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'Prime time' - 340 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • देश के कारोबार पर GST की मार: रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम

    देश के कारोबार पर GST की मार: रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम

    जयपुर में 20 सितंबर के बाद भी पोर्टल सही से काम नहीं कर रहा था. पूरे दिन मेसेज आते रहा कि आप क़तार में है, दिन बीत गया क़तार नहीं बीता. व्यापारियों के साथ टैक्स वकील और सीए सभी दबाव में काम कर रहे हैं.

  • नोटबंदी के मारे, GST से हारे? रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम

    नोटबंदी के मारे, GST से हारे? रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम

    डीज़ल के दाम बढ़ने से खेती की लागत बढ़ गई है, किसान परेशान हैं, नौकरियों का पता नहीं है, बैंक संकट में हैं, इसके बाद भी टीवी चैनलों पर हिन्दू मुस्लिम टॉपिक की भरमार है. ये हिन्दू मुस्लिम टॉपिक इतना ज़्यादा क्यों हैं, क्या आपने कभी सोचा है, आप साढ़े तीन साल के दौरान सभी चैनलों पर हुए डिबेट की सूची बनाइये, ज़्यादातर का संबंध हिन्दू मुस्लिम से मिलेगा.

  • रोहिंग्याओं को भारत में शरण क्यों? रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम

    रोहिंग्याओं को भारत में शरण क्यों? रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम

    कहीं ऐसा तो नहीं कि उनकी जगह डिक्टर एक पुनर्खोज या तानाशाही, आज की आवश्यकता टाइप के कार्यक्रम हुआ करेंगे? इलाहाबाद में 18 सितंबर को एक दिन का लिबर्टी फेस्टिवल होने वाला था, जिसे वाइस चांसलर ने अनुमति देने के बाद मना कर दिया.

  • प्राइम टाइम इंट्रो: क्‍या जनता की क़ीमत पर कमाया जा रहा है तेल से मुनाफ़ा?

    प्राइम टाइम इंट्रो: क्‍या जनता की क़ीमत पर कमाया जा रहा है तेल से मुनाफ़ा?

    क्या अर्थशास्त्र के किताब से उस चैप्टर को हटा दिया गया है जिसमें पढ़ाया जाता था कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से भारत या दुनिया के मुल्कों के घरेलू बाज़ार में पेट्रोल और डीज़ल के दाम बढ़ते हैं. आख़िर पेट्रोल के दाम बढ़ने पर अर्थशास्त्री से लेकर राजनेता क्यों चुप हैं.

  • पब्लिक सेक्टर बैंक पर निजीकरण का खतरा? रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम

    पब्लिक सेक्टर बैंक पर निजीकरण का खतरा? रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम

    नमस्कार मैं रवीश कुमार, जब हमने देश के बाकी शहरों का रेट जानना चाहा तो पता चला कि भारत पेट्रोलियम, इंडियन आयल कोरपोरेशन और एच पी सी एल की वेबसाइट पर सभी ज़िलों के पेट्रोल और डीज़ल के भाव नहीं मिले. इनकी साइट पर महानगरों और राज्यों की राजधानियों के ही रेट हैं. इसलिए अभी तक मुंबई का 79 रुपये प्रति लीटर से अधिक पर ही हैरानी हो रही थी और पता नहीं चल रहा था कि सोलापुर जैसे ज़िले 83 रुपये से अधिक दाम दे रहे हैं. जब हमने पेट्रोल डीज़ल की कीमत बताने वाली दूसरी कई वेबसाइट देखी और कुछ जगहों पर खुद भी देखा तो पता चला कि महाराष्ट्र के ही कई शहरों में पेट्रोल के भाव मुंबई से महंगे हैं और 80 रुपये के पार जा चुके हैं.

