Budget
Hindi news home page

Prime time


'Prime time' - 247 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • प्राइम टाइम इंट्रो : बीएमसी चुनावों में जनता की क्या है मांग?

    प्राइम टाइम इंट्रो : बीएमसी चुनावों में जनता की क्या है मांग?

    30,000 करोड़ से अधिक के बजट वाली बृह्न मुंबई महानगरपालिका यानी बीएमसी के चुनाव हो रहे हैं. पौने तीन करोड़ की आबादी 227 पार्षदों को चुनने के लिए 21 फरवरी को मतदान करने जा रही है. मुंबई में वार्डों का नामकरण संख्या के हिसाब से नहीं होता है. अंग्रेज़ी अल्फाबेट से होता है. ए से लेकर टी नाम वाले वार्ड होते हैं यहां. क्‍यू, आई, जे, ओ नाम के वार्ड क्यों नहीं हैं, ये मैं नहीं जानता हूं. जबकि ए से टी के बीच ये चारों आते हैं.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : इस बजट में स्‍मार्ट सिटी का क्‍या हुआ?

    प्राइम टाइम इंट्रो : इस बजट में स्‍मार्ट सिटी का क्‍या हुआ?

    आम बजट की समीक्षा का दौर चल रहा है. अभी चलेगा. हर साल स्मार्ट सिटी की धूम रहती थी मगर इस बार के बजट भाषण में स्मार्ट सिटी को जगह नहीं मिली. मीडिया भी लगता है कि स्मार्ट सिटी से थक गया है. भाषण में तो नहीं था, प्रमुख योजनाओं के व्यय के खांचे में जाकर देखा तो पता चला कि मोदी सरकार की इस महत्वकांक्षी योजना का बजट कम हुआ है.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : किसानों के लिए आम बजट में क्या है ख़ास?

    प्राइम टाइम इंट्रो : किसानों के लिए आम बजट में क्या है ख़ास?

    सरकार मानती है कि मौजूदा वित्त वर्ष में खेती में 4.1 प्रतिशत की दर से विकास होने जा रहा है. सरकार किसानों की आमदनी डबल करना चाहती है. इसके लिए वित्त मंत्री ने 2017-18 के लिए 10 लाख करोड़ के कर्ज़ का प्रावधान किया है. छोटे और सीमांत किसानों को कोपरेटिव बैंक से जोड़ने के लिए कदम उठाए जाएंगे. प्राइमरी एग्रीकल्चर क्रेडिट सोसायटी को कोपरेटिव बैंक से जोड़ा जाएगा. इसके लिए तीन साल में 1900 करोड़ खर्च किये जाएंगे.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : फर्जीवाड़े का ये खेल कैसे चलता रहता है?

    प्राइम टाइम इंट्रो : फर्जीवाड़े का ये खेल कैसे चलता रहता है?

    एम्स और सफदरजंग अस्पताल में फ़र्ज़ी डॉक्टरों का एक गिरोह पकड़ा गया. पुलिस के मुताबिक ये गिरोह छह साल से फ़र्ज़ी आई कार्ड और लेटरहेड के सहारे काम कर रहा था. पैसे लेकर मरीज़ों को भर्ती करा देता था. मगर कोई डॉक्टर कैसे फ़र्ज़ी हो सकता है. ये फ़र्ज़ी डॉक्टर क्या होता है. क्या इसे भी दवा लिखने आती है, इंजेक्शन से लेकर ऑपरेशन आता होगा.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : टिकट बंटवारे में जमकर चला परिवारवाद

    प्राइम टाइम इंट्रो : टिकट बंटवारे में जमकर चला परिवारवाद

    अब मतदाता को तय करना है कि वो चुनाव में सरकार चुने या उम्मीदवार चुने. उम्मीदवार चुनते वक्त दल-बदल, परिवारवाद का भी इलाज करे. वैसे मतदाता का काम उम्मीदवार चुनना होता है, सरकार चुनना उसका काम नहीं है. आप मतदाता ही बता सकेंगे कि राजनीति और राजनीतिक दल के भीतर प्रतिभाओं को कौन ज़्यादा रोक रहा है. पैसा या परिवारवाद.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : अमेरिका में ट्रंप आगमन का मंगलाचरण

    प्राइम टाइम इंट्रो : अमेरिका में ट्रंप आगमन का मंगलाचरण

    अमेरिका में ट्रंपागमन का मंगलाचरण शुरू हो चुका है. चुनाव के दौरान ट्रंप ने कहा था कि वे अमेरिका को फिर से महान बनाएंगे. अब कह रहे हैं कि भूतो न भविष्यति टाइप महान बना देंगे. समर्थक नारे लगाते हैं कि अमेरिका को महान बना दो, ट्रंप कहते हैं बना देंगे. बना देंगे. ग्रेट और ग्रेटर कंट्री का इतिहास युद्ध का इतिहास रहा है. उस ताकत को हासिल करने का इतिहास रहा है जिसे लिखने के लिए दुकानें ही नहीं खोलनी होती हैं, तोपें भी चलानी होती हैं.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : क्या पत्रकारों की विश्वसनीयता कठघरे में?

