NDTV Khabar

Rafale deal controversy


'Rafale deal controversy' - 28 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • VIDEO: PM मोदी के खिलाफ सिद्धू का विवादित बयान- 'आए थे मां गंगा का लाल बनके, जाओगे राफेल का दलाल बनके'

    VIDEO: PM मोदी के खिलाफ सिद्धू का विवादित बयान- 'आए थे मां गंगा का लाल बनके, जाओगे राफेल का दलाल बनके'

    लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2019) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी. विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर है. इसी कड़ी में नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) ने एक बार फिर पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) पर जमकर हमला बोला. नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) ने चुनावी रैली में पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा.

  • राफेल मामला : लीक दस्तावेज़ की जांच पर SC ने फ़ैसला सुरक्षित रखा

    राफेल मामला : लीक दस्तावेज़ की जांच पर SC ने फ़ैसला सुरक्षित रखा

    सुप्रीम कोर्ट ने आज साफ कर दिया कि राफेल लड़ाकू विमान सौदे के तथ्यों पर गौर करने से पहले वह केन्द्र सरकार द्वारा उठाई गयी प्रारंभिक आपत्तियों पर फैसला करेगा. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस के एम जोसेफ की बेंच ने केन्द्र की इन प्रारंभिक आपत्तियों पर सुनवाई पूरी की कि राफेल विमान सौदा मामले में पुनर्विचार याचिका दायर करने वाले गैरकानूनी तरीके से हासिल किये गए विशिष्ट गोपनीय दस्तावेजों को आधार नहीं बना सकते है. यह बाद में पता चलेगा कि इस मुद्दे पर कोर्ट अपना आदेश कब सुनाएगा.  

  • राफेल दस्तावेज लीक मामला: मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा, फोटो कॉपी हुई फाइल बेहद संवेदनशील

    राफेल दस्तावेज लीक मामला: मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा, फोटो कॉपी हुई फाइल बेहद संवेदनशील

    राफेल लड़ाकू विमान सौदा मामले के सिलिसले में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा कि पुनर्विचार याचिका के दस्तावेज संवेदनशील हैं और लड़ाकू विमान से संबंधित हैं. हलफनामें में कहा गया कि विरोधियों के पास इनकी उपलब्धता ने राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाला है. अनधिकृत रूप से राफेल दस्तावेज की फोटो कॉपिया तैयार करने से देश की सार्वभौमिकता, सुरक्षा और दूसरे देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों पर प्रतिकूल असर पड़ा.

  • मोदी सरकार के यूटर्न पर पी चिदंबरम का कटाक्ष: लगता है चोर ने राफेल के दस्तावेज लौटा दिए

    मोदी सरकार के यूटर्न पर पी चिदंबरम का कटाक्ष: लगता है चोर ने राफेल के दस्तावेज लौटा दिए

    राफेल सौदे से जुड़े दस्तावेजों की चोरी के संदर्भ में अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल के ताजा दावे को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने शनिवार को सरकार पर निशाना साधा और तंज कसते हुए कहा कि लगता है कि चोर ने दस्तावेज लौटा दिए. 

  • पहले: राफेल की फाइल चोरी हो गई, अब: फोटोकॉपी हुई; सुप्रीम कोर्ट में मोदी सरकार के यूटर्न पर 20 बातें

    पहले: राफेल की फाइल चोरी हो गई, अब: फोटोकॉपी हुई; सुप्रीम कोर्ट में मोदी सरकार के यूटर्न पर 20 बातें

