रकार ने उसे ट्वीट कर दिया और उसे गिरफ़्तार कर लिया गया. पुलिस का कहना है कि ये चर्चा बिना तथ्यों के जांच के की गई. इस मामले में नोएडा पुलिस ने न्यूज़ चैनल के संपादक अनुज शुक्ला और चैनल हेड इशिका सिंह को गिरफ़्तार कर लिया है. पुलिस का ये भी दावा है कि ये चैनल बिना लाइसेंस के चल रहा था.