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Priyadarshan article


'Priyadarshan article' - 5 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • जम्मू-कश्मीर और 'नफ़रत का महोत्सव'

    जम्मू-कश्मीर और 'नफ़रत का महोत्सव'

    जम्मू-कश्मीर से जुड़े केंद्र सरकार के ताज़ा फ़ैसलों पर सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया देखिए तो लगेगा कि हिंदुस्तान ने जैसे जम्मू-कश्मीर पर कोई जीत हासिल की है. खुशी का ऐसा माहौल है जैसा क्रिकेट में पाकिस्तान को हराने पर होता है. बाकायदा गंभीर समझे जाने वाले लेखक भी जैसे ललकार कर कह रहे हैं कि लो हटा दी गईं विवादास्पद धाराएं, अब कुछ कह कर दिखाओ.

  • असदुद्दीन ओवैसी को देख इन्हें याद आती है भारत माता...!

    असदुद्दीन ओवैसी को देख इन्हें याद आती है भारत माता...!

    लोकसभा में असदुद्दीन ओवैसी जब शपथ लेने के लिए आए, तो BJP सांसदों ने 'वन्दे मातरम्' और 'भारत माता की जय'के नारे लगाने शुरू कर दिए. असदुद्दीन ओवैसी हमेशा की तरह ज़्यादा समझदार निकले और उन्होंने हाथ से इशारा किया कि और ऊंची आवाज़ में यह नारे लगाए जाएं.

  • वे कविता पढ़ रहे थे और उनकी पुलिस कवि को अगवा कर रही थी

    वे कविता पढ़ रहे थे और उनकी पुलिस कवि को अगवा कर रही थी

    जिस समय लोकसभा में राष्ट्रपति के भाषण पर चर्चा का जवाब देते समय अपनी पीठ ठोकते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिना नाम लिए सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की कविता पंक्तियां दुहरा रहे थे- कि मैं सूरज को डूबने नहीं दूंगा, लगभग उसी समय झूंसी में यूपी सरकार की पुलिस एक कवि अंशु मालवीय को अपहर्ताओं की तरह एक कार्यक्रम के बीच से उठा कर गाड़ी में डाल कर कहीं ले जा रही थी.

  • आनंद तेलतुंबडे को बचाए रखना होगा

    आनंद तेलतुंबडे को बचाए रखना होगा

    लेकिन भारत में पढ़ाई-लिखाई छोड़ कर, विचार-विमर्श भूल कर, वे गिरफ़्तारी से बचने की कोशिश में लगे हुए हैं. पहले उनके ख़िलाफ़ हिंसा भड़काने का मामला दर्ज किया गया, फिर उनके माओवादी लिंक खोजे गए, सीधे प्रधानमंत्री की हत्या की साज़िश से उन्हें जोड़ दिया गया, अदालत ने राहत दी तो पुलिस ने इसकी परवाह नहीं की, उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया. हाइकोर्ट की फटकार पर छोड़ा गया.

  • तो क्या आप देश का भी नाम बदलेंगे...?

    तो क्या आप देश का भी नाम बदलेंगे...?

    विचारधाराएं अपनी आस्था के अनुसार जगहों के नाम बदलती रही हैं. कुछ व्यावहारिक और कुछ बड़ी मुश्किलों के अलावा इसमें ख़तरा बस इतना है कि सत्ता बदलने के साथ ये नाम नए सिरे से बदल दिए जा सकते हैं. उत्तर प्रदेश में यह तमाशा हमने बार-बार देखा और अब ठीक से याद भी नहीं रहता कि किस पुराने शहर को किस नए नाम से पुकारा जाए.