    राफेल सौदे (Rafale Deal) के दस्तावेजों को लेकर केंद्र की मोदी सरकार (Modi Govt) ने महज तीन दिन के भीतर दो तरह के बयान दिए हैं. दो दिन पहले राफेल सौदे की पुनर्विचार याचिकाओं की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सरकार ने कहा था की राफेल के कुछ सीक्रेट दस्तावेज चोरी हो गए, वहीं अब सरकार ने यूटर्न लेते हुए यह कहा है कि राफेल के दस्तावेज चोरी नहीं हुए हैं. सरकार का अब कहना है कि राफेल की सीक्रेट फाइल चोरी नहीं, बल्कि फोटोकॉपी हुए हैं. दरअसल, बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में यह कहने के बाद कि राफेल डील से जुड़े कुछ दस्तावेज चोरी हो गए, अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सफाई देते हुए कहा कि राफेल दस्तावेज रक्षा मंत्रालय से चुराए नहीं गये और सुप्रीम कोर्ट में उनकी बात का मतलब यह था कि याचिकाकर्ताओं ने आवेदन में उन ‘मूल कागजात की फोटोकॉपियों' का इस्तेमाल किया जिसे सरकार ने गोपनीय माना है. सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को वेणुगोपाल की इस टिप्पणी ने राजनीतिक भूचाल ला दिया था कि राफेल लड़ाकू विमान के सौदे के दस्तावेज चुरा लिये गये हैं. सुप्रीम कोर्ट में दिए गए इस बयान के बाद न सिर्फ सरकार की आलोचना हो रही थी, बल्कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इतने संवेदनशील कागजात के चोरी होने पर सरकार पर निशाना साधा और जांच की मांग की थी. बहरहाल, पीठ पुनर्विचार याचिकाओं पर अगली सुनवाई 14 मार्च को करेगी.  

  • राफेल डील का क्या है पूरा माजरा, सवाल-जवाब फार्मेट में समझें पूरा मामला

    राफेल डील का क्या है पूरा माजरा, सवाल-जवाब फार्मेट में समझें पूरा मामला

    Rafale Deal: क्या है राफेल डील, क्यों मचा है देश में इस पर हल्ला, बीजेपी और कांग्रेस के आरोप-प्रत्यारोप क्या हैं, जानिए सवाल-जवाब के फार्मेट में पूरा मामला.

  • Exclusive: राफेल पर संसद में उठे 20 सवाल, सरकार ने बताई बेस कीमत, जानिए अब तक के जवाब

    Exclusive: राफेल पर संसद में उठे 20 सवाल, सरकार ने बताई बेस कीमत, जानिए अब तक के जवाब

    राफेल डील (Rafale Deal) से जुड़े उन सवालों के यहां पढ़ें जवाब, जिनका मोदी सरकार(Modi Govt) ने संसद में दिया है जवाब.राफेल की बेस प्राइस( Rafale Price) के बारे में भी जानिए.

  • राफेल डील पर घमासान के बीच HAL के चेयरमैन बोले, हमें पता ही नहीं था कि पिछला सौदा रद्द हो गया है

    राफेल डील पर घमासान के बीच HAL के चेयरमैन बोले, हमें पता ही नहीं था कि पिछला सौदा रद्द हो गया है

    एचएएल ने कहा है कि उन्हें पता ही नहीं था कि पिछले राफेल सौदे (Rafale Deal) को भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार रद्द कर चुकी है और नए सिरे से राफेल के लिए दसॉल्ट एविएशन से सौदा किया गया है.  HAL के चेयरमैन आर. माधवन ने कहा, 'हमें पिछले सौदे को रद्द किए जाने की जानकारी नहीं थी.

  • Exclusive:सुप्रीम कोर्ट के जिस वकील ने कोयला घोटाले पर मनमोहन को घेरा था, उसी ने राफेल डील पर बढ़ाई मोदी सरकार की मुसीबत

    Exclusive:सुप्रीम कोर्ट के जिस वकील ने  कोयला घोटाले पर मनमोहन को घेरा था, उसी ने राफेल डील पर बढ़ाई मोदी सरकार की मुसीबत

    मिलिए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के वरिष्ठ वकील एमएल शर्मा (Lawyer ML Sharma). से, जिन्होंने राफेल डील पर बढ़ाई है मोदी सरकार की परेशानी. मनमोहन सिंह की यूपीए सरकार में लड़ चुके हैं कोयला घोटाले का भी केस.