    प्राइम टाइम इंट्रो : क्या पत्रकारों की विश्वसनीयता कठघरे में?

    पत्रकार को चमचा होने की ज़रूरत नहीं है. उसे संदेहवादी होना चाहिए. मतलब सरकार के हर दावे को संदेह की निगाह से देखे. यह वाक्य अमेरिका के अस्ताचल राष्ट्रपति ओबामा का है. पद छोड़ने से 48 घंटे पहले ओबामा ने व्हाइट हाउस के पत्रकारों से बात करते हुए अंग्रेज़ी में इस वाक्य को यूं कहा, "You are not supposed to be sycophants, you are supposed to be skeptics."

  • प्राइम टाइम इंट्रो : चुनाव से पहले दल-बदल का दलदल

    प्राइम टाइम इंट्रो : चुनाव से पहले दल-बदल का दलदल

    बीजेपी ने सफाई न दी होती तो 91 साल की उम्र में तिवारी दलबदल कर रिकार्ड बना देते. कुछ समय पहले तक अपने पुत्र को लेकर सोनिया गांधी से मिलते रहे तिवारी अमित शाह से मिल गए. दो राज्यों के मुख्यमंत्री रहने वाले वे अकेले कांग्रेसी हैं. भले ही तिवारी ने बीजेपी की सदस्यता न ली हो लेकिन ऐन चुनाव के वक्त कोई नेता दूसरी पार्टी के अध्यक्ष के घर पर कॉफी पीने नहीं जाता है. उन्होंने सदस्यता फॉर्म भले न भरा हो मगर बेटे की खातिर वे कांग्रेस की काया से निकल कर बीजेपी की काया में प्रवेश कर ही गए होंगे.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : मोहसिन शेख हत्याकांड के तीन आरोपियों को जमानत पर सवाल

    प्राइम टाइम इंट्रो : मोहसिन शेख हत्याकांड के तीन आरोपियों को जमानत पर सवाल

    सांप्रदायिकता और कट्टरता इन दो तत्वों को लेकर हमेशा क्लियर रहना चाहिए. ये दोनों ही तत्व बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक दोनों पाले में मिलेंगे. एक-दूसरे के बहुत अच्छे दोस्त होते हैं. बहुसंख्यक सांप्रदायिक गिरोह अपनी सांप्रदायिकता नहीं देखेगा, लेकिन अल्पसंख्यक सांप्रदायिकता की तरफ इशारा करेगा.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : नेताओं के भाषण और बयान आधारित राजनीति में विचार गायब

    प्राइम टाइम इंट्रो : नेताओं के भाषण और बयान आधारित राजनीति में विचार गायब

    हमारे नेता कैसे बात करते हैं. इससे एक-दूसरे का मुकाबला कर रहे हैं या भारत की राजनीति को समृद्ध कर रहे हैं. भारतीय राजनीति बयान आधारित है. हम और आप भी नेताओं का मूल्यांकन हम विचार कम डायलॉगबाजी से ज्यादा करते हैं. इसी पर ताली बजती है, यही हेडलाइन बनती है. टीवी की भाषा भी पत्रकारिता की कम, सीरीयल की ज्यादा हो गई है. इससे आप दर्शकों को बहुत नुकसान है.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : क्या कैशलेस नहीं हो सकते चुनाव...

    प्राइम टाइम इंट्रो : क्या कैशलेस नहीं हो सकते चुनाव...

    काले धन के तमाम अड्डों में एक अड्डा हमारी राजनीति भी है. इसे साधने के लिए न जाने कितने कानून बने, जो भी बने आधे अधूरे बने, जिन्हें बनाने की बात हुई, उन्हें टाल दिया गया.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : अनुपम मिश्र के बारे में आपको क्यों जानना चाहिए...

    प्राइम टाइम इंट्रो : अनुपम मिश्र के बारे में आपको क्यों जानना चाहिए...