  • बुलेट ट्रेन को प्राथमिकता कितनी सही? रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम

    बुलेट ट्रेन को प्राथमिकता कितनी सही? रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम

    बुलेट ट्रेन के समर्थन और विरोध में दिए जाने वाले कई तर्कों में समस्या है. अगर हम वाकई इतने गंभीर थे तो शिलान्यास से पहले इस पर चर्चा करते कि एक ट्रैक पर सवा लाख करोड़ ख़र्च कर रहे हैं जबकि काकोदकर कमेटी ने कहा था कि मौजूदा रेल पटरियों के पूरे ढांचे को ठीक करने के लिए एक लाख करोड़ चाहिए. इस ज़रूरी काम के लिए पैसा नहीं आ सका. 

  • रोहिंग्या शरणार्थी आख़िर कहां जाएं? रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम

    रोहिंग्या शरणार्थी आख़िर कहां जाएं? रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम

    फिर यह जानने के बाद क्या आप नए सिरे से सोचना चाहेंगे कि शरणार्थियों को लेकर हमारा नज़रिया हिन्दू बनाम मुस्लिम को होना चाहिए या इंसानियत बनाम हैवानियत का होना चाहिए. हमने जोधपुर के अपने सहयोगी अरुण हर्ष से गुज़ारिश की कि वे वहां रह रहे उन हिन्दुओं का हाल चाल लें जो पाकिस्तान से आए हैं.

  • क्या किसानों की बात सुन रही है सरकार? रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम

    क्या किसानों की बात सुन रही है सरकार?  रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम

    केंद्र सरकार ने ग्रेच्युटी को अधिकतम दस लाख से बढ़ाकर बीस लाख तक कर दिया है. यह प्राइवेट से लेकर सरकारी कंपनियों पर लागू होगा. सरकार इसके लिए संसद में बिल लाएगी.

  • 'रोहिंग्या मुसलमानों पर म्यांमार में ज़ुल्म' रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम

    'रोहिंग्या मुसलमानों पर म्यांमार में ज़ुल्म' रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम

    11 लाख रोहिंग्या मुसलमान बेहद ग़रीब हैं. सेना और बौद्ध हिंसा का शिकार होकर उन्हें जब भी भागना होता है बंगाल की खाड़ी में नाव के ज़रिये भाग कर बांग्लादेश आते हैं. भूखे-प्यासे जंगलों में भागते हुए सीमा पर म्यांमार की सेना की गोलियों से ढेर होते हुए वे किसी तरह बांग्लादेश पहुंचते हैं.

  • क्या बच्चों का सही तरीके से इलाज नहीं होता है? रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम

    क्या बच्चों का सही तरीके से इलाज नहीं होता है? रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम

    आजकल हम और आप सिस्टम के बदलने पर नॉर्मल नहीं होते, बल्कि सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देने के बाद नॉर्मल हो जाते हैं.

  • क्या नोटबंदी अपने मकसद में नाकाम रही? रवीश कुमार के साथ देखें प्राइम टाइम

    क्या नोटबंदी अपने मकसद में नाकाम रही? रवीश कुमार के साथ देखें प्राइम टाइम

    करीब 55 फीसदी नोट बग़ैर नोट गिनने की नई मशीनों के ही गिन लिए गए. जब संसदीय समिति बार-बार पूछती रही कि आप पूरा आंकड़ा क्यों नहीं दे रहे. तब जून में रिज़र्व बैंक ने कहा था कि उसके पास नोट गिनने की पर्याप्त मशीन नहीं है, अभी टेंडर निकलना है.

  • मुंबई में एक ही दिन की बारिश भारी पड़ गई, रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम

    मुंबई में एक ही दिन की बारिश भारी पड़ गई, रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम

    अब ह्यूस्टन की बाढ़ में 30 लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन जब यह संख्या 16 थी तभी प्रोफेसर साहब ने कहा कि कहीं और की बाढ़ की तुलना में यहां इतने लोग मर गए. स्थिति और बिगड़ने वाली है.