  • राहुल गांधी का हमला- पीएम मोदी ने पूंजीपति दोस्तों के लिए पायलटों की जिंदगी खतरे में डाली

    राहुल गांधी का हमला- पीएम मोदी ने पूंजीपति दोस्तों के लिए पायलटों की जिंदगी खतरे में डाली

    कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने उद्योगपति दोस्तों को फायदा पहुंचाने के लिए पायलटों को खतरे में डाल दिया. वह पुराने विमान उड़ाने को मजबूर हैं.

  • राफेल डील: SC ने कहा- कीमत नहीं, बताएं क्‍या है फैसले की प्रक्रिया, केन्‍द्र बोला- यह राजनीतिक हित की याचिका

    राफेल डील: SC ने कहा- कीमत नहीं, बताएं क्‍या है फैसले की प्रक्रिया, केन्‍द्र बोला- यह राजनीतिक हित की याचिका

    rafale case in Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने कहा चलिए ये मान लीजिए कि मैं आपसे इस डील की जानकारी केवल कोर्ट को देने को कहता हूं? तो क्या आप कोर्ट को देंगे. कोर्ट ने इस मामले में राफेल डील को लेकर फैसले की प्रक्रिया की जानकारी केन्‍द्र सरकार से मांगी है.

  • रक्षा मंत्रालय की फाइल से खुले राज़, रफाल के कम दाम से किसे था एतराज़

    रक्षा मंत्रालय की फाइल से खुले राज़, रफाल के कम दाम से किसे था एतराज़

    राफेल विमान या किसी भी रक्षा ख़रीद के लिए कांट्रेक्ट नेगोशिएशन कमेटी (CNC) के प्रमुख वायुसेना प्रमुख थे. फ्रांस की टीम से दर्जनों बार बातचीत के बाद अंतिम कीमत के नतीजे पर पहुंचा गया था.

  • आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जोरों पर, क्या है राफेल सौदे का सच?

    आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जोरों पर, क्या है राफेल सौदे का सच?

    राफेल का सच क्या है? क्या यह सच इस बात से तय होगा कि आप राजनीतिक विचारधारा को बांटने वाली रेखा के किस ओर खड़े हैं? ऐसा क्यों होता है कि राजनीतिक पार्टियां सत्ता में रहते हुए कुछ कहती हैं और विपक्ष में आने के बाद कुछ और? राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर लग रहे तमाम आरोपों में कुछ बड़े आरोपों की पड़ताल के बाद एक अलग ही तस्वीर सामने आई है. सबसे बड़ा आरोप कीमतों को लेकर है.

  • राफेल डील पर वायुसेना के उप प्रमुख का बड़ा बयान, कहा- लोगों को ‘गलत जानकारी’ दी जा रही

    राफेल डील पर वायुसेना के उप प्रमुख का बड़ा बयान, कहा- लोगों को ‘गलत जानकारी’ दी जा रही

    राफेल विमान सौदे को लेकर सियासी घमासान के बीच वायुसेना के उप प्रमुख रघुनाथ नांबियार ने मंगलवार को कहा कि लड़ाकू विमान के करार को लेकर लोगों को ‘गलत जानकारी’ दी जा रही है और मौजूदा सौदा पहले किए जा रहे समझौते से काफी बेहतर है. 

  • आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जोरों पर, जानिए- क्या है राफेल सौदे का सच?

    आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जोरों पर, जानिए- क्या है राफेल सौदे का सच?

    राफेल का सच क्या है? क्या यह सच इस बात से तय होगा कि आप राजनीतिक विचारधारा को बांटने वाली रेखा के किस ओर खड़े हैं? ऐसा क्यों होता है कि राजनीतिक पार्टियां सत्ता में रहते हुए कुछ कहती हैं और विपक्ष में आने के बाद कुछ और? राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर लग रहे तमाम आरोपों में कुछ बड़े आरोपों की पड़ताल के बाद एक अलग ही तस्वीर सामने आई है. सबसे बड़ा आरोप कीमतों को लेकर है.