    सोचा नहीं था कि जिनसे ज़िंदगी का रास्ता पूछता था, आज उन्हीं के ज़िंदगी से चले जाने की ख़बर लिखूंगा. जाने वाले को अगर ख़ुद कहने का मौका मिलता तो यही कहते कि अरे मैं कौन सा बड़ा शख़्स हूं कि मेरे जाने का शोक समाचार दुनिया को दिया जाए.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : कौन कर रहा है नोटों की हेराफेरी?

    प्राइम टाइम इंट्रो : कौन कर रहा है नोटों की हेराफेरी?

    8 नवंबर को नोटबंदी के एलान के बाद के दो-तीन हफ्ते तक बैंक कर्मचारियों की साख पर किसी ने सवाल नहीं उठाये. प्रधानमंत्री से लेकर लाइन में लगा आम आदमी भी बैंक कर्मचारियों की तारीफ कर रहा है. लेकिन अब जब रोज़ छापे पड़ रहे हैं और जहां-तहां से भारी मात्रा में नए नोट बरामद हो रहे हैं, आम जनता की नज़र में बैंक वालों की साख गिरने लगी है.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : दो महाशक्तियों की लड़ाई का शिकार अलेप्पो

    प्राइम टाइम इंट्रो : दो महाशक्तियों की लड़ाई का शिकार अलेप्पो

    महाशक्ति बनने का ख़्वाब अंत में मुल्कों को हैवान बना देता है. अलेप्पो को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी में शुमार किया जाता था. अब न तो वहां शहर बचा है, न हेरिटेज. बल्कि वहां के लोग उस दुनिया को पुकार रहे हैं जो पांच-छह साल पहले तक अलेप्पो को अपनी विरासत समझती थी.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : ई-वॉलेट से हुई गड़बड़ी की शिकायत किससे?

    प्राइम टाइम इंट्रो : ई-वॉलेट से हुई गड़बड़ी की शिकायत किससे?

    बैंकों के भी ई वॉलेट होते हैं और कंपनियों के भी. बैंकों के वॉलेट तो लोकपाल के दायरे में आते हैं, लेकिन कंपनियों के ई-वॉलेट लोकपाल के दायरे में नहीं आते. अगर यह सही है तो ऐसा क्यों है.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : मोबाइल फोन से बैंकिंग कितनी सुरक्षित?

    प्राइम टाइम इंट्रो : मोबाइल फोन से बैंकिंग कितनी सुरक्षित?

    पैसा बोलता तो है, मगर अब पैसा दिखता नहीं है. सिर्फ पल भर में यहां से वहां हो जाता है. कैशलेस दौर में पैसे का यही रूप है. भारत सरकार प्रचार में जुटी है कि एक ही साथ महानगरों से लेकर कस्बों तक में लोगों का बैंकों से नाता बदल जाएगा. एटीएम के कारण ऐसे ही हम या आप बैंक की ब्रांचों में कम ही जाने लगे थे लेकिन अब एटीएम की हालत भी कहीं पुराने ज़माने के पीसीओ जैसी न हो जाए.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : सिस्टम कहां कमजोर, कहां से आ रहे हैं लाखों-करोड़ों के नए नोट?

    प्राइम टाइम इंट्रो : सिस्टम कहां कमजोर, कहां से आ रहे हैं लाखों-करोड़ों के नए नोट?

    छापों से यह तो पता चलता है कि कार्रवाई हो रही है लेकिन जिस तादाद में रकम बरामद हो रही है उससे लग रहा है कि अभी भी कुछ लोगों के लिए सिस्टम आसान है. यह रकम बता रही है कि कुछ लोगों को लाखों-करोड़ों के नए नोट हासिल करने में कोई दिक्कत नहीं आई है. अनुमान लगाया जा सकता है कि जो लोग पकड़े नहीं गए हैं उनकी संख्या क्या होगी और उन्होंने इस सिस्टम का लाभ किस तरह से उठाया होगा.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : नोटबंदी के एक माह में तरक्की सिर्फ मोबाइल वॉलेट कंपनियों की...

    प्राइम टाइम इंट्रो : नोटबंदी के एक माह में तरक्की सिर्फ मोबाइल वॉलेट कंपनियों की...

    आठ नवंबर के बाद आठ दिसंबर आ गया. बीते एक महीने में सरकार मजबूती से अपने जवाब पर कायम है कि यह फैसला 70 साल से जो चला आ रहा था उसे मिटाकर नए तरीके से चलने की बुनियाद रखने वाला है. नार्मल के बाद न्यू नार्मल आ गया है. 20 दिन बाद इस न्यू नार्मल का आगाज़ होगा फिलहाल जो चल रहा है क्या वह भी न्यू नार्मल है.