  • हिंसा रोकने में खट्टर सरकार फिर नाकाम, रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम

    हिंसा रोकने में खट्टर सरकार फिर नाकाम, रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम

    हमारी राजनीति आस्था के नाम पर न जाने कितने डेरों और आश्रमों की गुलाम हो चुकी है अंदाज़ा भी नहीं होगा. चुनाव होता नहीं कि नेता उनके मंच पकड़ लेते हैं. जयंतियां मनाने लगते हैं और उनके पांव पड़ने लगते हैं. हम और आप लगातार नाना प्रकार के तर्क खोजकर आस्था के नाम पर इन दुकानों का बचाव करने लगते हैं.

  • 'निजता का अधिकार मौलिक अधिकार है', रवीश कुमार के साथ 'प्राइम टाइम'

    'निजता का अधिकार मौलिक अधिकार है', रवीश कुमार के साथ 'प्राइम टाइम'

    निजता का अधिकार वो अधिकार है, जिसकी ख़ुश्बू संविधान में है. जज साहिबान ने बताया है कि संविधान के बगीचे में अलग-अलग अधिकारों से जो ख़ुश्बू आ रही है वो निजता के अधिकार की ख़ुश्बू है. इस ख़ुश्बू के बग़ैर संविधान की बगिया की रौनक फीकी पड़ जाती है. आज के फैसले में बस यही हुआ है कि उस ख़ुश्बू का नाम दे दिया गया है.

  • क्यों पटरी से उतर रही है रेल?, रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम

    क्यों पटरी से उतर रही है रेल?, रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम

    रेल मंत्रालय में फिर से नैतिक ज़िम्मेदारी की वापसी हुई है. शास्त्री जी की तरह नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने वाले मंत्री का इंतज़ार बहुत लोग कई साल से कर रहे थे. हाल की रेल दुर्घटनाओं के आलोक में रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने नैतिक ज़िम्मेदारी स्वीकार की है.

  • एक बार में 'तीन तलाक' पर रोक, सभी ने किया फैसले का स्वागत, रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम

    एक बार में 'तीन तलाक' पर रोक, सभी ने किया फैसले का स्वागत, रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम

    शायरा बानो, गुलशन परवीन, आफ़रीन, आतिया साबरी, इशरत जहां को बधाई. बात संख्या की नहीं है, अन्याय अगर अकेली ज़िंदगी में भी घटता है तो रक्षा ज़रूरी हो जाती है. स्वागत की भी अपनी राजनीति है. बहुत से लोग पूरी ईमानदारी से स्वागत कर रहे हैं.

  • प्राइम टाइम इंट्रो: कब सुधरेंगी हमारी स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं?

    प्राइम टाइम इंट्रो: कब सुधरेंगी हमारी स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं?

    हम समझ रहे थे कि सरकार 30 बच्चों की मौत का शोक मना रही है लेकिन उसे इस बात का ध्यान रहा कि पुलिस विभाग जन्माष्टमी भव्य तरीके से मनाए. कान्हा सिर्फ कारागार में पैदा नहीं होते हैं. देश की करोड़ों माताओं के कान्हा जिन सरकारी अस्तपालों में पैदा होते हैं वहां के हालात भी कारागार जैसे ही हैं. यह बात मुख्यमंत्री भी जानते हैं और आप नागरिक भी जानते हैं.

  • आखिर किसी सफाईकर्मी को गटर में उतरना क्यों पड़ता है, रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम

    आखिर किसी सफाईकर्मी को गटर में उतरना क्यों पड़ता है, रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम

    हमारा शहर सीवर के भरोसे ज़िंदा रहता है लेकिन जो सीवर साफ करते हैं वो ज़िंदा लाश बन जाते हैं. स्वच्छता अभियान अभी तक शौचालय निर्माण तक ही सीमित रहा है, इस लक्ष्य का भी कम महत्व नहीं है, शौचालय बनाने, नहीं बनाने, बनने के बाद इस्तमाल करने और नहीं करने की अनगिनत कहानियों के बीच इस अभियान की सफलता के भी कई छोड़े बड़े द्वीप हैं.