  • जानिए राफेल डील में अनिल अंबानी की फर्म को क्यों दसॉल्ट ने चुनाः सूत्र

    जानिए राफेल डील में अनिल अंबानी की फर्म को क्यों दसॉल्ट ने चुनाः सूत्र

    दुनिया में रक्षा निर्माण क्षेत्र की प्रमुख कंपनी  दसॉल्ट ने आखिर अनिल अंबानी की ही कंपनी को क्यों चुना. यह सवाल हर किसी के जेहन में उठ रहा है. इन सवालों का जब जवाब जानने की एनडीटीवी ने कोशिश ती डसॉल्ट के सूत्रों ने अपने तर्क दिए.  कंपनी सूत्रों ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि अनिल अंबानी की फर्म को इसलिए चुना,  क्योंकि यह मिनिस्ट्री ऑफ कारपोरेट अफेयर्स में रजिस्टर्ड है,

  • फ्रांस्वा ओलांद अपने बयान पर कायम, कहा- मोदी सरकार में नए फॉर्मूले के तहत रिलायंस का नाम तय हुआ

    फ्रांस्वा ओलांद अपने बयान पर कायम, कहा- मोदी सरकार में नए फॉर्मूले के तहत रिलायंस का नाम तय हुआ

    Rafale Deal: फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद (François Hollande) ने एनडीटीवी से इस बात की पुष्टि की है कि अनिल अंबानी के रिलायंस समूह को भारत सरकार के कहने पर चुना गया .ओलांद के दफ्तर की तरफ से एनडीटीवी को फ्रांस में दी गई सूचना में साफ किया गया है कि ऑफसेट पार्टनर के तौर पर रिलायंस को लेकर हमारे पास कोई विकल्प नहीं था.

  • राफेल पर तकरार: फ्रांस्वा ओलांद के खुलासे के बाद कांग्रेस और मोदी सरकार के बीच जुबानी जंग शुरू, 15 प्वाइंट्स में जानें पूरा विवाद

    राफेल पर तकरार: फ्रांस्वा ओलांद के खुलासे के बाद कांग्रेस और मोदी सरकार के बीच जुबानी जंग शुरू, 15 प्वाइंट्स में जानें पूरा विवाद

    राफेल सौदे पर फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के दावे के बाद भारत में सियासी घमासान जारी है. राफेल सौदे को लेकर भारी राजनीतिक विवाद पैदा होने पर सरकार ने शनिवार को कहा कि दसाल्ट के लिए साझेदार के तौर पर रिलायंस डिफेंस का चयन करने में उसकी ‘कोई भूमिका’ नहीं थी. फ्रांस ने भी कहा कि इस सौदे के लिए किसी भारतीय औद्योगिक सहयोगी के चयन में वह किसी भी तरह शामिल नहीं था. उधर, राफेल विनिर्माता दसाल्ट एविएशन ने स्पष्ट किया है कि ऑफसेट की शर्तों को पूरा करने के लिए रिलायंस डिफेंस लिमिटेड से साझेदारी का फैसला उसका अपना था. हालांकि, फ्रांस्वा ओलांद के बयान के बाद जहां एक ओर कांग्रेस मोदी सरकार पर आरोप लगा रही है, वहीं मोदी सरकार इस मामले में अपनी भूमिका से इनकार कर रही है. राफेल सौदे पर फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के बयान को लेकर सरकार पर राहुल गांधी के वार पर पलटवार करते हुए भाजपा ने कांग्रेस को ‘‘भ्रष्टाचार की जननी’’ करार दिया और आरोप लगाया कि संप्रग शासन के दौरान बाहरी कारणों से राफेल सौदे को अंतिम रूप नहीं देने का दबाव था. वहीं राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा है कि फ्रांस्वा ओलांद जो कह रहे हैं उसका मतलब यह है कि भारत के प्रधानमंत्री चोर हैं.